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जूनियर्स की जॉब बचाने के लिए एडिटर ने अपने इस्तीफे का किया ऐलान
यदि आपको उस शख्स के बारे में पता चले, जिसने अपने जूनियर्स की जॉब बचाने के लिए अपनी मोटी तनख्वाह वाली जॉब कुर्बान कर दी, तो आपको यह जानकर हैरानी होगी
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
वैश्विक आर्थिक मंदी की आहट से आर्थिक जगत में अस्थिरता बनी हुई है। इस बीच दुनियाभर की कई बड़ी कंपनियों में छंटनी का दौर चल रहा है, जिसके चलते एम्प्लॉयीज में डर का माहौल है। ऐसे में यदि आपको उस शख्स के बारे में पता चले, जिसने अपने जूनियर्स की जॉब बचाने के लिए अपनी मोटी तनख्वाह वाली जॉब कुर्बान कर दी हो, तो आपको यह जानकर जरूर हैरानी होगी।
दरअसल यह सच है और ऐसा करने वाले भारतीय मूल के जाने-माने अमेरिकी संपादक पीटर भाटिया हैं, जो अमेरिका के प्रमुख प्रकाशन के ‘डेट्रायट फ्री प्रेस’ के संपादक और उपाध्यक्ष हैं और पुलित्जर विजेता भी हैं। बता दें कि ‘डेट्रायट फ्री प्रेस’ का स्वामित्व गैनेट के पास है।
एडिटर ने कंपनी में बड़े स्तर पर होने वाली छंटनी से अपने एम्प्लॉयीज की नौकरी बचाने के लिए जनवरी में पद छोड़ने की घोषणा की है।
69 वर्षीय पीटर भाटिया ने पिछले सप्ताह आयोजित एक स्टाफ मीटिंग में तब यह फैसला लिया, जब कंपनी ने लगातार तीसरे तिमाही घाटे की सूचना दी। गैनेट ने अपने कारोबार में हो रहे घाटे की भरपाई के लिए छंटनी प्रक्रिया शुरू की है। बता दें कि ‘डेट्रायट फ्री प्रेस’ में कुल 110 लोग कार्यरत हैं।
स्टाफ मीटिंग के दौरान एडिटर पीटर भाटिया ने कहा, कंपनी छंटनी की प्रक्रिया से गुजर रही है और मैंने अनिवार्य रूप से अन्य नौकरियों को बचाने के हित में खुद नौकरी छोड़ने का फैसला किया है। मेरे पास अन्य अवसर हैं। भाटिया सितंबर 2017 में ‘द सिनसिनाटी इंक्वायरर’ और ‘सिनसिनाटी डॉट कॉम’ के एडिटर व वाइस प्रेजिडेंट के तौर पर दो साल की सेवा के बाद ‘फ्री प्रेस’ में शामिल हुए थे।
डेट्रायट फ्री प्रेस ने बताया कि भाटिया के संस्थान छोड़ने की अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं है, लेकिन अखबार के एम्प्लॉयीज को खुद ही नौकरी छोड़ने की समय सीमा अगले सप्ताह है। इस बीच वर्षों तक भाटिया के साथ काम करने वाले पत्रकारों ने ट्विटर पर कहा कि वह गुणवत्तापूर्ण पत्रकारिता के लिए खड़े थे और उनका पद छोड़ना डेट्रायट फ्री प्रेस के लिए एक बड़ा नुकसान और दुखद दिन है।
भाटिया ने 1975 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए किया। 2020 में उन्होंने नेशनल प्रेस फाउंडेशन से बेन ब्रैडली एडिटर ऑफ द ईयर अवॉर्ड जीता। इस महीने की शुरुआत में गैनेट ने उन्हें अपना 2022 का शीर्ष एम्प्लॉयी नामित किया था। भाटिया के पिता यूपी के लखनऊ के रहने वाले थे।
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