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सोशल मीडिया पर फैली झूठी खबरें बेहद खतरनाक, इनसे लड़ना पत्रकारों की भी जिम्मेदारी: एन. राम
शुक्रवार 9 जनवरी 2026 को चेन्नई बुक फेयर में पत्रकार श्रीनिवासन जैन और अन्य द्वारा लिखी गई किताब ‘लव जिहाद एंड अदर फिक्शंस’ के तमिल अनुवाद के विमोचन के मौके पर एन. राम ने यह बात कही।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 month ago
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, वॉट्सऐप और एक्स (X) पर झूठी और भ्रामक जानकारी जानबूझकर फैलायी जा रही है और यह एक गंभीर खतरा बन चुकी है। द हिंदू ग्रुप (THG) के डायरेक्टर एन. राम ने कहा कि इस तरह की गलत जानकारी से लड़ना सभी की जिम्मेदारी है, लेकिन खास तौर पर पत्रकारों की।
शुक्रवार 9 जनवरी 2026 को चेन्नई बुक फेयर में पत्रकार श्रीनिवासन जैन और अन्य द्वारा लिखी गई किताब ‘लव जिहाद एंड अदर फिक्शंस’ के तमिल अनुवाद के विमोचन के मौके पर एन. राम ने यह बात कही। इस तमिल अनुवाद को कलाचुवडु (Kalachuvadu) ने प्रकाशित किया है।
एन. राम ने कहा कि जहरीले और झूठे नैरेटिव अब सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आम मीडिया में भी घुस चुके हैं। उन्होंने कहा कि कई सैटेलाइट चैनल बहस के नाम पर ‘लव जिहाद’, ‘पॉपुलेशन जिहाद’, मिशनरियों द्वारा धर्म परिवर्तन और मुसलमानों के तुष्टिकरण जैसे मुद्दों को बार-बार उठा रहे हैं और इसे देश की जनता की सोच बताने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस ट्रेंड का विरोध करना आसान नहीं है, क्योंकि यह बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंच चुका है, लेकिन फिर भी पत्रकारों का कर्तव्य है कि वे इसका विरोध करें।
एन. राम ने साफ किया कि गलत जानकारी कई बार अनजाने में फैलती है और उसे सुधारा जा सकता है, लेकिन डिसइन्फॉर्मेशन जानबूझकर और किसी मकसद से फैलाई जाती है, जो ज्यादा खतरनाक है।
उन्होंने कहा कि श्रीनिवासन जैन और अन्य पत्रकारों ने इन मुद्दों की गहराई से जांच की है। उन्होंने इंटरनेट, सरकारी रिकॉर्ड, जमीनी रिपोर्ट और सूचना का अधिकार कानून (RTI) का इस्तेमाल कर तथ्यों को परखा है। उन्होंने साबित किया है कि फैलाया जा रहा प्रोपेगेंडा झूठ पर आधारित है और उसके पीछे कोई सबूत नहीं है।
एन. राम के मुताबिक यह किताब पत्रकारिता की अहमियत को दिखाती है। उन्होंने कहा कि पहले झूठा प्रचार फैलाया जाता है, फिर उस पर केस बनाया जाता है, उसके बाद ट्रायल होता है और मामला कोर्ट तक पहुंचता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आरएसएस और बीजेपी की नीति बन चुकी है और जब यह सब राष्ट्रीय स्तर पर होता है तो कई लोग इसे सच मानने लगते हैं।
किताब की पहली प्रति पाने वाले वरिष्ठ पत्रकार नक्कीरन गोपाल ने कहा कि देश को ऐसी किताब की सख्त जरूरत थी। उन्होंने कहा कि खासकर बीजेपी शासित राज्यों में ‘लव जिहाद’ को लेकर लगातार झूठ फैलाया गया है और यह किताब ठोस सबूतों के साथ उन सभी दावों को खारिज करती है। उनके मुताबिक जो लोग ये झूठ फैलाते हैं, उनके पास बचाव के लिए कुछ भी नहीं है।
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