होम / इंटरनेशनल / ऑस्ट्रेलिया में बच्चों के सोशल मीडिया पर बैन की तैयारी, ब्रिटेन भी इस राह पर
ऑस्ट्रेलिया में बच्चों के सोशल मीडिया पर बैन की तैयारी, ब्रिटेन भी इस राह पर
ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया के गलत प्रभाव से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया के गलत प्रभाव से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को ऑस्ट्रेलियाई संसद में एक विधेयक पेश किया गया, जो दुनिया में अपनी तरह का पहला कानून होगा। इस कानून के तहत, टिकटॉक, फेसबुक, स्नैपचैट, इंस्टाग्राम, रेडिट और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को बच्चों को अकाउंट बनाने से रोकने की जिम्मेदारी दी जाएगी। अगर वे इस नियम का पालन नहीं करते हैं, तो उन्हें 33 मिलियन डॉलर (लगभग 280 करोड़ रुपये) तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।
किशोरों के लिए बढ़ते खतरों पर ध्यान
ऑस्ट्रेलिया की संचार मंत्री मिशेल रोलैंड ने इस बिल को संसद में पेश करते हुए बताया कि 14 से 17 साल के करीब 66% किशोरों ने सोशल मीडिया पर हिंसक या खुद को नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट देखे हैं। उन्होंने कहा कि यह कानून बच्चों को दंडित करने या अलग-थलग करने के लिए नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और माता-पिता के सहयोग के लिए है।
शोध के अनुसार, 95% अभिभावकों ने ऑनलाइन सुरक्षा को सबसे बड़ी चुनौती माना है। मंत्री ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को न केवल आयु सीमा लागू करनी होगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके एल्गोरिदम हानिकारक कंटेंट को बढ़ावा न दें।
कब हो सकता है लागू
बिल को राजनीतिक समर्थन हासिल है और इसके कानून बनने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इसे लागू करने के लिए एक साल का समय मिलेगा। इस दौरान, प्लेटफॉर्म्स को आयु सत्यापन के लिए एक पारदर्शी और सुरक्षित प्रणाली विकसित करनी होगी। अगर वे इस प्रक्रिया में यूजर्स की व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग करते हैं, तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
ब्रिटेन भी बना रहा योजना
ऑस्ट्रेलिया की राह पर चलते हुए ब्रिटिश सरकार भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन के टेक्नोलॉजी सेक्रेटरी पीटर काइल ने कहा कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। पीटर काइल ने यह भी कहा कि युवाओं पर स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के प्रभावों को लेकर और ज्यादा रिसर्च करने की जरूरत है।
भारत में सोशल मीडिया का प्रभाव
भारत में भी सोशल मीडिया के खतरों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीपफेक टेक्नोलॉजी और डिजिटल अरेस्ट के खतरों पर आगाह किया है। भारत सरकार ने पिछले साल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें गलत सूचनाओं और डीपफेक वीडियो पर सख्त कदम उठाने की बात कही गई थी।
एक रिसर्च के अनुसार, भारतीय यूजर्स औसतन 7.3 घंटे रोजाना स्मार्टफोन का उपयोग करते हैं, जिसमें से अधिकांश समय सोशल मीडिया पर बिताया जाता है। भारत में एक व्यक्ति औसतन 11 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय है, जो वैश्विक औसत से कहीं अधिक है।
सामाजिक जिम्मेदारी का आह्वान
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इस पहल के जरिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को उनकी सामाजिक जिम्मेदारी याद दिलाई है। यह कानून बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने और उनके मानसिक स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।
टैग्स सोशल मीडिया बैन ऑस्ट्रेलिया