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TAM Media : किस तरह की खबरों को न्यूज चैनलों ने दी कितनी जगह, जानें यहां...
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। इस साल फरवरी में हिन्दी और अंग्रेजी न्यूज चैनलों पर प्रसारित न्यूज कंटेंट की बात करें तो इसमें काफी नया ट्रेंड देखने को मिला है। ‘टैम मीडिया रिसर्च’ द्वारा विभिन्न हिन्दी और अंग्रेजी न्यूज चैनलों के विश्ले
समाचार4मीडिया ब्यूरो 8 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
इस साल फरवरी में हिन्दी और अंग्रेजी न्यूज चैनलों पर प्रसारित न्यूज कंटेंट की बात करें तो इसमें काफी नया ट्रेंड देखने को मिला है। ‘टैम मीडिया रिसर्च’ द्वारा विभिन्न हिन्दी और अंग्रेजी न्यूज चैनलों के विश्लेषण के आधार पर आंकड़े जारी किए गए हैं। इस रिसर्च में ‘अाज तक’, ‘एबीपी न्यूज’, ‘इंडिया न्यूज’, ‘इंडिया टीवी’, ‘न्यूज नेशन’ और ‘जी न्यूज’ जैसे हिन्दी न्यूज चैनल शामिल थे। वहीं, अंग्रेजी के न्यूज चैनलों में ‘CNN News 18’, ‘India Today’, ’NDTV 24x7’, ‘News X’,‘Times Now’, और ‘WION News’ को शामिल किया गया था।
रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु
- फरवरी में कुल कवरेज में अंग्रेजी न्यूज चैनलों का 57 प्रतिशत और हिन्दी न्यूज चैनलों का 43 प्रतिशत योगदान रहा।
- पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव, केंद्रीय बजट और तमिलनाडु में राजनीतिक उथलपुथल के कारण फरवरी में न्यूज कंटेंट मुख्य रूप से पॉलिटिकल न्यूज/सरकारी न्यूज जॉनर (genre) पर ज्यादा फोकस्ड था।
- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 फरवरी की सबसे टॉप स्टोरी रही और पॉलिटिकल न्यूज/सरकारी न्यूज जॉनर में इसका 32 प्रतिशत हिस्सा था।
- पॉलिटिकल न्यूज/सरकारी न्यूज जॉनर में फरवरी में तीन टॉप स्टोरी थीं और इनका प्रतिशत 62 फीसदी था।
- फरवरी में यदि स्पॉर्ट्स न्यूज जॉनर की बात करें तो न्यूज कंटेंट 141 घंटे का रहा, इनमें से अंग्रेजी न्यूज चैनलों का प्रतिशत 65 प्रतिशत रहा।
- फरवरी 2017 में 12 न्यूज चैनलों के बीच न्यूज कंटेंट की बात करें तो इंटरनेशनल न्यूज कंटेंट सिर्फ छह प्रतिशत यानी करीब 4000 घंटे का रहा। इंटरनेशनल न्यूज में भी सबसे ज्यादा कवरेज अपराध/कानून व्यवस्था जॉनर में रही। अमेरिकी सरकार द्वारा शरणार्थियों और सात मुस्लिम देशों के आगमन पर प्रतिबंध की स्टोरी इस दौरान टॉप पर रहीं।
(टाइम बैंड)
आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में न्यूज चैनलों के बीच पॉलिटिकल न्यूज/सरकारी न्यूज जॉनर काफी टॉप पर रहा लेकिन इस जॉनर में सबसे ज्यादा खबरें सुबह छह बजे से 11 बजे के बीच दिखाई गईं। न्यूज चैनलों द्वारा दूसरे नंबर पर अपराध और कानून व्यवस्था से जुड़ी खबरों को वरीयता दी गई और इनका समय भी सुबह छह बजे से 11 बजे के बीच ज्यादा रखा गया।
सोशल जॉनर में अंग्रेजी न्यूज चैनलों द्वारा किसी भी तय समय का पालन नहीं किया गया जबकि अधिकांश हिन्दी चैनलों ने इस जॉनर को रात नौ बजे से 12 बजे के बीच वरीयता दी। आंकड़ों के अनुसार, सभी हिन्दी न्यूज चैनलों द्वारा एंटरटेनमेंट न्यूज जॉनर को दोपहर के समय (एक बजे से शाम आठ बजे) के बीच प्राथमिकता दी गई, वहीं स्पोर्ट्स न्यूज जॉनर की बात करें तो अधिकांश हिन्दी और अंग्रेजी न्यूज चैनलों द्वारा इसके लिए सुबह और शाम का समय प्राथमिकता पर रखा गया।
केंद्रीय बजट की घोषणा एक फरवरी को हुई थी और सभी न्यूज चैनलों ने महीने के पहले हफ्ते में बजट को लेकर सबसे ज्यादा न्यूज प्रसारित की थीं। फरवरी के दूसरे हफ्ते में तमिलनाडु का प्रकरण खबरों में छाया रहा। इस हफ्ते की सबसे ज्यादा बड़ी खबर ‘AIADMK Party’ में फेरबदल रहा। तीन फरवरी को मुख्यमंत्री द्वारा इस्तीफे की घोषणा के बाद राजनीतिक उथलपुथल की खबरों को न्यूज चैनलों ने सबसे ज्यादा तवज्जो दी। अंग्रेजी न्यूज चैनलों पर यह स्टोरी पूरी महीने टॉप पर रही वहीं हिन्दी चैनलों पर इसका न्यूज कंटेंट सिर्फ एक फीसदी ही रहा। इस स्टोरी का 58 प्रतिशत न्यूज कंटेंट स्टूडियो में और 36 प्रतिशत दूसरी जगह पर फिल्माया गया।
फरवरी के तीसरे और चौथे हफ्ते में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव इन न्यूज चैनलों की टॉप स्टोरी थे। यह पूरे महीने टॉप स्टोरी रहे इनमें 32 प्रतिशत कवरेज लोकेशन रिपोर्टिंग की थी। विभिन्न न्यूज चैनलों पर फरवरी के पांचवें हफ्ते में दिल्ली विश्वविद्यालय के दो छात्र गुटों में हुई भिड़ंत छायी रही।
(टॉप पर्सनेलिटी)
फरवरी में विभिन्न न्यूज चैनलों के बीच शशिकला नटराजन से जुड़ी खबरों को 14 प्रतिशत स्थान मिला। उसके बाद पन्नीरसेल्लम को खबरों में नौ प्रतिशत स्थान मिला। विभिन्न न्यूज चैनलों ने दोनों नेताओं को इस महीने ‘AIADMK Party’ में हुई उथलपुथल के कारण अपनी खबरों में इतना स्थान दिया। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूज कवेरज इस महीने में सात प्रतिशत रही और शशिकला व पन्नीरसेल्लम के बाद टॉप स्टोरी में उनका नंबर तीसरा रहा।
(उप्र विधानसभा चुनाव)
फरवरी में पूरे महीने विभिन्न न्यूज चैनलों पर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़ी खबरें ही छाई रहीं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावा 11 फरवरी से आठ मार्च के बीच सात चरणों में कराए गए थे। सभी चैनलों ने विभिन्न राजनीतिक दलों की रैलियों को कवर किया। इसके अलावा उनकी स्ट्रेटजी के साथ ही विभिन्न चरणों के मतदान को भी कवर किया गया। हिन्दी न्यूज चैनलों में 26 प्रतिशत शेयर के साथ चुनाव से जुड़ी खबरें टॉप पर रहीं जबकि अंग्रेजी न्यूज चैनलों ने इस तरह की खबरों को महज नौ प्रतिशत स्थान दिया।
फरवरी में विभिन्न 12 न्यूज चैनलों के बीच उप्र विधानसभा चुनाव की करीब 640 घंटे की कवरेज की गई। चार फरवरी को इसकी कवरेज ज्यादा दी गई क्योंकि इस दिन ‘India TV’ के मेगा कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों ने कई मुद्दों पर चर्चा की। मतदान वाले दिन लगभग सभी चैनलों ने इसी खबर को प्राथमिकता पर रखा। न्यूज चैनलों ने विभिन्न राजनीतिक दलों की रैलियों, लोगों के विचार, बहस और चर्चाओं को प्राथमिकता दी। इस तरह की 32 प्रतिशत खबरें मौके पर जाकर की गईं।
फरवरी 2017 में 22 प्रतिशत शेयर के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विभिन्न न्यूज चैनलों में टॉप पर्सनेलिटी बने रहे। जबकि उनके बाद 21 प्रतिशत शेयर के साथ सपा नेता अखिलेश यादव रहे।
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