भारतीय रेलवे के यात्रियों के लिए रेलवे द्वारा प्रकाशित मैगजीन रेलबंधु की तर्ज पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने भी अपनी मैगजीव एयरपोर्ट इंडिया की शुरुआत की है। केन्द्री य विमानन मंत्री श्री अजित सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के अवसर पर एयरपोटर्स इंडिया शीर्षक से भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण की एक मासिक पत्रिका का विमोचन किया। इस अवसर पर न
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समाचार4मीडिया ब्यूरो
शैलेश श्रीवास्तव इससे पहले ‘रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क’ के साथ बिजनेस हेड के रूप में जुड़े हुए थे।
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देश के सबसे प्रतिष्ठित और पुराने प्रकाशन समूहों में से एक ‘दिल्ली प्रेस’ (Delhi Press) ने सीनियर बिजनेस लीडर शैलेश श्रीवास्तव को चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) के पद पर नियुक्त किया है। मीडिया, टेलीकॉम, हॉस्पिटैलिटी और BFSI सेक्टर में दो दशक से ज्यादा का अनुभव रखने वाले शैलेश श्रीवास्तव अब अपनी इस भूमिका में दिल्ली प्रेस के संचालन और बिजनेस स्ट्रैटेजी को नई दिशा देंगे।
शैलेश श्रीवास्तव इससे पहले ‘रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क’ के साथ बिजनेस हेड के रूप में जुड़े हुए थे। BIG FM में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और देशभर के नॉन-मेट्रो मार्केट्स में रेडियो बिजनेस के विस्तार में अहम भूमिका निभाई। वे कंपनी की लीडरशिप टीम का हिस्सा रहे और सेल्स, प्रोग्रामिंग, मार्केटिंग तथा बिजनेस ऑपरेशंस जैसे कई विभागों का नेतृत्व किया।
अपने लंबे करियर में शैलेश श्रीवास्तव ने Lemon Tree Hotels, Reliance Communications, SMFG India Credit, Reliance General Insurance, GE Money और ICICI Bank जैसी बड़ी कंपनियों में भी वरिष्ठ पदों पर काम किया है। बिजनेस ग्रोथ, टीम बिल्डिंग, चैनल डेवलपमेंट, सेल्स स्ट्रेटेजी और P&L मैनेजमेंट में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
शैलेश श्रीवास्तव इंडस्ट्री और अकादमिक मंचों पर भी सक्रिय रहते हैं। वे IIM, IIT और कई प्रतिष्ठित बिजनेस फोरम्स में गेस्ट स्पीकर के तौर पर अपने अनुभव साझा करते रहते हैं। नेतृत्व, टीम मैनेजमेंट और बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर उनके विचार कॉरपोरेट जगत में काफी सराहे जाते हैं।
नेटवर्क की इस सफलता में उसके प्रमुख ब्रैंड्स इंडिया न्यूज (India News), न्यूजएक्स (NewsX) और द संडे गार्जियन (The Sunday Guardian) की अहम भूमिका रही।
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डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में आईटीवी नेटवर्क (ITV Network) ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कॉमस्कोर (Comscore) की ताजा रैंकिंग में नेटवर्क ने शानदार बढ़त दर्ज करते हुए डेस्कटॉप कैटेगरी में टॉप-10 में जगह बनाई है। नेटवर्क ने इस श्रेणी में 7वां स्थान हासिल किया है।
नेटवर्क की इस सफलता में उसके प्रमुख ब्रैंड्स इंडिया न्यूज (India News), न्यूजएक्स (NewsX) और द संडे गार्जियन (The Sunday Guardian) की अहम भूमिका रही। प्रेस रिलीज के मुताबिक, इन प्लेटफॉर्म्स ने महीने-दर-महीने मजबूत ग्रोथ दर्ज करते हुए कई स्थापित राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों को पीछे छोड़ दिया है।
डेस्कटॉप मैट्रिक में ITV Network का प्रदर्शन खास तौर पर मजबूत रहा। इसे ऐसे पाठकों का अहम संकेतक माना जाता है, जो नियमित और गंभीरता से समाचार पढ़ते हैं। इंडिया न्यूज ने डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई, जबकि The Sunday Guardian ने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपने प्रतिस्पर्धी प्लेटफॉर्म्स को पीछे छोड़ा।



वहीं, मल्टीमीडिया मैट्रिक में भी नेटवर्क की बढ़त जारी रही। वीडियो, टेक्स्ट और इंटरएक्टिव कंटेंट के आधार पर तैयार इस रैंकिंग में The Sunday Guardian ने गहन और डिजिटल-फर्स्ट पत्रकारिता के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई। ITV Network ने राष्ट्रीय स्तर पर टॉप-20 नेटवर्क्स में भी जगह बनाई है, जिससे उसकी बढ़ती डिजिटल पहुंच का संकेत मिलता है।
नेटवर्क ने अपनी इस सफलता का श्रेय डिजिटल-फर्स्ट कंटेंट स्ट्रैटेजी, न्यूज कलेक्शन और डिलीवरी में AI के शुरुआती इस्तेमाल और तेज व आसान यूजर इंटरफेस को दिया है। नेटवर्क के अनुसार, इन पहलों के चलते यूजर्स का प्लेटफॉर्म पर समय बढ़ा है, दोबारा विजिट करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है और रैंकिंग में लगातार सुधार देखने को मिला है।
इस उपलब्धि पर आईटीवी फाउंडेशन (ITV Foundation) की चेयरपर्सन ऐश्वर्या पंडित शर्मा ने कहा कि India News, NewsX और The Sunday Guardian की बढ़ती पहुंच और व्यूअरशिप इस बात का प्रमाण है कि नए दौर के पाठक प्रभावशाली और गहन पत्रकारिता को पसंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल अब भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान है और Comscore रैंकिंग करोड़ों भारतीयों के भरोसे को दर्शाती है।
वहीं, आईटीवी नेटवर्क-डिजिटल के सीईओ अक्षांश यादव ने कहा कि India News, NewsX और The Sunday Guardian लगातार Comscore पर अपनी डिजिटल रीडरशिप मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विश्वसनीय पत्रकारिता, टेक्नोलॉजी आधारित इनोवेशन और ऑडियंस-फर्स्ट कंटेंट स्ट्रैटेजी का परिणाम है।
सूत्रों के मुताबिक वह फिलहाल नेटवर्क के साथ अपनी भूमिका में बने हुए हैं और उनके संस्थान छोड़ने की समय सीमा को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
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मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक रिपब्लिक वर्ल्ड (Republic World) के नेशनल सेल्स हेड अरुण सिंह रावत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक वह फिलहाल नेटवर्क के साथ अपनी भूमिका में बने हुए हैं और उनके संस्थान छोड़ने की समय सीमा को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
बता दें कि अरुण सिंह रावत वर्ष 2017 से रिपब्लिक वर्ल्ड नेटवर्क के साथ जुड़े हुए थे। इस दौरान उन्होंने नेटवर्क के प्रमुख ब्रैंड्स रिपब्लिक टीवी (Republic TV), रिपब्लिक भारत (Republic Bharat) और रिपब्लिक बांग्ला (Republic Bangla) की सेल्स और मोनेटाइजेशन स्ट्रेटेजी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार, नेटवर्क के विस्तार के दौर में रावत प्रमुख कमर्शियल लीडर्स में शामिल रहे। खासतौर पर हिंदी न्यूज मार्केट में नेटवर्क की मजबूत मौजूदगी बनाने में उनका अहम योगदान माना जाता है। उनके कार्यकाल में रिपब्लिक नेटवर्क ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान जैसे बड़े बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत की।
रिपब्लिक वर्ल्ड से पहले अरुण सिंह रावत नेटवर्क18 (Network18) के साथ अकाउंट ग्रुप हेड-सेल्स के पद पर कार्य कर चुके हैं। वहां उन्होंने मारुति, हुंडई, डाबर, माइक्रोसॉफ्ट और नेस्ले जैसे बड़े क्लाइंट्स को संभाला। इस दौरान वह CNN-News18 और CNBC-TV18 जैसे जाने-माने ब्रैंड्स के लिए भी काम कर चुके हैं।
इसके अलावा उन्होंने श्री अधिकारी ब्रदर्स (Shri Adhikari Brothers) ग्रुप में भी काम किया है, जहां उन्होंने मस्ती (Mastiii) और दबंग (Dabangg) जैसे लोकप्रिय चैनलों के लिए कॉरपोरेट सेल्स और बिजनेस डेवलपमेंट की जिम्मेदारी संभाली थी।
टेलीविजन सेल्स, मीडिया प्लानिंग और बिजनेस डेवलपमेंट में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले अरुण सिंह रावत को इंडस्ट्री में मजबूत एजेंसी रिलेशन और रेवेन्यू ग्रोथ रणनीतियों के लिए जाना जाता है। FMCG, ऑटोमोबाइल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और टेलीकॉम जैसे सेक्टर्स में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।
किरण मणि को दो दशक से अधिक का अनुभव है। JioStar से पहले वह करीब 13 वर्षों तक गूगल के साथ जुड़े रहे। इसके अलावा उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम जैसी दिग्गज कंपनियों में भी काम किया है।
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डिजिटल और टेक इंडस्ट्री से जुड़ा एक बड़ा नाम अब OpenAI के साथ नई पारी शुरू करने जा रहा है। दरअसल, जियोस्टार (JioStar) के सीईओ (Digital) किरण मणि इस सप्ताह कंपनी को अलविदा कहने जा रहे हैं। वह अगले महीने से OpenAI में एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, किरण मणि सिंगापुर से काम करेंगे और OpenAI के चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर जेसन क्वोन को रिपोर्ट करेंगे। माना जा रहा है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में OpenAI की स्ट्रैटेजी और विस्तार को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका होगी।
किरण मणि ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए JioStar में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने लिखा कि उदय शंकर और आकाश अंबानी ने उनके सोचने के तरीके और महत्वाकांक्षा को नई दिशा दी।
टेक और डिजिटल इकोसिस्टम में किरण मणि को दो दशक से अधिक का अनुभव है। JioStar से पहले वह करीब 13 वर्षों तक गूगल (Google) के साथ जुड़े रहे। इसके अलावा उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) और आईबीएम (IBM) जैसी दिग्गज कंपनियों में भी काम किया है।
मीडिया और टेक इंडस्ट्री में किरण मणि की पहचान एक मजबूत डिजिटल रणनीतिकार के तौर पर रही है। ऐसे में OpenAI में उनकी नियुक्ति को कंपनी के एशिया-प्रशांत विस्तार के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संदीप भूषण के पास कंज्यूमर, डिजिटल और मीडिया बिजनेस में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह इससे पहले मेटा में इंडिया डायरेक्टर, ग्लोबल मार्केटिंग सॉल्यूशंस के पद पर कार्यरत थे।
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कॉलर आईडी और स्पैम ब्लॉकिंग प्लेटफॉर्म ट्रूकॉलर (Truecaller) ने मेटा (Meta) के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी संदीप भूषण को अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल करने की घोषणा की है। कंपनी का मानना है कि संदीप भूषण का लंबा अनुभव ट्रूकॉलर की आगे की स्ट्रैटेजी और विस्तार योजनाओं में अहम भूमिका निभाएगा।
संदीप भूषण के पास कंज्यूमर, डिजिटल और मीडिया बिजनेस में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह इससे पहले मेटा में इंडिया डायरेक्टर, ग्लोबल मार्केटिंग सॉल्यूशंस के पद पर कार्यरत थे।
अपने करियर के दौरान उन्होंने सैमसंग (Samsung) में स्मार्टफोन बिजनेस से जुड़े मार्केटिंग और ऑपरेटर पार्टनरशिप्स पर काम किया। इसके अलावा वह WSJ-Mint के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे और वहां COO की जिम्मेदारी भी संभाली। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत यूनिलीवर (Unilever) से की थी, जहां उन्होंने एक दशक से अधिक समय तक विभिन्न नेतृत्वकारी भूमिकाओं में काम किया।
संदीप भूषण ने अपनी नियुक्ति पर कहा कि ट्रूकॉलर ने वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जहां यूजर ट्रस्ट और मोनेटाइजेशन दोनों का संतुलन बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इकोसिस्टम के तेजी से विकसित होने के दौर में यह संतुलन किसी भी कंपनी की बड़ी ताकत बन सकता है।
उन्होंने कहा कि वह बोर्ड और मैनेजमेंट टीम के साथ मिलकर कंपनी की अगली विकास यात्रा में योगदान देने को लेकर उत्साहित हैं।
ट्रूकॉलर के सह-संस्थापक नामी जारिंगहलाम (Nami Zarringhalam) ने कहा कि संदीप भूषण का बोर्ड में शामिल होना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि हाई-ग्रोथ मार्केट्स, खासकर भारत और एशिया-प्रशांत क्षेत्र को लेकर उनकी समझ कंपनी के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।
कंपनी के अनुसार, संदीप भूषण फिलहाल Traya Health के बोर्ड सदस्य भी हैं। ट्रूकॉलर में उनकी कोई शेयरहोल्डिंग नहीं है और उन्हें कंपनी, उसके प्रबंधन तथा बड़े शेयरधारकों से स्वतंत्र निदेशक माना गया है।
निरुपमा के एस पिछले करीब साढ़े आठ वर्षों से ‘एशियानेट न्यूज नेटवर्क’ से जुड़ी थीं। यहां उन्होंने डिजिटल टीम का नेतृत्व किया और कन्नड़ डिजिटल पत्रकारिता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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वरिष्ठ पत्रकार निरुपमा के एस ने ‘वनइंडिया कन्नड़’ की एडिटर के रूप में नई जिम्मेदारी संभाल ली है। खास बात यह है कि उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भी इसी संस्थान से की थी और अब 19 साल बाद एक बार फिर उसी संगठन में लीडरशिप भूमिका में लौटी हैं।
निरुपमा के एस ने लिंक्डइन पर अपनी नई पारी की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि जब उन्होंने 19 साल पहले ‘वनइंडिया’ में कॉपी एडिटर के तौर पर काम शुरू किया था, तब उन्हें डिजिटल दुनिया की ज्यादा समझ नहीं थी। शिवमोग्गा में जिला रिपोर्टर के रूप में काम करने के बाद उन्हें यह भी लगता था कि ऑनलाइन प्रकाशित खबरों को आखिर कौन पढ़ेगा। लेकिन समय के साथ यही सफर उनके पेशेवर जीवन का सबसे बड़ा बदलाव बन गया।
उन्होंने अपने करियर के दौरान ‘कन्नड़प्रभा डॉट कॉम’, ‘विजय कर्नाटक’ और बाद में ‘एशियानेट सुवर्णा न्यूज’ के डिजिटल विभाग में काम किया। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया के तेजी से बढ़ते प्रभाव, डिजिटल मीडिया के बदलते स्वरूप और फेक न्यूज के दौर में फैक्ट-चेकिंग की अहमियत को करीब से समझा।
निरुपमा के एस पिछले करीब साढ़े आठ वर्षों से ‘एशियानेट न्यूज नेटवर्क’ से जुड़ी थीं। यहां उन्होंने डिजिटल टीम का नेतृत्व किया और कन्नड़ डिजिटल पत्रकारिता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में वेबसाइट ट्रैफिक बढ़ाने, यूट्यूब व्यूअरशिप और सब्सक्रिप्शन बढ़ाने के लिए कई नई स्ट्रैटेजी पर काम किया गया।
हाल ही में अपनी विदाई पोस्ट में उन्होंने ‘कन्नड़प्रभा’ और ‘सुवर्णा न्यूज’ के साथ बिताए वर्षों को अपने करियर का सबसे सुनहरा दौर बताया। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों ने उन्हें पेशेवर और व्यक्तिगत दोनों स्तरों पर काफी कुछ सिखाया।
अब ‘वनइंडिया कन्नड़’ की एडिटर के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने के बाद निरुपमा ने कहा है कि वह एक मजबूत टीम के साथ सार्थक पत्रकारिता करने और लगातार सीखने की इस यात्रा को आगे बढ़ाने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में डिजिटल मीडिया के नए अवसरों को लेकर भी उत्साह जताया।
करीब 23 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव वाली निरुपमा के एस ने अपने करियर में जिला रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल एडिटोरियल लीडरशिप तक का लंबा सफर तय किया है। उन्होंने ‘टाइम्स इंटरनेट’ में भी काम किया, जहां सोशल मीडिया और डिजिटल कंटेंट ग्रोथ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हार्ड न्यूज रिपोर्टिंग, कंटेंट एडिटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और डिजिटल स्ट्रैटेजी के क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। निरुपमा ने गुजरात यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने पत्रकारिता, अंग्रेजी और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की है।
24 मई 1965 को जन्मे वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई आज 62 वर्ष में प्रवेश कर गए हैं। अक्टूबर 2026 में वह पत्रकारिता के 38 सक्रिय वर्ष पूरे करेंगे और आज भी पूरी ऊर्जा के साथ इस पेशे में सक्रिय हैं।
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यह खबर एक ऐसे पत्रकार की है, जिनका नाम भारतीय मीडिया के इतिहास में स्थायी रूप से दर्ज है। जी हां, यहां बात हो रही है वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई की, जिन्होंने दशकों से भारतीय पत्रकारिता की दिशा तय की है।वह आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। 24 मई 1965 को जन्मे राजदीप आज 62 वर्ष में प्रवेश कर गए हैं। आने वाले अक्टूबर 2026 में वह पत्रकारिता के 38 सक्रिय वर्ष पूरे करेंगे और आज भी पूरी ऊर्जा के साथ इस पेशे में सक्रिय हैं।
राजदीप का करियर केवल पदों की सूची नहीं, बल्कि वह सफर है जिसने भारतीय टेलीविजन पत्रकारिता को नया रूप दिया। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी, जब वे 1988 में ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ से जुड़े और मुंबई संस्करण के सिटी एडिटर बने। राजदीप ने ब्रॉडकास्ट मीडिया में अपना सफर 1994 में शुरू किया, जब उन्होंने प्रिंट मीडिया में काम करने के बाद NDTV (New Delhi Television) में बतौर पॉलिटिकल एडिटर (राजनीतिक संपादक) जॉइन किया। इसके बाद वे NDTV 24x7 और NDTV इंडिया के मैनेजिंग एडिटर बने। वहां उन्होंने ‘द बिग फाइट’ जैसे चर्चित शो को होस्ट किया।
17 अप्रैल 2005 को NDTV से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने CNN और टीवी18 के साथ मिलकर अपनी मीडिया कंपनी ‘ग्लोबल ब्रॉडकास्ट न्यूज (GBN)’ शुरू की और CNN-IBN की नींव रखी, जो 17 दिसंबर 2005 को ऑन एयर हुआ। इसी समूह में 'चैनल 7' को भी शामिल किया गया, जिसे बाद में IBN7 के नाम से जाना गया। इसके अंतर्गत IBN-लोकमत जैसा चैनल भी शामिल हुआ।
राजदीप सरदेसाई CNN-IBN के पहले एडिटर-इन-चीफ बने और यह चैनल दिसंबर 2005 में ऑन-एयर हुआ। मई 2014 में जब रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने CNN-IBN, IBN7 और CNBC-TV18 जैसे नेटवर्क 18 समूह के चैनलों का अधिग्रहण किया, तो इसके कुछ ही हफ्तों बाद 1 जुलाई 2014 को राजदीप सरदेसाई और CNN-IBN की पूरी फाउंडिंग टीम ने नेटवर्क18 समूह से इस्तीफा दे दिया।
अपने करियर के दौरान उन्होंने प्राइमटाइम न्यूज एंकरिंग की, बड़े-बड़े एडिटोरियल टीम्स का नेतृत्व किया और भारत और विदेश के कई अहम व्यक्तित्वों का इंटरव्यू किया। वर्तमान में राजदीप सरदेसाई इंडिया टुडे ग्रुप के साथ कंसल्टिंग एडिटर के रूप में जुड़े हुए हैं।
राजदीप को पत्रकारिता में उनके योगदान के लिए कई सम्मानों से नवाजा गया है, जिनमें 2008 में मिला ‘पद्मश्री’ प्रमुख है। इसके अलावा 2002 के गुजरात दंगों की रिपोर्टिंग के लिए उन्हें ‘इंटरनेशनल ब्रॉडकास्टर्स अवार्ड’ और ‘रामनाथ गोयनका एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवार्ड’ भी मिला।
वे एक प्रतिष्ठित लेखक भी हैं। उनकी किताबों में शामिल हैं:
The Election that Changed India (2014)
Democracy’s XI: The Great Indian Cricket Story
Newsman: Tracking India in the Modi Era (2018)
How Modi Won India (2019)
The Election that Surprised India (2024)
साथ ही, उन्होंने ‘The Truth Hurts’ जैसे संग्रह में भी योगदान दिया है, जिसमें 2002 के दंगों में मीडिया की भूमिका को समझाया गया।
राजदीप का पारिवारिक जीवन भी खासा प्रेरणादायक रहा है। वे अहमदाबाद, गुजरात में जन्मे। उनके पिता दिलीप सरदेसाई भारतीय टेस्ट क्रिकेटर थे और उनकी मां नंदिनी सरदेसाई मुंबई की सामाजिक कार्यकर्ता और सेंट जेवियर्स कॉलेज की समाजशास्त्र विभाग की प्रमुख रही हैं। पढ़ाई की बात करें तो राजदीप ने कैम्पियन स्कूल और कैथेड्रल एंड जॉन कॉनन स्कूल से स्कूली शिक्षा ली। फिर सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया और आगे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से कानून में डिग्रियां हासिल कीं। ऑक्सफोर्ड में उन्होंने यूनिवर्सिटी की ओर से प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला और क्रिकेट ‘ब्लू’ की उपाधि प्राप्त की।
राजदीप की कहानी सिर्फ एक पत्रकार की नहीं, बल्कि उस जुनून की है जो सच की खोज में कभी नहीं थमता। एक ऐसे दौर में जब मीडिया लगातार बदल रहा है, राजदीप सरदेसाई जैसी शख्सियतें यह भरोसा दिलाती हैं कि पत्रकारिता की रीढ़ अब भी मजबूत है, जहां खबर सिर्फ शब्द नहीं, जिम्मेदारी होती है।
अपने तेज, आक्रामक और बेबाक एंकरिंग स्टाइल के लिए मशहूर टीवी पत्रकार अर्पिता आर्या की इस समूह के साथ यह दूसरी पारी है।
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Samachar4media Bureau
अपने तेज, आक्रामक और बेबाक एंकरिंग स्टाइल के लिए मशहूर टीवी पत्रकार अर्पिता आर्या ने नेटवर्क18 के साथ दोबारा अपनी पारी शुरू कर दी है। उन्होंने इस समूह के हिंदी न्यूज चैनल ‘न्यूज18 इंडिया’ (News18 India) में बतौर एंकर जॉइन किया है।
इस बारे में न्यूज18 इंडिया ने सोशल मीडिया पर एक प्रोमो भी जारी किया है। इस प्रोमो में कहा गया है कि अब नए तेवर में दिखेंगी अर्पिता आर्या, देश के नंबर 1 न्यूज़ चैनल News18 इंडिया के साथ।
अब नए तेवर में दिखेंगी अर्पिता आर्या,
— News18 India (@News18India) May 21, 2026
देश के नंबर 1 न्यूज़ चैनल
News18 इंडिया के साथ#News18India | @ARPITAARYA pic.twitter.com/GA4z45J5Ib
विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो वह यहां शाम पांच बजे का शो होस्ट करेंगी। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि समाचार4मीडिया ने पिछले महीने छह अप्रैल को ही विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से खबर दी थी कि अर्पिता आर्या दोबारा से ‘नेटवर्क18’ जॉइन करने जा रही हैं। अब इस खबर पर आधिकारिक रूप से मुहर लग गई है।
यह भी पढ़ें: जल्द इस न्यूज चैनल की स्क्रीन पर दोबारा नजर आ सकती हैं अर्पिता आर्या!
अर्पिता आर्या की इस समूह के साथ यह दूसरी पारी है। अपनी पहली पारी के दौरान अर्पिता करीब छह साल तक ‘न्यूज18 इंडिया’ के साथ जुड़ी रही थीं। ‘न्यूज18’ पर वह ‘मुद्दा गरम है’, ‘खबर पक्की है’, ‘सौ बात की एक बात’ और ‘हम तो पूछेंगे’ जैसे शो होस्ट करती थीं।
इसके बाद उन्होंने अगस्त 2021 में ‘इंडिया टुडे’ (India Today) समूह जॉइन कर लिया था। वह इस समूह के हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ (AajTak) में बतौर एंकर अपनी जिम्मेदारी निभा रही थीं, जहां से कुछ समय पहले उन्होंने इस्तीफा दे दिया था और अब फिर नेटवर्क18 की टीम में शामिल हो गई हैं।
अर्पिता अपने बेबाक अंदाज और निडर रवैये के लिए जानी जाती हैं। वह सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं। मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली अर्पिता को मीडिया में काम करने का एक दशक से ज्यादा का अनुभव है। पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने ‘KTV’ कानपुर के साथ की थी। पूर्व में वह ‘एपीएन’ और ‘न्यूज एक्सप्रेस’ चैनल में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं।
समाचार4मीडिया की ओर से अर्पिता आर्या को उनके नए सफर के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।
गुजरात के सबसे बड़ा और प्रभावशाली मीडिया हाउस 'संदेश लिमिटेड' (The Sandesh Limited) ने जानकारी दी है कि कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 29 मई 2026 को आयोजित की जाएगी।
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Vikas Saxena
गुजरात के सबसे बड़ा और प्रभावशाली मीडिया हाउस 'संदेश लिमिटेड'(The Sandesh Limited) ने जानकारी दी है कि कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 29 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। यह बैठक कंपनी के रजिस्टर्ड ऑफिस में होगी, जिसमें मार्च 2026 तिमाही और पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों पर विचार किया जाएगा।
कंपनी ने शेयर बाजार को भेजी सूचना में बताया कि बोर्ड बैठक में स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी देने और रिकॉर्ड पर लेने पर फैसला होगा। इसके साथ ही ऑडिटर्स की रिपोर्ट भी पेश की जाएगी।
बैठक में कंपनी के इक्विटी शेयरधारकों के लिए फाइनल डिविडेंड की सिफारिश पर भी चर्चा होगी। यह डिविडेंड 10 रुपये फेस वैल्यू वाले इक्विटी शेयरों पर वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दिया जा सकता है। हालांकि, अंतिम मंजूरी कंपनी की आगामी सालाना आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की स्वीकृति के बाद ही मिलेगी।
कंपनी ने यह भी बताया कि सेबी के इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों और कंपनी की आंतरिक नीति के तहत ट्रेडिंग विंडो 1 अप्रैल 2026 से बंद है। यह विंडो वित्तीय नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद तक बंद रहेगी।
Basilic Fly Studio ने बताया कि 13 मई 2026 की पोस्टल बैलेट नोटिस व उससे जुड़ा एक्सप्लेनेटरी स्टेटमेंट शेयरधारकों को भेजा जा रहा है, ताकि कंपनी अपने सदस्यों से एक खास प्रस्ताव पर मंजूरी मांग सके।
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Samachar4media Bureau
Basilic Fly Studio Limited ने अपने शेयरधारकों के लिए पोस्टल बैलेट नोटिस जारी किया है। कंपनी ने यह जानकारी 20 मई 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को दी। कंपनी ने बताया कि 13 मई 2026 की पोस्टल बैलेट नोटिस और उससे जुड़ा एक्सप्लेनेटरी स्टेटमेंट शेयरधारकों को भेजा जा रहा है। इसके जरिए कंपनी अपने सदस्यों से एक खास प्रस्ताव पर मंजूरी मांग रही है।
यह प्रस्ताव कंपनी एक्ट 2013 की धारा 185 के तहत किसी संस्था को लोन देने, गारंटी देने या सिक्योरिटी उपलब्ध कराने से जुड़ा है। इसके लिए स्पेशल रेजोल्यूशन पास कराया जाएगा।
कंपनी ने कहा कि कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) के लागू नियमों के अनुसार पोस्टल बैलेट नोटिस सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजा जा रहा है। यह नोटिस उन्हीं शेयरधारकों को भेजा जाएगा जिनके ईमेल पते कंपनी या डिपॉजिटरी के पास रजिस्टर्ड हैं। 15 मई 2026 को कट-ऑफ डेट माना गया है।
कंपनी ने ई-वोटिंग की सुविधा देने के लिए National Securities Depository Limited (NSDL) की सेवाएं ली हैं। रिमोट ई-वोटिंग 21 मई 2026 सुबह 9 बजे से शुरू होगी और 19 जून 2026 शाम 5 बजे तक चलेगी।
कंपनी ने बताया कि पोस्टल बैलेट नोटिस उसकी वेबसाइट पर भी उपलब्ध रहेगा।
क्या है पूरा मामला?
कंपनी अपने बोर्ड ऑफ डायरेकर्स को यह अधिकार देना चाहती है कि वह कंपनी की किसी सब्सिडियरी, एसोसिएट, जॉइंट वेंचर, ग्रुप एंटिटी या ऐसी किसी संस्था को, जिसमें कंपनी के किसी डायरेक्टर की रुचि हो, 50 करोड़ रुपये तक का लोन दे सके, गारंटी दे सके या सिक्योरिटी उपलब्ध करा सके।
यह रकम एक बार में या अलग-अलग हिस्सों में दी जा सकती है। कंपनी के मुताबिक यह पैसा संबंधित संस्था की मुख्य कारोबारी गतिविधियों और उससे जुड़े कामों में इस्तेमाल होगा।
कंपनी ने यह भी कहा कि बोर्ड जरूरत के हिसाब से नियम और शर्तें तय करेगा और जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करेगा। इसके अलावा सरकारी या रेगुलेटरी मंजूरियां लेने का अधिकार भी बोर्ड के पास होगा।
शेयरधारकों को सिर्फ ऑनलाइन वोटिंग की सुविधा
कंपनी ने साफ किया कि इस पोस्टल बैलेट के लिए कोई फिजिकल फॉर्म या प्री-पेड लिफाफा नहीं भेजा जाएगा। शेयरधारक सिर्फ रिमोट ई-वोटिंग के जरिए ही अपने पक्ष या विपक्ष में वोट दे सकेंगे।
कंपनी ने ई-वोटिंग प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा कराने के लिए एम. अलगर और डी. सरवनन, डिजिग्नेटेड पार्टनर्स, Alagar & Associates LLP को स्क्रूटिनाइजर नियुक्त किया है।
रिजल्ट कब आएगा?
वोटिंग पूरी होने के बाद स्क्रूटिनाइजर अपनी रिपोर्ट कंपनी के चेयरमैन या अधिकृत व्यक्ति को सौंपेंगे। इसके बाद 23 जून 2026 तक नतीजों की घोषणा की जाएगी। रिजल्ट कंपनी की वेबसाइट, NSDL की वेबसाइट और NSE की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
कंपनी ने क्या कहा?
कंपनी के मुताबिक बोर्ड ऑफ डायरेकर्स हर प्रस्ताव का सावधानी से मूल्यांकन करेगा और कंपनी के हित में फैसला लिया जाएगा। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि लोन या गारंटी का इस्तेमाल सिर्फ संबंधित संस्था के मुख्य कारोबार और उससे जुड़े कामों के लिए ही होगा।
कंपनी के बोर्ड ने इस स्पेशल रेजोल्यूशन को मंजूरी देने की सिफारिश शेयरधारकों से की है।