होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / एफएम ब्रॉडकास्टरों की मांगों पर सरकार ने दिखाया यह रुख

एफएम ब्रॉडकास्टरों की मांगों पर सरकार ने दिखाया यह रुख

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। सरकार ने एफएम रेडियो के तीसरे चरण के दूसरे बैच की ई-नीलामी के लिए बोली लगाने वाले निजी एफएम रेडियो ब्रॉडकास्टरों की उन शर्तों को आसान बनाने की मांग ठुकरा दी है जो उन्हें घुटन भरी (Suffocating) लगती हैं। इनमें तीन साल का लॉक-इन समय, लाइसेंस के स्वामित्व पर प्रतिबंध, नए शहरों के लिए आरक्षित कीमतों में कमी और

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। सरकार ने एफएम रेडियो के तीसरे चरण के दूसरे बैच की ई-नीलामी के लिए बोली लगाने वाले निजी एफएम रेडियो ब्रॉडकास्टरों की उन शर्तों को आसान बनाने की मांग ठुकरा दी है जो उन्हें घुटन भरी (Suffocating) लगती हैं। इनमें तीन साल का लॉक-इन समय, लाइसेंस के स्वामित्व पर प्रतिबंध, नए शहरों के लिए आरक्षित कीमतों में कमी और स्वतंत्र रूप से न्यूज इकट्ठा करने की अनुमति की मांग शामिल है। हालांकि सरकार ने आवेदन प्राप्त करने की समय सीमा बढ़ाकर आठ अगस्त, कर दी है। तीसरे चरण की नीलामी के दूसरे बैच में 92 शहरों में 266 चैनल शामिल हैं। यह नीलामी सितंबर के मध्य में होने वाली है। इससे पहले स्पष्टीकरण जारी करने के लिए अंतिम तिथि 21 जुलाई से 26 जुलाई तक बढ़ाई गई थी। इस बार आवेदकों की नेटवर्थ ज़रूरतों में कुछ बदलाव भी किए गए हैं। नए बदलावों में 31 मार्च 2016 के बाद पंजीकृत आवेदक कंपनी को न केवल 30 जून 2016 तक अपनी नेटवर्थ दिखानी होगी अथवा आवेदन प्रस्तुत करने की तारीख तक अपेक्षित दस्तावेजों द्वारा समर्थित इसकी चुकता इक्विटी के माध्यम से नेटवर्थ दिखानी होगी। 10 करोड़ रुपये के नेटवर्थ वाला बोलीदाता सभी क्षेत्रों में शहरों की किसी एक या सभी श्रेणियों में हिस्सा ले सकता है। अन्यथा, नीलामी में हिस्सा लेने के लिए नेट वर्थ क्षेत्र के आधार पर प्रति शहर अलग-अलग है और यह उसकी कैटेगरी के आधार पर निश्चित की गई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बोली पूर्व प्रश्नों के जवाब में निजी एफएम रेडियो ब्रॉडकास्टरों की इस तरह की मांग को अस्वीकार कर दिया है। गौरतलब है कि प्रसारण मंत्रालय ने निजी एफएम रेडियो को तीसरे चरण के चैनलों के दूसरे बैच की ई-नीलामी के लिए फैसला किया है। तीन साल के लॉक-इन क्लॉज़ का मतलब होगा कि एफएम रेडियो के क्षेत्र में विलय व अधिग्रहण का सिलसिला थमा रहेगा। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने कई बार लॉक-इन समय को दूर करने के लिए प्रसारण मंत्रालय के समक्ष गुहार लगाई थी। यह तर्क दिया गया था कि उन्होंने पहले ही दूसरे चरण की नीलामी के दौरान लॉक-इन समय पूरा कर लिया था। निजी रेडियो ऑपरेटरों के अनुसार, उच्च आरक्षित मूल्य सभी शहरों में रेडियो परिचालन को अलाभकारी बना देता है। ज्यादातर दक्षिण भारतीय शहरों का आरक्षित मूल्य 7.02 करोड़ रुपये था। देहरादून, सहारनपुर, शाहजहांपुर और मुजफ्फरनगर का आरक्षित मूल्य 15.61 करोड़ रुपये था। निजी रेडियो उद्योग ने कहा कि उच्च आरक्षित मूल्य के कारण तीन-चौथाई रेडियो फ्रीक्वेंसियां अलाभकारी हैं। प्रसारण मंत्रालय ने इस मांग को भी नहीं स्वीकार किया। निजी रेडियो ब्रॉडकास्टरों ने तर्क दिया कि राष्ट्रीय और शहर-स्तरीय सीमा पूरी तरह से अनावश्यक है क्योंकि प्रतिस्पर्धा कानून पहले से ही देश में मौजूद हैं। इस सीमा ने रेडियो की नीलामी के पहले बैच में कई ब्रॉडकास्टरों की बोली गतिविधियों को गंभीर रूप से कम कर दिया था। 52 शहरों की राष्ट्रीय सीमा (सीमांत शहरों को छोड़कर) से कई ब्रॉडकास्टर अपनी रुचि के कई शहरों में बोली लगाने में असमर्थ रहे। प्रसारण मंत्रालय को यह तर्क ठोस नहीं लगा। निजी रेडियो प्रसारण क्षेत्र की ओर से तर्क रखा गया था कि सिर्फ उन्हींअ को निशाना बनाया जा रहा है कि ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) से न्यूज़ कंटेंट वे सोर्स करें और उसी प्रारूप में प्रसारित करे। यह तर्क भी प्रसारण मंत्रालय के सामने टिक नहीं पाया। निजी रेडियो ब्रॉडकास्टरों ने सरकार को सूचित किया था कि कई रेडियो ब्रॉडकास्टरों के पास न्यूज इकट्ठा करने की सेवाएं हैं और उन्हें इस्तेमाल करने के साथ ही वे न्यूज़ का प्रसारण भी स्वतंत्र रूप करना चाहते हैं। निजी रेडियो ब्रॉडकास्टरों ने कहा था कि सरकार की यह चिंता कि ब्रॉडकास्टर ऐसे कंटेंट का प्रसारण करेंगे जिसकी ‘अनुमति नहीं’ है, यह निराधार है, क्योंकि सरकार के पास वैसे भी उल्लंघन या शिकायतों के मामले में नोटिस देने की व्यवस्था मौजूद है। यह भी बताया गया कि प्रसारण मंत्रालय वैसे भी प्रत्येक निजी रेडियो स्टेशन में स्थापित ‘लॉगर’ के माध्यम से सभी स्टेशनों पर नज़र रखता है और निजी रेडियो स्टेशनों पर उसका बहुत प्रभाव है क्योंकि उसने एकबारगी प्रवेश शुल्क लिया है। निजी रेडियो ऑपरेटरों ने तर्क दिया कि बड़े भारी एकबारगी प्रवेश शुल्क से और इस तथ्य से कि ऑपरेशन स्थापित करने के लिए कम से कम 12 महीने लग जाते हैं इसलिए, सरकार को पहले साल में केवल 25 प्रतिशत शुल्क लेना चाहिए। जब स्टेशन परिचालन शुरू कर दे तभी पहले साल का कलेक्शन लेना चाहिए नकि नीलामी जीतने के समय लिया जाना चाहिए क्योंकि निजी रेडियो ब्रॉडकास्टरों का इस पर कोई नियंत्रण नहीं होता कि बेसिल परिचालन की स्थापना में कितना समय लगाएगा। प्रसारण मंत्रालय ने निजी एफएम रेडियो ब्रॉडकास्टरों की इस मांग को भी स्वीकार नहीं किया। समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुकपेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।


टैग्स
सम्बंधित खबरें

सरकार की फैक्ट चेक यूनिट पर रोक, AIM ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

AIM भी उन याचिकाकर्ताओं में शामिल था, जिन्होंने इस फैक्ट चेक यूनिट की संवैधानिक वैधता को अदालत में चुनौती दी थी।

1 hour ago

‘TV9’ में इस बड़े पद से अलग हुए प्रसन्ना राघव, जल्द शुरू करेंगे नई पारी

10 मार्च इस संस्थान मैं उनका आखिरी कार्यदिवस है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, वह जल्द ही एक बार फिर ‘जी मीडिया’ (Zee Media) में लीडरशिप भूमिका में नजर आ सकते हैं।

5 hours ago

Ventes Avenues की कमान अब बलमुरुगन मणि व फौजान अब्दुल रहीम के हाथ

डिजिटल मार्केटिंग और एडटेक कंपनी ‘Ventes Avenues Pvt. Ltd.’ ने अपने बिजनेस फोकस को और मजबूत करने का ऐलान किया है।

6 hours ago

विज्ञापन जगत में 40 साल: संदीप गोयल ने बताया कैसे बदल गई ऐडवर्टाइजिंग की दुनिया

विज्ञापन की दुनिया में जब संदीप गोयल बात करते हैं, तो उनकी बातों में एक अलग ही सहजता नजर आती है। यह सहजता चार दशकों के अनुभव से आती है।

10 hours ago

ESOP स्कीम के तहत 'बालाजी टेलीफिल्म्स' ने एम्प्लॉयीज को यूं बनाया अपना हिस्सेदार

बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड ने अपने एम्प्लॉयीज को ESOP (एम्प्लॉयी स्टॉक ऑप्शन प्लान) के तहत 51,997 इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं।

10 hours ago


बड़ी खबरें

सरकार की फैक्ट चेक यूनिट पर रोक, AIM ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

AIM भी उन याचिकाकर्ताओं में शामिल था, जिन्होंने इस फैक्ट चेक यूनिट की संवैधानिक वैधता को अदालत में चुनौती दी थी।

1 hour ago

एक बार फिर धूम मचाने आया Laqshya Pitch Best CMO अवॉर्ड्स, 12 मार्च को होगा इवेंट

एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप Laqshya Pitch Best CMO Awards एक बार फिर आयोजित करने जा रहा हैं।

9 hours ago

ESOP स्कीम के तहत 'बालाजी टेलीफिल्म्स' ने एम्प्लॉयीज को यूं बनाया अपना हिस्सेदार

बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड ने अपने एम्प्लॉयीज को ESOP (एम्प्लॉयी स्टॉक ऑप्शन प्लान) के तहत 51,997 इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं।

10 hours ago

वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी में नीरज झा को मिली ये बड़ी जिम्मेदारी

नीरज झा पिछले 6 साल से ज्यादा समय से वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी से जुड़े हुए हैं। इस प्रमोशन से पहले वह कंपनी में कंटेंट, प्रोग्रामिंग और एक्विजिशन के डायरेक्टर के पद पर काम कर रहे थे।

10 hours ago

‘TV9’ में इस बड़े पद से अलग हुए प्रसन्ना राघव, जल्द शुरू करेंगे नई पारी

10 मार्च इस संस्थान मैं उनका आखिरी कार्यदिवस है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, वह जल्द ही एक बार फिर ‘जी मीडिया’ (Zee Media) में लीडरशिप भूमिका में नजर आ सकते हैं।

5 hours ago