‘मैं फिर इंसान होना चाहता हूं’

इस कविता के माध्यम से कवि ने अपनी इच्छाओं के बारे में बताया है कि आखिर वे जिंदगी से क्या चाहते हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 30 September, 2019
Last Modified:
Monday, 30 September, 2019
Dr Vinod Purohit


डॉ.विनोद पुरोहित, संपादक अमर उजाला, आगरा संस्करण।। ये बंदिशें, ये वर्जनाएं और बड़प्पन बेपनाह। बहुत हुआ अब खत्म कर देना चाहता हूं। वो बेपरवाह वक्...
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