यह सप्ताह मीडिया से जुड़े लोगों के लिए करियर, अवसर, प्रतिष्ठा और नए बदलावों के लिहाज से क्या खास संकेत लेकर आया है? क्या आपको नई जिम्मेदारी मिलेगी या किसी बड़ी उपलब्धि का अवसर मिलेगा?
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Anand Parashar
16 फरवरी से 22 फरवरी का यह सप्ताह मीडिया से जुड़े लोगों के लिए करियर, अवसर, प्रतिष्ठा और नए बदलावों के लिहाज से क्या खास संकेत लेकर आया है? क्या आपको नई जिम्मेदारी मिलेगी या किसी बड़ी उपलब्धि का अवसर मिलेगा? साथ ही जानें, किन राशियों को सतर्क रहकर आगे बढ़ने की जरूरत है। पढ़िए 12 राशियों का साप्ताहिक राशिफल।
मेष राशि -
मेष राशि के पत्रकारों और संपादकों के लिए यह सप्ताह तेज़ रफ्तार और लगातार गतिविधियों से भरा रहेगा। किसी अहम खबर या एक्सक्लूसिव इनपुट पर काम करने का मौका मिल सकता है, जिससे आपकी पहचान मजबूत होगी। हालांकि, समय की कमी के कारण जल्दबाज़ी में कोई तथ्य छूटने की आशंका भी रहेगी। मानसिक रूप से आप काफी सक्रिय रहेंगे, लेकिन टीम के साथ तालमेल बनाए रखना जरूरी होगा। प्रतिष्ठा के लिहाज से सप्ताह अनुकूल रहेगा, बशर्ते आप सार्वजनिक मंचों पर संतुलित भाषा का प्रयोग करें।
वृषभ राशि -
वृषभ राशि के मीडिया प्रोफेशनल्स के लिए यह सप्ताह धैर्य और गहराई से काम करने का रहेगा। किसी रिसर्च बेस्ड स्टोरी या विशेष रिपोर्ट में सफलता मिल सकती है। वरिष्ठों का भरोसा बढ़ेगा, लेकिन निर्णय लेने में अधिक सोच-विचार देरी पैदा कर सकता है। मानसिक रूप से आप स्थिर रहेंगे, हालांकि टीम से जुड़ी छोटी असहमति काम की गति को प्रभावित कर सकती है। प्रतिष्ठा के मामले में आपकी विश्वसनीयता बनी रहेगी, यदि आप तथ्य और संतुलन को प्राथमिकता दें।
मिथुन राशि -
मिथुन राशि के पत्रकारों और संपादकों के लिए यह सप्ताह नेटवर्किंग और नए संपर्कों के लिहाज से अहम रहेगा। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात या बातचीत आपके लिए नई संभावनाएँ खोल सकती है। एक साथ कई स्टोरी पर काम करने से व्यस्तता बढ़ेगी, जिससे फोकस बंटने का खतरा भी रहेगा। मानसिक रूप से आप काफी तेज और क्रिएटिव रहेंगे, लेकिन अधूरी जानकारी पर भरोसा करना नुकसानदेह हो सकता है। प्रतिष्ठा के मामले में आपकी बातों और विश्लेषण को गंभीरता से लिया जाएगा, यदि आप संतुलन बनाए रखें।
कर्क राशि -
कर्क राशि के मीडिया प्रोफेशनल्स के लिए यह सप्ताह संवेदनशील विषयों और मानवीय कहानियों से जुड़ा रह सकता है। किसी सामाजिक या जनहित से जुड़े मुद्दे पर आपकी रिपोर्टिंग सराहना दिला सकती है। हालांकि, भावनाओं में बहकर निष्पक्षता से समझौता करने से बचना जरूरी होगा। कार्यस्थल पर वरिष्ठों से मार्गदर्शन मिलेगा, लेकिन आत्मनिर्भर निर्णय भी लेना पड़ेगा। प्रतिष्ठा के लिहाज से आपकी ईमानदारी और गंभीरता आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
सिंह राशि -
सिंह राशि के पत्रकारों और संपादकों के लिए यह सप्ताह नेतृत्व और प्रभाव दिखाने का अवसर लेकर आएगा। किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट या विशेष कवरेज की जिम्मेदारी आपको सौंपी जा सकती है, जिससे आपकी प्रोफेशनल पहचान मजबूत होगी। हालांकि, अपनी बात मनवाने के चक्कर में दूसरों की राय को नजरअंदाज करना नुकसानदेह हो सकता है। मानसिक रूप से आप आत्मविश्वास से भरे रहेंगे, लेकिन आलोचना को सकारात्मक रूप में लेना जरूरी होगा। प्रतिष्ठा के लिहाज से आपकी सक्रियता और प्रस्तुति शैली लोगों का ध्यान आकर्षित करेगी।
कन्या राशि -
कन्या राशि के मीडिया प्रोफेशनल्स के लिए यह सप्ताह बारीकियों और तथ्यात्मक मजबूती पर केंद्रित रहेगा। किसी जटिल विषय पर आपकी गहन रिपोर्टिंग सराहना पा सकती है। काम में पूर्णता की चाह आपको आगे बढ़ाएगी, लेकिन जरूरत से ज्यादा परफेक्शन समय की बर्बादी बन सकता है। मानसिक रूप से आप व्यवस्थित रहेंगे और काम की योजना बेहतर ढंग से बना पाएंगे। प्रतिष्ठा के मामले में आपकी सटीकता और विश्वसनीयता आपकी पहचान को और मजबूत करेगी।
तुला राशि -
तुला राशि के पत्रकारों और संपादकों के लिए यह सप्ताह संतुलन और समझदारी से फैसले लेने का रहेगा। किसी विवादित या संवेदनशील विषय पर रिपोर्टिंग का मौका मिल सकता है, जहाँ आपकी निष्पक्षता की परीक्षा होगी। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ सहयोग अच्छा रहेगा, लेकिन सबको खुश रखने की कोशिश में अपनी स्पष्ट राय दबाने से बचें। मानसिक रूप से आप चीजों को अलग-अलग नजरिए से देखने में सक्षम रहेंगे। प्रतिष्ठा के मामले में आपकी निष्पक्ष सोच और प्रस्तुति शैली आपको भरोसेमंद बनाएगी।
वृश्चिक राशि -
वृश्चिक राशि के मीडिया प्रोफेशनल्स के लिए यह सप्ताह खोजी पत्रकारिता और गहन पड़ताल से जुड़ा रहेगा। किसी छुपे हुए मुद्दे या महत्वपूर्ण जानकारी तक पहुँच बनाने में आप सफल हो सकते हैं। हालांकि, जरूरत से ज्यादा गोपनीयता या संदेह टीमवर्क को प्रभावित कर सकता है। मानसिक रूप से आप बेहद केंद्रित रहेंगे, लेकिन आलोचना को व्यक्तिगत रूप में लेने से बचना जरूरी होगा। प्रतिष्ठा के लिहाज से आपकी साहसी और ईमानदार रिपोर्टिंग आपकी पहचान को और मजबूत करेगी।
धनु राशि -
धनु राशि के पत्रकारों और संपादकों के लिए यह सप्ताह नए प्रयोग और अलग सोच के साथ आगे बढ़ने का रहेगा। किसी नई बीट, डिजिटल प्रोजेक्ट या विशेष सीरीज़ पर काम करने का अवसर मिल सकता है, जिससे आपका प्रोफेशनल दायरा बढ़ेगा। हालांकि, उत्साह में आकर अधूरी तैयारी के साथ काम शुरू करना मुश्किलें पैदा कर सकता है। मानसिक रूप से आप खुले विचारों वाले रहेंगे, लेकिन वरिष्ठों की गाइडलाइन को नजरअंदाज करना नुकसानदेह हो सकता है। प्रतिष्ठा के लिहाज से आपकी मौलिक सोच और प्रस्तुति शैली सराहना दिलाएगी।
मकर राशि -
मकर राशि के मीडिया प्रोफेशनल्स के लिए यह सप्ताह जिम्मेदारी और अनुशासन पर केंद्रित रहेगा। किसी महत्वपूर्ण डेडलाइन या बड़े प्रोजेक्ट की कमान आपके हाथ में आ सकती है, जिससे आपकी विश्वसनीयता मजबूत होगी। हालांकि, काम में अत्यधिक सख्ती या जिद टीम के माहौल को प्रभावित कर सकती है। मानसिक रूप से आप लक्ष्य पर केंद्रित रहेंगे, लेकिन लचीलापन बनाए रखना भी जरूरी होगा। प्रतिष्ठा के मामले में आपकी मेहनत और निरंतरता आपको मजबूत स्थिति में बनाए रखेगी।
कुंभ राशि -
कुंभ राशि के पत्रकारों और संपादकों के लिए यह सप्ताह नई सोच और तकनीकी प्रयोगों से जुड़ा रहेगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म, डेटा जर्नलिज्म या मल्टीमीडिया प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिल सकता है, जिससे आपकी अलग पहचान बनेगी। हालांकि, नए प्रयोग करते समय मूल पत्रकारिता मूल्यों से समझौता करना नुकसानदेह हो सकता है। मानसिक रूप से आप रचनात्मक और स्वतंत्र सोच वाले रहेंगे, लेकिन टीम की राय को नजरअंदाज करना टकराव पैदा कर सकता है। प्रतिष्ठा के लिहाज से आपकी इनोवेटिव अप्रोच सराहना पाएगी।
मीन राशि -
मीन राशि के मीडिया प्रोफेशनल्स के लिए यह सप्ताह संवेदनशील विषयों और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जुड़ा रहेगा। फीचर स्टोरी, इंटरव्यू या मानवीय पहलुओं से जुड़ी रिपोर्टिंग में आप बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। हालांकि, भावनात्मक रूप से अधिक जुड़ाव निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है, इसलिए संतुलन जरूरी होगा। मानसिक रूप से आप कल्पनाशील और गहरे विचारों वाले रहेंगे, लेकिन व्यवहारिक सीमाओं को समझना भी आवश्यक होगा। प्रतिष्ठा के मामले में आपकी संवेदनशीलता और प्रस्तुति शैली पाठकों से जुड़ाव बढ़ाएगी।
उनके निधन की जानकारी पत्रकार आशीष तिवारी (Ashish Tiwari) ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया। पंकज शर्मा कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे।
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Samachar4media Bureau
अमर उजाला (Amar Ujala) के अमृतसर (Amritsar) ब्यूरो इंचार्ज और वरिष्ठ पत्रकार पंकज शर्मा (Pankaj Sharma) का बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी पत्रकार आशीष तिवारी (Ashish Tiwari) ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया। पंकज शर्मा कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे।
आशीष तिवारी (Ashish Tiwari) ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा कि उनका और पंकज शर्मा का लगभग दो दशक पुराना साथ था। दोनों की मुलाकात उस समय हुई थी, जब वह चंडीगढ़ (Chandigarh) स्थित अमर उजाला में जूनियर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत थे। बाद में जब उन्हें नई जिम्मेदारी के तहत अमृतसर भेजा गया, तो पंकज शर्मा इस बात से बेहद भावुक हुए थे कि संस्थान ने उनके बीच के ही एक सहयोगी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
उन्होंने पंकज शर्मा को बेहद सरल, सज्जन और जमीनी पत्रकार बताते हुए कहा कि पंजाब (Punjab) की पंथक राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ थी। वह उन चुनिंदा पत्रकारों में शामिल थे, जो राज्य की धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियों पर बेहद बारीकी से नजर रखते थे और उनकी विश्लेषण क्षमता भी उत्कृष्ट थी।
आशीष तिवारी ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि जब भी वह अमृतसर जाते थे, पंकज शर्मा से हमेशा उनकी जरूरतों और दफ्तर के कामकाज के बारे में पूछते थे। हर बार पंकज शर्मा मुस्कराते हुए यही कहते थे कि सब कुछ ठीक चल रहा है और उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने लिखा कि आज वही मुस्कराता हुआ चेहरा बार-बार उनकी आंखों के सामने आ रहा है।
अमर उजाला परिवार और मीडिया जगत के सहयोगियों ने पंकज शर्मा (Pankaj Sharma) के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
कार्यक्रम में शामिल बीडब्ल्यू बिजनेसवर्ल्ड के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा ने आज के दौर में तथ्यात्मक और सकारात्मक पत्रकारिता की आवश्यकता पर जोर दिया।
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Samachar4media Bureau
भुवनेश्वर स्थित ओडिशा के प्रमुख न्यूज चैनल ‘कलिंगा टीवी’ (Kalinga TV) ने बुधवार को अपना 12वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। निडर, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए पहचान रखने वाले चैनल ने इस अवसर पर भुवनेश्वर के स्वस्ति प्रीमियम होटल में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। समारोह के दौरान 'कलिंगा टीवी बूम' का नया लोगो भी लॉन्च किया गया।
इस अवसर पर मौजूद अतिथियों ने कलिंगा टीवी और इसके संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत की दूरदृष्टि और मीडिया के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि कलिंगा टीवी केवल समाचार प्रसारित करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों की आवाज सरकार और प्रशासन तक पहुंचाकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का भी प्रभावी ढंग से निर्वहन किया है। साथ ही सभी ने चैनल की भावी यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में ओडिशा के पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके अलावा बीडब्ल्यू बिजनेसवर्ल्ड के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा, आवास एवं शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री रबी नारायण नाइक, वरिष्ठ विधायक डॉ. अरुण कुमार साहू तथा टाइम्स ग्रुप के मैनेजिंग एडिटर शमशेर सिंह भी समारोह में मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने अपने संबोधन में डॉ. अच्युत सामंत और कलिंगा टीवी की सराहना करते हुए अपने सुझाव भी साझा किए।
कलिंगा टीवी के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत ने स्वागत भाषण देते हुए सभी अतिथियों का परिचय कराया। इस दौरान उमापद बोस (सलाहकार) और सौम्यजीत पटनायक (चीफ एडिटर) ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में कलिंगा टीवी परिवार के सभी सदस्य और शुभचिंतक उपस्थित रहे।
समारोह में कटक के मेयर सुभाष सिंह, पूर्व विधायक प्रभात बिस्वाल और केंद्रपाड़ा के विधायक गणेश्वर बेहरा भी मौजूद रहे। स्थापना दिवस के अवसर पर डॉ. अच्युत सामंत ने कर्मचारियों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने 352 कर्मचारियों के परिवारों के लिए 5 लाख रुपये के समूह बीमा, स्ट्रिंगर्स के पारिश्रमिक में बढ़ोतरी तथा हर वर्ष 10 प्रतिशत स्ट्रिंगर्स को स्थायी नियुक्ति देने की घोषणा की।
अपने संबोधन में पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल ने कलिंगा टीवी की मजबूत नींव, उसकी सोच और सामाजिक सरोकारों की सराहना की। उन्होंने डॉ. अच्युत सामंत को आध्यात्मिकता, मानवता और जगन्नाथ संस्कृति के प्रति समर्पित उदार व्यक्तित्व बताया।
इस मौके पर डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि सफलता के साथ विनम्रता बनी रहनी चाहिए, अहंकार नहीं आना चाहिए। उन्होंने आज के दौर में तथ्यात्मक और सकारात्मक पत्रकारिता की आवश्यकता पर जोर दिया।
वहीं शमशेर सिंह ने कहा कि किसी भी समाचार चैनल की असली ताकत उसके रिपोर्टर और फील्ड टीम होती है। उन्हीं की मेहनत से चैनल जनता का विश्वास जीतता है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल मीडिया के इस दौर में भी विश्वसनीय पत्रकारिता ही मीडिया की सबसे बड़ी ताकत है।
कार्यक्रम के अंत में सलाहकार उमापद बोस और चीफ एडिटर सौम्यजीत पटनायक ने सभी अतिथियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। समारोह के दौरान संस्थान के 12 उत्कृष्ट कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही कलिंगा टीवी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का भी सम्मान किया गया।
कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां आप यहां देख सकते हैं-








वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और प्रेस एन्क्लेव के संस्थापक सदस्यों में शामिल जनक राज सिंह का गुरुवार को निधन हो गया।
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वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और प्रेस एन्क्लेव के संस्थापक सदस्यों में शामिल जनक राज सिंह का गुरुवार को निधन हो गया। उनके निधन से पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है।
जनक राज सिंह देश के वरिष्ठ राजनीतिक पत्रकारों में गिने जाते थे। उन्होंने 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' के साथ तीन दशक से अधिक समय तक अपनी सेवाएं दीं। अपने लंबे पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय घटनाओं की रिपोर्टिंग की। वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की कवरेज भी उनके प्रमुख कार्यों में शामिल रही।
उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और संसद से जुड़ी कई महत्वपूर्ण खबरों का खुलासा किया। इसके अलावा वे भारत और विदेशों की आधिकारिक यात्राओं के दौरान कई प्रधानमंत्रियों के साथ भी गए और वहां से रिपोर्टिंग की।
पत्रकारिता के साथ-साथ जनक राज सिंह जाने-माने लेखक भी थे। उनकी चर्चित कृतियों में 'The Messiah of the Downtrodden', जो डॉ. भीमराव आंबेडकर की जीवनी है तथा उपन्यास 'Scavenger's Daughter' शामिल हैं।
पत्रकारिता जगत से जुड़े लोगों ने जनक राज सिंह के निधन पर उन्हें भारतीय राजनीतिक पत्रकारिता के एक युग का अंत बताते हुए श्रद्धांजलि दी है।
एनडीटीवी (NDTV) के CEO और एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल (Rahul Kanwal) को कार्डिफ यूनिवर्सिटी (Cardiff University) ने Honorary Fellowship से सम्मानित किया है।
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Samachar4media Bureau
एनडीटीवी (NDTV) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), एडिटर-इन-चीफ (Editor-in-Chief) और वरिष्ठ पत्रकार राहुल कंवल (Rahul Kanwal) को यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) की प्रतिष्ठित कार्डिफ यूनिवर्सिटी (Cardiff University) ने Honorary Fellowship से सम्मानित किया है। इस उपलब्धि की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा की।
राहुल कंवल (Rahul Kanwal) ने अपनी पोस्ट में इसे जीवन की ऐसी यात्रा बताया, जिसने एक बार फिर उन्हें वहीं पहुंचा दिया, जहां से उनके अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता सफर की एक महत्वपूर्ण शुरुआत हुई थी। उन्होंने लिखा कि वर्ष 2002 में वह चेवनिंग फेलोशिप फॉर इंटरनेशनल ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट्स (Chevening Fellowship for International Broadcast Journalists) के तहत कार्डिफ यूनिवर्सिटी पहुंचे थे। अब लगभग 24 वर्ष बाद वह अपने परिवार के साथ वर्ष 2026 के दीक्षांत समारोह (Graduation Ceremony) में लौटे, जहां उन्हें Honorary Fellowship प्रदान की गई।
उन्होंने कार्डिफ यूनिवर्सिटी (Cardiff University) का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सम्मान ने उन्हें विश्वविद्यालय के Honorary Fellows समुदाय का हिस्सा बनने का अवसर दिया। साथ ही उन्होंने चेवनिंग प्रोग्राम (Chevening Programme) और यूके के विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (Foreign, Commonwealth & Development Office-FCDO) का भी धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि वह भविष्य में भी कार्डिफ यूनिवर्सिटी समुदाय से जुड़े रहेंगे और जिज्ञासा, ईमानदारी तथा सार्वजनिक सेवा जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।
Some journeys have a way of coming full circle. This was one of those moments.
— Rahul Kanwal (@rahulkanwal) July 16, 2026
Deeply grateful to Cardiff University for awarding me an Honorary Fellowship.
I first came to Cardiff in 2002 as a participant in the Chevening Fellowship for International Broadcast Journalists.… pic.twitter.com/5HrXn7meMw
गौरतलब है कि ‘एस्सेल ग्रुप’ के चेयरमैन और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा के पिता नंद किशोर गोयनका का 13 जुलाई को 96 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था।
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Samachar4media Bureau
गो-सेवा, समाज सेवा और राष्ट्रवादी विचारधारा के लिए समर्पित नंद किशोर गोयनका बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। उनकी अंतिम यात्रा हिसार की श्री वैष्णव गौशाला से अग्रोहा धाम स्थित गोयनका उद्यान तक पूरे श्रद्धा और सम्मान के साथ निकाली गई। अंतिम यात्रा में उमड़ी हजारों लोगों ने यह साबित कर दिया कि नंद किशोर गोयनका केवल एक परिवार का नाम नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का प्रतीक थे।
बुधवार सुबह हिसार स्थित गोयनका हाउस में उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग पहुंचे। इसके बाद श्री वैष्णव गौशाला से विशेष रूप से सुसज्जित रथ पर उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। "राम नाम सत्य है" के जयघोष और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली यात्रा में वाहनों का कई किलोमीटर लंबा काफिला शामिल रहा। हिसार से अग्रोहा तक विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी।
अंतिम यात्रा में एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्र, जवाहर गोयनका, लक्ष्मी नारायण गोयनका, अशोक गोयनका सहित परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। इस दुख की घड़ी में देशभर से पहुंचे शुभचिंतक भी लगातार परिवार के साथ रहे।
अग्रोहा धाम स्थित गोयनका उद्यान में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इसी स्थान पर उनकी धर्मपत्नी का भी अंतिम संस्कार हुआ था। अंतिम संस्कार के दौरान वातावरण बेहद भावुक रहा और उपस्थित लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
इस अवसर पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा, पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, पूर्व मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, आदमपुर विधायक चंद्रप्रकाश तथा पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. डी.पी. वत्स सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इनके अलावा देशभर से उद्योगपति, फिल्म जगत से जुड़े प्रतिष्ठित लोग, संत-महात्मा, समाजसेवी, गौभक्त, शिक्षाविद, व्यापारी, ग्रामीण तथा विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अंतिम यात्रा में भाग लिया। हजारों लोगों की उपस्थिति ने नंद किशोर गोयनका के प्रति समाज के गहरे सम्मान और उनके व्यापक सामाजिक योगदान को दर्शाया।

श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि नंद किशोर गोयनका भले ही आज शरीर से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार हमेशा जीवित रहेंगे। उन्होंने कहा कि गोयनका जी ने अपने परिवार, सामाजिक कार्यों और विशेष रूप से अग्रोहा धाम के माध्यम से जो विरासत खड़ी की है, वह आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।
मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि 96 वर्ष का उनका जीवन सेवा, संतोष और पूर्णता का जीवन था। इसलिए यह केवल शोक का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का समय है। उन्होंने अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए बताया कि वर्ष 1992 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक रहते हुए उन्हें अग्रोहा धाम में लगभग दो माह तक नंद किशोर गोयनका के साथ कार्य करने का अवसर मिला था।
उन्होंने कहा कि डॉ. सुभाष चंद्र, जवाहर गोयनका, लक्ष्मी नारायण गोयनका और अशोक गोयनका सहित पूरा परिवार जिस तरह समाज सेवा, राष्ट्र सेवा और मानवीय मूल्यों की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है, वह नंद किशोर गोयनका के जीवन मूल्यों का ही विस्तार है। उन्होंने विश्वास जताया कि परिवार भविष्य में भी इन्हीं आदर्शों पर चलते हुए देश और समाज की सेवा करता रहेगा।
गौरतलब है कि नंद किशोर गोयनका का 13 जुलाई को 96 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। वे गो-सेवा, समाज सेवा और राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रति समर्पित जीवन के लिए जाने जाते थे। उनकी स्मृति में एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्र ने अग्रोहा में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से 'नंद किशोर गोयनका यूनिवर्सिटी' स्थापित करने की घोषणा की है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय 32 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा और इसका उद्देश्य युवाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ समाज सेवा के मूल्यों को आगे बढ़ाना होगा।
ट्रिब्यूनल ने कंपनी के खिलाफ चल रही कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) को बंद करने का आदेश दिया है।
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मीडिया एवं एंटरटेनमेंट कंपनी Prime Focus Limited को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) से बड़ी राहत मिली है। ट्रिब्यूनल ने कंपनी के खिलाफ चल रही कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) को बंद करने का आदेश दिया है। साथ ही 6 मई 2026 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया है, जिसके आधार पर कंपनी के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू हुई थी।
कंपनी ने 14 जुलाई 2026 को शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि NCLAT के 9 और 10 जुलाई 2026 के लिखित आदेश अब उसकी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। इन आदेशों के मुताबिक कंपनी के खिलाफ चल रही CIRP समाप्त कर दी गई है और अपील का निपटारा कर दिया गया है।
कोई दावा नहीं आया, इसलिए बंद हुई CIRP
NCLAT ने अपने आदेश में कहा कि अंतरिम समाधान पेशेवर (IRP) ने 8 मई 2026 को नियमों के अनुसार सार्वजनिक सूचना (Form-A) जारी कर दावों को आमंत्रित किया था। हालांकि, तय समय तक कंपनी के खिलाफ किसी भी लेनदार की ओर से कोई दावा दाखिल नहीं किया गया।
IRP ने अदालत में दाखिल हलफनामे में भी स्पष्ट किया कि अब तक कोई दावा प्राप्त नहीं हुआ है। इसी आधार पर ट्रिब्यूनल ने माना कि CIRP जारी रखने की कोई जरूरत नहीं है।
पक्षों के बीच हुआ समझौता
सुनवाई के दौरान बताया गया कि कंपनी और प्रमुख वित्तीय लेनदार Raspalfa Services Private Limited के बीच 1 जुलाई 2026 को डिस्चार्ज एग्रीमेंट (Discharge Agreement) हो चुका है। लेनदार ने भी अदालत में इस समझौते की पुष्टि करते हुए हलफनामा दाखिल किया और कंपनी की अपील का समर्थन किया।
353.79 करोड़ रुपये की एफडी पर हटाया गया लियन
इस मामले में NCLAT ने पहले 12 मई 2026 को कंपनी को 353.79 करोड़ रुपये ब्याज वाली फिक्स्ड डिपॉजिट (FDR) के रूप में NCLAT के रजिस्ट्रार के पास जमा कराने का निर्देश दिया था। यह राशि विवादित कर्ज से जुड़ी थी।
अब ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया है कि इस एफडी पर बैंक का लियन (Lien) हटा दिया जाए और जमा राशि को दोनों पक्षों के बीच हुए 1 जुलाई 2026 के समझौते के अनुसार वितरित किया जाए।
कंपनी ने अपनी वित्तीय स्थिति भी बताई
सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से वरिष्ठ वकीलों ने कहा कि Prime Focus एक सक्षम (Solvent) कंपनी है, जिसके पास करीब 12,000 कर्मचारी हैं। कंपनी के पास पर्याप्त नकदी और विवादित राशि से कहीं अधिक मूल्य की संपत्तियां मौजूद हैं।
कंपनी ने यह भी बताया कि जिस कर्ज को लेकर मामला शुरू हुआ था, उसकी कुल राशि 353.79 करोड़ रुपये बताई गई थी। इसमें 200 करोड़ रुपये मूलधन और बाकी ब्याज व डिफॉल्ट ब्याज शामिल था।
पुराने फैसलों का भी दिया हवाला
NCLAT ने अपने फैसले में कहा कि इससे पहले भी ऐसे मामलों में, जहां पक्षों के बीच समझौता हो गया हो और किसी अन्य लेनदार ने दावा न किया हो, CIRP को बंद किया जा चुका है। ट्रिब्यूनल ने राजीव गोयल, गौरव भाटिया, सचिन माल्दे और BYJU'S से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया।
शेयर बाजार को दी जानकारी
Prime Focus ने कहा कि यह जानकारी SEBI (LODR) Regulations, 2015 के तहत शेयर बाजार को दी गई है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि NCLAT के आदेश के अनुसार अब उसके खिलाफ चल रही दिवाला प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है और 6 मई 2026 का आदेश रद्द कर दिया गया है।
इस फैसले के साथ Prime Focus को बड़ी कानूनी राहत मिली है और कंपनी अब दिवाला प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर हो गई है।
डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि यह विश्वविद्यालय युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही नंद किशोर गोयनका के मूल्यों और समाज सेवा की विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम भी बनेगा।
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Samachar4media Bureau
‘एस्सेल ग्रुप’ (Essel Group) के चेयरमैन और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने पिता एवं वरिष्ठ उद्योगपति व समाजसेवी नंद किशोर गोयनका की स्मृति में 'नंद किशोर गोयनका यूनिवर्सिटी' स्थापित करने की घोषणा की है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय हरियाणा के अग्रोहा में बनाया जाएगा और इस पर लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
यह घोषणा नंद किशोर गोयनका के अंतिम संस्कार के बाद की गई। उनका 13 जुलाई को मुंबई में 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार हरियाणा के अग्रोहा धाम स्थित गोयनका उद्यान में किया गया, जहां बड़ी संख्या में परिवार के सदस्य, समाज के लोग और शुभचिंतक मौजूद रहे।
डॉ. सुभाष चंद्रा ने बताया कि उन्होंने अपने तीनों भाइयों के साथ मिलकर अपने पिता की स्मृति में इस विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया है। इस संस्थान का उद्देश्य युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। साथ ही यह विश्वविद्यालय नंद किशोर गोयनका के मूल्यों और समाज सेवा की विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम भी बनेगा।
डॉ. सुभाष चंद्रा के अनुसार, प्रस्तावित विश्वविद्यालय में ऐसे पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे, जिनका फोकस समाज सेवा, सामुदायिक कल्याण और समाज को वापस लौटाने की भावना पर होगा। उनका कहना है कि छात्रों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझने और निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अग्रोहा धाम हरियाणा के हिसार जिले में स्थित एक प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र है, जो महाराजा अग्रसेन और महालक्ष्मी को समर्पित है। इसका निर्माण वर्ष 1976 में शुरू हुआ था और 1984 में पूरा हुआ। नंद किशोर गोयनका ने अग्रोहा धाम के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। आज यह परिसर अग्रवाल समाज के प्रमुख आस्था केंद्रों में शामिल है, जहां मंदिरों के अलावा शक्ति सरोवर, शैक्षणिक संस्थान और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक सुविधाएं मौजूद हैं।
नंद किशोर गोयनका अपने व्यवसाय, समाज सेवा और धार्मिक गतिविधियों में योगदान के लिए व्यापक रूप से जाने जाते थे। वे श्री देवी भवन मंदिर गौशाला ट्रस्ट के संरक्षक रहे और श्री वैश्य अग्रसेन गौशाला से भी जुड़े रहे। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई कार्यों में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
फिलहाल विश्वविद्यालय की निर्माण समय-सीमा, शैक्षणिक कार्यक्रमों और नियामकीय मंजूरियों से संबंधित विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि यह विश्वविद्यालय नंद किशोर गोयनका की स्मृति को सम्मान देने के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के उद्देश्य से स्थापित किया जाएगा।
बता दें कि डॉ. सुभाष चंद्रा के अलावा नंद किशोर गोयनका के तीन बेटे नंद लक्ष्मी गोयल, जवाहर गोयल और अशोक गोयल और हैं। सभी मीडिया के बिजनेस में बड़ा नाम हैं।
भूपेंद्र सोनी की सबसे बड़ी खासियत उनकी स्टोरीटेलिंग की सोच और काम करने का तरीका है।
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कुछ पत्रकार सिर्फ खबरें बताते हैं, जबकि कुछ अपने काम से खबरों को पेश करने का तरीका ही बदल देते हैं। भूपेंद्र सोनी ऐसे ही पत्रकार हैं, जिन्होंने अपनी रचनात्मक सोच और अलग अंदाज के दम पर पत्रकारिता में अपनी खास पहचान बनाई है।
भूपेंद्र सोनी ने एक संपादक, एंकर, डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर और क्रिएटिव स्टोरीटेलर के रूप में वर्षों तक काम करते हुए यह साबित किया है कि पत्रकारिता सिर्फ सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रभावी तरीके से कहानी कहने की कला भी है। चाहे बड़े मुद्दों पर एंकरिंग हो, डॉक्यूमेंट्री का निर्माण हो या फिर करोड़ों लोगों तक पहुंचने वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना, उन्होंने हर मंच पर अपनी अलग छाप छोड़ी है।
उनका पेशेवर सफर ज़ी न्यूज़, ज़ी बिजनेस, ज़ी5 ओटीटी और टीवी9 भारतवर्ष डिजिटल जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों तक फैला हुआ है। इन संस्थानों में उनके काम को लाखों-करोड़ों दर्शकों तक पहुंच मिली। उन्होंने ऐसी डॉक्यूमेंट्री भी बनाई, जिसकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहना की। इसके अलावा उन्होंने राजनीतिक विषयों पर नए प्रयोग किए और ऐसा डिजिटल कंटेंट तैयार किया, जिसे व्यापक दर्शक वर्ग ने पसंद किया।
भूपेंद्र सोनी की सबसे बड़ी खासियत उनकी स्टोरीटेलिंग की सोच और काम करने का तरीका है। उनका मानना है कि किसी समाचार को कार्यक्रम जैसा आकर्षक बनाया जाए, किसी कार्यक्रम को फिल्म जैसा रोचक बनाया जाए और किसी फिल्म को वेब सीरीज जैसा अनुभव दिया जाए। यही सोच उनके काम को अलग पहचान देती है और उन्हें एक विशिष्ट पत्रकार व कंटेंट क्रिएटर बनाती है।
उनके जन्मदिन पर एक अनुभवी पत्रकार के साथ-साथ ऐसे रचनात्मक व्यक्तित्व को भी सलाम है, जो समाचार, डॉक्यूमेंट्री और डिजिटल कंटेंट की दुनिया में लगातार नए प्रयोग करते हुए अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं।
लिंक्डइन (LinkedIn) पर साझा किए गए अपने संदेश में राज नायक (Raj Nayak) ने लिखा कि जीवन कभी-कभी ऐसे मोड़ लेकर आता है, जिसकी कल्पना नहीं की जाती।
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YAAP डिजिटल लिमिटेड (YAAP Digital Limited) के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (Chairman & Managing Director-CMD) नियुक्त होने के एक दिन बाद राज नायक (Raj Nayak) ने कंपनी के दिवंगत संस्थापक डॉ. अतुल हेगड़े (Dr Atul Hegde) को याद करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ वर्ष पहले कॉर्पोरेट जीवन को अलविदा कह दिया था और दोबारा लौटने की कोई योजना नहीं थी, लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें यह जिम्मेदारी स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया।
लिंक्डइन (LinkedIn) पर साझा किए गए अपने संदेश में राज नायक (Raj Nayak) ने लिखा कि जीवन कभी-कभी ऐसे मोड़ लेकर आता है, जिसकी कल्पना नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि किसी करीबी मित्र को खोने के बाद जीवन को देखने का नजरिया बदल जाता है और कुछ फैसले इच्छा से नहीं, बल्कि कर्तव्य की भावना से लिए जाते हैं।
राज नायक (Raj Nayak) ने लिखा, "कुछ वर्ष पहले मैंने सोच-समझकर कॉर्पोरेट जीवन से दूरी बना ली थी। मुझे लगा था कि वह अध्याय समाप्त हो चुका है और मेरी वापसी की कोई योजना नहीं थी। लेकिन जीवन की अपनी योजनाएं होती हैं। किसी प्रिय मित्र को खोना आपकी सोच बदल देता है। कुछ अवसर ऐसे होते हैं, जब आप इसलिए आगे नहीं बढ़ते क्योंकि आप चाहते हैं, बल्कि इसलिए क्योंकि आपको लगता है कि यही सही कदम है।"
उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे अधिक विश्वास इस बात से मिलता है कि डॉ. अतुल हेगड़े (Dr Atul Hegde) ने केवल एक सफल कंपनी ही नहीं बनाई, बल्कि एक मजबूत नेतृत्व टीम, सशक्त कार्य संस्कृति और अपार संभावनाओं वाला संगठन भी तैयार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी टीम पर भरोसा है और वह सभी के साथ मिलकर उस विजन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिस पर डॉ. हेगड़े का अटूट विश्वास था।
गौरतलब है कि YAAP डिजिटल (YAAP Digital) के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. अतुल हेगड़े (Dr Atul Hegde) का 7 जुलाई को हृदयाघात के कारण निधन हो गया था। वह 53 वर्ष के थे। उन्होंने YAAP को भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कंटेंट, इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग, डिजिटल मीडिया, डेटा और टेक्नोलॉजी आधारित मार्केटिंग समाधान उपलब्ध कराने वाली अग्रणी डिजिटल कंपनी के रूप में स्थापित किया था। हाल ही में कंपनी ने राज नायक (Raj Nayak) को अपना नया चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है।
वेरिटास ऐडवर्टाइजिंग लिमिटेड (Veritaas Advertising Limited) ने शेयर बाजार को जानकारी दी है कि कंपनी पर फिलहाल सेबी (SEBI) के कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़े प्रावधान लागू नहीं होते हैं।
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