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प्रिंट की तरह अब टीवी और रेडियो के लिए भी उठी ये मांग...
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। देश के ब्रॉडकास्टर्स की प्रमुख संस्था ‘इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन’ (IBF) ने सरकार से उसके हितों पर भी ध्यान देने को कहा है। एक स्टेटमेंट में IBF का कहना है कि नए जीएसटी नियम (GST regime) में जिस तरह से प्रिंट मीडिया के लिए जीरो रेटि
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
देश के ब्रॉडकास्टर्स की प्रमुख संस्था ‘इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन’ (IBF) ने सरकार से उसके हितों पर भी ध्यान देने को कहा है। एक स्टेटमेंट में IBF का कहना है कि नए जीएसटी नियम (GST regime) में जिस तरह से प्रिंट मीडिया के लिए जीरो रेटिंग की बात चल रही है और इसको लेकर नाराजगी जताने के साथ ही कई एडिशंस भी बंद किए जा रहे हैं। उसी तरह से इलेक्ट्रॉनिक माध्यम और रेडियो में भी 2000 करोड़ रुपए से ज्यादा के ऐडवर्टाइजमेंट बंद हो चुके हैं। ऐसे में सरकार को प्रिंट मीडिया की तरह ही इस मीडियम पर भी ध्यान देना होगा ताकि वे न्यूज और ऐंटरटेनमेंट के साथ ही लोगों को जागरूक करने में सहायता कर सकें।
IBF के प्रेजिडेंट पुनीत गोयनका ने कहा, ‘कई वर्षों से टीवी सेवाओं में भी काफी विस्तार हुआ है और इसकी पहुंच बड़े पैमाने तक लोगों पर पहुंच गई है। ऐसे में इस पर सिर्फ पांच प्रतिशत का जीएसटी लगाने से इसकी पहुंच लोगों तक आसान बन जाएगी।’
गौरतलब है कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा 31 दिसंबर 2016 को दी गई सूचना के अनुसार, देश में 899 चैनल्स हैं, जिनमें से 399 चैनल्स न्यूज और करेंट अफेयर्स के जबकि शेष 500 नॉन न्यूज और गैर करेंट अफेयर्स चैनल्स हैं। IBF के अनुसार टैक्स के अलावा अन्य खर्च बढ़ने से कुछ न्यूज चैनल्स बंद हो रहे हैं जबकि कुछ बड़े पैमाने पर छंटनी कर रहे हैं। इसलिए सरकार को इस दिशा में भी जरूर सोचना चाहिए।
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