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IDMA के मंच से EaseMyTrip के को-फाउंडर प्रशांत पिट्टी ने दिया सफलता का ये मूल मंत्र
EaseMyTrip और Optimo के को-फाउंडर प्रशांत पिट्टी को 16वें इंडियन डिजिटल मार्केटिंग अवार्ड्स (IDMA) में Person of the Year के सम्मान से नवाजा गया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 7 months ago
EaseMyTrip और Optimo के को-फाउंडर प्रशांत पिट्टी को 16वें इंडियन डिजिटल मार्केटिंग अवार्ड्स (IDMA) में Person of the Year के सम्मान से नवाजा गया। यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप द्वारा आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद पिट्टी ने अपनी 18 साल लंबी उद्यमशील यात्रा के अनुभव साझा करते हुए दर्शकों को अपने ‘मेंटल प्लेबुक’ से रूबरू कराया।
हार से सीखें, जीत से प्रेरणा लें: प्रशांत पिट्टी की सोच
अपने विचार साझा करते हुए प्रशांत पिट्टी ने बताया कि असफलताओं से सीखना जरूरी है, लेकिन असली प्रेरणा उस जीत से मिलती है जो आपकी पहचान बनाती है। उन्होंने अपनी सफलता को तीन मूल मंत्रों में समेटते हुए कहा, “पहला: जिज्ञासु बनिए, सतर्क नहीं। गलतियां कीजिए, जल्दी सीखिए, और जब मायने रखे तब जीतिए। एक जीत ही काफी है, दुनिया को आखिरी जीत ही याद रहती है।”
उन्होंने आदतों की ताकत को रेखांकित करते हुए कहा, “मैं कभी लगातार दो दिन जिम मिस नहीं करता।” पिट्टी के मुताबिक सफलता तीव्रता से नहीं, निरंतरता से मिलती है। तीसरा मंत्र: भीड़ से अलग सोचने से न डरें।
‘असहमति नहीं, विश्वास है यह विपरीत सोच’
पिट्टी ने परंपरा के विरुद्ध सोचने की महत्ता को सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि दृढ़ विश्वास बताया। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि जब उन्होंने EaseMyTrip पर मेडिकल इमरजेंसी में 100% रिफंड गारंटी की शुरुआत की, तब कई विश्लेषकों ने इसे जोखिम भरा कदम माना। लेकिन जल्द ही इस मॉडल को व्यापक स्वीकृति मिल गई और यह एक बदलावकारी पहल बन गई।
AI से बेंगलुरु ट्रैफिक को सुधारने की योजना
अपने नवीनतम प्रयास की जानकारी देते हुए पिट्टी ने बताया कि अब वह बेंगलुरु के ट्रैफिक को AI के ज़रिए बेहतर बनाने की कोशिश में जुटे हैं। इसके लिए उन्होंने गूगल के साथ साझेदारी की है, 1 करोड़ रुपये का निजी निवेश किया है और 600 से अधिक AI डेवलपर्स को वॉलंटियर के रूप में जोड़ लिया है।
उन्होंने कहा, “भारत पीछे दौड़कर नहीं जीत सकता, हमें अपनी शर्तों पर जीतना होगा।”
व्यवसाय नहीं, दृष्टिकोण बदल रहे हैं प्रशांत पिट्टी
आज पिट्टी केवल कंपनियां नहीं बना रहे हैं, बल्कि व्यवसायियों के जोखिम, कार्य और तरक्की के प्रति दृष्टिकोण को भी बदल रहे हैं। वह सुर्खियां बटोरने के लिए नहीं, बल्कि एक स्पष्ट सोच के साथ काम कर रहे हैं- “साहसी बनो, सोच समझकर निर्णय लो और परिणाम अपने आप बोलेगा।”
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