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...इस वजह से पूर्व पत्रकार शलभमणि त्रिपाठी के खिलाफ दर्ज हुई FIR
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। पांच राज्यों में होने वाले चुनावों का बिगुल बज गया है और आचार संहिता भी लागू हो गई है। लेकिन इन सबके बीच आचार संहिता उल्लंघन की खबरें भी आनी शुरू हो गई है। पत्रकारिता से राजनीति में आए यूपी बीजेपी नेता शलभमणि त्रिपाठी भी आचार संहिता उल्लंघन की जद में आ गए हैं और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। भाजपा क
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। पांच राज्यों में होने वाले चुनावों का बिगुल बज गया है और आचार संहिता भी लागू हो गई है। लेकिन इन सबके बीच आचार संहिता उल्लंघन की खबरें भी आनी शुरू हो गई है। पत्रकारिता से राजनीति में आए यूपी बीजेपी नेता शलभमणि त्रिपाठी भी आचार संहिता उल्लंघन की जद में आ गए हैं और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शलभमणि पर आरोप है कि जब वह छह जनवरी को एक एनजीओ के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि गोरखपुर आए थे, तो उन्होंने कार्यक्रम में दृष्टिबाधित बच्चों को संस्था की ओर से किट बांटे थे। इस कार्यक्रम के लिए ना तो कोई अनुमति ली गई थी और ना ही निर्वाचल अधिकारी को इसकी जानकारी दी गई थी। खबरों के मुताबिक, शलभमणि ने इस कार्यक्रम में बीजेपी को जिताने की अपील भी की थी। हालांकि इसके बाद, प्रशासन ने इसे आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए नोटिस भेजा था। संतोषजनक जवाब न मिलने पर राजघाट थाने में बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता शलभमणि त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। उनके खिलाफ धारा 188 और धारा 171 लगाई गई है। आचार संहिता उल्लंघन मामले में शलभमणि ने अपने फेसबुक वॉल पर सफाई दी है। शलभमणि ने लिखा, ‘गोरखपुर में दिव्यांग बच्चों के लिए ईमानदारी से काम करने वाली एक संस्था ने मुझे बताया था कि ये बच्चे मुझसे मिलना चाहते हैं, इसीलिए तमाम व्यस्तताओं के बीच इस संस्था के बुलावे पर मैं उनके कार्यक्रम में गया।’ उन्होंने लिखा, ‘इस दौरान संस्था की तरफ से इन बच्चों को कुछ उपयोगी उपकरण बांटे गए, इसी मामले में मेरे खिलाफ गोरखपुर में आचार संहिता के उल्लंघन का एक मामला दर्ज कराया गया है, हालांकि कानूनी जानकारों का कहना है कि पूरे तौर पर गैर राजनीतिक कार्यक्रम होने के नाते ये आचार संहिता के का मामला नहीं बनता।’
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