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'भारतीय पत्रकारिता महोत्सव' में वरिष्ठ पत्रकार उपेन्द्र राय सम्मानित, कही ये बात
'भारत एक्सप्रेस' के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय को मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में आयोजित ‘भारतीय पत्रकारिता महोत्सव’ में विशिष्ठ अतिथि के तौर पर सम्मानित किया गया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
'भारत एक्सप्रेस' के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय को मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में आयोजित ‘भारतीय पत्रकारिता महोत्सव’ में विशिष्ठ अतिथि के तौर पर सम्मानित किया गया।
तीन दिनों तक चले इस महोत्वस के समापन समारोह के विचार-विमर्श सत्र में उन्होंने बतौर मुख्य वक्ता ‘भारत का भविष्य और मीडिया’ पर अपने विचार रखे। अपने संबोधन के दौरान सीएमडी उपेन्द्र राय ने कहा, “मैं लंबे समय से इंदौर प्रेस क्लब और उनके आयोजनों से जुड़ा रहा हूं।”
सीएमडी उपेन्द्र राय ने भारत के महान संत और गणिताचार्य स्वामी रामतीर्थ की एक कहानी सुनाई कि कैसे सीखने की कोई उम्र नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया “स्वामी रामतीर्थ एक बार जापान जा रहे थे। उस समय की यात्रा पानी के जहाज से होती थी और सफर पूरा करने में महीनों लग जाते थे। स्वामी रामतीर्थ ने जहाज पर देखा कि एक बुजुर्ग चीनी भाषा (मंदारिन) सीख रहा था। चीनी भाषा को दुनिया की सबसे कठिन भाषाओं में से एक माना जाता है। इसमें एक लाख से ज्यादा चित्रात्मक वर्णमालाएं हैं जिन्हें सीखना पड़ता है।” आश्चर्यवश स्वामी रामतीर्थ ने बुजुर्ग से सवाल किया कि आपकी उम्र ज्यादा हो चुकी है, ऐसे में इस भाषा को सीखकर आप क्या करेंगे? बुजुर्ग ने जवाब दिया, “मुझे लगता है आप भारत से हैं।” बुजुर्ग ने उनसे कहा था कि “भारत का आदमी इतना निराशाजनक सवाल पूछता है, इतनी हताशा से भरा सवाल पूछता है, मैंने तो कभी सोचा ही नहीं कि मैं ये कब तक सीखूंगा.. मैं बस आनंद लेने के लिए ये सीख रहा हूं। मेरी जितनी लंबी जिंदगी बाकी है, उस जीवन को मैं इस नई भाषा के साथ जीना चाहता हूं।”
उन्होंने बहादुरता और कायरता का जिक्र करते हुए कहा, “अगर किसी के कंधे पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी है और हजारों साल की गुलामी है, तो यह दोनों चीजें मिलकर हमें कायर बना देती हैं। लेकिन बहादुर बनने की शुरुआत तब होती है, जब हम अपने आंखों में भविष्य के सपने लेकर चलना शुरू करते हैं, उनको बुनना शुरू करते हैं, उसके लिए आवाज उठाना शुरू करते हैं।” उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को भविष्य चुनने के लिए हम निडर बना दें तो भारत का भविष्य तेजी से विकास की रफ्तार पकड़ लेगा।
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