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NewsX Festival of Ideas के मंच से कई वक्ताओं ने रखे अपने विचार
ITV नेटवर्क की ओर से 24 और 25 अगस्त, 2023 को देश की राजधानी दिल्ली में 'न्यूजX फेस्टिवल ऑफ आइडियाज' कॉन्क्लेव का आजोयन किया जा रहा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
ITV नेटवर्क की ओर से 24 और 25 अगस्त, 2023 को देश की राजधानी दिल्ली में 'न्यूजX फेस्टिवल ऑफ आइडियाज' (NewsX Festival Of Ideas) कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के पहले दिन देश के तमाम क्षेत्रों के करीब 25 दिग्गजों ने अपने विचारों को देश की जनता के साथ साझा किए। साथ ही लोगों के सवालों के जवाब भी दिए।
इस कार्यक्रम में कई मशहूर हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अतिथि वक्ताओं को दिया गया सम्मान और पुरस्कार था। इस कार्यक्रम का पहला दिन बड़े उत्साह और सफलता के साथ संपन्न हुआ, क्योंकि इसका उद्देश्य उपस्थित लोगों के बीच सार्थक बातचीत, नवीन विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक मंच को बढ़ावा देना था।
नई दिल्ली में ताज एंबेसेडर में आयोजित इस कार्यक्रम ने सम्मानित अतिथियों को 'न्यूजX' के साथ एक स्वतंत्र और खुली बातचीत में अपने संबंधित क्षेत्रों से संबंधी बातचीत के लिए एक मंच प्रदान किया।
विचारों के महोत्सव में राजनेताओं और राजनीतिक विश्लेषकों, मशहूर हस्तियों, लेखकों, स्टार्ट-अप संस्थापकों, रक्षा और मीडिया विशेषज्ञों सहित विभिन्न पृष्ठभूमियों के विभिन्न वक्ता एक साथ आए। कार्यक्रम के बाद, प्रतिभागियों को उनके समर्पण और प्रतिभा की सराहना के प्रतीक के रूप में पहचाना और सम्मानित किया गया। विचारों के महोत्सव के पहले दिन कुछ प्रमुख विचारकों, लेखकों और दिग्गजों ने दूसरों के लिए कई महत्वपूर्ण बाते कही।
इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद अखिलेश यादव ने कहा कि रजनीकांत का कद कोई नहीं चुरा सकता, हम सभी को इस बात का सम्मान करना चाहिए। वहीं, मशहूर अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी गैंग्स ऑफ वासेपुर की कहानी सुनाते हुए कहा, 'स्कारफेस के अल पचिनो जैसा महसूस हुआ' कांग्रेस के लोकसभा सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि 1950 और 1960 के बीच का दशक निश्चित रूप से हमारे गणतंत्र के संक्षिप्त इतिहास के लिए सबसे अधिक उत्पादक दशक था।'
इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष राम माधव ने कहा, 'प्रत्येक प्रधानमंत्री ने योगदान दिया लेकिन 1962 की पराजय का श्रेय प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू के खाते में जाता है।' वहीं, न्यूज एजेंसी ANI की एडिटर स्मिता ने पारंपरिक मीडिया की भूमिका पर कहा, 'एजेंसी पत्रकारिता शून्य अहंकार, कोई चेहरा नहीं और बहुत निस्वार्थ है'।
स्टार्ट-अप संस्कृति पर मेक माई ट्रिप के संस्थापक दीप कालरा ने कहा, 'चाल यह है कि डिग्री को बीमा के रूप में इस्तेमाल किया जाए, फंदे के रूप में नहीं। बहुत से लोग इसे फंदे के रूप में इस्तेमाल करते हैं और इसकी संतुष्टि टाल दी जाती है।'
'एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' के लेखक संजय बारू कहते हैं, 'राहुल अब वो नहीं रहे जो एक साल पहले थे, भारत जोड़ो यात्रा ने उनकी प्रोफाइल बदल दी है। वह साहसी हैं, ईमानदार लगते हैं लेकिन मुझे नहीं पता कि उनके पास भारत पर शासन करने के लिए क्या जरूरी है?'
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