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रेडियो के शौकीनों के लिए काफी अच्छा है सरकार का ये कदम: राहुल नामजोशी

‘माय एफएम’(MY FM) में चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर राहुल नामजोशी ने रेडियो इंडस्ट्री से जुड़े तमाम अहम मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago

देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में शुमार ‘डीबी कॉर्प लिमिटेड’ (D. B. Corp Ltd) की रेडियो डिविजन ‘माय एफएम’(MY FM) में चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) राहुल नामजोशी का मानना है कि रेडियो इंडस्ट्री क्या चाहती है और सरकार क्या फैसला करती है, इसके बीच कोई अंतर नहीं होना चाहिए। राहुल नामजोशी के अनुसार, मार्केट में तमाम अवसर मौजूद हैं। हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) से बातचीत में राहुल नामजोशी ने रेडियो इंडस्ट्री से जुड़े ऐसे ही तमाम प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से अपनी बेबाक राय रखी है। प्रस्तुत हैं इस बातचीत के प्रमुख अंश:

उत्तर-पश्चिम भारत के छह से ज्यादा राज्यों में ‘माय एफएम’ के स्टेशन हैं। क्या दक्षिण के मार्केट में इसके विस्तार की कोई योजना है?

हम अपना पूरा फोकस उत्तर और पश्चिम पर केंद्रित करना चाहते हैं। हम जनसांख्यिकी (demography) और भाषाओं के मामले में दक्षिण भारत के मार्केट्स से अच्छी तरह वाकिफ नहीं हैं, इसलिए हम दक्षिण में निवेश करने से हिचकते हैं। हालांकि, हम उत्तर और पश्चिम भारत में अपने मार्केट्स का विस्तार करना जारी रखेंगे, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार किस तरह का आधार मूल्य (base price) तय करती है।

इस वित्तीय वर्ष को आप किस तरह देख रहे हैं। कुछ शुरुआती ट्रेंड्स नजर आ रहे हैं?

हमारे बिजनेस की यही खासियत है कि हम बिजनेस के आने का इंतजार नहीं करते हैं, बल्कि हम उसे बनाने पर काम करते हैं और यह सृजन हमारे रेवेन्यू का लगभग 25% से 30% है। हमारे प्राइमरी मार्केट टियर II और III मार्केट्स हैं, जहां देश का विकास निहित है। आज लगभग सभी कैटेगरी इन मार्केट्स पर फोकस कर रही हैं। इसके अलावा, हम ज्यादा वॉल्यूम (highest volume) हासिल करने की दौड़ में नहीं हैं, लेकिन वैल्यू की तलाश करते हैं। हमें पूरा विश्वास है कि यह वित्तीय वर्ष हमारे लिए सबसे अच्छा होगा।

केंद्र सरकार एफएम ब्रॉडकास्ट की नीलामी की योजना बना रही है। आपकी क्या अपेक्षाएं हैं?

हमें अभी तक सरकार से इस बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, रेडियो इंडस्ट्री क्या चाहती है और सरकार क्या निर्णय लेती है, इसके बीच कोई अंतर नहीं होना चाहिए। हमने हाल ही में सरकार के साथ सकारात्मक बैठक की है और देश में निजी एफएम के विकास को बढ़ावा देने के लिए उनसे अपनी अपेक्षाएं शेयर की हैं। तीसरे चरण के लिए रेडियो इंडस्ट्री के बारे में अभी कुछ नहीं कह सकते हैं। तीसरे बैच की नीलामी सही मूल्य पर निर्भर है। पिछले साल तीसरे चरण के बैचों ने ज्यादा ध्यान आकर्षित नहीं किया था, क्योंकि आधार मूल्य यानी बेस प्राइस बहुत ज्यादा था। इसके अलावा, रेडियो बिजनेस एक कमाऊ बिजनेस है इसलिए हम प्रॉफिटेबल बिजनेस बने रहने के लिए अपने खर्चों पर नजर रखते हैं।

रेडियो स्टेशनों में निवेश को लेकर आपकी क्या प्लानिंग है?

हम एक आशावादी ब्रैंड हैं और इस वित्तीय वर्ष को लेकर बहुत उत्साहित हैं, हमारे पास आगामी वर्ष के लिए कई प्रमुख योजनाएं हैं। हम अभी इस बारे में ज्यादा कुछ शेयर नहीं कर सकते हैं, लेकिन जल्द ही आपको कई नए शो की लॉन्चिंग और अन्य घोषणाएं सुनने को मिलेंगी। मानव संसाधनों (ह्यूमन रिसोर्स) में निवेश के अलावा हम टेक्नोलॉजी में निवेश करेंगे।

‘टैम’ (TAM) की रिपोर्ट्स के अनुसार, कोविड और उसके बाद रेडियो पर विज्ञापनों की मात्रा (radio ad volume) काफी बढ़ गई। अब विज्ञापन बिजनेस कैसा चल रहा है और अगले वर्ष कौन से ब्रैंड ‘माय एफएम’ में निवेश कर रहे हैं?

एफएमसीजी, शिक्षा, रियल एस्टेट और हेल्थकेयर श्रेणी के अलावा, ज्वेलरी ब्रैंड्स रीजनल मार्केट्स में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके अलावा, नेशनल ब्रैंड्स धीरे-धीरे रीजनल मार्केट्स की ओर बढ़ रहे हैं, क्योंकि इनका ROI (Return on Investment) अपेक्षित अधिक है और स्थानीय ब्रैंड्स को कड़ी टक्कर देने के लिए तमाम नेशनल ब्रैंड्स रेडियो जैसे हाइपर लोकल माध्यमों में भारी निवेश कर रहे हैं।

वर्तमान में रेडियो किस तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है?

रेडियो ब्रॉडकास्टर्स को न्यूज प्रसारित करने की अनुमति दी जानी चाहिए। अधिकांश निजी एफएम चैनल्स प्रतिष्ठित मीडिया समूहों के स्वामित्व में हैं और हमें ‘प्रसार भारती’ से न्यूज लेने के बजाय खुद न्यूज जुटाने और उसे अपनी शैली में प्रसारित करने की अनुमति दी जानी चाहिए। रेडियो पर न्यूज गेमचेंजर साबित होगी।

सरकार ने पिछले दिनों एक एडवाइजरी जारी की है कि सभी मोबाइल फोन में एफएम रेडियो की सुविधा होनी चाहिए। आप इसे किस रूप में देखते हैं?

यह काफी अच्छी बात है और इससे रेडियो श्रोताओं की संख्या में और बढ़ोतरी होगी। हम इस एडवाइजरी के लिए सरकार के आभारी हैं और हमें उम्मीद है कि लोगों के हित में सभी मोबाइल निर्माता सभी मोबाइल फोन में रेडियो एफएम की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। 


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