होम / मीडिया फोरम / विज्ञापन जगत की सशक्त आवाज ऊषा भंडारकर का निधन
विज्ञापन जगत की सशक्त आवाज ऊषा भंडारकर का निधन
भारतीय विज्ञापन इंडस्ट्री में अपनी दूरदर्शिता, क्रिएटिविटी और लीडरशिप के लिए पहचानी जाने वाली ऊषा भंडारकर के निधन से मार्केटिंग और कम्युनिकेशन की दुनिया में शोक की लहर है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 month ago
भारतीय विज्ञापन जगत की सशक्त आवाज और कई आइकॉनिक ब्रैंड्स के पीछे रचनात्मक ताकत रहीं ऊषा भंडारकर का निधन हो गया है। वह 82 वर्ष की थीं। भारतीय विज्ञापन इंडस्ट्री में अपनी दूरदर्शिता, क्रिएटिविटी और लीडरशिप के लिए पहचानी जाने वाली ऊषा भंडारकर के निधन से मार्केटिंग और कम्युनिकेशन की दुनिया में शोक की लहर है।
ऊषा भंडारकर ने अपने लंबे और शानदार करियर के दौरान ‘सर्फ’ (Surf), ‘लिरिल’ (Liril), ‘लाइफबॉय’ (Lifebuoy) और ‘रेक्सोना’ (Rexona) जैसे देश के कई प्रमुख कंज्यूमर ब्रैंड्स की पहचान गढ़ने में अहम भूमिका निभाई। उनके काम ने न सिर्फ विज्ञापन अभियानों को दिशा दी, बल्कि जिन संस्थानों से वह जुड़ी रहीं, उनकी कार्यसंस्कृति को भी प्रभावित किया।
उन्होंने Lintas, Ogilvy और HTA जैसी देश की नामी विज्ञापन एजेंसियों में सीनियर क्रिएटिव और लीडरशिप पदों पर काम किया। उनके कार्य को व्यापक सराहना मिली और इंडस्ट्री में उन्हें रचनात्मक उत्कृष्टता, रणनीतिक समझ और मानवीय नेतृत्व के संयोजन के लिए सम्मान दिया जाता था।
सहकर्मी और जूनियर अक्सर उनकी मेंटरशिप के अंदाज की तारीफ करते थे। वह युवाओं को संवेदनशीलता के साथ मार्गदर्शन देती थीं और साथ ही काम की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करती थीं।
पेशेवर उपलब्धियों के अलावा ऊषा भंडारकर सामाजिक कार्यों और शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय रहीं। उन्होंने कई ऐसे प्रयासों का समर्थन किया, जिनसे युवा प्रतिभाओं को रचनात्मक करियर बनाने का अवसर मिला। खास बात यह थी कि वह यह सब बिना किसी प्रचार या पहचान की अपेक्षा के करती थीं।
टैग्स