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पत्रकारिता समाज को जागरूक करने और बदलाव लाने का सबसे सशक्त माध्यम: हरिवंश नारायण सिंह
वरिष्ठ पत्रकार और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने ‘साहित्य आजतक’ में पब्लिक, पॉलिटिक्स और पत्रकारिता की चुनौतियों पर खुलकर रखी अपनी बात
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 3 months ago
दिल्ली में साहित्य के सितारों का महाकुंभ यानी साहित्य आजतक 2025 जारी है। 21 से 23 नवंबर तक नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न साहित्यिक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें कला, साहित्य और संगीत के क्षेत्र की शख्सियत समेत तमाम राजनीतिक दिग्गज भी शामिल हो रहे हैं।
कार्यक्रम के दूसरे दिन शनिवार को ‘साहित्य आजतक’ में वरिष्ठ पत्रकार और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने भी शिरकत की। इस दौरान पब्लिक, पॉलिक्टिस और पत्रकारिता की चुनौतियां-सत्र में उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत से लेकर राजनीतिक सफर को लेकर चर्चा की। इस मौके पर हरिवंश नारायण सिंह का कहना था कि राजनीति समाज को दिशा देने वाली सबसे महत्वपूर्ण कला है, जिसे समझना और उसका अध्ययन करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि राजनीति का असल उद्देश्य सामाजिक परिवर्तन है, और यदि राजनीति सफल होती है तो शासन-व्यवस्था भी प्रभावी ढंग से काम करती है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि हाथरस और लखीमपुर खीरी जैसे मुद्दों पर जनता की राजनीतिक समझ धीरे-धीरे विकसित होती है और पब्लिक एजुकेशन एक सतत प्रक्रिया है।
पत्रकारिता पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि हर दौर की चुनौतियां अलग होती हैं, लेकिन पत्रकारिता हमेशा समाज को जागरूक करने का सबसे मजबूत माध्यम रही है। जयप्रकाश आंदोलन से प्रभावित होकर पत्रकारिता में आए हरिवंश ने बताया कि युवा पत्रकार के रूप में उनका लक्ष्य हमेशा रहा कि मीडिया सामाजिक बदलाव में सकारात्मक भूमिका निभाए।
हरिवंश ने कहा कि पॉलिटिक्स और साहित्य दोनों मिलकर समाज को दिशा देते हैं, और आज भी राजनीति से ऊपर साहित्य की भूमिका अधिक व्यापक है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के एक कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए कहा कि पॉलिटिक्स एक कला है, जिसको हमने नजरअंदाज किया है। हरिवंश नारायण सिंह का कहना था, ‘मैं मानता हूं कि पॉलिटिक्स समाज को चेंज करने का तरीका है और पत्रकारिता लोगों को इनफॉर्म करके सजग बनाने और जागरूक बनाने का सबसे बड़ा सशक्त माध्यम है।’
कार्यक्रम के बाद हरिवंश नारायण सिंह ने सोशल मीडिया पर भी अपनी भावनाएं साझा कीं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उन्होंने लिखा है, ‘कल (22 नवंबर) का दिन यादगार रहा. इंडिया टुडे ग्रुप की ओर से आयोजित होनेवाले साहित्य और संस्कृति के सालाना उत्सव 'साहित्य आज तक' में जाने का अवसर मिला. उत्सव के दो आयोजनों में सहभागी बना. पहला आयोजन अंजना ओम कश्यप जी से संवाद का था. दूसरा अवसर, साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करनेवाले ज्ञानी—गुणी जनों के सम्मान का. 'इंडिया टुडे' के साहित्य वार्षिकी के लोकार्पण का भी अवसर मिला. ऐसे विशेष सार्थक आयोजन के लिए इंडिया टुडे ग्रुप को बधाई और हमें आमंत्रित करने के लिए हार्दिक आभार.’
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