होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / प्रसार भारती की इस नई पॉलिसी को 3 मीडिया समूहों ने दी चुनौती
प्रसार भारती की इस नई पॉलिसी को 3 मीडिया समूहों ने दी चुनौती
दिल्ली हाई कोर्ट ने ‘प्रसार भारती’ के साथ चल रहे तीन ब्रॉडकास्टर्स ‘9X Media’, ‘B4U Broadband’ और ‘TV Vision’ के बीच...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
दिल्ली हाई कोर्ट ने ‘प्रसार भारती’ के साथ चल रहे तीन ब्रॉडकास्टर्स ‘9X Media’, ‘B4U Broadband’ और ‘TV Vision’ के बीच विवाद मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। दरअसल, तीनों ब्रॉडकास्टर्स ने प्रसार भारती द्वारा ‘दूरदर्शन’ के डायरेक्ट टू होम (DTH) प्लेटफॉर्म ‘फ्रीडिश’ के स्लॉट की ई-नीलामी के लिए बनाई गई पॉलिसी को चुनौती दी थी। एक फरवरी को हुई सुनवाई में दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले को चार फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया था।
अपनी याचिका में इन ब्रॉडकास्टर्स का कहना था कि प्रसार भारती द्वारा नई पॉलिसी के तहत रखे गए रिजर्व प्राइस काफी ज्यादा हैं। इसके अलावा यह भी कहा गया था कि वर्गीकरण करते समय भी अलग-अलग जॉनर के चैनलों को एक ही समूह (bucket) में रख दिया गया है। ऐसे में हिंदी म्यूजिक चैनलों को स्पोर्ट्स चैनलों के साथ ही भोजपुरी के जनरल एंटरटेनमेंट चैनल और मूवी चैनल के साथ मिला दिया गया है और इनका रिजर्व प्राइस 10 करोड़ रुपए रखा गया है।
इससे पहले स्लॉट की नीलामी दो कैटेगरी (न्यूज और नॉन न्यूज) में होती थी। न्यूज चैनल के लिए रिजर्व प्राइस 6.5 करोड़ और नॉन न्यूज चैनलों के लिए यह आठ करोड़ रुपए रखा गया था। गौरतलब है कि प्रसार भारती ने पिछले दिनों घोषणा की है कि दूरदर्शन’ के डायरेक्ट टू होम (DTH) प्लेटफॉर्म ‘फ्रीडिश’ के स्लॉट की ई-नीलामी फिर शुरू होगी। इस बार यह ई-नीलामी नई पॉलिसी के तहत की जाएगी।
टैग्स प्रसार भारती दूरदर्शन दिल्ली हाई कोर्ट फ्रीडिश