होम / साक्षात्कार / कार्तिकेय शर्मा ने बताया, मीडिया के लिए क्यों बेहतर रहेगा यह साल

कार्तिकेय शर्मा ने बताया, मीडिया के लिए क्यों बेहतर रहेगा यह साल

'ट्राई’ के नए टैरिफ ऑर्डर (NTO 2.0) को लेकर काफी आशावादी ‘आईटीवी नेटवर्क’ के फाउंडर और प्रमोटर कार्तिकेय शर्मा को अंग्रेजी डिजिटल कंटेंट पर काफी भरोसा है

समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago

‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) के फाउंडर और प्रमोटर कार्तिकेय शर्मा का मानना है कि वर्ष 2019 की तरह मीडिया को इस साल भी तमाम बड़ी घटनाएं कवर करने को मिलेंगी। साल के शुरु में ही ‘नागरिकता संशोधन कानून’ (सीएए) को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों से इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। इसके साथ ही दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर भी न्यूज रूम इन दिनों काफी व्यस्त हो गए हैं।

रीजनल चैनल्स पर भी अपनी मजबूत स्थिति के साथ नेटवर्क ने कम समय में ही अच्छी-खासी व्युअरशिप हासिल कर ली है। ‘ट्राई’ के नए टैरिफ ऑर्डर (NTO 2.0) को लेकर काफी आशावादी कार्तिकेय शर्मा को अंग्रेजी डिजिटल कंटेंट पर काफी भरोसा है। हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) के साथ एक बातचीत में कार्तिकेय शर्मा ने न्यूज रूम में तकनीकी व्यवधानों से लेकर, टीवी पत्रकारिता और वर्ष 2020 के बारे में अपने विचार रखे। प्रस्तुत हैं इस बातचीत के प्रमुख अंश:    

वर्ष 2019 में न्यूजरूम्स में किस तरह की बड़े बदलाव देखने को मिले हैं? कोई ऐसा व्यवधान आया हो, जिसके बारे में आप बताना चाहें?

न्यूज में बदलाव होना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। मेरे अनुसार, सोशल मीडिया ने न्यूज रूम को काफी प्रभावित किया है। सोशल मीडिया ने न्यूज रूम की गतिविधियों को बदलकर रख दिया है, इसलिए इस बारे में बात होना लाजिमी है। सोशल मीडिया के विकास के साथ इसे लेकर चिंताएं भी बढ़ रही हैं। यही कारण है कि ट्रेडिशनल मीडिया इतना महत्वपूर्ण है। मेरी नजर में न्यूज इंडस्ट्री के लिए यह साल काफी अच्छा रहेगा। रही बात नए टैरिफ ऑर्डर (NTO 2.0) की तो इससे न्यूज चैनल्स को कम मूल्यों पर न्यूज और कंटेंट उपलब्ध कराने में बड़ी सहूलियत होगी। इसके साथ ही आने वाले समय में डिजिटल कंटेंट और ताकतवर हो जाएगा।

ऐसे समय में जब डिजिटल मीडिया में भारी वृद्धि देखी जा रही है, क्या आपको लगता है कि यह टीवी न्यूज चैनल्स के लिए खतरा है?

सच कहूं तो मुझे नहीं लगता कि टीवी न्यूज चैनल्स के लिए डिजिटल किसी तरह का खतरा है। यह तो एंप्लीफायर है। यह न्यूज के विभिन्न पहलुओं को और स्पष्ट करता है। न्यूज के विभिन्न जॉनर्स (genres) अपने-अपने टार्गेट ऑडियंस के हिसाब से डिजिटल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। अन्य भाषाओं की तुलना में अंग्रेजी के डिजिटल कंटेंट की ज्यादा खपत है और अंग्रेजी न्यूज चैनल्स के लिए यह जानने का सबसे अच्छा तरीका डिजिटल कंटेंट है कि किस प्रकार का कंटेंट काम कर रहा है। मेरा मानना है कि डिजिटल इस सफर का हिस्सा तो हो सकता है लेकिन टेलिविजन जर्नलिज्म को रिप्लेस नहीं कर सकता यानी उसकी जगह नहीं ले सकता है।     

खबरों के लिहाज से वर्ष 2019 काफी अच्छा साल रहा और उस दौरान कई मौकों पर न्यूज की व्युअरशिप जनरल एंटरटेनमेंट चैनल्स (GEC) से ज्यादा निकल गई। आपके लिए पिछले साल ऐसी तीन कौन सी बड़ी घटनाएं रहीं, जिन्हें आपने नेटवर्क पर चलाया?

पिछला साल खबरों के लिहाज से काफी अच्छा था। इस दौरान तमाम बड़ी घटनाएं हुईं। चूंकि वर्ष 2019 में चुनाव भी था, इसलिए हमने अपने सभी प्लेटफॉर्म्स चाहे वो हिंदी हो, अंग्रेजी हो अथवा रीजनल, चुनाव को लेकर काफी व्यापक कवरेज की। हमारे यूट्यूब प्रोग्राम ‘तीखी मिर्ची’ (Tikhi Mirchi) को 35 मिलियन व्यूज मिले और ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ (Art of Living) के साथ मिलकर शुरू की गई हमारी पहल ‘सेव वाटर’ (Save Water) अन्य सभी न्यूज चैनल्स में सबसे बड़ी पहल है।  

टीवी पत्रकारिता में मोजो (MoJo) और तमाम नई-नई टेक्नोलॉजी शुरू की जा रही हैं। ऐसे में आपने अपने न्यूजरूम्स में किस तरह की टेक्नोलॉजी को शामिल किया है?

मेरा मानना है कि न्यूज इंडस्ट्री कोई पहली बार टेक्नोलॉजी को नहीं अपना रही है। टेक्नोलॉजी की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है और इसने काम को काफी आसान और सुविधाजनक बना दिया है, लेकिन यही टेक्नोलॉजी ट्रेडिशनल मीडिया के लिए वास्तविक खतरा भी है।

आपकी नजर में वर्ष 2019 की तुलना में न्यूज के लिहाज से वर्ष 2020 कैसा रहेगा, इस बारे में थोड़ा बताएं। क्या आपको लगता है कि इस साल टीवी पत्रकारिता में कुछ बड़ा व्यवधान आ सकता है?

मुझे लगता है कि न्यूज के लिहाज से वर्ष 2019 की तुलना में इस साल ज्यादा घटनाएं होंगी। इस साल दिल्ली विधानसभा चुनाव के साथ ही अन्य राज्यों में चुनाव भी पाइप लाइन में हैं। ऐसे में न्यूज चैनल्स के लिए काफी कंटेंट होगा। पॉलिटिक्स, क्रिकेट और एंटरटेनमेंट के क्षेत्र से काफी बड़ी खबरें निकलेंगी।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)


टैग्स आईटीवी नेटवर्क कार्तिकेय शर्मा न्यूजएक्स दिल्ली चुनाव न्यूज डिजिटाइजेशन इंडिया टीवी न्यूज न्यू टैरिफ ऑर्डर 2.0
सम्बंधित खबरें

सिर्फ सत्ता नहीं, बदलाव की कहानी है ‘Revolutionary Raj’: आलोक मेहता

वरिष्ठ संपादक (पद्मश्री) और जाने-माने लेखक आलोक मेहता ने अपनी कॉफी टेबल बुक “Revolutionary Raj: Narendra Modi’s 25 Years” से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर समाचार4मीडिया से खास बातचीत की है।

3 days ago

पत्रकारिता में इन बातों पर फोकस जरूरी, बाकी सब अपने आप संभल जाएगा: संकेत उपाध्याय

समाचार4मीडिया से बातचीत में जाने-माने पत्रकार संकेत उपाध्याय का कहना था- ईको सिस्टम बंटोरने के इस सिस्टम में जागरूक हो जाना ही एक ईको सिस्टम है।

5 days ago

अब ‘मैड मेन’ नहीं, ‘मशीन माइंड्स’ का है जमाना: सर मार्टिन सोरेल

S4 Capital के फाउंडर व एग्जिक्यूटिव चेयरमैन सर मार्टिन सोरेल ने डॉ. अनुराग बत्रा से बातचीत में बताया कि एआई के दौर में विज्ञापन जगत में कैसे आगे बढ़ें और कौन-सी बड़ी कंपनियां पिछड़ रही हैं।

5 days ago

टीवी व डिजिटल में मुकाबले की बहस गलत, प्लेटफॉर्म की सीमाओं से आगे बढ़ें: आशीष सहगल

टाइम्स टेलीविजन नेटवर्क के नए CEO और मीडिया व एंटरटेनमेंट के चीफ ग्रोथ ऑफिसर आशीष सहगल ने कहा कि टीवी और डिजिटल के बीच मुकाबले की चर्चा एक गलत धारा है।

18-December-2025

सफलता के लिए बदलाव की रफ्तार पकड़नी होगी: उदय शंकर

जियोस्टार के वाइस चेयरमैन उदय शंकर ने CII बिग पिक्चर समिट में भारतीय मीडिया के भविष्य पर SPNI के एमडी व सीईओ गौरव बनर्जी से बातचीत की।

03-December-2025


बड़ी खबरें

पद्मश्री आलोक मेहता की कॉफी-टेबल बुक 'Revolutionary Raj' का भव्य लोकार्पण

शुभी पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित यह कॉफी-टेबल बुक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों पर केंद्रित है। इसका भूमिका लेख (Foreword) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा है।

15 hours ago

BBC के पूर्व इंडिया हेड संजीव श्रीवास्तव ने खोली कचौरी की दुकान, बताई ये वजह

समाचार4मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि दुकान की री-मॉडलिंग और तैयारियों में करीब छह महीने लगे और इस दौरान कई जटिलताएं भी सामने आईं, लेकिन अब चीजें धीरे-धीरे स्थिरता की ओर हैं।

6 hours ago

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की फैक्ट-चेकिंग यूनिट मामले में याचिका फिर से की बहाल

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उस याचिका को फिर से बहाल कर दिया है, जिसमें केंद्र ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।

1 day ago

प्रसार भारती ने WAVES पर सैटेलाइट टीवी चैनलों को जोड़ने के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ाई

प्रसार भारती ने अपने OTT प्लेटफॉर्म WAVES पर सैटेलाइट टीवी चैनलों को जोड़ने के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ा दी है।

1 day ago

WBD डील पर Paramount को शुरुआती राहत, अमेरिका में एंटीट्रस्ट अवधि पूरी

Warner Bros. Discovery को खरीदनें को लेकर बड़ी कंपनियों के बीच जोरदार मुकाबला चल रहा है। अब देखना होगा कि आखिर यह डील किसके हाथ लगती है

1 day ago