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2016 के अंत में नहीं है रिपोर्टर्स के लिए 'अच्छे दिन' का स्कोप
समाचार4मीडिया ब्यूरो 31 दिसंबर और फिर 1 जनवरी। जाने वाला साल और आने वाले साल का जश्न पूरे देश में धूमधाम से मनेगा। आप, हम सभी आज रात के जश्न की तैयारियों में जुट गए हैं, पर पिछले तीन दिनों से मीडिया के कई मित्र जिनमें कुछ डेस्क के, तो अधिकांश रिपोर्टर्स परेशान है। कुछेक की तो सब प्रिप्लानिंग ही फेल
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो 31 दिसंबर और फिर 1 जनवरी। जाने वाला साल और आने वाले साल का जश्न पूरे देश में धूमधाम से मनेगा। आप, हम सभी आज रात के जश्न की तैयारियों में जुट गए हैं, पर पिछले तीन दिनों से मीडिया के कई मित्र जिनमें कुछ डेस्क के, तो अधिकांश रिपोर्टर्स परेशान है। कुछेक की तो सब प्रिप्लानिंग ही फेल हो गई है क्योंकि कई पत्रकारों की स्वीकृत छुट्टियां आखिरी पल में रद्द हो गई है।
परसो जब ये ऐलान किया गया कि साल के आखिरी दिन यानी 31 दिसंबर को शाम साढ़े सात बजे प्रधानमंत्री मोदी देश को संबोधित करेंगे तो काफी भारी मन से कई संपादकों और शिफ्ट इंजार्च को शिफ्ट शेड्यूल दोबारा बनाना पड़ा है। पीएम के राष्ट्र के नाम संबोधन और नोटबंदी की गंभीरता को देखते हुए तमाम टीवी और अखबार के रिपोर्टरों की छुट्टियां रद्द कर उन्हें जश्न के बजाए रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पर दिल्ली से दूर लखनऊ के रिपोर्टरों पर भी बीती रात छुट्टियां रद्द होने की गाज गिरी। समाजवादी पार्टी का ड्रामा और 1 जनवरी को इमर्जेंसी अधिवेशन के चलते वहां भी बड़ी संख्या में अब पत्रकारों को मैदान में डटना होगा। ऐसे में पत्रकारों के परिजन रंग में भंग पड़ने से मायूस है।
कई संपादकों ने बातचीत में बताया कि बेमन उन्हें ये कड़ा फैसला लेना पड़ा पर इसके अलावा कोई और विकल्प नजर नहीं आ रहा था। इंडिया टुडे के मैनेजिंग एडिटर राहुल कंवल ने अपने दिल की पीड़ा नीचे ट्वीट के जरिए व्यक्त भी की है...
With heavy heart cancelled offs for reporters on 31st, 1st. Clearly no ache din for reporters in Modi raj. PM's not going for New Year bash
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