होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / अरनब गोस्वामी ने बताया, क्या है पत्रकारिता का भविष्य
अरनब गोस्वामी ने बताया, क्या है पत्रकारिता का भविष्य
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। मीडिया और मनोरंजन उद्योग के वार्षिक सम्मेलन ‘FICCI FRAMES 2017’ में वरिष्ठ पत्रकार और ‘Republic TV’ के एडिटर अरनब गोस्वामी ने न्यूज मीडिया को लेकर अपने अनुभवों को साझा किया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 8 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मीडिया और मनोरंजन उद्योग के वार्षिक सम्मेलन ‘FICCI FRAMES 2017’ में वरिष्ठ पत्रकार और ‘Republic TV’ के एडिटर अरनब गोस्वामी ने न्यूज मीडिया को लेकर अपने अनुभवों को साझा किया।
‘The Changing Face of News’. विषय पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरनब गोस्वामी ने बताया कि देश में न्यूज का चेहरा-मोहरा बदलने की कवायद चल रही है और इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी टीम में 22 साल के युवा पत्रकारों को भी शामिल किया है। कार्यक्रम में अरनब ने उन प्रमुख बिंदुओं पर भी चर्चा की, जिन पर चलकर वह अपने चैनल को सफलता की ऊंचाइयों पर ले जाने की सोच रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘देश में न्यूज के भविष्य को लेकर मेरे द्वारा कही गई बातों का विरोध करने वालों को अवश्य ही हार का सामना करना पड़ेगा।’
ADVT: Do you know how Pradip Bhandari,#CEO Jan ki Baat got all election prediction in UP correct?
राय ही सर्वोपरि है (Opinion is sacred)
विचारों अथवा राय को सर्वोपरि की संज्ञा देते हुए अरनब ने कहा कि यह पत्रकारिता का भविष्य है। उनका कहना था कि सिर्फ कंटेंट को परोसना काफी बोरिंग है और जब हम कहते हैं कि ओपिनियन का ही भविष्य है, तब उसमें इस तरह के कंटेंट का कोई स्थान नहीं है।
अरनब ने कहा, ‘मैं सिर्फ फैक्ट्स के Wikipedia की तरह काम नहीं कर सकता और न ही आपको साधारण तरीके से किसी घटना के बारे में बता सकता हूं। सामान्य पत्रकारिता अब खत्म हो चुकी है और अब इसका कोई भविष्य नहीं है। इसे आप बोरिंग भी कह सकते हैं।’
गोस्वामी ने बताया कि न्यूज में ओपिनियन का ही जमाना है क्योंकि ऐसे में लोग इसे शेयर करने में झिझकेंगे नहीं और काफी सहज महसूस करेंगे। इस तरह की मीडिया में चीजें बदलने की काफी क्षमता है और यह बदलाव में एक तरह के एजेंट की भूमिका निभा सकती है।
सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरे देश पर हो मीडिया का फोकस (All of India and not all of New Delhi)
मैं जब इस शहर में आया था तो मुझे उन मीडिया दिग्गजों ने रिजेक्ट कर दिया था, जो लुटियंस दिल्ली (Lutyens Delhi) की पत्रकारिता करते हैं। दिल्ली से दूर मुंबई में न्यूज रूम स्थापित करने के बाद मैंने महसूस किया कि यह काफी सही था। मीडिया की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए गोस्वामी ने पूछा, ‘आप किसका समर्थन कर रहे हैं। क्या आप सही लोगों का समर्थन कर रहे हैं अथवा समझौता करने वाले लोगों का?’
गोस्वामी ने कहा कि अंग्रेजी मीडिया देश के संभ्रांत वर्ग की मीडिया है और देश में कोई यह नहीं समझ सकता है कि इसे भी बदलाव की जरूरत है। मैं अंग्रेजी को भारतीय स्टाइल में बोलूंगा। देश में अंग्रेजी तेजी से पैर पसार रही है, जबकि आने वाला समय हिंग्लिश का है और हम इस अंतर को दूर करेंगे।
किसी भी जॉनर में न्यूज टेलिविजन हमेशा चलेगा (News television will outlive any genre)
अरनब गोस्वामी ने भविष्यवाणी की कि टीवी किसी भी जॉनर में हमेशा चलेगा। उन्होंने कहा, ‘हम आज यह साबित करने में लगे हुए हैं कि डिजिटल मीडिया और टेलिविजन मीडिया दोनों एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी नहीं हैं। टेलिविजन के लिए एक विशिष्टि पहचान के साथ डिजिटल मीडिया ही दूसरी स्क्रीन होगी। यदि हम ग्लोबल स्तर पर देखें तो प्रिंट से डिजिटल और टेलिविजन में काफी बदलाव हो चुका है।’
‘PEW report’ का हवाला देते हुए गोस्वामी ने कहा कि जब से डिजिटल विज्ञापन की बिक्री बढ़ी है और प्रिंट के विज्ञापन की बिक्री कम हुई है, टेलिविजन डिजिटल की दिशा में सही रूप में प्रवेश कर रहा है, जैसी की इसकी जरूरत है।
अरनब गोस्वामी ने घोषणा की कि रिपब्लिक और रिपब्लिक वर्ल्ड ग्लोबल न्यूज गैदरिंग स्टेज में जाने वाली भारत की पहली एंट्री होगी। आखिर में उन्होंने कहा कि धन के मुकाबले कंटेंट ही सर्वोपरि है। अरनब ने कहा, ‘लोग सिर्फ वही चीज देखेंगे जिसमें उन्हें भरोसा होगा न कि जो चीज उन्हें बेची जाएगी, ऐसे में पैसा किसी काम नहीं आएगा जबकि कंटेंट को ही लोग पसंद करेंगे।’
समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।
टैग्स