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पहलगाम आतंकी हमले की रिपोर्टिंग पर भड़की अमेरिकी हाउस कमेटी, NYT को फटकार
पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) समेत कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों की रिपोर्टिंग पर सवाल उठने लगे हैं।
Vikas Saxena 9 months ago
पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर 'न्यूयॉर्क टाइम्स' (NYT) समेत कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों की रिपोर्टिंग पर सवाल उठने लगे हैं। 'न्यूयॉर्क टाइम्स' ने इस हमले में शामिल आतंकियों को 'मिलिटेंट्स' और 'गनमेन' जैसे शब्दों से संबोधित किया, जिसे लेकर अमेरिकी संसद की विदेश मामलों की समिति (House Foreign Affairs Committee Majority) ने कड़ी नाराजगी जताई है। समिति ने स्पष्ट कहा कि यह एक सीधा-सीधा आतंकी हमला था और न्यूयॉर्क टाइम्स सच्चाई से दूर भाग रहा है।
समिति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में न्यूयॉर्क टाइम्स को फटकार लगाते हुए लिखा, "हैलो, न्यूयॉर्क टाइम्स. हमने आपके लिए इसे ठीक कर दिया है। यह एक आतंकवादी हमला था। भारत हो या इजरायल, जब भी आतंकवाद की बात आती है, न्यूयॉर्क टाइम्स अक्सर वास्तविकता से भटक जाता है।" इसके साथ ही समिति ने एक फोटो भी शेयर की, जिसमें न्यूयॉर्क टाइम्स की हेडलाइन से 'मिलिटेंट्स' शब्द हटाकर 'टेररिस्ट्स' (आतंकवादी) जोड़ दिया गया।
Hey, @nytimes we fixed it for you. This was a TERRORIST ATTACK plain and simple.
— House Foreign Affairs Committee Majority (@HouseForeignGOP) April 23, 2025
Whether it’s India or Israel, when it comes to TERRORISM the NYT is removed from reality. pic.twitter.com/7PefEKMtdq
गौरतलब है कि सिर्फ न्यूयॉर्क टाइम्स ही नहीं, बल्कि बीबीसी (BBC), द गार्जियन (The Guardian) और वॉशिंगटन पोस्ट (The Washington Post) जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने भी इस आतंकी हमले की रिपोर्टिंग करते समय आतंकियों के लिए 'मिलिटेंट्स' और 'गनमेन' जैसे शब्दों का प्रयोग किया। इस लापरवाह भाषा चयन को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी आलोचना देखने को मिल रही है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का उल्लेख किया गया था, जिसमें उन्होंने इस घटना को एक "आतंकी हमला" करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की थी। पीएम मोदी ने कहा था कि "इस जघन्य कृत्य के जिम्मेदार लोगों को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।"
बताते चलें कि इस हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की शाखा 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' ने ली थी। घटना के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पीएम मोदी को फोन कर संवेदना जताई थी और भारत के साथ मजबूती से खड़े रहने का भरोसा दिया था।
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