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गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत बोले, मैं हमेशा इन दो चीजों को देता हूं प्राथमिकता

‘बिजनेसवर्ल्ड’ समूह के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ समूह के को-फाउंडर व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा ने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से बातचीत की

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago

भारत का एक ऐसा राज्य, जिसकी सुंदरता देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक प्रसिद्ध है। इस छोटे से राज्य का नाम सुनते ही पर्यटक रोमांचित होने लगते हैं। जी हां, यहां बात हो रही है गोवा की। गोवा में हर साल 19 दिसंबर को गोवा मुक्ति दिवस मनाया जाता है और इस वर्ष दिसंबर में वह अपनी आजादी के 61वें साल में प्रवेश करेगा। इसी के मद्देनजर ‘बिजनेसवर्ल्ड’ समूह के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ समूह के को-फाउंडर व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा ने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से बातचीत की और जाना कि कैसे यह राज्य स्टार्ट-अप स्पेस में बड़े पैमाने पर प्रगति कर रहा है और कैसे आत्म निर्भरता की ओर आगे बढ़ रहा है।

डॉ. बत्रा- सुबह से लेकर देर रात तक काम को लेकर आपकी क्या दिनचर्या रहती है यानी आप लगातार किस तरह काम करते रहते हैं? 

प्रमोद सावंत- मैं जो भी काम करता हूं, वह अपने राज्य और देश के लिए करता हूं और मुझे सुबह से लेकर शाम तक काम करने में कोई दिक्कत नहीं है। मैं रोजाना 16 से 18 घंटे काम करता हूं और यह काम मै स्वेच्छा से करता हूं।

डॉ. बत्रा- गोवा की आजादी का 60वां साल चल रहा है। अब आगे राज्य के लिए आपकी क्या योजना है? 

प्रमोद सावंत- जिस तरह देश में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ (Azadi ka Amrut Mahotsav) मना रहे हैं, उसी तरह  हम गोवा की आजादी की 60वीं वर्षगांठ यानी 19 दिसंबर 2020 से उत्सव मना रहे हैं। उस कार्यक्रम के उद्घाटन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। हमने राज्य में और राज्य से बाहर के लिए तमाम योजनाएं तैयार की थीं, हालांकि महामारी के चलते हम उन योजनाओं का पूरी तरह से क्रियान्वन नहीं कर सके। हालांकि, अगले दो महीनों के लिए हमारे पास कई कार्यक्रम हैं। राज्य में ही कम से कम 60 कार्यक्रम होंगे, इसके अलावा देशभर में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हम पहले ही सरकार आपके द्वार यानी ‘Government at Your Doorstep’ (Sarkar Tumchya Dari) कार्यक्रम शुरू कर चुके हैं। इसके तहत सभी सरकारी सेवाएं लोगों को उनके घरों पर उपलब्ध होंगी।

डॉ. बत्रा- बेंगलुरु और देश के अन्य स्थानों की तरह गोवा इस तरह नवाचार का केंद्र (Innovation Hub) बनने जा रहा है? 

प्रमोद सावंत- हमने हाल ही में गोवा की कैबिनेट में स्टार्ट-अप नीति में संशोधन किया है। इस नीति को निवेशकों के लिए और यहां स्टार्ट-अप शुरू करने के इच्छुक लोगों के लिए पहले की अपेक्षा अधिक आकर्षक बनाया गया है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए हमने गोवा के टेक्निकल कॉलेजों में प्रतिभा तलाशने के लिए कॉन्क्लेव आयोजित किया था। गोवा को नॉलेज हब के रूप में और बढ़ावा देने के लिए हमने राज्य में निजी विश्वविद्यालय विधेयक पारित किया है। हमने गृह मंत्रालय के परामर्श से राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय शुरू किया है। गोवा में इंटरनेशनल स्कूल ऑफ लॉ शुरू हो रहा है, जो नॉलेज हब के रूप में राज्य के विकास को और गति देगा।

डॉ. बत्रा- गोवा में 500 से ज्यादा आईटी कंपनियां होने के बावजूद इसे आईटी हब बनाने की दिशा में रफ्तार थोड़ी धीमी है। इस रफ्तार को तेज करने के लिए आपके पास क्या प्लान है? 

प्रमोद सावंत- हमने नीति आयोग के इनक्यूबेशन सेंटर्स (incubation centres) विकसित किए हैं। इसे और सुविधाजनक बनाने के लिए हमारे पास डीजे-गिफ्ट (DJ-GIFT) योजना है, जिससे फीस में 50 प्रतिशत तक की कमी आएगी। इससे तकनीकी क्षेत्र में प्रतिभाओं को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।

डॉ. बत्रा- कोविड की दूसरी लहर ने पूरे देश को चौंका दिया था और अब तीसरी लहर आने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में कोविड की तीसरी लहर से निपटने के लिए और इसके साथ ही स्वास्थ्य टूरिज्म, टेलिमेडिसिन और इसी तरह की चीजों को प्रमोट करने के लिए आपके पास क्या योजनाएं हैं? 

प्रमोद सावंत- कोविड की दूसरी लहर के दौरान हमने राज्य के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास किया था। हमने अपनी दीन दयाल स्वास्थ्य सेवा योजना के माध्यम से निजी अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया और ऐसा करने वाला गोवा एकमात्र राज्य है। चाहे एलएमओ (लिक्विड मेडिकल टैंक) हो या ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट, हमारे पास सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों या जिला अस्पतालों में यह उपलब्ध है। हम जल्द ही टेलिमेडिसिन शुरू करेंगे, जिससे राज्य भर के लोगों को फायदा होगा। हम गोवा के लोगों को सर्वोत्तम सुविधाएं प्रदान करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

डॉ. बत्रा- लोग आपको शिक्षित, प्रगतिशील, विनम्र और कुशल राजनेता के रूप में देखते हैं। लोगों को आपसे बहुत उम्मीदें हैं। अपनी योजनाओं को पूरा करने के लिए आप किस तरह प्राथमिकता सूची तैयार करेंगे?

प्रमोद सावंत- मैं बुनियादी ढांचा और मानव विकास, इन दो चीजों को प्राथमिकता देता हूं। मैं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के लिए काम करता हूं, फिर चाहे वह मामूली बुनियादी ढांचे या प्रमुख बुनियादी ढांचे से जुड़ा हो। जिस तरह से केंद्र सरकार ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ योजना शुरू की है, उसी तरह से गोवा सरकार ने भी स्वयंपूर्ण गोवा (Swayampurna Goa) या आत्मनिर्भर गोवा (self-reliant Goa) योजना शुरू की है। इसके तहत गोवा के हर गांव में प्रत्येक शनिवार को एक सरकारी कर्मचारी जा रहा है और लोगों के लिए काम कर रहा है।

डॉ. बत्रा- यह देखते हुए कि गोवा में बुनियादी ढांचा तेजी से विकसित हो रहा है, आप इसका उपयोग गोवा के लोगों को आगे बढ़ाने, अधिक रोजगार और अधिक अवसर पैदा करने के लिए किस तरह करेंगे?

प्रमोद सावंत- चाहे मोपा इंटरनेशनल एयरपोर्ट हो, या नॉर्थ गोवा से साउथ गोवा तक कनेक्टिविटी हो, इन सभी सुविधाओं से पर्यटन उद्योग को फलने-फूलने में मदद मिलेगी। हम सभी के लिए सर्वोत्तम बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं। इससे न केवल पर्यटन, बल्कि राज्य में निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।

डॉ. बत्रा- पिछले कुछ वर्षों से खनन का काम नहीं हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा खनन पर प्रतिबंध लगाए जाने के साथ ही पुराने खनन पट्टे समाप्त हो चुके हैं अथवा निलंबित हो चुके हैं। यदि आपकी सरकार वापस आती है तो क्या खनन प्रतिबंध का कोई समाधान निकाला जाएगा? 

प्रमोद सावंत- जब से मेरी सरकार सत्ता में आई है, हम पहले ही खनन निगम बना चुके हैं। हम यहां के लोगों को आर्थिक विकास प्रदान करते हुए राज्य में खनन गतिविधियों में तेजी लाने के कई तरीकों का पता लगाने के साथ-साथ इस कार्यकाल में ही लीज की गतिविधियों की शुरुआत कर रहे हैं। मैं खुद खनन क्षेत्र से आता हूं और महसूस करता हूं कि लोगों के लिए खनन शुरू करना कितना महत्वपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हम इन तीन महीनों में खनन गतिविधियां शुरू करेंगे। इसके तहत हम विभिन्न गतिविधियों को शुरू और प्रोत्साहित कर रहे हैं।

डॉ. बत्रा- चुनाव के बाद यदि आप गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में वापस आएंगे तो गोवा के लिए आपका क्या विजन है?

प्रमोद सावंत- मैं ये नहीं कह सकता हूं कि 2022 के चुनाव में कौन जीतेगा और कौन मुख्यमंत्री बनेगा। लेकिन मैं पक्के तौर पर कह सकता हूं कि 2022 में हमारे मौजूदा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार आएगी। आत्मनिर्भर भारत के तहत हम पर्यटन उद्योग को बढ़ावा दे रहे हैं, जो हमारा प्राथमिक उद्योग है। चाहे वह नीली क्रांति हो, हरित क्रांति हो या श्वेत क्रांति हो, हम इसे राज्य में बढ़ावा दे रहे हैं। हम भारत सरकार के सहयोग से मछली पालन को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसमें निर्यात भी शामिल है। जब मैं हरित क्रांति की बात करता हूं, तो इसमें हम घरेलू स्तर पर उन कृषि उत्पादों का उत्पादन कर रहे हैं, जिनका हम पहले आयात कर रहे थे। हम पहले दूसरे राज्यों से दूध आयात कर रहे थे, लेकिन घरेलू उत्पादन के लिए इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है। चाहे वह कोई भी उद्योग हो, कृषि हो, युवा हो या महिलाएं, हम सभी के विकास को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं।

इसके अलावा हम आईटी, शिक्षा और समुद्री उद्योग को प्रोत्साहित कर रहे हैं, जो पर्यावरण के अनुकूल भी हैं। मेरा विजन गैर प्रदूषणकारी उद्योगों को बढ़ावा देना है, और गोवा के लोग जानते हैं कि गोवा में 60 में पहली बार हमने आत्मनिर्भर/स्वयंपूर्ण गोवा को बढ़ावा दिया है।

डॉ. बत्रा- गोवा के लोगों, विशेषकर उद्यमियों और व्यापारियों से आपकी क्या अपेक्षा है? कोविड की दूसरी लहर में लघु और मध्यम उद्योगों (SMEs) पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा था, इसे देखते हुए गोवा के संपन्न व्यवसाइयों से आप क्या चाहते हैं? 

प्रमोद सावंत- कोविड के दौरान भी हमने लघु और मध्यम उद्योगों (SMEs) की हर तरह से मदद की थी। मैं राज्य के संपन्न उद्योगपतियों से केवल यही अनुरोध करूंगा कि वे गोवा के लोगों को अपने उद्यमों में रोजगार दें। आत्मनिर्भर भारत के तहत लघु और मध्यम उद्योगों के लिए जो भी लाभ थे, हमने उसे स्थानीय बैंकरों के सहयोग से स्थानीय उद्यमों को दिया। आत्मनिर्भर भारत की तरह ही मेक इन इंडिया की अवधारणा को भी केंद्र सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। यह आवश्यक है कि गोवा में कुशल जनशक्ति (skilled manpower) का उपयोग किया जाए, जिसके लिए हम अप्रेंटिसशिप (apprenticeship) के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों की मदद कर सकते हैं। यहां मैं यह भी बताना चाहूंगा कि इस महामारी के दौरान हमने MSMEs को राहत के रूप में 500 करोड़ का वितरण किया है। हम आरएसएल प्लेटफॉर्म (RSL platform) का उपयोग करने वाले और राज्य में छूट प्रणाली (discounting system) तैयार करने वाले पहले राज्य हैं, ताकि गोवा राज्य में अर्थव्यवस्था का प्रवाह निर्बाध रूप से हो।


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