होम / मीडिया फोरम / वरिष्ठ पत्रकार बल्देव भाई शर्मा की इन दो किताबों ने मार्केट में दी दस्तक...
वरिष्ठ पत्रकार बल्देव भाई शर्मा की इन दो किताबों ने मार्केट में दी दस्तक...
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार बल्देव भाई शर्मा की दो किताबों का लोकार्पण नई दिल्ली के के कांस्टीट्यूशन क्लब के स्पीकर हॉल में बुधवार को किया गया। इन किताबों का नाम है- ‘मेरे समय का भारत’ और ‘आध्यात्मिक चेतना और सुगंधित
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार बल्देव भाई शर्मा की दो किताबों का लोकार्पण नई दिल्ली के के कांस्टीट्यूशन क्लब के स्पीकर हॉल में बुधवार को किया गया। इन किताबों का नाम है- ‘मेरे समय का भारत’ और ‘आध्यात्मिक चेतना और सुगंधित जीवन’।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने पुस्तक का लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा, केंद्रीय हिंदी संस्थान (आगरा) के उपाध्यक्ष डॉ. कमल किशोर गोयनका, संत विजय कौशल महाराज, नील-नारायण प्रकाशन के राकेश कुमार झा, अनुज्ञा बुक्स के सुधीर वत्स सहित कई गणमान्य लोग भी मौजूद थे।
कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली के आर्यावर्त साहित्य-संस्कृति न्यास ने किया था।
किताब ‘मेरे समय में भारत’ में पांचजन्य में प्रकाशित लेखों को संकलित किया गया है, वहीं प्रभात खबर में प्रकशित होने वाले लेखों का संकलन ‘आध्यात्मिक चेतना और सुगंधित जीवन’ में है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने कहा कि मैं अरब सागर के तट से यमुना तट पर बल्देव भाई जैसे भाई को आशीर्वाद देने आई हूं। बल्देव भाई की पुस्तक ‘मेरे समय का भारत’ सिर्फ आपके समय का भारत नहीं है, बल्कि हमारे समय का भारत है। अधिकतर लेख मेरे पढ़े हुए हैं और मैं पढ़कर बल्देव जी से संवाद भी करती रही हूं। लोक संस्कृति के माध्यम से भारतीय संस्कृति को जाना जाता हे। इन पुस्तकों के माध्यम से बल्देव भाई ने युवाओं को जागृत किया है।
वहीं कार्यक्रम के दौरान, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि बल्देव भाई के लेखों का विमोचन तो पहले ही हो चुका है लेकिन पुस्तक का विमोचन आज हुआ है। पत्रकारीय लेखों को साहित्य बनने में समय लगता है, क्योंकि अखबारी लेख उसी दिन खत्म हो जाता है और लोग भूल जाते हैं। इन किताबों में भारत का समकालीन इतिहास लिखा गया है, जिसमें राष्ट्र सर्वोपरि है। इसीलिए यह लेखन शाश्वत हो गया है। उन्होंने कहा कि अपने लेखों के माध्यम से बल्देव भाई ने समकालीन भारत और जीवन के हर आयाम को छुआ है। इससे समाज और राष्ट्र को दिशा मिलेगी।
वहीं, बल्देव भाई शर्मा ने कहा कि हम ज्ञानी हो सकते हैं लेकिन मन का संस्कार ठीक नहीं हो तो हम राक्षस बन जाते हैं। संघ की दृष्टि ने मुझे संस्कार दिया। मेरी जिन्दगी बदलती गई और मेरे लेखों का संग्रह मेरी पत्नी ने किया। शहर बदलते रहे, सामान छूटते रहे लेकिन पत्नी ने हमारे लिखे लेखों को छूटने नहीं दिया। मुझे संघ ने मनुष्यता और राष्ट्रीयता का पाठ पढ़ाया।
इससे पहले कार्यक्रम के आरम्भ में दोनों पुस्तकों की विवेचना करते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक डॉ. राजीव रंजन गिरि ने कहा कि ‘आध्यात्मिक चेतना और सुगंधित जीवन’ में अलग-अलग समय में आध्यात्मिक कॉलम में प्रकाशित 42 लेखों का संग्रह है।
संचालन माखनलाल चतुर्वदी राष्ट्रीय पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय के असोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरुण कुमार भगत ने किया। उन्होंने मंचासीन प्रबुद्धों का परिचय कराया। इस मौके पर नील-नारायण प्रकाशन के राकेश कुमार झा, अनुज्ञा बुक्स के सुधीर वत्स सहित अनेक गणमान्य लोग भी मौजूद थे।
समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।
टैग्स