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न्यूज चैनल्स की रेटिंग के मुद्दे पर iTV Network के कार्तिकेय शर्मा ने रखी अपनी बात
लॉकडाउन के दौरान लगभग सभी लोग कोरोनावायरस से जुड़ी खबरों के अपडेट्स के लिए न्यूज चैनल्स देख रहे हैं
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
पूरी दुनिया में इन दिनों कोरोनावायरस (कोविड-19) का कोहराम मचा हुआ है। इस महामारी के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने देश में लॉकडाउन की घोषणा की है और लोगों को 21 दिनों तक घरों में रहने की सलाह दी है। लॉकडाउन के दौरान लगभग सभी लोग कोरोनावायरस से जुड़ी खबरों के अपडेट्स के लिए न्यूज चैनल्स देख रहे हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ हफ्तों के दौरान टीवी न्यूज की खपत में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है।
हालांकि, इस ग्रोथ की बीच इस तरह की खबरें भी सामने आ रही हैं कि देश में टीवी दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया चार हफ्तों के लिए टीवी रेटिंग्स को स्थगित करने की योजना बना रही है। हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) ने न्यूज ब्रॉडकास्टर ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) के फाउंडर और ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन’ (NBF) के वाइस प्रेजिडेंट कार्तिकेय शर्मा से बार्क के इस प्रस्तावित कदम और लॉकडाउन के बीच न्यूज चैनल्स की कार्यप्रणाली के बारे में बातचीत की।
इस बातचीत के दौरान कार्तिकेय शर्मा का कहना था कि वर्तमान दौर में टीवी न्यूज तमाम चुनौतियों और मुश्किलों से जूझ रही है, लेकिन यह एक वैश्विक समस्या है। ऐसे समय में व्यवसाय में शामिल लोगों की सेफ्टी और सिक्योरिटी को देखना प्राथमिकता है। कार्तिकेय शर्मा का कहना है, ‘आईटीवी नेटवर्क में हम अपनी टीमों की सुरक्षा व देखभाल के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। इस दौरान सैनिटेशन के नियमों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। यही नहीं, इस बीमारी से बचाव में सोशल डिस्टेंस एक कारगर उपाय है, इसलिए नेटवर्क ने अपने 50 प्रतिशत एंप्लाईज को ‘घर से काम’ (Work From Home) करने की सुविधा दी है, ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।’
प्रस्तुत हैं इस बातचीत के प्रमुख अंश:
पिछले हफ्तों के दौरान न्यूज व्युअरशिप में काफी इजाफा देखने को मिला है, विज्ञापन के लिहाज से देखें तो कितना असर हुआ है और विज्ञापनदाता इसे किस रूप में देख रहे हैं?
विज्ञापनदाताओं के बारे में तभी स्पष्ट हो पाएगा, जब लॉकडाउन खत्म होगा। हां, लोग टीवी पर न्यूज देख रहे हैं और लंबे समय से जो धारण बनी हुई थी कि जनरल एंटरटेनमेंट चैनल्स के मुकाबले टीवी न्यूज को कम देखा जाता है, पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। वर्तमान में काफी सारी चीजें पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी हैं। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि टीवी न्यूज घटनाओं पर आधारित बिजनेस है। यानी जब कोई बड़ी घटना होती है तो टीवी न्यूज की व्युअरशिप बढ़ जाती है। तमाम लोग फिर इस निष्कर्ष पर पहुंच चुके हैं कि टीवी न्यूज लोगों पर काफी प्रभाव डालती है। अभी मैं केवल इतना कह सकता हूं कि बुनियादी धारणाएं सही हो रही हैं और बहुत सारा विज्ञापन खर्च इन पर आधारित था।
संकट की इस घड़ी में कोविड-19 से प्रभावित लोगों की ‘आईटीवी फाउंडेशन’ (iTV Foundation) किस तरह से मदद कर रहा है?
‘आईटीवी फाउंडेशन’ करीब तीन साल से चल रहा है। अभी तो हम लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे बहुत से लोग हैं जो मदद करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता कि कैसे करें। एक मीडिया प्लेटफॉर्म के रूप में हम लोगों को एक साथ ला रहे हैं और हम ऐसा करना आगे भी जारी रखेंगे।
सुनने में आ रहा है कि चैनल्स की रेटिंग को बार्क चार हफ्ते के लिए स्थगित कर सकती है। इस बारे में आपका क्या कहना है?
टीवी न्यूज इंडस्ट्री के लिए यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण बात होगी, जिसने हमेशा रेवेन्यू जुटाने के लिए काफी संघर्ष किया है, खासकर इस तथ्य को देखते हुए कि इसमें बहुत ज्यादा पूंजी लगती है। इस धारणा के तहत कि न्यूज चैनल्स पर्याप्त रिटर्न नहीं देते, उनके साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है। लेकिन सिर्फ इसलिए कि जनरल एंटरटेनमेंट चैनल्स (GECs) फ्रेश कंटेंट नहीं दे सकते, इसका ये मतलब नहीं कि न्यूज प्लेयर्स के लिए इस तरह का कदम उठाया जाए। न्यूज व्युअरशिप बढ़ रही है। यह सच्चाई है और इसे स्वीकार किए जाने की जरूरत है। ऐसे समय में न्यूज चैनल्स की रेटिंग को रोकना एक कठोर कदम होगा।
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