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BCCI और IPL को लेकर वरिष्ठ खेल पत्रकार बोरिया मजूमदार ने कही ये बात

बीसीसीआई 18 अगस्त को आईपीएल के टाटइल स्पॉन्सर की घोषणा कर सकता है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago

‘इंडियन प्रीमियर लीग’ (आईपीएल) 2020 की टाइटल स्पॉन्सर चीनी कंपनी ‘वीवो’ (VIVO) ने इस साल लीग से हाथ खींच लिए हैं। वीवो ने पिछले दिनों घोषणा की है कि वह साल इस आयोजन की फ्रेंचाइजी का हिस्सा नहीं रहेगा। अब सबकी निगाहें बीसीसीआई पर लगी हुई हैं। इसके साथ ही बीसीसीआई ने नए टाइटल स्पॉन्सर की तलाश शुरू कर दी। अब खबर है कि बीसीसीआई 18 अगस्त को टाइटल स्पॉन्सर की घोषणा कर सकती है।

इस बारे में क्रिकेट की गहराई से समझ रखने वाले जाने-माने खेल पत्रकार, लेखक और शिक्षाविद बोरिया मजूमदार से हमारी सहयोगी वेबसाइट एक्सचेंज4मीडिया (exchange4media) ने बातचीत की। इस दौरान मजूमदार ने बताया कि इस साल टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए किस तरह भारतीय कंपनियां आगे आ रही हैं और बीसीसीआई कैसे इसे अपनी प्रतिष्ठा के रूप में देखता है।  

पेश हैं इस बातचीत के प्रमुख अंश:

क्या बीसीसीआई दोबारा से अपनी पूर्ववत स्थिति में आ सकता है?

इस स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय खेल गलियारों में सबसे ज्यादा यही सवाल उठा। आईपीएल की टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए कई बड़ी भारतीय कंपनियां आगे आई हैं। इसमें कोई शक नहीं है कि यह आयोजन एक बार फिर मार्केट के सारे अनुमानों को मात दे देगा और आश्चर्यचकित कर देगा। इस साल वीवो के अलग हटने से 440 करोड़ रुपये के नुकसान के बाद तमाम लोगों को लगता है कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में बीसीसीआई 200 करोड़ रुपये कमा लेगा।   

संभावना है कि यह कम से कम 100 करोड़ रुपए ज्यादा यानी कुल 300 करोड़, जिनमें से 200 करोड़ से ज्यादा टाइटल स्पॉन्सरशिप से और 100 करोड़ दो अन्य ऑफिशियल पार्टनर से कमा लेगा। खास बात यह है कि अनिश्चितता के इस दौर में भी भारतीय कंपनियां (India Inc) इस आयोजन का सपोर्ट करने के लिए पूरी तरह दृढ़ हैं। दूसरा आप इन कंपनियों को देखें और तीसरा लोकल फ्लेवर भी इसमें अपनी भूमिका निभाएगा।  

यदि हम इंडिया इंक की बात करें तो आपको क्या लगता है, कौन सा ब्रैंड्स इस साल प्रमुख भूमिका निभाएगा?

टाटा, जो 2017 के बाद से क्रिकेट में अपने पहले प्रमुख स्थान पर नजर जमाए हुई है, इस भारतीय दिग्गज की वैश्विक मार्केट में भी अच्छी पकड़ है। इसने वर्ष 1920 के ओलंपिक्स में न सिर्फ इंडियन टीम को फंड दिया था, बल्कि भारतीय स्पोर्ट्स की दुनिया में लगातार बने हुए हैं। ऐसे समय में उनका आगे आना और इस तरह का कदम उठाना कोई आश्चर्य की बात नहीं है, जब प्रधानमंत्री लगातार आत्मनिर्भरता की बात कर रहे हैं।

टाइटल स्पॉन्सरशिप की इस दौड़ में ‘ड्रीम11’ (Dream11) और ‘बायजूस’ (Byju’s) जैसे दो बड़े ब्रैंड्स भी शामिल हैं। वहीं, हमें ‘अनएकैडमी’ (Unacademy) को भी नहीं भूलना चाहिए, जो डिजिटल एजुकेशन के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ ब्रैंड है। दो युवा भारतीय एंटरप्रिन्योर्स द्वारा शुरू की गई ‘ड्रीम11’ का अब आठ करोड़ से ज्यादा सबस्क्राइबर बेस है और इसे सिर्फ इंडिया में खेला जाता है। वहीं, ‘बायजूस’ भी पूरी तरह इंडियन ब्रैंड है, जिसने डिजिटल एजुकेशन को पूरी तरह बदल दिया है।

खास बात यह है कि दोनों ब्रैंड्स भारतीय क्रिकेट से काफी नजदीकी से जुड़े हुए हैं और एक बार फिर जरूरत के समय ‘आईपीएल’ के लिए आगे आए हैं। ‘अनएकैडमी’ (Unacademy) जो डिजिटल एजुकेशन के क्षेत्र में कड़ी टक्कटर दे रही है, उसके लिए ‘आईपीएल’ के साथ तेजी से आगे बढ़ने का अच्छा मौका है।

क्या टाइटल स्पॉन्सरशिप का मुद्दा अब बीसीसीआई के लिए प्रतिष्ठा का मुद्दा बन गया है?

जी, यह बीसीसीआई के लिए प्रतिष्ठा का सवाल है। इन भारतीय कंपनियों के लिए खेल में गहरी दिलचस्पी के साथ-साथ ब्रैंड की मजबूती के लिए आईपीएल की रक्षा करना एक गंभीर प्रतिबद्धता है। तमाम लोगों ने सौरव गांगुली के बयान को लेकर बीसीसीआई की क्षमता पर संदेह जताया है, लेकिन तमाम लोगों ने इस इंडियन क्रिकेट ब्रैंड की ताकत को नहीं समझा है। त्योहारी सीजन पर आईपीएल शुरू होने से यह संभावना है कि टेलीविजन पर इस टूर्नामेंट को अब तक सबसे अधिक दर्शक देखेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि मेजबान ब्रॉडकास्टर ‘स्टार स्पोर्ट्स’ टूर्नामेंट को 7 से अधिक भाषाओं में कवर करेगा, जिसकी जड़ें देश के हर कोने-कोने तक जुड़ी हुई हैं।

हालांकि टाटा कंपनी सर्वव्यापी है, लेकिन ‘बायजूस’ की डिजिटल तकनीक का उपयोग अब उपनगरीय भारत में भी है। इनके लिए आईपीएल एक ऐसा खेल है, जिसे हर कोई देखना पसंद करता है। लिहाजा इनके लिए अगली बड़ी छलांग के लिए यह एकदम सही लॉन्चिंग पैड है। फिर चाहे उनका प्रतिद्वंद्वी ‘अनएकैडमी’ ही क्यों न हो, IPL के जरिए हर  भारतीय के ड्राइंग रूम में प्रवेश करने का अवसर है। ‘ड्रीम11’  से जुड़े लोग भी लगभग हर जगह हैं। 8 करोड़ भारतीय फैंटेसी गेम खेलते हैं,  जिनमें एक दिहाड़ी मजदूर से लेकर कॉरपोरेट सीईओ तक शामिल हैं। लगभग हर भारतीय की एक फैंटेसी स्पोर्ट्स टीम है, जिसमें मैं भी शामिल हूं।

18 अगस्त को टाइटल स्पॉन्सरशिप की घोषणा होने की संभावना है, आपको क्या लगता है कि परिणाम क्या होगा?

इन परिस्थितियों से आश्चर्यचकित न हों, मंगलवार को ही बीसीसीआई आने वाले आईपीएल टाइटल स्पॉन्सरशिप की घोषणा करेगा। भविष्यवाणी करें, तो यह  अपेक्षित राजस्व से अधिक उत्पन्न करेगा और फिर एक स्ट्रॉन्ग स्टेटमेंट देगा, जो इंडियन स्पोर्ट्स इंडस्ट्री के लिए प्रोत्साहन का काम करेगा।

वहीं, कुछ लोगों ने आईपीएल के संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में होने पर सवाल उठाए हैं और इस तरह की दलीलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आईपीएल सिर्फ विराट कोहली या महेंद्र सिंह धोनी के बारे में नहीं है। जब हम उन्हें खेल में सबसे आगे देखते हैं, तो यह पूरी स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को प्रभावित करता है, जिसमें ब्रॉडकास्टर, मीडिया, स्टेट एसोसिएशन, स्पोर्ट्स गुड्स कंपनीज, फर्स्ट क्लास क्रिकेटर्स और कई अन्य शामिल हैं।

मनी जनरेट होती है, तो इससे हर कोई जुड़ा होता है, हर किसी को लाभ होता है और यदि टूर्नामेंट आयोजित नहीं किया जाता, तो इससे कई लोगों की जिंदगी  और उनकी आजीविका पर असर पड़ता। हालांकि फ्रंट रैंक्ड के स्टार्स को तो इतना नहीं, लेकिन बैकग्राउंड से लोगों पर बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ेगा, जो इस प्रतियोगिता में समान हितधारक हैं। वैसे मैं यह देखने के लिए उत्सुक हूं कि मंगलवार को क्या होगा। लेकिन एक बार फिर कहना चाहूंगा कि पुरानी बातों पर न जाएं, बीसीसीआई इंडिया इंक (India Inc) के सपोर्ट से मार्केट को सरप्राइज करेगा।


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