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हिंदी न्यूज चैनल के एडिटर-इन-चीफ के खिलाफ दर्ज हुई FIR...
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। [caption id="attachment_38423" align="alignright" width="204"] सुरेश चव्हाण[/caption] सांप्रदायिक
समाचार4मीडिया ब्यूरो 8 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
[caption id="attachment_38423" align="alignright" width="204"]सांप्रदायिक सौहार्द को चोट पहुंचाने के चलते हिंदी न्यूज चैनल ‘सुदर्शन न्यूज’ के एडिटर-इन-चीफ व सीएमडी सुरेश चव्हाण और कांग्रेस-भाजपा के स्थानीय नेता फंस गए हैं। इन सबके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यह रिपोर्ट यूपी के संभल में दर्ज कराई गई है। इन पर धार्मिक उन्माद फैलाने वाली खबरें दिखाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है।
कोतवाल बृज मोहन गिरि ने बताया कि 9 अप्रैल को कोतवाली में आयोजित शांति समिति की बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सुदर्शन न्यूज चैनल ने पिछले दिनों दो सम्प्रदायों के बीच धार्मिक उन्माद बढ़ाने वाले कार्यक्रम दिखाए। चैनल पर इस प्रकार का प्रसारण अपराध है, इसलिए उन्होंने चैनल के सीएमडी सुरेश चव्हाण, कांग्रेस के जिला महासचिव इतरत हुसैन बाबर और संभल के बीजेपी नेता संजय सांख्यधर के खिलाफ 153 ए (1), 505 (1) बी, 295 ए और 16 केबल ऐक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करवाया है।
इस मुकदमें पर सुरेश चव्हान ने समाचार4मीडिया को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुझे जान से मारने की धमकी दी जा रही है और एक एसएचओ लेवल का अधिकारी देश के एक बड़े चैनल के संपादक के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर रहा है। ऐसे तो देश के 600 गांवों में दिखने वाले चैनल के संपादक के साथ ये अन्याय है। ऐसे तो हजारों एफआईआर दर्ज किए जाने लगेगी। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की नीतियों के विपरीत यूपी की पुलिस काम कर रही है।
वहीं इस मामले में हुसैन बाबर ने अपनी सफाई में कहा कि चैनल के खिलाफ कार्रवाई की मांग उन्होंने ही की थी। साथ ही टीवी चैनल को ई-मेल करके गलत तरीके से बयान प्रसारित करने की शिकायत भी की थी। उन्होंने आगे कहा कि मेरे बयान को टीवी चैनल की ओर से तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। मैंने इस संबंध में टीवी प्रसारण देखने के बाद एसपी संभल को पत्र लिखकर अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया था। मैंने यह भी कहा था कि चैनल से प्रसारण रोका जाए।
वहीं संभल के बीजेपी नेता संजय सांख्यधर का भी नाम इसमें आया है। उन पर विडियो का निर्माण कराने में स्थानीय स्तर पर सहयोग देने का आरोप लगा है। इस मामले में उन्होंने कहा कि टीवी चैनल पर मैंने सिर्फ अपने विचार व्यक्त किए हैं। मेरा इससे ज्यादा कुछ लेना-देना नहीं है। मैं यही कहना चाहूंगा कि अगर शांति व्यवस्था बनाए रखने वालों पर रिपोर्ट दर्ज होगी, तो न्याय कैसे होगा? मैं चाहता हूं कि प्रशासन निष्पक्षता के साथ जांच करे क्योंकि यह प्रकरण शासन के संज्ञान में है।
एफआईआर में कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ने बताया है कि यू-ट्यूब पर निजी टीवी चैनल की ओर से अपलोड विडियो को बारीकी से देखा गया। इसमें निजी न्यूज चैनल के सीएमडी की ओर से दो संप्रदायों के बीच शत्रुता, घृणा फैलाने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले बयान दिए गए हैं। वहीं सप्ताह भर से लगातार ऐसे प्रसारण किए जा रहे हैं, जिससे शांति व्यवस्था बिगड़ने का खतरा पैदा हुआ है। इन तथ्यों का उल्लेख करते हुए रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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