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ब्रिटिश अखबारों में 15% तक विदेशी निवेश का जल्द खुलेगा रास्ता, सरकार बना रही योजना
ब्रिटेन की सरकार ने गुरुवार को कहा कि वह विदेशी सरकारों के स्वामित्व वाले निवेशकों को ब्रिटिश अखबारों में अधिकतम 15% हिस्सेदारी खरीदने की इजाजत देने की योजना बना रही है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 9 months ago
ब्रिटेन की सरकार ने गुरुवार को कहा कि वह विदेशी सरकारों के स्वामित्व वाले निवेशकों को ब्रिटिश अखबारों में अधिकतम 15% हिस्सेदारी खरीदने की इजाजत देने की योजना बना रही है। यह फैसला मीडिया से जुड़ी कुछ बड़े बदलावों का हिस्सा है, जिससे The Telegraph अखबार की लंबे समय से अटकी हुई बिक्री का रास्ता साफ हो सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले सरकार सिर्फ 5 फीसदी हिस्सेदारी की इजाजत देने वाली थी, लेकिन बाकी मीडिया मालिकों की अपील के बाद यह सीमा बढ़ाकर 15 फीसदी करने की योजना बनायी गई है। उनका कहना था कि मीडिया इंडस्ट्री को अब विदेशों से निवेश की जरूरत है, खासकर ऐसे दौर में जब प्रिंट से डिजिटल की ओर तेजी से बदलाव हो रहा है।
ब्रिटेन की संस्कृति मंत्री लीसा नैंडी ने कहा कि ये अहम और आधुनिक सुधार मीडिया की विविधता की रक्षा करने के लिए हैं और यह भी दर्शाते हैं कि आज लोग खबरें किस तरह से अलग-अलग माध्यमों से पढ़ते और देखते हैं।
उन्होंने कहा, “हम पूरी तरह इस बात को मानते हैं कि हमारे न्यूज मीडिया को विदेशी सरकारों के नियंत्रण से सुरक्षित रखना जरूरी है, लेकिन साथ ही यह भी जरूरी है कि न्यूज संस्थाएं अपना काम चलाने के लिए जरूरी फंडिंग जुटा सकें।”
The Telegraph अखबार की मिल्कियत को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं कि कहीं इस पर विदेशी सरकारों का असर तो नहीं पड़ रहा है, जो ब्रिटेन की राजनीति पर अप्रत्यक्ष दबाव बना सकती हैं।
सरकार ने यह भी कहा है कि कुछ खास विदेशी निवेशकों- जैसे कि सरकारी संपत्ति फंड (sovereign wealth funds) या पेंशन फंड को ब्रिटिश अखबारों और पत्रिकाओं में 15% तक की हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति दी जाएगी। इससे मीडिया को जरूरी आर्थिक मदद मिलेगी, लेकिन साथ ही यह विदेशी दखल को सीमित भी रखेगा।
हालांकि सरकार ने साफ किया कि कर्ज के जरिए निवेश (debt financing) को छूट नहीं दी जाएगी और यदि कोई विदेशी ताकत किसी डिफॉल्ट (कर्ज न चुका पाने) के चलते मीडिया का नियंत्रण हासिल करने की कोशिश करती है, तो सरकार उसमें दखल दे सकती है।
पिछली कंजरवेटिव सरकार ने RedBird IMI नाम की अमेरिकी कंपनी को Telegraph अखबार खरीदने से रोक दिया था क्योंकि उसमें अधिकांश पैसा अबू धाबी से आया था। इस कंपनी को CNN के पूर्व प्रमुख जेफ जुकर चला रहे हैं। RedBird IMI ने 2023 में Barclay परिवार का £1.2 अरब का कर्ज चुकाने में मदद की थी और बदले में Telegraph और The Spectator का नियंत्रण अपने हाथ में लिया था।
The Spectator तो पिछले साल हेज फंड के मालिक पॉल मार्शल को बेच दिया गया, लेकिन The Telegraph अब तक किसी को नहीं बेचा गया है। अब जो नया नियम बना है (जिसमें 15% तक हिस्सेदारी की अनुमति है) उससे अबू धाबी को अखबार में कुछ हिस्सेदारी बनाए रखने का मौका मिल जाएगा।
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