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हैप्पी बर्थडे अमिताभ अग्निहोत्री: अब इंतजार है आपके आने वाले ‘तहलके’ का...
हैप्पी बर्थडे अमिताभ अग्निहोत्री: अब इंतजार है आपके आने वाले ‘तहलके’ का...
अमिताभ जी के बारे में क्या लिखूं समझ नहीं आ रहा, शायद मेरे शब्दकोश में...
समाचार4मीडिया ब्यूरो
7 years ago
सौरभ श्रीवास्तव, वरिष्ठ टीवी पत्रकार, इंडिया टीवी ।।
अमिताभ जी के बारे में क्या लिखूं समझ नहीं आ रहा, शायद मेरे शब्दकोश में उनके लिए शब्द नहीं है। उनके बारे में लिखना शायद सूर्य को चिराग दिखाने के बराबर है। बेबाक लेखनी और बेलाग टिप्पणी जिनकी पहचान है, जो निर्भीक पत्रकारिता के विनम्र हस्ताक्षर हैं, हर बात में वजन और वाणी पर मानों साक्षात सरस्वती जी विराजमान हैं उनका नाम अमिताभ अग्निहोत्री है। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में जन्मे अमिताभ जी के पिताजी को शायद ही नहीं पता होगा कि उनका पुत्र पत्रकारिता के इस शिखर पर पहुंच कर राज करेगा, हालांकि अमिताभ जी की रुचि शुरू से पढ़ने लिखने की रही मगर इसके परिधि एक शख्सियत उनमें छुपा हुआ है वह है दूसरों की चुपचाप से मदद कर देना और इसे कभी जग जाहिर ना होने देना। कुछ ऐसी बातें हैं जो आपसे मैं साझा करना चाहूंगा वह बड़ी दिलचस्प भी है, वह ये कि चाहे कॉलेज की राजनीति रही हो या देश की सर्वोच्च राजनीति, उसमें कहीं ना कहीं सीधे तौर पर तो नहीं, मगर अमिताभ जी का हस्तक्षेप रहा है और वह भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में। उदाहरण के तौर पर देश के प्रधानमंत्री बनने तक की प्लानिंग में भी। अमिताभ जी का हस्तक्षेप सीधे तौर पर रहा है और यह बात शायद ही कुछ लोग जानते हैं जिनमें से वह राजनीति के खिलाड़ी या मेरे जैसा उनका अनुज।
अमिताभ जी ने अपना ज्यादातर समय प्रिंट मीडिया में बिताया है वह भी देश के सर्वोच्च अखबारों में, जैसे कि ‘आज’ अखबार, जो अपने समय का सबसे चर्चित अखबार हुआ करता था, उसके बाद दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर। खास बात यह भी रही कि इन्होंने कभी भी लोकल बीट पर रिपोर्टिंग नहीं की, बल्कि आईआईएमसी से पास आउट होते ही सीधा नेशनल ब्यूरो में काम करने का उन्हें सौभाग्य प्राप्त हुआ, जो किसी भी मील के लिए पत्थर होता है। कम से कम 8 से 10 साल का एक्सपीरियंस होने के बाद ही अखबार में नेशनल ब्यूरो में काम करने का अवसर मिलता है और सच भी है हर एक जनर्लिस्ट की इच्छा होती है कि वह राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक पार्टियों व पार्लियामेंट को कवर करें। इन सभी बीट्स पर अमिताभ जी ने बखूबी काम किया है।
।ईमानदारी का तमगा किसी पत्रकार के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। राजनीतिक हस्तक्षेप की जरूरत राजनेताओं को पड़ती थी, क्योंकि जिस ईमानदारी व निष्पक्ष रूप से अमिताभ जी राय दे सकते हैं वो कोई और नहीं दे सकता।
बहुत सी ऐसी अनसुनी कहानियां हैं खास तौर पर राजनीतिक गलियारों की, जिसका खुलासा अमिताभ जी की किताब में होगा। जिसकी रूपरेखा तैयार हो रही है। यह तो मैं दावे से कह सकता हूं उस किताब के प्रकाशन के बाद तहलका मचेगा और वो भी भयानक। वो किताब मुझे बांधे हुए है जिसकी वजह से मैं यहां बहुत कुछ नहीं लिख पा रहा। अमिताभ जी के साथ मुझे भी काम करने का मौका मिला। बतौर संपादक उनके तरफ से छूट रहती थी कि अगर खबर में सच्चाई है तो पीछे मत हटो बेबाकी से प्रस्तुत करो।
कोई भी हो अगर वो गलत है तो अमिताभ जी उसे लाइव स्क्रीन पर ही डांट लगा देते हैं। यही हाल तब था जब वो अखबार में थे और बेबाकी से सच लिखते थे, चाहे कुछ हो जाए। अमिताभ जी की डांट में सच्चाई है, प्यार है, ईमानदारी है, आगे बढ़ने की चाहत है। परिवार से ऊपर वो अपने काम, अपनी कलम और पेशे को रखते हैं। हमेशा जन सरोकार के मुद्दे को उठाया और सच्ची पत्रकारिता की। उम्मीद है ऐसे ही वो ईमानदारी से काम करते रहेंगे, जिससे हम सबको सीखने के अनगिनत मौके मिलेंगे।
सर, जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं...
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अमिताभ अग्निहोत्री