होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार दयाशंकर मिश्र की नई पारी, मिला अहम पद
वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार दयाशंकर मिश्र की नई पारी, मिला अहम पद
जी समूह के हिंदी डिजिटल विंग के संपादक के तौर पर इस्तीफा देने के बाद अब डिजिटल पत्रकार दयाशंकर मिश्र ने अपनी नई पारी का आगाज कर...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
जी समूह के डिजिटल विंग के संपादक (लैंग्वेजेस) के तौर पर इस्तीफा देने के बाद अब वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार दयाशंकर मिश्र ने अपनी नई पारी का आगाज कर दिय है। वे इस बार नेटवर्क 18 समूह के साथ जुड़ है। यहां वे बतौर Editor, Enterprise & Special Project नियुक्त हुए हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक वे डिजिटल डोमेन के कुछ ऐसे मॉडल्स पर काम करेंगे जो अभी अमूमन भारतीय डिजिटल न्यूज की दुनिया से दूर है।
गौरतलब है कि जी समूह के साथ करीब दो साल का सफर पूरा करने के बाद उन्होंने इस साल की शुरुआत में वहां से इस्तीफा दे दिया था। वे वहां जी न्यूज के हिंदी डिजिटल संस्करण के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाओं के विस्तार में भी अहम भूमिका निभा रहे थे। जी समूह से पहले वे एनडीटीवी समूह की हिंदी वेबसाइट से बतौर संपादक जुड़े रह चुके हैं।
दयाशंकर मिश्र की छवि एक डिजिटल जर्नलिस्ट की है, जो इंडस्ट्री में अलग-अलग ब्रैन्ड की लॉन्चिंग और रिलॉन्चिंग में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं।
दयाशंकर एनडीटीवी से जुड़ने से पहले नेटवर्क 18 ग्रुप की हाइपर लोकल हिंदी वेबसाइट News 18 के रीलॉन्च, विस्तार में अहम भूमिका निभा चुके हैं। वे Network 18 से जुड़ने से पहले दैनिक भास्कर, अमर उजाला, राजस्थान पत्रिका और दैनिक भास्कर.कॉम (Dainik Bhaskar.com) में भी शीर्ष भूमिकाओं का निर्वहन कर चुके हैं।
Dainik Bhaskar.com के साथ उन्होंने 2012 में पहली बार प्रिंट मीडिया के साथ डिजिटल मीडिया के इंटीग्रेशन के आधार पर हाइपरलोकल मॉडल के माध्यम से खबरों के रियलटाइम कवरेज में ‘नेशनल हाइपरलोकल हेड’ की महत्वमपूर्ण भूमिका अदा की थी। उन्होंने ‘दिव्य भास्कर डॉट काम’ की लॉन्चिंग और अहमदाबाद, राजकोट, सूरत और वड़ोदरा में हाइपरलोकल मॉडल पर खबरों की रियलटाइम कवरेज की शुरुआत करवाई।
पत्रकारिता में अपने दो दशकों के अनुभव के साथ वह मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और जम्मूर-कश्मीर में काम कर चुके हैं। उनकी रुचि अध्ययन, यात्रा और संवाद में है। साथ ही मिश्र को सामाजिक, विकास पत्रकारिता के प्रति उनके योगदान के लिए जाना जाता है। दयाशंकर मिश्र को 2008 में मैला ढोने वाले समाजों पर उनके शोध, अध्ययन के लिए यूनाइटेड नेशंस पॉपुलेशन फंड की ओर पुरस्कृत किया जा चुका है। इसके साथ ही उन्हें 2009 में एनएफआई, दिल्ली की ओर से भी इसी विषय पर फेलोशिप मिल चुकी है।
टैग्स नेटवर्क18 दयाशंकर मिश्रा