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थमा नहीं ZEE में छंटनी का सिलसिला, दो साल में करीब 200 लोग प्रभावित: सूत्र
जी एंटरटेनमेंट (ZEEL) ने एक बार फिर छंटनी की है। कंपनी के अंदर चल रहे बड़े री-स्ट्रक्चरिंग कैंपेन के तहत यह नई छंटनी की गई है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 2 months ago
जी एंटरटेनमेंट (ZEEL) में पिछले साल से चल रही छंटनी अभी तक जारी है। यह छंटनी कंपनी के बड़े री-स्ट्रक्चरिंग कैंपेन का हिस्सा है, जो पिछले साल शुरू हुआ था, जब सोनी के साथ जी का मर्जर टूट गया था। यह जानकारी उन लोगों ने दी है जो मामले से वाकिफ हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस दौरान 200 करीब लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें ज्यादातर कंसल्टेंट्स बताए जा रहे हैं, न कि स्थायी कर्मचारी।
ZEEL में हाल ही में हुई छंटनी को अप्रैल 2024 में शुरू हुए खर्च और वर्कफ्लो सुधार अभियान का विस्तार माना जा रहा है, जो कंपनी के सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के साथ प्रस्तावित मर्जर के फेल होने के बाद शुरू हुआ था।
सूत्रों के मुताबिक, कंपनी अपने अलग-अलग बिजनेस यूनिट्स को मिलाकर एक छोटी, तेज और ज्यादा एकीकृत टीम बनाना चाहती है। इसका मकसद काम में तालमेल बढ़ाना, फोकस साफ रखना और टीमों का प्रदर्शन बेहतर करना है।
सोनी-जी मर्जर के फेल होने के बाद ही जी ने लगभग 15% एम्प्लॉयीज की कटौती करने का ऐलान किया था। कंपनी पहले ही कह चुकी है कि वह करीब 700 एम्प्लॉयीज की संख्या कम करेगी। यह उसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
वित्तीय वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में जी का कुल मुनाफा 63% गिरकर ₹77 करोड़ रह गया। ओपरेटिंग रेवेन्यू में भी गिरावट आई और यह 2% घटकर ₹1,969 करोड़ रह गया। विज्ञापन से होने वाली आमदनी यानी ऐड रेवेन्यू में 11% की गिरावट दर्ज की गई, इसका कारण FMCG कंपनियों का विज्ञापन पर कम खर्च करना बताया गया।औ
वहीं, सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू में 5% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹1,023 करोड़ तक पहुंचा, जो पारंपरिक टीवी और डिजिटल दोनों से हुए लाभ के कारण है। कंपनी का लक्ष्य FY26 तक 20% EBITDA हासिल करने का है।
जी के CEO पुनीत गोयनका पहले ही कह चुके हैं कि एम्प्लॉयीज की संख्या में ज्यादातर कमी हो चुकी है, लेकिन कंपनी आगे भी खर्च को अपने बिजनेस की जरूरतों के हिसाब से संतुलित करती रहेगी।
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