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वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई, पूर्व पत्रकार आशुतोष ने कोर्ट में हुए पेश...
फर्जी स्टिंग ऑपरेशन मामले में आम आदमी पार्टी नेता....
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
फर्जी स्टिंग ऑपरेशन मामले में वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई, पूर्व पत्रकार आशुतोष व अरुणोदय मुखर्जी शुक्रवार को गाजियाबाद की जिला अदालत में पेश हुए। तीनों एक मामले में आरोपी थे। बता दें कि ये मामला 7 अगस्त 2008 का है, उस समय तीनों आरोपी आईबीएन नेटवर्क के साथ काम करते थे।
बीते शुक्रवार को उपरोक्त तीनों ही अदालत में पेश हुए और बाद में उन्हें जमानत मिल गई। मामले में आरोपित संजय राय चौधरी व हर्ष चावला ने दो दिन पूर्व अदालत में पेश हुए थे। अभी तक कुल नौ आरोपितों में से पांच को जमानत मिल चुकी है। बता दें कि इस मामले में अगली सुनवाई आठ अगस्त को होगी।
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गौरतलब है कि जुलाई 2006 में ‘शैतान डॉक्टर’ नाम से ‘आईबीएन7’ (अब न्यूज18इंडिया) ने ‘शैतान डॉक्टर’ के नाम से एक स्टिंग किया था। यह स्टिंग गाजियाबाद के तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय अग्रवाल के खिलाफ था, जोकि वर्तमान में नोएडा जिला अस्पताल में सीएमएस के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने स्टिंग को पूरी तरह गलत बताते हुए गाजियाबाद की अदालत में नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दायर किया था, जिनमें राजदीप सरदेसाई, आशुतोष, राघव बहल, अरुंदोदय मुखर्जी, संजय राय चौधरी, हर्ष चावला, समीर मनचंदा, नीति टंडन और जमशेद खान के नाम शामिल थे।
हाई कोर्ट ने केस को खारिज कर दिया था. जिसके बाद डॉ अग्रवाल ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई निचली अदालत में करने के आदेश दिए थे। मामले की सुनवाई के बाद एसीजेएम कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी किया, जिसके बाद शुक्रवार को केस के तीनों आरोपी पत्रकार कोर्ट के समक्ष पेश हुए। उनके वकीलों ने कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी। कोर्ट ने सुनवाई के बाद तीनों की जमानत स्वीकार कर ली।
बता दें कि अजय अग्रवाल 2008 में सीएमओ गाजियाबाद थे. अजय अग्रवाल नोएडा के सरकारी अस्पताल में ऑर्थो सर्जन थे. लेकिन उन पर गाजियाबाद में भी चार्ज था।
संबंधित मामले में सभी लोगों ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपील की। कोर्ट ने स्टिंग को गलत मानते हुए चैनल के दो कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अनुमति दे दी, लेकिन बाकी 7 के खिलाफ मुकदमे पर रोक लगा दी। इसके खिलाफ पीड़ित डॉक्टर ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जिसके बाद इस साल फरवरी में जस्टिस यू यू ललित और जस्टिस आदर्श गोयल की खंडपीठ ने हाई कोर्ट का आदेश पलटते हुए चैनल मालिक व संपादक समेत बाकी 7 लोगों के खिलाफ मुकदमा नहीं चलाने पर लगी रोक हटा ली और इन लोगों पर निचली अदालत में मानहानि का मुकदमा चलाने के आदेश दिए। इस मामले में अदालत आरोपितों के खिलाफ वारंट जारी करने के आदेश भी पूर्व में दे चुकी है।
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