होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / चुनाव परिणामों पर कोई हेडलाइन नहीं लगाएगा ये अखबार, जानिए वजह
चुनाव परिणामों पर कोई हेडलाइन नहीं लगाएगा ये अखबार, जानिए वजह
#MeToo कैंपेन पर डिज़ाइन का इनोवेशन कर चुका हिंदी दैनिक...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
#MeToo कैंपेन पर डिज़ाइन का इनोवेशन कर चुका इंदौर का हिंदी दैनिक ‘प्रजातंत्र’ मध्यप्रदेश चुनाव परिणाम के दिन यानी 12 दिसंबर के अंक में ऐसा प्रयोग करने जा रहा है, जो दुनिया भर में आज तक नहीं हुआ। ऐसा करके अखबार एक नए आयाम को छूने का प्रयास करना चाहता है। दरअसल, अख़बार ने तय किया है कि वह चुनाव परिणाम की ख़बर का कोई शीर्षक नहीं देगा।
‘प्रजातंत्र’ के प्रधान संपादक हेमंत शर्मा का इस प्रयोग के बारे में कहना है, 'आम तौर पर हिंदी और अंग्रेज़ी के बड़े सर्वाधिक बिकने वाले अख़बार भी हारे-जीते से आगे कुछ सोच नहीं पाते। जब चुनाव परिणाम आने वाले होते हैं, तो लगभग सभी अखबारों में एक हफ्ते पहले से तैयारी शुरू हो जाती है कि आखिर शीर्षक क्या होगा। यदि दो प्रमुख पार्टियां मैदान में हैं तो ज्यादातर अखबारों में दो पेजों की रूपरेखा तैयार की जाती है कि यदि एक पार्टी जीती तो उस पेज का हेडिंग ये होगा और लेआउट ऐसा होगा, जबकि यदि दूसरी पार्टी जीती तो उस पेज को इस तरह पब्लिश किया जाएगा।'
उनका कहना है, '24 घंटे बाद भी पाठक को पहले पेज की लीड स्टोरी के शीर्षक से सिर्फ़ वही मिलता है, जो उसे पता होता है। इससे कहीं न कहीं यह भी लगता है कि अख़बार अपने पाठकों को शीर्षक में ‘कमल खिला’ या ‘पंजा खिला’ ही देना चाहते हैं, जबकि पाठक की सोच उससे कहीं आगे जा चुकी है। इसी को ध्यान में रखकर यह तय किया गया कि हम इस बार कुछ नया करेंगे, यह तो नहीं ही करेंगे। उन्होंने बतायाकि कुछ समय पहले #MeToo कैंपेन को लेकर भी उनके अखबार ने एक नया प्रयोग करते हुए ऐसा डिजायन तैयार किया था, जिसकी देशभर में खूब चर्चा हुई थी।'
वहीं, अख़बार के स्थानीय संपादक पंकज मुकाती बताते हैं, 'इसी से बिना शीर्षक वाली ख़बर का विचार आया जो ‘प्रजातंत्र’ को 12 दिसंबर को सबसे अलग करेगा। अख़बार ने इसके लिए मतदान वाले दिन पहले पेज पर विज्ञापन देकर इसकी सूचना भी दी है। बताया जा रहा है कि अख़बार का पहला पेज शीर्षक या हेडलाइन के बिना भी इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि वह अधूरा नहीं लगेगा।'
टैग्स प्रजातंत्र