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पत्रकार राणा अय्यूब के खिलाफ जारी हुआ लुक आउट नोटिस, फ्लाइट में चढ़ने से रोका गया
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पत्रकार राणा अय्यूब को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने पूछताछ के लिए तलब किया है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पत्रकार राणा अय्यूब को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने पूछताछ के लिए तलब किया है। उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि एजेंसी की ओर से जारी लुकआउट सर्कुलर के आधार पर अय्यूब को मंगलवार को उस वक्त विमान चढ़ने से रोक दिया गया, जब वे मुंबई से लंदन जा रही थीं।
अय्यूब का कहना है कि उन्हें निदेशालय का नोटिस तब मिला, जब उन्हें रोका जा चुका था। ट्विटर पर अय्यूब ने लिखा, ‘मुझे आज मुंबई इमिग्रेशन ने यात्रा करने से रोक दिया। मैंने हफ्तों पहले ही इस बारे में ऐलान कर दिया था। तब भी, उत्सुकता की बात यह है कि ईडी का समन रोक दिए जाने के बाद मेरे इनबॉक्स में पहुंचा।’
बता दें कि अय्यूब को शुक्रवार को ‘इंटरनेशनल सेंटर फॉर जर्नलिस्ट्स' में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेना था। वहां वह ‘महिला पत्रकारों के खिलाफ' हिंसा विषय पर बोलने वाली थीं। ईडी ने अय्यूब को 1 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया है।
गौरतलब है कि इससे पहले ईडी ने पत्रकार राणा अय्यूब की 1.7 करोड़ रुपए की संपत्ति (बैंक बैलेंस) कुर्क की थी। ईडी ने आरोप लगाया है कि अय्यूब ने राहत कार्य के लिए एनजीओ के फंड का दुरुपयोग किया था। प्रवर्तन निदेशालय ने अय्यूब को मामले के सिलसिले में पूछताछ के लिए एक अप्रैल को तलब किया है।
इस मामले को लेकर महिला पत्रकार ने अपने ट्वीट में लिखा, जब मैं पत्रकारों को डराने-धमकाने के मुद्दे पर अपना भाषण देने के लिए लंदन जाने वाली अपनी उड़ान में सवार होने वाली थी, तभी मुझे रोक दिया गया। जर्नलिज्म फेस्टिवल में भारतीय लोकतंत्र पर मुख्य भाषण देने के तुरंत बाद मुझे इटली के लिए रवाना होना था।
ईडी अधिकारियों का कहना है कि अय्यूब ने कथित तौर पर 3 अभियानों के लिए दिए गए दान का सही उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया। ईडी ने यह कदम उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर उठाया है। ईडी अधिकारियों ने बताया था कि राणा अय्यूब ने कोविड, बाढ़ राहत और प्रवासियों के लिए तीन ऑनलाइन अभियान शुरू किए थे। यह एक तरह की क्राउड फंडिंग थी। उन्हें FCRA की मंजूरी के बिना विदेशी योगदान मिला। हालांकि, इनकम टैक्स और ईडी की कार्रवाई के बाद पत्रकार राणा ने विदेशी चंदा वापस कर दिया।
विदेशी चंदे की वापसी के बाद भी उनके पास लगभग 2 करोड़ रुपए थे, लेकिन कथित तौर पर केवल 28 लाख रुपए का उपयोग किया गया था। ईडी का कहना हि कि उन्होंने गोवा की यात्रा जैसे निजी खर्चों के लिए चंदे का इस्तेमाल किया।
राणा अय्यूब ने कथित तौर पर दान के पैसे का उपयोग करके 50 लाख रुपए की फिक्स डिपोजिट (FD) भी की थी। पूछताछ के दौरान उन्होंने ईडी को बताया कि एफडी इसलिए किया गया ताकि उसे कुछ ब्याज मिल सके और एक अस्पताल बनाया जा सके।
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