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ABP नेटवर्क के CEO अविनाश पाण्डेय ने बताया, चैनल्स में किए गए बदलाव से क्या होगा फायदा

एबीपी नेटवर्क के सीईओ अविनाश पाण्डेय ने ब्रैंड्स के दर्शकों की पसंद को और बेहतर बनाने, वैश्विक स्वास्थ्य संकट के इस दौर में खबरों में बदलाव के साथ कई अन्य पहलुओं पर बात की।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago

एबीपी नेटवर्क (ABP Network) इस समय बदलाव के दौर से गुजर रहा है,  फिर चाहे वह सैफरन ब्रैंड कन्सलटेन्ट्स द्वारा डिजाइन किए गए उसके सभी चैनल्स के लोगो हों, नोएडा के फिल्म सिटी में उसका कॉरपोरेट ऑफिस और स्टूडियो का शिफ्ट हो जाना हो या फिर प्रोग्रामिंग में बदलाव हो... यहां बहुत कुछ बदल रहा है। दरअसल, हाल के दिनों में मीडिया इंडस्ट्री में तमाम तरह के बदलाव देखने मिले हैं, लिहाजा इस बीच कंजप्शन मॉडल भी परिवर्तन के दौर में है, जिसे देखते हुए और खुद कम्प्टीशन से अलग रखते हुए एबीपी नेटवर्क ने अपने सभी चैनल्स की रीब्रैंडिंग की घोषणा की है।

एबीपी नेटवर्क के सीईओ अविनाश पाण्डेय के मुताबिक, तमाम चैनल्स में किए जा रहे बदलाव नेटवर्क के सौंदर्यशास्त्र को बदल देगा। उन्होंने कहा कि हम डिजिटल में निवेश कर रहे हैं, फिर चाहे वह पॉडकास्ट हो, वीडियो कंटेंट हो, डिजिटल मीडिया हो, या फिर कुछ और। हम मानते हैं कि यह बदलाव एबीपी नेटवर्क में और अधिक निवेश लाने में मदद कर सकता है।’

हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ से एबीपी नेटवर्क के सीईओ अविनाश पाण्डेय ने ब्रैंड्स के नए फोकस एरिया, दर्शकों की पसंद को और बेहतर बनाने, वैश्विक स्वास्थ्य संकट के इस दौर में खबरों में बदलाव के साथ कई अन्य पहलुओं पर बात की। इस बातचीत के मुख्य अंश आप नीचे पढ़ सकते हैं-

समग्र ब्रैंड बदलाव के बारे में थोड़ा बताएं, आपने अभी इसे करने का फैसला क्यों किया और रीब्रैंडिंग के दौरान मुख्य बदलाव क्या होंगे?

एक ब्रैंड के तौर पर एबीपी नेटवर्क हमेशा भीड़ से अलग रहा है। एबीपी नेटवर्क की एक नई यात्रा शुरू करने का हमारे लिए यह एक रोमांचक समय है। इस तथ्य से कोई इनकार नहीं कर सकता कि COVID-19 संकट ने गिरावट और अवसर दोनों की ही तस्वीरें पेश की हैं, लेकिन अब विपरीत परिस्थितियों में अवसर खोजने की इन चुनौतियों से एबीपी नेटवर्क ऊपर उठ चुका है। हमारा जुनून ही हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। इसी वजह से हम हर चीज जी-जान से करते हैं। यह हमारी विरासत का हिस्सा है और हम इसको हमेशा बनाए रखेंगे।

उन्होंने कहा कि भारत विरोधाभास के अनूठे मोड़ पर खड़ा है। दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी के साथ भारत के पास अपार क्षमताएं हैं, लेकिन इसके विपरीत, यहां अवसरों की असमानता और सुलभता के चलते सीमाएं भी हैं। इसीलिए ही हमने इस बदलाव का हिस्सा बनने का फैसला किया है। हम इस महामारी को बदलाव की एक शुरुआत के तौर पर याद करना चाहते हैं, न कि इसे नकारात्मकता के साथ जोड़कर देखना चाहते हैं।

हमारी नई पहचान एबीपी नेटवर्क पर हमारे उद्देश्य को बताती है, जिसका मकसद एक खुला और जानकारीपूर्ण समाज बनाना है, क्योंकि हमारा मानना है कि केवल  एक खुला और जानकारीपूर्ण समाज ही असीमित भारत का निर्माण कर सकता है। हमारी नई पहचान हमारी निडर न्यूज रिपोर्टिंग और असीमित क्षमता का प्रतीक है।

ऊंची उड़ान भरने के लिए हमने खुद को एक दायरे से बाहर निकाला है और असीम आकांक्षाओं के तहत आगे बढ़ने के लिए दर्शको को प्रेरित किया है। हमारी नई पहचान भारत में असीम क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। हमारे नए लोगो में पेश किया गया तीर का निशान एक स्थायी बुनियादी ढांचे का प्रतीक है, जो तेजी से बदलते मीडिया परिवेश के लिए एकदम अनुकूल है और यह हमारे दर्शकों के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है। पुराना एबीपी एरो हमारे डिजाइन की कुंजी है और यह बदलाव की राह पर है।

क्या आपको लगता है कि रीब्रैंडिंग का असर विज्ञापन बिलों पर भी होगा? आपके साथ बिजनेस करने वाले ऐडवर्टाइजर्स को देने के लिए और आप क्या कुछ और करेंगे?

विभिन्न माध्यमों और नई पीढ़ियों के लिए एक नई पहचान बनाना 'भविष्य का प्रमाण' है। हाल के दिनों में इंडस्ट्री में हुए बदलाव और बदलते कंजप्शन मॉडल के लिए आवश्यकताओं का ध्यान रखना जरूरी है। तमाम चैनल्स में किए जा रहे बदलाव नेटवर्क के सौंदर्यशास्त्र को बदल देगा। हम डिजिटल में निवेश कर रहे हैं, फिर चाहे वह पॉडकास्ट हो, वीडियो कंटेंट हो, डिजिटल मीडिया हो, या फिर कुछ और। हम मानते हैं कि यह बदलाव एबीपी नेटवर्क में और अधिक निवेश लाने में मदद कर सकता है।’

नए एबीपी नेटवर्क का प्राथमिक फोकस क्षेत्र क्या होगा?

नए ABP नेटवर्क की कोई सीमा नहीं होगी। अपने दर्शकों को खबरें देने के लिए और उन्हें सबसे आगे रखने के लिए हम किसी भी दायरे को पार कर जाएंगे। हमारा फोकस असीमित होने के साथ-साथ बदलाव के इस दौर में और आगे बढ़ने पर होगा। हमारी नई पहचान हमारी असीम आकांक्षाओं के उद्देश्य को दर्शाती है और भारतीय नागरिकों को खुली मानसिकता का एक ऐसा मंच देती है, जहां जीवन जीने के लिए कोई भी व्यक्ति खुद को सशक्त बना सके। भारत में असीम क्षमता को बढ़ावा देने के लिए यह हम निरंतर प्रतिबद्ध हैं।

नेटवर्क की रीब्रैंडिंग बहुत ही दिलचस्प समय पर हुआ है, लिहाजा हमें वैश्विक स्वास्थ्य संकट के इस दौर में की जा रही पत्रकारिता और खबरों के बारे में बताएं?

चल रहे इस महामारी के दौर में ब्रॉडकास्ट इंडस्ट्री में कई तरह के बदलाव देखने को मिले हैं। इस अभूतपूर्व समय ने टेलीविजन मीडिया के लिए ऐतिहासिक व्युअरशिप निर्मित की है। टेक्नोलॉजी के प्रति बदलाव के कारण दर्शकों के कंजप्शन पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। विश्व स्तर पर यह देखा गया कि हर तरह की जानकारी के लिए दर्शक सीधे टेलीविजन मीडिया पर निर्भर थे। लॉकडाउन के दौरान जब लोग अपने घरों में बंद थे तब हमारे संवाददाताओं ने बाहरी दुनिया की स्थिति के बारे में मिनट-टू-मिनट अपडेट देकर दर्शकों के लिए जानकारी के प्राथमिक स्रोत के रूप में कार्य किया। खबरें पढ़ने-देखने के लिए ज्यादा संख्या में लोगों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर भी रुख किया, जिससे ब्रॉडकास्टर्स ने तेजी से बढ़ते इस नए ट्रेंड्स को भी अपनाया है।

हमने एबीपी नेटवर्क में घर से काम करने वाले एंकर्स के लिए स्पेशल प्रोग्राम्स भी तैयार किए थे। मुझे ऐसी इंडस्ट्री के साथ जुड़ने पर गर्व है, जिसने लोगों के लाभ के लिए दिन-रात काम किया है।

क्या एडिटोरियल पॉलिसी और कंटेंट में किसी तरह का कोई बदलाव होगा?

ABP नेटवर्क पर, हम एक बेहतर दुनिया का निर्माण करने के लिए खुद को अपनी ही सीमाओं से आगे निकलना चाहते हैं और अपने कंटेंट के जरिए सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं। जहां तक नैतिकता, सत्य और समर्पण के मूलभूत आधार स्तंभों और मूल्यों का सवाल है, उन में कोई बदलाव नहीं होगा। लेकिन हां, हम अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए डिजिटल और अन्य पोर्टफोलियो में भारी निवेश करके सोच और माध्यम दोनों को बदल रहे हैं।


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