आम आदमी पार्टी अब राष्ट्रीय पार्टी बनी, राजदीप सरदेसाई ने किया ये बड़ा सवाल!

आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 'आप' को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलने के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 12 April, 2023
Last Modified:
Wednesday, 12 April, 2023
rajdeep sardesai


निर्वाचन आयोग ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दे दिया है। आयोग ने कहा कि आप को चार राज्यों दिल्ली, गोवा, पंजाब और गुजरात में उसके चुनावी प्रदर्शन के आधार पर राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिया गया है।

अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी दिल्ली और पंजाब में सत्ता में है। आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 'आप' को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलने के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ईश्वर उनकी पार्टी को देश का नंबर एक बनाने का काम करना चाहता है।

इस पूरे मामले पर वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने ट्वीट कर बड़ी बात कही है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, चुनाव आयोग ने 'आप' को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिया। महज 10 साल पुरानी पार्टी के लिए यह काफी उल्लेखनीय उपलब्धि है। न जाने इससे पहले कितने राजनीतिक स्टार्टअप ने इसे हासिल किया है। मुख्य प्रश्न है: क्या आम आदमी पार्टी बड़े हिंदी भाषी राज्यों में विकास कर सकती है?

दरअसल मध्य और उत्तर भारत के हिंदी भाषी राज्यों में पिछले दो दशक से बीजेपी एक बड़ी ताकत बनकर उभरी है। वहीं साल 2014 के बाद से तो बीजेपी की लोकप्रियता और बढ़ रही है, ऐसे में क्या दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पीएम मोदी का मुकाबला कर पाएंगे?  वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई के द्वारा किए गए इस ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं- 

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'हिंदी पत्रकारिता दिवस' पर मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों व राजनेताओं ने सराहा मीडिया का योगदान

हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को देशभर में हिंदी मीडिया के योगदान, उसके इतिहास और लोकतंत्र में उसकी भूमिका को याद किया जा रहा है।

Vikas Saxena by
Published - Saturday, 30 May, 2026
Last Modified:
Saturday, 30 May, 2026
HindiPatrakaritaDiwas895

हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को देशभर में हिंदी मीडिया के योगदान, उसके इतिहास और लोकतंत्र में उसकी भूमिका को याद किया जा रहा है। इस मौके पर कई केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्री और विपक्षी नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हिंदी पत्रकारिता से जुड़े लोगों को शुभकामनाएं दीं। मंत्रियों व राजनेताओं ने अपने संदेशों में हिंदी पत्रकारिता को लोकतंत्र की मजबूत आवाज बताते हुए निष्पक्ष, जिम्मेदार और जनहित की पत्रकारिता की जरूरत पर जोर दिया।

इन राजनेताओं ने हिंदी पत्रकारिता के इतिहास को याद करते हुए ‘उदन्त मार्तण्ड’ से शुरू हुई इस यात्रा को देश की सामाजिक और लोकतांत्रिक चेतना का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

वरिष्ठ पत्रकार और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने हिंदी पत्रकारिता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने संदेश में हरिवंश नारायण सिंह ने लिखा, 'हिंदी पत्रकारिता के लिए ऐतिहासिक दिन.आज,हिंदी पत्रकारिता का 200 सालों का सफर पूरा हुआ. 30 मई, 1826 को हिंदी का पहला अखबार ‘उदंत मार्तंड’ निकला था. यशस्वी संपादक थे, पंडित युगल किशोर शुक्ल.आदरणीय शुक्ल जी की स्मृतियों को नमन. पत्रकार साथियों को हिंदी पत्रकारिता दिवस की शुभकामनाएं.'

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी पत्रकारों, लेखकों और हिंदी भाषा के प्रति समर्पित लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि भारत में हिंदी पत्रकारिता समाज को जागरूक करने, लोकतंत्र को मजबूत बनाने और जनता की भावनाओं को अभिव्यक्ति देने का एक सशक्त माध्यम रही है। समय-समय पर हिंदी पत्रकारिता ने जनजागरण, सामाजिक बदलाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

ओम बिड़ला ने कहा कि बदलते दौर और तकनीकी क्रांति के बीच हिंदी की प्रासंगिकता लगातार बढ़ रही है। अब हिंदी केवल अखबारों और टेलीविजन तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया, कंप्यूटर, इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई तकनीकों के माध्यम से करोड़ों लोगों तक पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि हिंदी में समाचार, विचार और विश्लेषण की बढ़ती स्वीकार्यता इस भाषा की ताकत और व्यापक पहुंच को दर्शाती है। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर उन्होंने हिंदी भाषा के संवर्धन और लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूत करने के संकल्प को दोहराया।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी पत्रकार साथियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने अपने गौरवशाली सफर में समाज को जागरूक करने, लोकतंत्र को मजबूत बनाने और जनसरोकारों को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पत्रकारिता जनकल्याण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ती रहे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी पत्रकार राष्ट्र और समाज की प्रगति में अपना महत्वपूर्ण योगदान इसी तरह देते रहेंगे। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर मीडिया जगत से जुड़े सभी लोगों के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की कामना भी की।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी पत्रकारों, संपादकों और मीडिया जगत से जुड़े साथियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में हिंदी पत्रकारिता ने राष्ट्र निर्माण, जनजागरण तथा हमारी भाषा और संस्कृति के संरक्षण में अतुलनीय योगदान दिया है। यह यात्रा समाज को जागरूक करने और सत्य को सामने लाने के प्रति एक अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

रेखा गुप्ता ने जनहित में निष्पक्ष, निर्भीक और समर्पित पत्रकारिता करने वाले सभी पत्रकारों और लेखकों को नमन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे पत्रकार अपने लेखन और कार्यों के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी पत्रकार बंधुओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सत्य, निष्पक्षता और जनहित के प्रति पत्रकारों की प्रतिबद्धता लोकतंत्र को मजबूत बनाने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समाज को जागरूक, शिक्षित और सही दिशा दिखाने के लिए पत्रकारों द्वारा किए जा रहे अथक प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने इस समर्पण और मेहनत को नमन करते हुए कहा कि पत्रकारिता समाज और देश के विकास की एक महत्वपूर्ण ताकत है।

कांग्रेस पार्टी ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी पत्रकार साथियों को शुभकामनाएं दी हैं। पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से संदेश जारी करते हुए कहा, "हिंदी पत्रकारिता दिवस पर सभी पत्रकार साथियों को हार्दिक शुभकामनाएं।"

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विज्ञापन जगत के दिग्गज पियूष पांडे को मरणोपरांत पद्म भूषण

भारतीय विज्ञापन जगत के दिग्गज पियूष पांडे (Piyush Pandey) को कला क्षेत्र में मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्म पुरस्कार समारोह में प्रदान किया।

Samachar4media Bureau by
Published - Tuesday, 26 May, 2026
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Tuesday, 26 May, 2026
piyushpandey

भारतीय विज्ञापन जगत के सबसे चर्चित और सम्मानित नामों में शामिल पियूष पांडे (Piyush Pandey) को कला क्षेत्र में मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) ने पद्म पुरस्कार समारोह के दौरान यह सम्मान प्रदान किया। उनकी ओर से यह सम्मान उनकी पत्नी नीता जोशी (Nita Joshi) ने ग्रहण किया। पियूष पांडे इससे पहले वर्ष 2016 में पद्म श्री से भी सम्मानित हो चुके थे।

उन्हें भारतीय संस्कृति, भावनाओं और आम जिंदगी से जुड़ी कहानियों को विज्ञापन के जरिए नई पहचान देने के लिए जाना जाता है। चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने भारतीय विज्ञापन जगत को वैश्विक स्तर पर अलग पहचान दिलाई। वे अक्टूबर 2025 में 70 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए थे। पियूष पांडे ने 1982 में ओगिल्वी (Ogilvy) में क्लाइंट सर्विसिंग एग्जीक्यूटिव के तौर पर शुरुआत की थी।

बाद में वे कंपनी के वर्ल्डवाइड चीफ क्रिएटिव ऑफिसर और एग्जीक्यूटिव चेयरमैन इंडिया जैसे बड़े पदों तक पहुंचे। उन्हें आधुनिक भारतीय विज्ञापन का प्रमुख वास्तुकार माना जाता है।

वे कान्स लायंस इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ क्रिएटिविटी (Cannes Lions International Festival of Creativity) की जूरी की अध्यक्षता करने वाले पहले एशियाई भी थे। अपने करियर में उन्हें क्लियो लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड और एलआईए लीजेंड अवॉर्ड जैसे कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी मिले।

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती: मलेशिया ने लागू किए नए सुरक्षा नियम

मलेशिया ने बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए हानिकारक कंटेंट रोकने की व्यवस्था करनी होगी।

Samachar4media Bureau by
Published - Saturday, 23 May, 2026
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Saturday, 23 May, 2026
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बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मलेशिया ने बड़ा कदम उठाया है। देश में एक जून से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया कंपनियों के लिए नए और सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं। इन नियमों का उद्देश्य बच्चों तक हानिकारक कंटेंट की पहुंच रोकना और इंटरनेट को उनके लिए सुरक्षित बनाना है।

मलेशियन कम्युनिकेशंस एंड मल्टीमीडिया कमीशन (Malaysian Communications and Multimedia Commission - MCMC) ने घोषणा की है कि अब ऑनलाइन सेवा प्रदाताओं को अपनी सेवाओं में कई बड़े बदलाव करने होंगे। नए नियमों के तहत कंपनियों को ऐसे सुरक्षा फीचर्स लागू करने होंगे, जो 16 साल से कम उम्र के बच्चों के अकाउंट रजिस्ट्रेशन और उपयोग को सीमित कर सकें।

सरकार ने प्लेटफॉर्म्स को हाई-रिस्क फीचर्स पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके तहत बच्चों के लिए हानिकारक कंटेंट को तेजी से हटाने या उस पर रोक लगाने की जिम्मेदारी कंपनियों की होगी। नए नियमों में प्रभावी रिपोर्टिंग सिस्टम, तेज प्रतिक्रिया तंत्र और विज्ञापनदाताओं की वेरिफिकेशन प्रक्रिया को भी अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा एआई या एडिटेड मैनिपुलेटेड कंटेंट को लेबल करना भी जरूरी होगा।

मलेशिया सरकार जल्द ही एज वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने की तैयारी में है, जिससे प्लेटफॉर्म्स यूजर्स की वास्तविक उम्र की पहचान कर सकेंगे। इससे नाबालिग यूजर्स तक हानिकारक सामग्री पहुंचने से रोकने में मदद मिलेगी।

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हवास मीडिया नेटवर्क इंडिया में अविनाश तिवारी का प्रमोशन

हवास मीडिया नेटवर्क इंडिया ने अविनाश तिवारी को 'Managing Partner' पद पर प्रमोट किया है। इससे पहले वह कंपनी में 'Head of Digital Services, North' की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

Samachar4media Bureau by
Published - Monday, 18 May, 2026
Last Modified:
Monday, 18 May, 2026
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हवास मीडिया नेटवर्क इंडिया ने अविनाश तिवारी को प्रमोट करते हुए मैनेजिंग पार्टनर नियुक्त किया है। अविनाश ने इस नई जिम्मेदारी की जानकारी लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए साझा की। प्रमोशन से पहले अविनाश तिवारी कंपनी में Head of Digital Services, North के पद पर कार्यरत थे। इस भूमिका में वह उत्तरी क्षेत्र के लिए डिजिटल स्ट्रेटेजी और सर्विसेज की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

मार्केटिंग और एडवरटाइजिंग इंडस्ट्री में अविनाश तिवारी को लंबा अनुभव हासिल है। उन्हें डिजिटल स्ट्रेटेजी, मीडिया प्लानिंग एंड बाइंग, कैंपेन एग्जीक्यूशन, SEO और एड टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स में विशेषज्ञता हासिल है। उन्होंने DoubleClick जैसे एड टेक प्लेटफॉर्म्स के साथ भी व्यापक स्तर पर काम किया है। इसके अलावा वह टीम मेंटरिंग और डिजिटल ग्रोथ स्ट्रेटेजी के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

हवास मीडिया नेटवर्क इंडिया से पहले अविनाश तिवारी डेंट्सू (Dentsu), ओम्निकॉम मीडिया ग्रुप (Omnicom Media Group) और क्रिसेंट ग्रुप (Crescent Group) जैसी कंपनियों के साथ भी काम कर चुके हैं।

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'Rusk Media' ने जलज कुकरेजा को दी यह बड़ी जिम्मेदारी

रस्क मीडिया (Rusk Media) ने जलज कुकरेजा (Jalaj Kukreja) को General Manager- Brand Partnerships and IP Integrations नियुक्त किया है।उन्हें 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

Samachar4media Bureau by
Published - Saturday, 16 May, 2026
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Saturday, 16 May, 2026
jalaj kukreja

रस्क मीडिया (Rusk Media) ने जलज कुकरेजा (Jalaj Kukreja) को General Manager – Brand Partnerships and IP Integrations नियुक्त किया है। मीडिया सेल्स, ब्रांड पार्टनरशिप और एडवरटाइजिंग स्ट्रेटेजी में एक दशक से अधिक अनुभव रखने वाले जलज अब कंपनी की नई जिम्मेदारियां संभालेंगे।

रस्क मीडिया (Rusk Media) से पहले जलज कुकरेजा (Jalaj Kukreja) Mygate में कार्यरत थे, जहां वह Deputy General Manager के पद पर अपनी भूमिका निभा रहे थे। इससे पहले उन्होंने सात वर्षों से अधिक समय तक टाइम्स ग्रुप (The Times Group) के साथ काम किया। इस दौरान उन्होंने प्रिंट, डिजिटल, टेलीविजन, रेडियो और आउट-ऑफ-होम प्लेटफॉर्म्स पर कई बड़े ब्रांड्स के लिए इंटीग्रेटेड मीडिया कैंपेन और रणनीतियों को संभाला।

जलज कुकरेजा (Jalaj Kukreja) अपने करियर के शुरुआती दौर में इंफो एज इंडिया लिमिटेड (Info Edge India Ltd.) और अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर्स लिमिटेड (Earth Infrastructures Ltd.) जैसी कंपनियों के साथ भी काम कर चुके हैं।

मीडिया इंडस्ट्री में ब्रांड पार्टनरशिप और बिजनेस ग्रोथ रणनीतियों में उनके अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि वह रस्क मीडिया (Rusk Media) के ब्रांड इंटीग्रेशन और स्ट्रैटेजिक कोलैबोरेशन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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सुधीर चौधरी के शो ‘Decode’ ने पूरा किया एक साल

वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी के प्राइम टाइम शो ‘Decode With Sudhir Chaudhary’ ने एक साल पूरा कर लिया है। शो को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अब तक 1.4 बिलियन व्यूज मिल चुके हैं।

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Published - Friday, 15 May, 2026
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Friday, 15 May, 2026
ddnewsdecode

वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी (Sudhir Chaudhary) के प्राइम टाइम शो ‘Decode With Sudhir Chaudhary’ ने अपना एक साल पूरा कर लिया है। इस मौके पर सुधीर चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट साझा करते हुए दर्शकों का आभार जताया।

उन्होंने बताया कि 15 मई 2025 को शुरू हुआ यह न्यूज शो अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर 1.4 बिलियन व्यूज हासिल कर चुका है। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि यह संख्या दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की आबादी के बराबर है।

सुधीर चौधरी ने दर्शकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि लोगों ने ‘Decode’ को सिर्फ एक न्यूज शो नहीं, बल्कि रोज की आदत, चर्चा और एक आंदोलन बना दिया है। उन्होंने लिखा, “एक साल पहले खबरों में एक नया प्रयोग शुरू हुआ था। अब यह केवल शो नहीं, बल्कि लोगों की बातचीत और सोच का हिस्सा बन चुका है।”

शो की पहली वर्षगांठ को खास बनाने के लिए उन्होंने दर्शकों से भी भागीदारी की अपील की। उन्होंने लोगों से कहा कि वे ‘Decode’ से जुड़े अपने अनुभव का छोटा वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा करें। सुधीर चौधरी ने संकेत दिया कि चुनिंदा संदेशों को शो के एनिवर्सरी सेलिब्रेशन में शामिल किया जा सकता है।

‘Decode With Sudhir Chaudhary’ डिजिटल और टीवी न्यूज दर्शकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है। शो अपनी विश्लेषणात्मक शैली और समसामयिक मुद्दों की विस्तृत व्याख्या के लिए जाना जाता है।

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ShareChat अगले 12-18 महीनों में ला सकता है IPO

भारतीय सोशल मीडिया कंपनी ShareChat अगले 12 से 18 महीनों में IPO ला सकती है। कंपनी ने कैश फ्लो पॉजिटिव और EBITDA ब्रेकईवन जैसे अहम वित्तीय लक्ष्य हासिल करने का दावा किया है।

Samachar4media Bureau by
Published - Thursday, 14 May, 2026
Last Modified:
Thursday, 14 May, 2026
sharechat

भारतीय सोशल मीडिया कंपनी शेयरचैट (ShareChat) अगले 12 से 18 महीनों में शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। कंपनी के सह-संस्थापक और CEO अंकुश सचदेवा (Ankush Sachdeva) ने एक बिजनेस न्यूज प्लेटफॉर्म को दिए इंटरव्यू में IPO की योजना की जानकारी दी।

अंकुश सचदेवा के मुताबिक कंपनी अब पूंजी बाजार में जाने के लिए पहले से बेहतर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि शेयरचैट ने कैश फ्लो पॉजिटिव और EBITDA ब्रेकईवन जैसे महत्वपूर्ण वित्तीय लक्ष्य हासिल किए हैं, जिससे बिजनेस में स्थिरता और बेहतर अनुमान क्षमता आई है।

उन्होंने कहा, “हमने कई अहम लक्ष्य हासिल किए हैं, जिनमें कैश फ्लो पॉजिटिविटी और EBITDA ब्रेकईवन शामिल हैं। अगले 12-18 महीने हमारे लिए लक्ष्य अवधि है।” रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2022 में फंडिंग राउंड के दौरान कंपनी का वैल्यूएशन करीब 5 बिलियन डॉलर आंका गया था। हालांकि सचदेवा ने कहा कि IPO के समय कंपनी का बाजार मूल्य निवेशकों की धारणा पर निर्भर करेगा।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अप्रैल 2026 कंपनी के लिए ऐतिहासिक महीना साबित हो सकता है। उम्मीद जताई जा रही है कि पहली बार कंपनी EBITDA प्रॉफिटेबिलिटी, नेट प्रॉफिट (PAT) और पॉजिटिव कैश फ्लो एक साथ दर्ज कर सकती है। 2015 में शुरू हुई ShareChat ने क्षेत्रीय भाषाओं के कंटेंट पर फोकस करके तेजी से लोकप्रियता हासिल की। कंपनी के ShareChat और Moj प्लेटफॉर्म्स पर हर महीने करीब 20 करोड़ सक्रिय यूजर्स आते हैं।

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ट्रंप मीडिया को 406 मिलियन डॉलर का नुकसान: बिटकॉइन बना वजह

डोनाल्ड ट्रंप की सोशल मीडिया कंपनी 'Trump Media & Technology Group' को 2026 की पहली तिमाही में 406 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। इसका बड़ा कारण बिटकॉइन निवेश में गिरावट है।

Samachar4media Bureau by
Published - Tuesday, 12 May, 2026
Last Modified:
Tuesday, 12 May, 2026
truthsocial

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल (Truth Social) की पैरेंट कंपनी 'ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप (Trump Media & Technology Group)' को साल 2026 की पहली तिमाही में भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। कंपनी ने जनवरी से मार्च 2026 के बीच करीब 406 मिलियन डॉलर यानी लगभग ₹3,300 करोड़ के घाटे की जानकारी दी है।

कंपनी की फाइनेंशियल फाइलिंग के मुताबिक, इस दौरान उसकी नेट सेल्स में सालाना आधार पर 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और कुल रेवेन्यू 8.7 लाख डॉलर से ज्यादा रहा। हालांकि डिजिटल संपत्तियों में हुए भारी नुकसान ने कंपनी की वित्तीय स्थिति को प्रभावित किया।

कंपनी ने बताया कि कुल घाटे में 368 मिलियन डॉलर का “नॉन-कैश” नुकसान शामिल है, जो मुख्य रूप से डिजिटल एसेट्स यानी क्रिप्टोकरेंसी निवेश से जुड़ा है। इसके अलावा 11.5 मिलियन डॉलर का ब्याज खर्च और 11.8 मिलियन डॉलर का स्टॉक-आधारित मुआवजा भी घाटे का हिस्सा रहा।

दरअसल, ट्रंप मीडिया ने 2025 में करीब 3.5 बिलियन डॉलर मूल्य के बिटकॉइन खरीदे थे। उस समय क्रिप्टोकरेंसी बाजार तेजी पर था और कंपनी “बिटकॉइन ट्रेजरी” तैयार करना चाहती थी। लेकिन बाद में बिटकॉइन की कीमतों में भारी गिरावट आई, जिससे कंपनी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।

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पटना में मनोज भावुक हुए सम्मानित : मिली ‘भोजपुरी आइकॉन’ की उपाधि

टीवी पत्रकार मनोज भावुक को पटना में ‘भोजपुरी भाषा शिखर सम्मान’ से सम्मानित किया गया। उन्हें “ग्लोबल भोजपुरी एम्बेसडर” और “भोजपुरी आइकॉन” की उपाधियां भी प्रदान की गईं।

Samachar4media Bureau by
Published - Saturday, 09 May, 2026
Last Modified:
Saturday, 09 May, 2026
manojbhavuk

भोजपुरी भाषा, साहित्य, सिनेमा और मीडिया जगत में उल्लेखनीय योगदान के लिए वरिष्ठ साहित्यकार, फिल्म गीतकार और टीवी पत्रकार मनोज भावुक को ‘भोजपुरी भाषा शिखर सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान पटना के ऐतिहासिक बापू सभागार में जी मीडिया (Zee Media) द्वारा आयोजित समारोह में प्रदान किया गया।

इस मौके पर मनोज भावुक को “ग्लोबल भोजपुरी एम्बेसडर” और “भोजपुरी आइकॉन” जैसी प्रतिष्ठित उपाधियों से भी सम्मानित किया गया। सम्मान उन्हें ज़ी बिहार-झारखंड (Zee Bihar-Jharkhand) के संपादक राजकमल चौधरी, ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-Uttarakhand) के संपादक रमेश चंद्रा और भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल निरहुआ ने संयुक्त रूप से प्रदान किया।

सम्मान ग्रहण करते हुए मनोज भावुक ने कहा कि जब साहित्य सिनेमा के साथ चलता है तो सिनेमा और अधिक प्रभावशाली बनता है। उन्होंने भोजपुरी सिनेमा को साहित्य से जोड़ने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि भोजपुरी एक अंतरराष्ट्रीय भाषा है और इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाना चाहिए।

मनोज भावुक लंबे समय से भोजपुरी साहित्य, सिनेमा और पत्रकारिता में सक्रिय हैं। ‘भोजपुरी जंक्शन’ के संपादक के रूप में उन्होंने दुनिया भर के भोजपुरी रचनाकारों को एक मंच पर जोड़ने का काम किया है। भोजपुरी सिनेमा के इतिहास को भोजपुरी भाषा में लिखने का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है। इससे पहले भी उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। समारोह में राजनीति, मीडिया, साहित्य और संस्कृति जगत की कई हस्तियां मौजूद रहीं।

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Outlook से इस्तीफे के बाद चिंकी सिन्हा ने शेयर की इमोशनल पोस्ट, कही ये बात

अपनी पोस्ट में चिंकी सिन्हा का यह भी कहना है, ‘एडिटर आते-जाते रहते हैं, लेकिन शब्द, तस्वीरें, यादें, दोस्ती और साथ खड़े रहने की भावना हमेशा बाकी रहती है।’

Samachar4media Bureau by
Published - Friday, 08 May, 2026
Last Modified:
Friday, 08 May, 2026
Chinki Sinha..

जानी-मानी मैगजीन आउटलुक (Outlook) में एडिटर पद से कुछ दिनों पूर्व ही इस्तीफा देने के बाद  चिंकी सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट शेयर की है। इस पोस्ट में उन्होंने लेखकों, कवियों, कलाकारों और सहयोगियों का आभार जताते हुए कहा कि अब वह आउटलुक मैगजीन के साथ नहीं हैं, इसलिए फिलहाल लोग उन्हें अपनी रचनाएं या लेख न भेजें।

चिंकी सिन्हा ने लिखा कि वह अब आउटलुक में एडिटर नहीं हैं और इस वजह से वह किसी भी लेख, कहानी, कविता या रिपोर्ट को स्वीकार या उस पर प्रतिक्रिया नहीं दे पाएंगी। उन्होंने उन तमाम लेखकों और सहयोगियों का विशेष रूप से जिक्र किया, जिन्होंने इस सफर में उनके साथ काम किया। उन्होंने कहा कि हर सुबह लॉग-इन करके नई कहानियां, तस्वीरें और कविताएं देखना उनके लिए बेहद खास अनुभव होता था और उनके भीतर दुनिया के प्रति भरोसा फिर से जगा देता था।

उन्होंने यह भी माना कि कई बार वह सभी लोगों को जवाब नहीं दे पाईं या सभी रचनाओं को प्रकाशित नहीं कर सकीं, लेकिन उनकी टीम ने पूरी कोशिश की। चिंकी सिन्हा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि जब उन्होंने वर्ष 2021 में आउटलुक मैगजीन को जॉइन किया था, तब यह जिम्मेदारी काफी चुनौतीपूर्ण लग रही थी। हालांकि समय के साथ उन्हें कई सहयोगी और दोस्त मिले, जिनकी मदद से कठिन दौर में भी टीम ने अपना काम जारी रखा।

उन्होंने अपनी संपादकीय टीम की तारीफ करते हुए कहा कि उनके सहयोगियों में ईमानदारी और संवेदनशीलता थी। उनके मुताबिक, आउटलुक ऐसा मंच बना जहां तय पैटर्न पर चलने के बजाय अपनी अलग राह बनाई गई, खासकर ऐसे समय में जब पत्रकारिता में लगातार समझौते बढ़ते जा रहे हैं।

अपनी पोस्ट में चिंकी सिन्हा ने लिखा, ‘एडिटर आते-जाते रहते हैं, लेकिन शब्द, तस्वीरें, यादें, दोस्ती और साथ खड़े रहने की भावना हमेशा बाकी रहती है।’ चिंकी सिन्हा ने यह भी बताया कि आउटलुक की पिछली टीम के कई सदस्य अब संस्थान छोड़ चुके हैं। इनमें मैनेजिंग एडिटर, फॉरेन अफेयर्स एडिटर, एंटरटेनमेंट और कल्चर एडिटर, सोशल मीडिया लीड समेत कई अन्य लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी पुरानी टीम आउटलुक के लिए कोई पिच या लेख स्वीकार नहीं कर पाएगी, हालांकि लोग अपनी सामग्री या लेख नई टीम को भेज सकते हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में चिंकी सिन्हा ने आउटलुक मैगजीन में एडिटर पद से इस्तीफा दे दिया था। वह इस मैगजीन के 26 साल के इतिहास में इस पद तक पहुंचने वाली पहली महिला एडिटर थीं। पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे अनुभव के साथ चिंकी सिन्हा ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। आउटलुक से पहले चिंकी सिन्हा कई बड़े मीडिया संस्थानों के साथ जुड़ी रही हैं।

उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस (The Indian Express) और ओपन मैगजीन (Open magazine) जैसे प्रतिष्ठित पब्लिकेशंस में काम किया है। इसके अलावा उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों जैसे बीबीसी न्यूज (BBC News) और अल जजीरा (Al Jazeera) के लिए भी योगदान दिया है।

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