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प्रेस क्लब में पारदर्शिता और विकास पर रहेगा फोकस, नई पहल की तैयारी: गौतम लाहिरी
वरिष्ठ पत्रकार गौतम लाहिरी ने 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' में प्रेजिडेंट के पद पर लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है। पिछले दिनों हुए प्रेस क्लब के चुनावों में उनके पैनल ने सभी सीटों पर जीत दर्ज की है।
पंकज शर्मा 1 year ago
वरिष्ठ पत्रकार गौतम लाहिरी ने पत्रकारों के प्रमुख संगठन 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (Press Club Of India) में प्रेजिडेंट के पद पर लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है। पिछले दिनों हुए प्रेस क्लब के चुनावों में गौतम लाहिरी के पैनल ने सभी सीटों पर जीत दर्ज की है।
इस कार्यकाल के दौरान पत्रकारों के हितों को लेकर गौतम लाहिरी जी की शीर्ष प्राथमिकताएं क्या रहेंगी और प्रेस क्लब को कैसे वह और आगे ले जाएंगे? जैसे तमाम मुद्दों पर उन्होंने समाचार4मीडिया से विस्तार से बातचीत की। प्रस्तुत हैं इस बातचीत के प्रमुख अंश:
सबसे पहले अपने शुरुआती करियर और अब तक के सफर के बारे में बताएं?
मैंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1980 में कोलकाता के अंग्रेजी अखबार ‘अमृत बाजार पत्रिका’ से की। उसके बाद मैंने कई बंगाली अखबारों में काम किया। फिर दिल्ली ट्रांसफर हुआ और यहां मैंने विभिन्न अखबारों के साथ काम किया। ‘संवाद प्रतिदिन’ में चीफ ऑफ ब्यूरो के तौर पर कार्य किया। 2017 में वहां से रिटायरमेंट लिया।
इसके बाद मैंने ‘ईटीवी’ और ‘जी न्यूज’ के साथ जुड़कर काम किया। इसके अलावा, कई पोर्टल्स और अखबारों में स्वतंत्र लेखन करता रहा। मैंने लगभग 60 देशों की यात्रा की है, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के साथ प्रतिनिधमंडल का हिस्सा रहा हूं।
आप लगातार दूसरी बार प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के अध्यक्ष चुने गए हैं। आपकी प्राथमिकताएं क्या होंगी?
मेरे साथ एक मजबूत टीम है, जो पत्रकारों के हितों के लिए काम करने को प्रतिबद्ध है। हमारा फोकस प्रेस क्लब को एक संस्था के रूप में विकसित करना है। हम चाहते हैं कि यह केवल एक खाने-पीने की जगह न हो, बल्कि एक ऐसा केंद्र बने, जहां पत्रकारों को अपने पेशेवर विकास के लिए सभी सुविधाएं मिलें।
हमने हाल ही में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त की है, जो प्रेस क्लब के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इसका नोटिफिकेशन जारी हो गया है। हमारी प्राथमिकता इस संस्था को और अधिक लोकतांत्रिक और पारदर्शी बनाना है।
कोई भी चुनाव हो, उसमें तमाम आरोप-प्रत्यारोप भी होते हैं। ऐसे में आपकी नजर में क्या योजना है, जिससे प्रेस क्लब के भीतर पारदर्शिता और एकता बनी रहे?
प्रेस क्लब का चुनाव हर साल होता है, जो इसे लोकतांत्रिक बनाए रखता है। यहां विचारधाराओं के भेदभाव के बिना हर सदस्य चुनाव लड़ सकता है। हमने हमेशा पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है और सदस्यता प्रक्रिया को लेकर किसी भी आरोप का जवाब अदालतों ने हमारे पक्ष में दिया है।
पिछली बार के कार्यकाल में आपने क्या बड़े कदम उठाए?
हमने नेशनल मीडिया पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया, जो पत्रकारों की सुरक्षा और उनकी कार्यशैली को संरक्षित करने पर जोर देता है। हमने एक मीडिया सेंटर बनाया, जहां से पत्रकार स्टोरी फाइल कर सकते हैं। इस बार हमारी योजना एक ऑडियो-विजुअल यूनिट और ऑनलाइन रेडियो शुरू करने की है। इसके अलावा, हम एक बड़ी लाइब्रेरी बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं, जहां पत्रकार संसदीय डिबेट और अन्य साहित्य पढ़ सकें।
पत्रकारिता में विश्वसनीयता बनाए रखना आज बड़ी चुनौती है। इस दिशा में प्रेस क्लब क्या कर सकता है?
हमने फैक्ट-चेकिंग पर वर्कशॉप आयोजित की हैं और इसे और आगे बढ़ाने की योजना है। साथ ही, हमने लीगल सेल की शुरुआत की है, जो पत्रकारों को कानूनी सहायता प्रदान करेगी। पत्रकारों की आत्मनिर्भरता बढ़ाने और उनके स्वतंत्र लेखन को प्रोत्साहित करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रेस क्लब के लगातार दूसरी बार प्रेजिडेंट चुने जाने के बाद कार्यकारिणी की पहली बैठक में क्या बड़े निर्णय लिए गए?
इस चुनाव के बाद नवगठित कार्यकारिणी की पहली बैठक में प्रमुख निर्णय लिए गए:
1. देश के सभी प्रेस क्लबों को एकजुट कर एक फेडरेशन बनाने का प्रस्ताव।
2. प्रेस क्लब की लाइब्रेरी को विस्तार देने की योजना।
3. हमारे सदस्यों द्वारा लिखी गई पुस्तकों के लिए एक बुक फेयर आयोजित करने का निर्णय। यह एक अच्छी शुरुआत है। इससे उन पत्रकारों को मोटिवेशन मिलेगा, जिन्होंने कोई किताब लिखी है अथवा लिख रहे हैं।
4. 29 नवंबर को विदेश से आने पत्रकारों के डेलीगेशन के साथ संवाद की योजना बनाई गई। दरअसल, विदेश मंत्रालय की पहल पर हर साल तमाम देशों के पत्रकार भारत के दौरे पर आते हैं। इस दौरे में पत्रकारों के इस प्रतिनिधमंडल का प्रेस क्लब विजिट भी जरूर होता है। करीब 45 पत्रकारों का ये प्रतिनिधिमंडल इस बार 29 नवंबर को आ रहा है। ऐसे में प्रेस क्लब में इन पत्रकारों के साथ संवाद होगा।
प्रेस क्लब में नई पहल के रूप में आपने क्या सोचा है?
हम प्रेस क्लब में एक लिटरेरी फेस्टिवल आयोजित करेंगे, जिसमें हमारे सदस्यों की लिखी किताबों की प्रदर्शनी होगी। इसके अलावा, हम रिसर्च वर्क को भी बढ़ावा देने की योजना बना रहे हैं। इसके अलावा भी तमाम अन्य प्रमुख कदम उठाए जाएंगे, जिसके बारे में अभी बताना जल्दबाजी होगी।
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