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DB कॉर्प की इंवेस्टर्स मीट: गिरीश अग्रवाल ने की यूपी व राजस्थान सरकार के इस कदम की सराहना
इस इंवेस्टर्स मीट में कंपनी के प्रमोटर डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल और डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर पवन अग्रवाल ने कंपनी के बिजनेस, विज्ञापन बाजार, डिजिटल रणनीति और आगे की योजनाओं पर खुलकर बात की।
Vikas Saxena 1 month ago
डीबी कॉर्प लिमिटेड ने 16 जनवरी 2026 को निवेशकों और एनालिस्ट्स के साथ अपनी तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजों को लेकर कॉन्फ्रेंस कॉल की। इस इंवेस्टर्स मीट में कंपनी के प्रमोटर डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल और डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर पवन अग्रवाल ने कंपनी के बिजनेस, विज्ञापन बाजार, डिजिटल रणनीति और आगे की योजनाओं पर खुलकर बात की।
इंवेस्टर्स मीट की शुरुआत पवन अग्रवाल ने वित्तीय आंकड़ों के साथ की। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 को खत्म हुए नौ महीनों में कंपनी की कुल कंसॉलिडेटेड आय 18,512 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग स्थिर है। विज्ञापन से होने वाली कुल कमाई 12,851 करोड़ रुपये रही। उन्होंने साफ किया कि अगर पिछले साल के चुनावी विज्ञापनों को हटाकर देखा जाए, तो विज्ञापन आय में करीब 6 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है।
पवन अग्रवाल ने बताया कि तीसरी तिमाही के नतीजों पर पिछले साल के त्योहारों और विधानसभा चुनावों का हाई बेस असर दिखा। इस साल त्योहारों का बड़ा हिस्सा दूसरी तिमाही में चला गया, जबकि चुनावी विज्ञापन नहीं थे। इसी वजह से Q3 में विज्ञापन से आय 4,395 करोड़ रुपये रही, जो सालाना आधार पर करीब 7.8 फीसदी कम है। इसके बावजूद लागत नियंत्रण की वजह से EBITDA 1,592 करोड़ रुपये रहा और EBITDA मार्जिन 25 फीसदी पर बना रहा। कंपनी का मुनाफा (PAT) 955 करोड़ रुपये रहा।
डिजिटल बिजनेस पर बात करते हुए पवन अग्रवाल ने कहा कि नवंबर 2025 तक डीबी कॉर्प के न्यूज ऐप्स के करीब 2.1 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर्स हैं और दैनिक भास्कर हिंदी और गुजराती में नंबर-1 न्यूज ऐप बना हुआ है। रेडियो बिजनेस की बात करें तो इस तिमाही में रेडियो से विज्ञापन आय 410 करोड़ रुपये और EBITDA 127 करोड़ रुपये रहा।
इसके बाद गिरीश अग्रवाल ने कंपनी के कारोबार को लेकर अपना नजरिया रखा। उन्होंने कहा कि नौ महीने के आधार पर प्रिंट मीडिया में विज्ञापन ग्रोथ हाई सिंगल डिजिट में बनी हुई है, लेकिन पिछले साल चुनाव और त्योहारों की वजह से इस साल की तीसरी तिमाही की तुलना थोड़ी कमजोर दिखती है। उन्होंने बताया कि सरकारी विज्ञापनों में नौ महीनों में करीब 24 फीसदी की गिरावट आई है, क्योंकि पिछले साल इसका बेस काफी ऊंचा था।
गिरीश अग्रवाल ने कहा कि तिमाही के दौरान विज्ञापन बाजार में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला, जिससे यह साफ होता है कि विज्ञापनदाताओं का भरोसा लौट रहा है। उन्होंने बताया कि शिक्षा, ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट, ज्वेलरी, हेल्थकेयर और बैंकिंग जैसे सेक्टर्स से विज्ञापन बढ़े हैं। खासतौर पर बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में आईपीओ की वजह से करीब 30 फीसदी तक ग्रोथ देखने को मिली है।
सर्कुलेशन पर बात करते हुए गिरीश अग्रवाल ने कहा कि कंपनी का फोकस अखबार की कीमत बढ़ाने के बजाय पाठकों की संख्या बनाए रखने और बढ़ाने पर है। दिसंबर तिमाही के अंत तक दैनिक भास्कर की सर्कुलेशन करीब 40 लाख कॉपियों पर बनी हुई है और नौ महीनों में सर्कुलेशन में कोई गिरावट नहीं आई है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
डिजिटल को लेकर गिरीश अग्रवाल ने साफ कहा कि फिलहाल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फोकस पाठक बढ़ाने पर है, कमाई में अभी समय लगेगा। उन्होंने माना कि डिजिटल बिजनेस में अभी खर्च हो रहा है, लेकिन आने वाले वर्षों में इसे EBITDA पॉजिटिव बनाने का लक्ष्य है। अगले 3-4 साल में डिजिटल का रेवेन्यू शेयर मिड-टीन्स तक पहुंच सकता है।
रेडियो बिजनेस पर बोलते हुए पवन अग्रवाल ने बताया कि कंपनी ने 14 नए रेडियो स्टेशन हासिल किए हैं, जिनमें से 7 स्टेशन मार्च-अप्रैल 2026 तक और बाकी 7 अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही तक शुरू हो जाएंगे। हालांकि गिरीश अग्रवाल ने यह भी कहा कि रेडियो सेक्टर को आगे बढ़ने के लिए कंटेंट में बदलाव और न्यूज जैसे फॉर्मेट की इजाजत मिलनी चाहिए।
गिरीश अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश और राजस्थान सरकार के उस फैसले का भी स्वागत किया, जिसमें स्कूलों में अखबार पढ़ना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कदम दोनों राज्य सरकार की तरफ से बहुत उत्साहवर्धक है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान ने इसे अपनाया है और बाकी राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात भी अगले कुछ हफ्तों या महीनों में इसे अपनाने की संभावना है।
उन्होंने आगे कहा कि यह कदम सिर्फ उनके या अन्य प्रकाशनों के लिए अखबार की सर्कुलेशन बढ़ाने में मदद नहीं करेगा, बल्कि स्कूल जाने वाले बच्चों में अखबार पढ़ने की आदत और ज्ञान बढ़ाने की नींव भी रखेगा।
कॉन्फ्रेंस कॉल के अंत में मैनेजमेंट ने भरोसा जताया कि मजबूत लागत नियंत्रण, स्थिर न्यूजप्रिंट कीमतों और ऑपरेशनल अनुशासन के दम पर कंपनी आने वाले समय में भी मुनाफे और ग्रोथ दोनों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाती रहेगी।
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