होम / मार्केटिंग / जानिए, CTV को पहली पसंद क्यों बना रहे हैं ब्रैंड्स
जानिए, CTV को पहली पसंद क्यों बना रहे हैं ब्रैंड्स
e4m Connected TV कॉन्फ्रेंस में देश के शीर्ष कंज्यूमर व फाइनेंशियल ब्रैंड्स के मार्केटिंग लीडर्स ने इस बात पर चर्चा की कि कैसे CTV अब समृद्ध दर्शकों को टारगेट करने का प्रभावशाली जरिया बन चुका है
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 8 months ago
e4m Connected TV कॉन्फ्रेंस में देश के शीर्ष कंज्यूमर और फाइनेंशियल ब्रैंड्स के मार्केटिंग लीडर्स ने इस बात पर चर्चा की कि कैसे Connected TV (CTV) अब जानकार और समृद्ध दर्शकों को टारगेट करने का प्रभावशाली जरिया बन चुका है और किस तरह यह मीडिया फॉर्मेट टॉप-फनल स्ट्रैटेजी व ब्रैंड मैसेजिंग को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है।
इस सत्र में कोलगेट में ओरल ब्यूटी और पर्सनल केयर की मार्केटिंग डायरेक्टर स्वाति राव जयरकुमार, AMFI में मार्केटिंग के SVP पुनीत धरमसी, शाओमी इंडिया के ब्रैंड हेड ऋतिज खुराना, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर शुचि शर्मा गणेश और Teads इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर तरुण उम्मत शामिल हुए। मॉडरेशन किया Frodoh के फाउंडर और CEO रुषभ ठाक्कर ने।
सत्र की शुरुआत में पुनीत धरमसी ने कहा कि अब CTV को सिर्फ 'अफ्लुएंट' या शहरी माध्यम मानने का नजरिया बदल रहा है। उन्होंने बताया, “CTV अब सिर्फ अमीरों का या शहरी भारत का मंच नहीं रहा। 7500 से 12000 रुपये तक की कीमत में CTV मिल रहे हैं और जियो व रिटेल इंटरनेट ने कनेक्टिविटी को बेहद सुलभ बना दिया है।”
धरमसी ने बताया कि अब उनके म्यूचुअल फंड जागरूकता अभियानों की पहुंच गांव-कस्बों तक है। शहरी संपन्न वर्ग के साथ-साथ अब टियर 2 और टियर 3 शहरों को भी CTV के जरिए टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि अलग-अलग शहरों के लिए मैसेजिंग को अलग ढंग से तैयार करना जरूरी है।
स्टैंडर्ड चार्टर्ड की शुचि गणेश ने बताया कि लग्जरी कंटेंट देखने वाले संपन्न उपभोक्ता CTV के हाई-क्वालिटी, लो-इंटरफेरेंस एक्सपीरियंस की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम वहां निवेश करते हैं जहां ROI स्पष्ट हो। CTV हमें टारगेटेड इन्वेस्टमेंट का ट्रैक देने में मदद करता है- बिल्कुल वैसा जैसा कोई समझदार निवेशक अपेक्षा करता है।”
कोलगेट की स्वाति राव जयरकुमार ने कहा कि CTV का प्रभाव मापने का तरीका अलग है- यह सेल्स संचालित नहीं, बल्कि ब्रैंड असोसिएशन व माइंडशेयर बढ़ाने के लिए टॉप फनल में आता है। उन्होंने बताया कि कैसे ‘पॉज एड’ जैसे इनोवेटिव फॉर्मेट का इस्तेमाल कर कोलगेट ने शहरी भारत में रात को दूसरी बार ब्रश करने की आदत पर ध्यान खींचा। “हमने CTV के प्राइम टाइम में उन दर्शकों को टारगेट किया जो दिन में सिर्फ एक बार ब्रश करते हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि कैसे एक अन्य कैंपेन में CTV के पॉज मोड में QR कोड के जरिए AI आधारित डेंटल चेकअप को प्रमोट किया गया। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि QR कोड स्कैन जैसे टॉप फनल एंगेजमेंट अभी भी सीमित हैं।
शाओमी के ऋतिज खुराना ने बताया कि उन्होंने हाल ही में अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन लॉन्च में YouTube और प्रिंट के साथ CTV को भी स्मार्ट तरीके से शामिल किया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के प्रीमियम स्मार्टफोन मार्केट को टारगेट करना चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि 700 डॉलर से ऊपर के सेगमेंट में केवल 20 लाख यूनिट्स ही आती हैं। “CTV स्क्रीन साइज के हिसाब से अभी भी टारगेट नहीं किया जा सकता,” उन्होंने स्पष्ट किया।
Teads के तरुण उम्मत ने बताया कि जब उन्होंने LG की OEM ऐडवर्टाइजिंग सर्विस को मार्केट में पेश किया, तो सबसे बड़ी चुनौती थी, मार्केट को यह समझाना कि CTV न केवल इन-स्ट्रीम एड्स है, बल्कि इसमें होम स्क्रीन बिलबोर्ड जैसे हाई SOV (Share of Voice) फॉर्मेट भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि अब वे कंटेंट रिकग्निशन और स्क्रीन साइज जैसे एडवांस्ड पैरामीटर्स के जरिए दर्शकों को टारगेट कर पा रहे हैं। “हम यह तक पहचान सकते हैं कि दर्शक Netflix यूजर है या नहीं। 50 इंच से ऊपर के टीवी वाले दर्शकों को टारगेट करना प्रीमियम ब्रैंड्स की प्रमुख प्राथमिकता बन चुका है।”
धरमसी ने कहा कि AMFI जैसे ट्रेड बॉडी के लिए CTV सेल्स टूल नहीं बल्कि एक कैटेगरी अवेयरनेस प्लेटफॉर्म है। “हम कंवर्जन नहीं, केवल जागरूकता को बढ़ावा देते हैं,” उन्होंने कहा। IPL और KBC जैसे प्रीमियम प्रॉपर्टीज इस काम में सहायक होती हैं।
शुचि गणेश ने स्वीकार किया कि अभी अधिकतर कंटेंट CTV के लिए री-पर्पज किया जाता है, लेकिन यह माध्यम इंटरैक्टिव ब्रैंड स्टोरी कहने की बेहतरीन संभावना रखता है। “यह सिंगल मीडिया स्ट्रैटेजी नहीं, मल्टीमीडिया रणनीति का हिस्सा है,” उन्होंने जोर देते हुए कहा।
उम्मत ने भी सहमति जताते हुए कहा कि CTV अभी भी प्रामुख्यतः अवेयरनेस संचालित माध्यम है, लेकिन अन्य मार्केट्स में यह ब्यूटी और लग्जरी ब्रैंड्स के लिए सैंपलिंग तक में कारगर रहा है।
अंत में जयरकुमार ने कहा कि CTV अब सिर्फ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं। “आज यह 50-60 मिलियन दर्शकों तक पहुंच चुका है। यह हमारे प्रीमियम ब्रैंड्स की रणनीति का अहम हिस्सा बन गया है।” उन्होंने कहा कि मीडिया सिलेक्शन प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि ऑडियंस के आधार पर होना चाहिए- “अगर आपके दर्शक CTV पर हैं, तो वह माध्यम अपने आप महत्वपूर्ण हो जाता है।”
शाओमी के खुराना ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी कंपनी अपने हार्डवेयर और ऐडवर्टाइजिंग बिजनेस को पूरी तरह अलग रखती है। उन्होंने Google Nexus से सीखे गए सबक का जिक्र करते हुए कहा, “हम वही करना चाहते हैं जो सही है।”
टैग्स