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राष्ट्रपति की नीतियों की आलोचना करने पर मैगजीन को धमकी, ऑफिस में भेजा सुअर का कटा सिर
इंडोनेशिया में पत्रकारिता पर दबाव बढ़ता जा रहा है। प्रमुख साप्ताहिक पत्रिका (मैगजीन) टेम्पो को हाल ही में अज्ञात व्यक्तियों से धमकी मिली है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 11 months ago
इंडोनेशिया में पत्रकारिता पर दबाव बढ़ता जा रहा है। प्रमुख साप्ताहिक पत्रिका (मैगजीन) टेम्पो को हाल ही में अज्ञात व्यक्तियों से धमकी मिली है। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो की नीतियों की आलोचना करने के बाद पत्रिका के कार्यालय में सुअर का कटा सिर और कटे हुए चूहों का एक डिब्बा भेजा गया। यह घटना प्रेस की स्वतंत्रता पर मंडराते संकट और पत्रकारों के लिए बढ़ते खतरों को उजागर करती है।
धमकी के पीछे कौन?
टेम्पो पत्रिका, जो 1970 के दशक से इंडोनेशिया के प्रमुख प्रकाशनों में शामिल है, हाल ही में सरकार की नीतियों पर लगातार आलोचनात्मक लेख प्रकाशित कर रही थी। शनिवार (22 मार्च) को पत्रिका के सफाईकर्मियों को कार्यालय में कटे हुए चूहों से भरा एक डिब्बा मिला, जबकि गुरुवार को वहां एक सुअर का सिर भेजा गया था। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि इस धमकी के पीछे कौन है, लेकिन यह मामला प्रेस की स्वतंत्रता के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
पत्रकारों और संगठनों की कड़ी प्रतिक्रिया
एमनेस्टी इंटरनेशनल और पत्रकारों की सुरक्षा समिति (CPJ) जैसे संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडोनेशिया के कार्यकारी निदेशक उस्मान हामिद ने कहा, "इंडोनेशिया में पत्रकार होना अब 'मौत की सजा' जैसा होता जा रहा है।" उन्होंने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की।
पत्रकारों की सुरक्षा समिति (CPJ) के एशिया कार्यक्रम प्रमुख बेह लिह यी ने इस धमकी को एक "खतरनाक और सुनियोजित डराने-धमकाने का कृत्य" बताया।
टेम्पो का जवाब
पत्रिका के प्रधान संपादक सेत्री यासरा ने कहा कि यह धमकी उनके काम को प्रभावित नहीं कर सकती। उन्होंने स्पष्ट किया, "अगर इरादा हमें डराने का है, तो हम डरने वाले नहीं हैं।" टेम्पो ने इस घटना की सूचना पुलिस को दे दी है और जांच शुरू हो चुकी है।
प्रेस की स्वतंत्रता पर सवाल
राष्ट्रपति प्रबोवो के प्रवक्ता हसन नासबी ने पहले इस घटना को हल्के में लेते हुए कहा कि "उन्हें (टेम्पो को) बस सुअर का सिर पका लेना चाहिए," लेकिन बाद में उन्होंने अपनी टिप्पणी स्पष्ट की और कहा कि सरकार प्रेस की स्वतंत्रता का सम्मान करती है।
सरकार की आलोचना और बढ़ता तनाव
टेम्पो पत्रिका ने हाल के हफ्तों में राष्ट्रपति प्रबोवो की नीतियों, खासतौर पर बजट कटौती पर कई आलोचनात्मक लेख प्रकाशित किए हैं। इस मुद्दे पर देश में विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। यह घटना इंडोनेशिया में मीडिया और सरकार के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है, जिससे प्रेस की स्वतंत्रता पर एक नया संकट खड़ा हो गया है।
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