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PFI का हुआ विस्तार, संघर्षशील पत्रकारों के जुड़ने का सिलसिला जारी...
PFI का हुआ विस्तार, संघर्षशील पत्रकारों के जुड़ने का सिलसिला जारी...
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
संघर्षशील पत्रकारों के कल्याण के लिए काम करने वाली प्रे
समाचार4मीडिया ब्यूरो
9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
संघर्षशील पत्रकारों के कल्याण के लिए काम करने वाली प्रेस फाउंडेशन ऑफ इंडिया से लगातार पत्रकारों का जुड़ना जारी है। ‘इंडिया टीवी’ के भोपाल ब्यूरो के हेड पुष्पेंद्र वैद्य को पीएफआई की मध्य प्रदेश इकाई का अध्यक्ष बनाया गया है। वह इस पद पर एक साल तक अपनी सेंवाएं देंगे।
पुष्पेंद्र वैद्य इससे पहले ‘आजतक’ में कार्यरत थे। वे अपनी धारदार रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। 18 साल से पत्रकारिता से जुड़े पुष्पेंद्र वैद्य की मध्यप्रदेश की पत्रकारिता में अच्छी साख है।
वहीं छत्तीसगढ़ में जी ब्यूरो के प्रभारी देवेश तिवारी पीएफाई की राज्य इकाई के अध्यक्ष मनोनीत किए गए हैं। जल, जंगल और जमीन के मुद्दों को समाजसेवा और पत्रकारिता का आधार बनाने वाले तिवारी इससे पहले भास्कर, पत्रिका और साधना में काम कर चुके हैं। देवेश तिवारी की पहचान बंधुआ मजदूरी के खिलाफ संघर्ष करने वाले एक सामाजिक कार्यकर्ता की भी रही है। बीबीसी इन पर एक डॉक्यूमेंट्री भी बना चुकी है।
इससे पहले उत्तर प्रदेश के समाचार प्लस के ब्यूरो चीफ आलोक पांडेय को संगठन की राज्य इकाई का अध्यक्ष बनाया गया है। मूल रूप से यूपी के सुल्तानपुर के रहने वाले आलोक पांडेय ने 2007 से ईटीवी से अपना करियर शुरू किया और उमेश कुमार से मुलाकात के बाद समाचार प्लस का हिस्सा बनें। बेधड़क-बेखौफ पत्रकारिता में उमेश कुमार का अनुसरण करने वाले आलोक पांडेय समाचार प्लस के स्तंभों में शुमार किए जाते हैं।
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(मुंबई के अंधेरी में प्रेस फाउंडेशन ऑफ इंडिया की महाराष्ट्र की इकाई के दफ्तर में संयोजक अमर आनंद, राज्य इकाई के अध्यक्ष अभिषेक पांडेय और सचिव पृथ्वीराज मस्के)[/caption]
इसके अलावा आईबीएन-7 के मुंबई में ब्यूरो में कार्यरत अभिषेक पांडेय हैं, जो मुंबई की क्राइम रिपोर्टिंग में ठीक-ठाक दखल रखते हैं। इससे पहले लाइव इंडिया में बतौर प्रिंसिपल कॉरेसपोंडेट कार्यरत अभिषेक ने मुंबई में आतंकी हमले, मुंबई-पुणे बम धमाके और गुजरात विधान सभा और लोकसभा चुनाव में अलग-अलग रिपोर्टिंग की है। मूल रूप ये यूपी के रहने वाले अभिषेक पांडेय का मुंबई की पत्रकारिता में इनकी ठीकठाक दखल रहा है।
साथ ही अमिताभ ओझा को बिहार में पीएफआई की कमान सौंपी गई है। अमिताभ 'आज' में क्राइम रिपोर्टर से अपना कैरियर शुरू किया। 2001 में दैनिक हिंदुस्तान से जुड़ने के बाद पहली बार सबसे कम उम्र में कॉलम लिखने का मौका मिला।चर्चित सिविल कोर्ट प्रश्न पत्र लीक मामले को उजागर किया जिसमें जाँच के दायरे में
पटना हाई कोर्ट के जज भी आ गए। बिहार में ड्रग्स रैकेट का बड़ा खुलासा किया। 2004 में बीएजी फिल्म्स से जुड़ने के बाद कन्या भ्रूण हत्या पर टीवी का पहला स्टिंग 'ऑपरेशन कंस' किया। पटना के कई प्रमुख महिला चिकित्सकोंके खिलाफ कार्रवाई हुई। पत्रकारिता के छेत्र मे कई अवार्ड मिले जिसमे बिहार का प्रतिष्ठित सुरेंद्र प्रताप सिंह पत्रकारिता पुरस्कार 2008 में मिला। 2007 में जब न्यूज़ 24 शुरू हुआ तब से बिहार झारखण्ड ब्यूरो चीफ के तौर पर है। इस दौरान पश्चिम बंगाल का बड़ा बाजार अग्निकांड, नेपाल में 2014 में आये विनाशकारी की कवरेज सहित कई खोजपरक रिपोर्ट आई। अपराध और खोजी पत्रकारिता में रुचि रखते हैं। उनके पिता स्व. सर्वदेव ओझा भी देश के जाने माने पत्रकार थे।पटना से प्रकाशित दी सर्च लाइट में बतौर संपादक रहते 1981 में एक दुर्घटना में निधन हो गया था।
गुजरात इकाई के लिए सरस्वती चंद्र आचार्य बतौर अध्यक्ष जोड़ा गया है। बीएजी समेत कई हिंदी और गुजराती चैनलों में राज्य ब्यूरो के चीफ रहे सरस्वती चंद्र आचार्य दीर्घा मीडिया के नाम से अपने प्रॉडक्शन हाउस का संचालन करते हैं और खबरों के अलावा लघु फिल्में और डॉक्युमेंट्री तैयार करते हैं। आचार्य के कामकाज अहमदाबाद के अलावा मुंबई और अमेरिका में भी है। सरस्वती चंद्र आचार्य की कंपनी दीर्घा मीडिया हेलो गुजरात किताब की ऑथर भी है।
इसके साथ ही पश्चिम बंगाल इकाई से लाइव इंडिया की ब्यूरो चीफ प्रियंका दत्ता को बतौर अध्यक्ष जोड़ा गया है। प्रियंका इससे पहले यूएनआई टीवी मौर्या टीवी और कशिश टीवी के राज्य ब्यूरो का काम देखती रही हैं। प्रियंका राज्य के दो विधानसभा चुनाव और सिंगूर आंदोलन और कोलकाता एमआरआई हादसा ( इस हादसे में कवर कर चुकी हैं। प्रियंका एक सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं उनकी रिपोर्टिंग पर भी इसका असर दिखता है। सामाजिक मुद्दों का साथ देने के लिए और परेशान लोगों को मदद पहुचाने की मुहिम प्रियंका ने खबरों के जरिए भी चलाई है।
समाचार प्लस के एडिटर इन चीफ और 10 साल पुरानी संस्था प्रेस फाउंडेशन ऑफ इंडिया के संस्थापक अध्यक्ष उमेश कुमार के मुताबिक, बाकी राज्यों में भी जल्द ही अध्यक्षों का मनोनयन किया जाएगा। मनोनीत अध्यक्ष अपने-अपने राज्य में 11 लोगों की कमेटी बनाएंगे और मुख्यालय को इसकी लिस्ट सौंपेंगे।
फाउंडेशन के संयोजक अमर आनंद के मुताबिक संस्था में ऐसे पत्रकारों का स्वागत है जो संघर्षशील पत्रकारों उनके परिवार वालों के जीवन में आने वाली चुनौतियों के लिए काम करना चाहते हैं। फाउंडेशन से जुड़ने की इच्छा रखने वाले पत्रकार फेसबुक https://www.facebook.com/press.foundation.of.india/ से सदस्यता पत्र डाउनलोज कर हमें भरकर अपनी आईडी के साथ भेज सकते हैं या मेल आईडी pressfoundationofindia@gmail.com और फोन नंबर 01204646324 पर संपर्क कर सकते हैं।
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