एचटी मीडिया लिमिटेड (HT Media Limited) ने 3,87,87,137 वारंट आवंटित किए हैं। कंपनी के बोर्ड की शेयर अलॉटमेंट कमेटी ने 20 अगस्त 2026 को सर्कुलेशन के जरिए हुई बैठक में इस आवंटन को मंजूरी दी।
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Vikas Saxena
एचटी मीडिया लिमिटेड (HT Media Limited) ने 3,87,87,137 वारंट आवंटित किए हैं। कंपनी के बोर्ड की शेयर अलॉटमेंट कमेटी ने 20 अगस्त 2026 को सर्कुलेशन के जरिए हुई बैठक में इस आवंटन को मंजूरी दी। इन वारंट की इश्यू कीमत 24.57 रुपये प्रति वारंट तय की गई है।
कंपनी ने यह जानकारी BSE और NSE को भेजी गई सूचना में दी है। यह आवंटन 11 जुलाई 2026 को कंपनी की ओर से दी गई पिछली सूचना और 7 अगस्त 2026 को हुई असाधारण आम बैठक (EGM) में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद किया गया है।
कंपनी को इस वारंट इश्यू के लिए BSE और NSE से इन-प्रिंसिपल अप्रूवल भी मिल चुका है।
कंपनी को मिले 23.82 करोड़ रुपये
HT Media ने बताया कि प्रस्तावित निवेशकों से वारंट की कुल कीमत का 25 फीसदी हिस्सा यानी 23,82,49,989.02 रुपये मिल चुका है। प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) के तहत कुल वारंट की कीमत करीब 95.30 करोड़ रुपये है।
हर वारंट की कीमत 24.57 रुपये है। इन वारंट के बदले कंपनी को अभी कुल रकम का 25 फीसदी हिस्सा मिला है, जबकि बाकी 75 फीसदी रकम बाद में वारंट को इक्विटी शेयर में बदलने के समय देनी होगी।
इन 6 निवेशकों को मिले वारंट
कंपनी ने कुल 3.88 करोड़ वारंट छह प्रस्तावित निवेशकों को आवंटित किए हैं। इनमें सबसे ज्यादा वारंट The Hindustan Times Limited को मिले हैं।
इन सभी वारंट की कुल कीमत 95,29,99,956.09 रुपये है, जिसमें से 25 फीसदी यानी 23,82,49,989.02 रुपये कंपनी को मिल चुके हैं।
एक वारंट पर मिलेगा एक इक्विटी शेयर
कंपनी के मुताबिक, हर वारंट धारक को एक वारंट के बदले HT Media का एक पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयर लेने का अधिकार होगा। इस शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है।
हालांकि, इसके लिए वारंट धारक को कुल वारंट कीमत की बाकी 75 फीसदी रकम का भुगतान करना होगा। यानी मौजूदा आवंटन के बाद भविष्य में इन वारंट को शेयरों में बदलने पर कंपनी की इक्विटी पूंजी में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
HT Media ने बताया कि यह पूरा Preferential Issue SEBI के ICDR Regulations, 2018 के Chapter V के तहत किया गया है। कंपनी ने इस मामले में SEBI के Listing Obligations and Disclosure Requirements Regulations, 2015 के Regulation 30 के तहत स्टॉक एक्सचेंजों को जानकारी दी है।
इस पहल के जरिए प्रिंट मैगजीन को ऑन-डिमांड खरीदारी की व्यवस्था से जोड़ा गया है, जिसमें पाठकों की सुविधा को डिस्ट्रीब्यूशन स्ट्रैटेजी का अहम हिस्सा बनाया गया है।
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Samachar4media Bureau
लिविंग मीडिया इंडिया लिमिटेड (Living Media India Limited) को अपनी पहल ‘मैगजीन इन मिनट्स’ (Magazine in Minutes) के लिए WAN-IFRA प्रिंट एंड सस्टेनेबिलिटी अवॉर्ड्स 2026 में सप्लाई चेन इनोवेटर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह पहल डिजिटल माध्यम से मैगजीन तलाशने और ऑर्डर करने की सुविधा को प्रिंट मैगजीन की तेज डिलीवरी से जोड़ती है।
यह अवॉर्ड नीदरलैंड्स के रॉटरडैम में आयोजित वर्ल्ड प्रिंटर्स समिट और डिस्ट्रीप्रेस कांग्रेस के दौरान प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में दुनियाभर से प्रिंट और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर के 300 से अधिक प्रोफेशनल्स शामिल हुए। कंपनी की ओर से सीईओ एवं पब्लिशर मनोज शर्मा और सेल्स एंड डिस्ट्रीब्यूशन के असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट (सेल्स एंड डिस्ट्रीब्यूशन) दीपक भट्ट ने यह अवॉर्ड प्राप्त किया।
ब्लिंकिट के साथ साझेदारी से मिली रफ्तार: कोविड-19 महामारी के बाद पाठकों के बदलते व्यवहार को देखते हुए इस पहल की शुरुआत की गई। इसका उद्देश्य मैगजीन की दुकानों पर घटती ग्राहकों की आवाजाही और न्यूजस्टैंड पर कम होती बिक्री की चुनौती से निपटना था। इसके लिए प्रिंट मैगजीन को क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराने का मॉडल अपनाया गया।
लिविंग मीडिया ने ब्लिंकिट के साथ साझेदारी कर लोगों को डिजिटल माध्यम से मैगजीन देखने और ऑर्डर करने की सुविधा दी। कंपनी के मुताबिक, इस व्यवस्था के तहत मैगजीन की डिलीवरी कुछ मामलों में महज 10 से 12 मिनट में हो जाती है। क्विक कॉमर्स के जरिए यह मॉडल अब भारत के 100 से अधिक शहरों तक पहुंच चुका है, जहां डिलीवरी में आमतौर पर 10 से 15 मिनट लगते हैं।
कंपनी ने अवॉर्ड के लिए दिए गए अपने आवेदन में बताया कि इस माध्यम की हिस्सेदारी उसके कुल मासिक सर्कुलेशन में 10% से अधिक हो गई है। इस चैनल के जरिए ग्राहकों की ओर से दोबारा खरीदारी भी हो रही है और नए ग्राहक भी जुड़ रहे हैं।
डिस्ट्रीब्यूशन प्रक्रिया में किए गए बदलाव: इस मॉडल का विस्तार करने के लिए कंपनी को अपने इन्वेंट्री और वितरण से जुड़ी प्रक्रियाओं में बदलाव करने पड़े। हर मैगजीन अंक की बिक्री के लिए सीमित समय होता है, जबकि क्विक कॉमर्स के तहत ऑर्डर पूरा करने के लिए स्थानीय डार्क स्टोर्स में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होना जरूरी है।
अपने साझेदारों की टेक्नोलॉजी, इन्वेंट्री प्लानिंग और ऑपरेशंस टीमों के साथ काम करते हुए लिविंग मीडिया ने मैगजीन के नए अंक जारी करने, स्टॉक की दोबारा आपूर्ति, उपलब्धता और मांग का अनुमान लगाने की प्रक्रियाओं को नए सिरे से तैयार किया। कंपनी ने स्टॉक के आवंटन के लिए ऊपर से नीचे तक अपनाई जाने वाली व्यवस्था की जगह क्षेत्रवार मांग के अनुमान पर भी जोर दिया, ताकि अलग-अलग इलाकों में ग्राहकों की खरीदारी के रुझान के अनुसार स्टॉक उपलब्ध कराया जा सके।
इस बारे में लिविंग मीडिया के सीईओ एवं पब्लिशर मनोज शर्मा ने कहा कि यह अवॉर्ड मैगजीन डिस्ट्रीब्यूशन के पारंपरिक तरीकों को चुनौती देने के लिए कंपनी की टीमों की सोच और दृढ़ संकल्प को मान्यता देता है। उन्होंने कहा, ‘हमारा मानना था कि प्रिंट का भविष्य केवल कंटेंट की गुणवत्ता पर ही नहीं, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करेगा कि पाठक उस तक कितनी आसानी और तेजी से पहुंच सकते हैं।’ शर्मा ने कहा कि इस पहल की अहमियत केवल डिलीवरी की रफ्तार तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, असली उपलब्धि मैगजीन के लिए उपभोक्ताओं की एक नई यात्रा तैयार करना है, जिसमें डिजिटल माध्यम से मैगजीन की खोज करने से लेकर उसकी तत्काल फिजिकल डिलीवरी तक की प्रक्रिया शामिल है।
युवा पाठकों तक पहुंचने पर जोर: कंपनी इस मॉडल को युवा पाठकों तक पहुंचने, प्रीमियम और विशिष्ट श्रेणियों की मैगजीन पेश करने और उपभोक्ताओं से मिलने वाले राजस्व के आधार पर नए प्रोडक्ट विकसित करने के अवसर के रूप में देख रही है।
लिविंग मीडिया के मुताबिक, पारंपरिक न्यूजस्टैंड अब भी उसके वितरण नेटवर्क का हिस्सा बने रहेंगे। हालांकि, भविष्य में कारोबार की वृद्धि इस बात पर भी निर्भर करेगी कि पाठकों तक उन प्लेटफॉर्म के जरिए कैसे पहुंचा जाए, जिनका वे पहले से इस्तेमाल करते हैं। इस पहल के जरिए प्रिंट मैगजीन को ऑन-डिमांड खरीदारी की व्यवस्था से जोड़ा गया है, जिसमें पाठकों की सुविधा को डिस्ट्रीब्यूशन स्ट्रैटेजी का अहम हिस्सा बनाया गया है।
दैनिक भास्कर अखबार समूह की कंपनी डीबी कॉर्प लिमिटेड (D.B. Corp Limited) 16 अक्टूबर, 2026 को निवेशकों और विश्लेषकों के साथ कॉन्फ्रेंस कॉल करेगी।
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Vikas Saxena
दैनिक भास्कर अखबार समूह की कंपनी डीबी कॉर्प लिमिटेड (D.B. Corp Limited) 16 अक्टूबर, 2026 को निवेशकों और विश्लेषकों के साथ कॉन्फ्रेंस कॉल करेगी। यह कॉल शाम 4:30 बजे (भारतीय समयानुसार) शुरू होगी। इसमें कंपनी 30 सितंबर, 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही और वित्त वर्ष की पहली छमाही के वित्तीय प्रदर्शन पर चर्चा करेगी।
कंपनी ने 9 अक्टूबर, 2026 को बीएसई (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को दी गई सूचना में यह जानकारी दी। यह सूचना भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के लिस्टिंग से जुड़े नियमों, 2015 के नियम 30 के तहत दी गई है।
15 अक्टूबर को घोषित होंगे वित्तीय नतीजे
कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही और 30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के वित्तीय नतीजे 15 अक्टूबर, 2026 को घोषित किए जाने हैं। इसके अगले दिन यानी 16 अक्टूबर को कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर चर्चा होगी।
इस कॉल में कंपनी के प्रबंधन की ओर से डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर पवन अग्रवाल, डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल, मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) ललित जैन, फाइनेंस एंड अकाउंट्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट मुश्ताक अली और निवेशक संबंध विभाग के प्रमुख प्रसून पांडे शामिल होंगे।
पहले प्रबंधन की बात, फिर सवाल-जवाब
कॉन्फ्रेंस कॉल की शुरुआत कंपनी के प्रबंधन की ओर से संक्षिप्त शुरुआती संबोधन से होगी। इसके बाद निवेशकों और विश्लेषकों के लिए सवाल-जवाब का सत्र खोला जाएगा, जिसमें वे कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे।
डीबी कॉर्प लिमिटेड भारत की प्रमुख प्रिंट मीडिया कंपनियों में से एक है। कंपनी के मुताबिक, इसके अखबार समूह में पांच अखबार शामिल हैं। इनमें हिंदी का दैनिक भास्कर, गुजराती के दिव्य भास्कर और सौराष्ट्र समाचार, मराठी का दिव्य मराठी और डीबी स्टार शामिल हैं।
कंपनी के अनुसार, दैनिक भास्कर के 43 संस्करण, दिव्य भास्कर के 8 संस्करण और दिव्य मराठी के 6 संस्करण हैं। इसके अलावा, तीन भाषाओं- हिंदी, गुजराती और मराठी, में 210 उप-संस्करणों के जरिए इसकी मौजूदगी देश के 12 राज्यों में है।
कंपनी के अनुसार, इसके प्रमुख अखबारों की कुल पाठक संख्या 6.67 करोड़ है। समूह की मौजूदगी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार और झारखंड में है।
अखबारों के अलावा, कंपनी रेडियो कारोबार में भी सक्रिय है। इसका रेडियो ब्रांड ‘94.3 माय एफएम’ (94.3 MY FM) सात राज्यों के 39 शहरों में मौजूद है। कंपनी का डिजिटल कारोबार भी बढ़ रहा है, जिसके तहत चार डिजिटल पोर्टल और चार मोबाइल ऐप हैं, जिन्हें लोग डाउनलोड करके इस्तेमाल करते हैं।
कंपनी ने दी भविष्य के अनुमानों पर चेतावनी
डीबी कॉर्प ने यह भी कहा है कि कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन को लेकर कुछ अनुमान या बयान दिए जा सकते हैं। ऐसे अनुमान नियामकीय बदलावों, स्थानीय राजनीतिक या आर्थिक घटनाक्रम, तकनीकी जोखिमों और अन्य कारणों से प्रभावित हो सकते हैं। इन वजहों से कंपनी के वास्तविक नतीजे बताए गए अनुमानों से काफी अलग हो सकते हैं।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ऐसे बयानों के आधार पर की गई किसी कार्रवाई के लिए वह जिम्मेदार नहीं होगी। साथ ही, बाद में होने वाली घटनाओं या परिस्थितियों के आधार पर इन अनुमानों को सार्वजनिक रूप से अपडेट करने की जिम्मेदारी भी कंपनी ने नहीं ली है।
यह सूचना कंपनी के कंपनी सचिव और अनुपालन अधिकारी ओम प्रकाश पांडे की ओर से जारी की गई है।
निष्ठा बधानी को राजस्थान पत्रिका में वाइस प्रेसिडेंट-नेशनल अकाउंट्स नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह जियोस्टार में एसोसिएट डायरेक्टर थीं और टेलीविजन व प्रिंट मीडिया में 16 साल का अनुभव रखती हैं।
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Samachar4media Bureau
निष्ठा बधानी (Nishtha Badhani) को राजस्थान पत्रिका (Rajasthan Patrika) में वाइस प्रेसिडेंट-नेशनल अकाउंट्स (Vice President-National Accounts) नियुक्त किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की।
अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उन्हें यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि उन्होंने राजस्थान पत्रिका प्राइवेट लिमिटेड (Rajasthan Patrika Pvt. Ltd.) में वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है।
इससे पहले निष्ठा बधानी करीब दो साल तक जियोस्टार (JioStar) के साथ एसोसिएट डायरेक्टर (Associate Director) के पद पर काम कर रही थीं।
निष्ठा बधानी को स्ट्रैटेजिक और रिजल्ट-ओरिएंटेड मीडिया सेल्स लीडर (Strategic and Result-Oriented Media Sales Leader) के तौर पर जाना जाता है। उन्हें टेलीविजन और प्रिंट मीडिया (Television and Print Media) में 16 वर्षों का अनुभव है। अपने करियर में उन्होंने रेवेन्यू ग्रोथ (Revenue Growth) और रणनीति आधारित समाधानों के जरिए लंबे समय तक क्लाइंट रिलेशनशिप (Client Relationships) विकसित करने पर काम किया है।
इससे पहले वह डिज्नी स्टार (Disney Star), नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (Network18 Media & Investments Limited) और डीबी कॉर्प लिमिटेड (DB Corp Ltd.) समेत कई प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं।
मिली ऐश्वर्या ने पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया में 18 साल पूरे किए हैं। उन्होंने 2008 में शुरुआत की थी और अब एडल्ट पब्लिशिंग ग्रुप के साथ 13 इम्प्रिंट्स की जिम्मेदारी संभालती हैं।
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Samachar4media Bureau
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (Penguin Random House India) की पब्लिशर और ग्रुप सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (Publisher and Group Senior Vice President) मिली ऐश्वर्या (Milee Ashwarya) ने कंपनी के साथ 18 साल पूरे कर लिए हैं। उन्होंने सितंबर 2008 में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के साथ पब्लिशर, एबरी पब्लिशिंग और विंटेज पब्लिशिंग (Publisher, Ebury Publishing and Vintage Publishing) के तौर पर करियर शुरू किया था। इस भूमिका में उन्होंने 14 साल से ज्यादा समय बिताया।
जनवरी 2023 में उन्हें सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और पब्लिशर, एडल्ट पब्लिशिंग ग्रुप (Senior Vice President and Publisher, Adult Publishing Group) की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद जनवरी 2026 में उन्हें पब्लिशर और ग्रुप सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के पद पर प्रमोट किया गया।
18 साल पूरे होने के मौके पर लिंक्डइन (LinkedIn) पर साझा की गई पोस्ट में मिली ऐश्वर्या ने अपने सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्होंने पब्लिशिंग लैंडस्केप (Publishing Landscape) में बदलाव देखे, इंडस्ट्री की चुनौतियों का सामना किया, नए लेखकों के साथ काम किया और भारतीय पाठकों के लिए कई इम्प्रिंट्स लॉन्च किए।
उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे पब्लिशिंग प्रोग्राम (Publishing Programme) को तैयार करने पर खास गर्व है, जो भारत की भाषाई, सांस्कृतिक और बौद्धिक विविधता को दर्शाता है और पाठकों तक नई आवाजों और विचारों को पहुंचाता है।
फिलहाल मिली ऐश्वर्या पेंगुइन इंडिया के एडल्ट पब्लिशिंग ग्रुप का नेतृत्व कर रही हैं। वह एलन लेन (Allen Lane), हैमिश हैमिल्टन (Hamish Hamilton), विंटेज (Vintage), वाइकिंग (Viking), पेंगुइन क्लासिक्स (Penguin Classics) और पेंगुइन बिजनेस (Penguin Business) समेत 13 इम्प्रिंट्स की जिम्मेदारी संभालती हैं।
तमिलनाडु न्यूजप्रिंट एंड पेपर्स लिमिटेड (TNPL) की 46वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 24 सितंबर 2026 को हुई।
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Vikas Saxena
तमिलनाडु न्यूजप्रिंट एंड पेपर्स लिमिटेड (TNPL) की 46वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 24 सितंबर 2026 को हुई। बैठक में शेयरधारकों ने 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए कंपनी के ऑडिट किए गए वित्तीय नतीजों को मंजूरी दे दी।
बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। इसका आयोजन कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के सर्कुलर के तहत किया गया। बैठक की अध्यक्षता कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर कुमार जयंत ने की।
AGM में डिविडेंड घोषित करने, रोटेशन के आधार पर रिटायर हो रहे एक डायरेक्टर की दोबारा नियुक्ति और वैधानिक ऑडिटर के पारिश्रमिक तय करने समेत कुल पांच साधारण प्रस्ताव रखे गए। सभी प्रस्ताव जरूरी बहुमत से पास हो गए।
वोटिंग के नतीजे जारी
कंपनी ने SEBI के लिस्टिंग नियमों के रेगुलेशन 44(3) के तहत कंसोलिडेटेड वोटिंग रिजल्ट भी जारी किया है। 17 सितंबर 2026 की कट-ऑफ डेट तक कंपनी के कुल 51,591 शेयरधारक रिकॉर्ड पर थे।
शेयरधारकों ने 21 सितंबर से 23 सितंबर 2026 तक रिमोट ई-वोटिंग के जरिए और AGM के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग के जरिए मतदान किया।
वित्तीय स्टेटमेंट को मंजूरी देने वाले प्रस्ताव के पक्ष में 99.98% वोट पड़े, जबकि डिविडेंड घोषित करने के प्रस्ताव को 99.99% वोट मिले। वहीं, डॉ. एस. विजयकुमार, आईएएस की दोबारा नियुक्ति के प्रस्ताव के पक्ष में 99.97% वोट पड़े।

ऑडिट में क्या कहा गया?
कंपनी के वैधानिक ऑडिटर एम/एस ए. जॉन मॉरिस एंड कंपनी ने वित्तीय स्टेटमेंट पर बिना किसी प्रतिकूल टिप्पणी के ऑडिट राय दी। हालांकि, उन्होंने कंपनी के अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर Oracle E-Business Suite (EBS) में ऑडिट ट्रेल से जुड़ी एक बात बताई।
ऑडिटर्स के मुताबिक, EBS में एप्लिकेशन लेवल पर ऑडिट ट्रेल मौजूद है, लेकिन डेटाबेस लेवल पर सीधे किए जाने वाले डेटा बदलावों को रिकॉर्ड करने के लिए ऑडिट ट्रेल चालू नहीं है। ऑडिटर्स ने यह भी स्पष्ट किया कि यूजर्स के पास बैकएंड से एंट्री को बदलने या एडिट करने की सुविधा नहीं है।
इसके अलावा, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने ‘NIL’ रिपोर्ट दी, यानी खातों को लेकर कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की गई। कंपनी के सेक्रेटेरियल ऑडिटर्स एम/एस श्रीधरन एंड श्रीधरन एसोसिएट्स ने भी अपनी रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में बताई गई योग्यताओं को बोर्ड की रिपोर्ट में संबोधित किया गया है।
AGM में कौन-कौन रहे मौजूद?
बैठक में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर कुमार जयंत, एन. वेंकटेश, आर. कन्नन और कई स्वतंत्र डायरेक्टर शामिल रहे। इनमें डॉ. एन. सुंदरदेवन, टी.एम.टी. एम. सत्यवती, मैथ्यू थॉमस और श्रीगणेश पद्मनाभन शामिल थे।
डॉ. एस. विजयकुमार पहले से तय व्यस्तताओं के कारण बैठक में मौजूद नहीं थे। उन्हें दोबारा डायरेक्टर नियुक्त करने का प्रस्ताव AGM में मंजूर किया गया। AGM दोपहर 1:45 बजे समाप्त हुई। इस दौरान शेयरधारकों ने कंपनी के कामकाज और बाजार की स्थिति से जुड़े सवाल भी पूछे।
हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड की 16वीं (पोस्ट-आईपीओ) सालाना आम बैठक (एजीएम) 24 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई।
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Vikas Saxena
हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड की 16वीं (पोस्ट-आईपीओ) सालाना आम बैठक (एजीएम) 24 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई। कंपनी ने बैठक में रखे गए दोनों प्रस्तावों को जरूरी बहुमत के साथ मंजूरी मिलने की जानकारी दी है।
कंपनी के मुताबिक, एजीएम सुबह 11 बजे शुरू हुई। शेयरधारकों को बैठक से पहले रिमोट ई-वोटिंग और एजीएम के दौरान ई-वोटिंग के जरिए वोट करने की सुविधा दी गई थी।
बैठक में पहला प्रस्ताव वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी के ऑडिट किए गए स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय विवरणों को मंजूर करने से जुड़ा था। इसमें बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और ऑडिटर्स की रिपोर्ट भी शामिल थी। इस प्रस्ताव को 99.9935 फीसदी वोट के साथ मंजूरी मिली।
दूसरा प्रस्ताव प्रियव्रत भारती को रोटेशन के आधार पर रिटायर होने के बाद फिर से डायरेक्टर नियुक्त करने से जुड़ा था। वे दोबारा नियुक्ति के लिए पात्र थे और उन्होंने इसके लिए अपनी पेशकश की थी। इस प्रस्ताव को 99.9934 फीसदी वोट के साथ मंजूरी मिली।
कंपनी के 17 सितंबर 2026 के कट-ऑफ डेट तक कुल 15,769 शेयरधारक थे। एजीएम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप से 1 और पब्लिक कैटेगरी से 49 शेयरधारकों ने हिस्सा लिया।
कंपनी ने बताया कि दोनों प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ पास हो गए हैं। वोटिंग के नतीजे और स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट कंपनी की वेबसाइट और नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) की ई-वोटिंग वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।
डी.बी. कॉर्प को NSE और BSE से दो प्रमोटर ग्रुप कंपनियों को ‘पब्लिक’ कैटेगरी में लाने के लिए नो-ऑब्जेक्शन लेटर मिला है।
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Vikas Saxena
डी.बी. कॉर्प लिमिटेड ने बताया है कि उसे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) से अपने दो प्रमोटर ग्रुप से जुड़ी कंपनियों को ‘प्रमोटर ग्रुप’ कैटेगरी से ‘पब्लिक’ कैटेगरी में लाने के लिए नो-ऑब्जेक्शन लेटर मिल गया है।
कंपनी ने 23 सितंबर 2026 को शेयर बाजारों को दी जानकारी में बताया कि उसे BEDR Realcon Private Limited और Diligent Pinkcity Center Private Limited के पुनर्वर्गीकरण (Reclassification) के लिए दोनों एक्सचेंजों से नो-ऑब्जेक्शन लेटर मिला है। यह प्रक्रिया सेबी के लिस्टिंग नियमों के रेगुलेशन 31A के तहत की जा रही है।
NSE ने अपने पत्र में कहा है कि कंपनी की ओर से 22 जुलाई 2026 को दिए गए आवेदन के आधार पर दोनों प्रमोटर ग्रुप कंपनियों के पुनर्वर्गीकरण के आवेदन पर नो-ऑब्जेक्शन दिया गया है।
BSE ने भी 23 सितंबर 2026 को जारी अपने पत्र में BEDR Realcon Private Limited और Diligent Pinkcity Centre Private Limited को प्रमोटर कैटेगरी से हटाकर पब्लिक कैटेगरी में लाने के अनुरोध पर नो-ऑब्जेक्शन दिया है।
Infomedia Press Limited की 71वीं सालाना आम बैठक (AGM) 18 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई।
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Vikas Saxena
Infomedia Press Limited की 71वीं सालाना आम बैठक (AGM) 18 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई। कंपनी ने बैठक में हुए कामकाज के मतदान के नतीजे और स्क्रूटिनाइजर की संयुक्त रिपोर्ट शेयर बाजारों को सौंप दी है। कंपनी के मुताबिक, बैठक में रखे गए सभी 4 प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ पास हो गए।
कंपनी की ओर से 18 सितंबर 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को यह जानकारी दी गई। 71वीं AGM शाम 4 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग/अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम से हुई।
कंपनी के रिकॉर्ड के मुताबिक, 11 सितंबर 2026 कट-ऑफ तारीख थी और उस तारीख तक कंपनी के कुल 16,577 शेयरधारक थे। शेयरधारकों को प्रस्तावों पर रिमोट ई-वोटिंग और AGM के दौरान ई-वोटिंग के जरिए वोट करने की सुविधा दी गई थी।
पहला प्रस्ताव
पहले प्रस्ताव में 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए कंपनी के ऑडिट किए गए फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स और उस पर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स व ऑडिटर्स की रिपोर्ट को अपनाने की मंजूरी मांगी गई थी। यह प्रस्ताव साधारण प्रस्ताव (Ordinary Resolution) था और इसे जरूरी बहुमत के साथ मंजूरी मिल गई। इस प्रस्ताव के पक्ष में कुल 2,54,88,707 वोट पड़े, जबकि 11,25,657 वोट इसके खिलाफ रहे। कुल पड़े वोटों में 95.7705% वोट पक्ष में और 4.2295% वोट खिलाफ रहे।
दूसरा प्रस्ताव
दूसरे प्रस्ताव में करनवीर सिंह गिल को रोटेशन के आधार पर रिटायर हो रहे निदेशक के तौर पर दोबारा नियुक्त करने का प्रस्ताव था। यह भी साधारण प्रस्ताव था और इसे जरूरी बहुमत के साथ मंजूरी मिल गई। इस प्रस्ताव के पक्ष में 2,54,88,017 वोट पड़े, जबकि 11,26,247 वोट खिलाफ रहे। यानी कुल वोटों में 95.7683% वोट पक्ष में और 4.2317% वोट खिलाफ रहे।
तीसरा प्रस्ताव
तीसरे प्रस्ताव में बिंदु नवींचंद्र त्रिवेदी को रोटेशन के आधार पर रिटायर हो रही निदेशक के तौर पर दोबारा नियुक्त करने की मंजूरी मांगी गई थी। यह प्रस्ताव भी जरूरी बहुमत के साथ पास हुआ। इस प्रस्ताव के पक्ष में 2,54,88,017 वोट पड़े, जबकि 11,26,247 वोट इसके खिलाफ रहे। पक्ष में पड़े वोटों का प्रतिशत 95.7683% और खिलाफ पड़े वोटों का प्रतिशत 4.2317% रहा।
चौथा प्रस्ताव
चौथे प्रस्ताव में पुनीत सिंहवी को कंपनी के गैर-कार्यकारी, गैर-स्वतंत्र निदेशक (Non-Executive Non-Independent Director) के तौर पर नियुक्त करने की मंजूरी मांगी गई थी। यह प्रस्ताव भी जरूरी बहुमत के साथ पास हुआ।इस प्रस्ताव के पक्ष में 2,54,88,117 वोट पड़े, जबकि 11,26,247 वोट खिलाफ रहे। पक्ष में पड़े वोटों का प्रतिशत 95.7683% और खिलाफ पड़े वोटों का प्रतिशत 4.2317% रहा।
स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट के मुताबिक, 18 सितंबर 2026 को AGM के बाद ई-वोटिंग के नतीजों को अनब्लॉक किया गया और वोटों का कंपनी के रिकॉर्ड के साथ मिलान किया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि प्रस्तावों पर पड़े कुल वोटों में कोई अमान्य वोट नहीं था।
स्क्रूटिनाइजर नीलेश कुमार जैन ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि नोटिस में दिए गए आइटम नंबर 1 से 4 तक के सभी प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ पास हो गए।
जागरण प्रकाशन लिमिटेड (Jagran Prakashan Limited) की 50वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में कंपनी के चार पूर्ण कालिक निदेशकों (Whole-time Directors) की दोबारा नियुक्ति को मंजूरी दे दी गई है।
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Vikas Saxena
जागरण प्रकाशन लिमिटेड (Jagran Prakashan Limited) की 50वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में कंपनी के चार पूर्ण कालिक निदेशकों (Whole-time Directors) की दोबारा नियुक्ति को मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा महेंद्र मोहन गुप्ता को Non-Executive Director के तौर पर आगे भी बनाए रखने की मंजूरी दी गई है।
कंपनी ने 18 सितंबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया कि 50वीं AGM शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC)/अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम (OAVM) के जरिए हुई। बैठक में सदस्यों ने इन नियुक्तियों और आगे जारी रखने को मंजूरी दी।
चार पूर्ण कालिक निदेशकों की पांच साल के लिए दोबारा नियुक्ति
बोर्ड की सिफारिश के आधार पर सदस्यों ने चार पूर्ण कालिक निदेशकों को अगले पांच साल के लिए फिर नियुक्त करने की मंजूरी दी है। इनका नया कार्यकाल 1 अक्टूबर 2026 से 30 सितंबर 2031 तक रहेगा।
धीरेंद्र मोहन गुप्ता को कंपनी के पूर्ण कालिक निदेशक के तौर पर पांच साल के लिए फिर नियुक्त किया गया है। वह 82 साल के हैं और उन्होंने आर्ट्स में स्नातक की डिग्री ली है। कंपनी के मुताबिक, उन्हें प्रिंट मीडिया इंडस्ट्री में 60 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह कंपनी के प्रमोटर हैं और कंपनी की शुरुआत से ही इसके साथ निदेशक के तौर पर जुड़े हुए हैं। वह महेंद्र मोहन गुप्ता, देवेंद्र मोहन गुप्ता और शैलेंद्र मोहन गुप्ता के भाई हैं। उनकी यह नियुक्ति रोटेशन के आधार पर रिटायर होने के नियम के अधीन होगी।
सुनील गुप्ता को भी पूर्ण कालिक निदेशक के तौर पर अगले पांच साल के लिए फिर नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल 1 अक्टूबर 2026 से 30 सितंबर 2031 तक रहेगा। 64 वर्षीय सुनील गुप्ता ने कॉमर्स में स्नातक और मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्हें प्रिंट मीडिया उद्योग में 40 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह प्रमोटर ग्रुप के सदस्य हैं और 1993 से कंपनी के निदेशक हैं। कंपनी ने बताया कि उनका किसी अन्य निदेशक के साथ कोई संबंध नहीं है। उनकी नियुक्ति भी रोटेशन के आधार पर रिटायर होने के नियम के अधीन होगी।
संजय गुप्ता को भी पांच साल के लिए पूर्ण कालिक निदेशक के तौर पर दोबारा नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल 1 अक्टूबर 2026 से 30 सितंबर 2031 तक रहेगा। 63 वर्षीय संजय गुप्ता ने साइंस में स्नातक की डिग्री ली है और उन्हें प्रिंट मीडिया उद्योग में 40 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह कंपनी के प्रमोटर हैं और 1993 से कंपनी के निदेशक हैं। वह संदीप गुप्ता के भाई हैं। उनकी नियुक्ति रोटेशन के आधार पर रिटायर होने के नियम के अधीन नहीं होगी।
शैलेश गुप्ता को भी पूर्ण कालिक निदेशक के तौर पर अगले पांच साल के लिए दोबारा नियुक्त करने की मंजूरी दी गई है। उनका कार्यकाल 1 अक्टूबर 2026 से 30 सितंबर 2031 तक रहेगा। 57 वर्षीय शैलेश गुप्ता ने कॉमर्स में स्नातक की डिग्री ली है। उन्हें प्रिंट मीडिया उद्योग में 35 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह Promoter Group के सदस्य हैं और 1994 से कंपनी के निदेशक हैं। वह महेंद्र मोहन गुप्ता के बेटे हैं। उनकी नियुक्ति भी रोटेशन के आधार पर रिटायर होने के नियम के अधीन नहीं होगी।
कंपनी ने यह भी बताया कि इन चारों निदेशकों को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) या किसी अन्य प्राधिकरण के किसी आदेश के तहत निदेशक पद संभालने से प्रतिबंधित नहीं किया गया है।
महेंद्र मोहन गुप्ता गैर-कार्यकारी निदेशक (Non-Executive Director) के तौर पर बने रहेंगे
AGM में सदस्यों ने महेंद्र मोहन गुप्ता को कंपनी के गैर-कार्यकारी निदेशक के तौर पर आगे भी बनाए रखने की मंजूरी दी है। उनका नया कार्यकाल 1 अक्टूबर 2026 से 30 सितंबर 2031 तक पांच साल का होगा। वह रोटेशन के आधार पर रिटायर नहीं होंगे।
महेंद्र मोहन गुप्ता को 1 अक्टूबर 2021 से दो साल के लिए कंपनी का चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) नियुक्त किया गया था। उनका यह कार्यकाल 30 सितंबर 2023 को पूरा हुआ। इसके बाद 1 अक्टूबर 2023 से उन्हें कंपनी का गैर-कार्यकारी अध्यक्ष (Non-Executive Chairman) बनाया गया। अब उनका गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर कार्यकाल 30 सितंबर 2026 को समाप्त होगा। इसके बाद 1 अक्टूबर 2026 से वह गैर-कार्यकारी निदेशक के तौर पर कंपनी में बने रहेंगे।म
महेंद्र मोहन गुप्ता 85 साल के हैं और उन्होंने कॉमर्स में स्नातक की डिग्री ली है। कंपनी के अनुसार, उन्हें प्रिंट मीडिया उद्योग में 65 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह कंपनी के प्रमोटर हैं और कंपनी की शुरुआत से ही इसके साथ निदेशक के तौर पर जुड़े हुए हैं। वह शैलेश गुप्ता के पिता और धीरेंद्र मोहन गुप्ता, देवेंद्र मोहन गुप्ता और शैलेंद्र मोहन गुप्ता के भाई हैं।
कंपनी ने बताया कि महेंद्र मोहन गुप्ता को भी SEBI या किसी अन्य प्राधिकरण के किसी आदेश के तहत निदेशक पद संभालने से प्रतिबंधित नहीं किया गया है।
है। यह विज्ञापन 12 सितंबर को अखबार के दिल्ली, मोहाली और उत्तर भारत के संस्करणों में प्रकाशित हुआ था। विवाद के बाद 13 सितंबर को द हिंदू ने अपने फ्रंट पेज पर ‘Apology’ शीर्षक से माफी प्रकाशित की।
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Samachar4media Bureau
देश के प्रमुख अंग्रेजी अखबार द हिंदू (The Hindu) ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह से जुड़े एक विज्ञापन के प्रकाशन पर अपने पाठकों से बिना शर्त माफी मांगी है। यह विज्ञापन 12 सितंबर को अखबार के दिल्ली, मोहाली और उत्तर भारत के संस्करणों में प्रकाशित हुआ था। विवाद के बाद 13 सितंबर को द हिंदू ने अपने फ्रंट पेज पर ‘Apology’ शीर्षक से माफी प्रकाशित की।
अखबार ने अपने माफीनामे में इस विज्ञापन को “offensive front-page advertisement” और “deeply offensive advertisement” बताया। द हिंदू ने कहा कि उसे इस विज्ञापन के प्रकाशन पर गहरा खेद है। अखबार के निदेशक एन. राम (N. Ram) की ओर से भी इस मामले को लेकर जानकारी साझा की गई है।
Apology -- This is a screenshot of the front page of today’s Delhi edition of The Hindu. The apology that appears on this page has been published on the front page of all the editions of The Hindu. pic.twitter.com/manZfhQkER
— N. Ram (@nramind) September 13, 2026
यह था पूरा मामला: दरअसल, 12 सितंबर के द हिंदू के दिल्ली, मोहाली और उत्तर भारत के संस्करणों के फ्रंट पेज पर डेरा सच्चा सौदा की ओर से एक पूरे पेज का विज्ञापन प्रकाशित हुआ था। इसका शीर्षक था “What is Dera Sacha Sauda? (Facts vs Fiction)”। विज्ञापन में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ लगे आरोपों और मामलों को लेकर डेरा की ओर से अपना पक्ष रखा गया था। विज्ञापन में उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर साजिश का दावा भी किया गया था। विज्ञापन में डेरा सच्चा सौदा की ओर से सामाजिक कार्यों को लेकर कई आंकड़े भी दिए गए थे। इनमें नशे से लोगों को बाहर निकालने, पेड़ लगाने, रक्तदान और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से जुड़े दावे शामिल थे।
राम रहीम को लेकर क्या है मामला?: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को वर्ष 2017 में सीबीआई की विशेष अदालत ने दो महिला अनुयायियों से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया था। अदालत ने उन्हें 20 साल की सजा सुनाई थी। विज्ञापन प्रकाशित होने के समय वह 21 दिन की फरलो पर जेल से बाहर थे। इसी पृष्ठभूमि में द हिंदू के फ्रंट पेज पर इस विज्ञापन के प्रकाशन को लेकर पत्रकारों और सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने सवाल उठाए। इसके बाद द हिंदू ने अपने पाठकों से इस विज्ञापन को प्रकाशित करने के लिए बिना शर्त माफी मांगी।
द हिंदू ने क्या कहा?: 13 सितंबर को फ्रंट पेज पर प्रकाशित अपने माफीनामे में अखबार ने कहा कि उसे दिल्ली, मोहाली और उत्तर भारत के संस्करणों में “डेरा सच्चा सौदा क्या है? (तथ्य बनाम कल्पना)” शीर्षक से प्रकाशित आपत्तिजनक फ्रंट-पेज विज्ञापन के प्रकाशन पर गहरा खेद है। अखबार ने विज्ञापन में किए गए उन दावों का भी उल्लेख किया, जिनमें डेरा सच्चा सौदा प्रमुख और दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए गए गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ “ड्रग माफिया और डेरा के विरोधी ताकतों” की ओर से साजिश का दावा किया गया था।