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इस वजह से प्रसार भारती परिसर में आमरण अनशन पर बैठी महिला, कहा- मेरी लाश ही जाएगी वापस
तमाम आरोपों में घिरा 'ऑल इंडिया रेडियो' (AIR) एक बार फिर चर्चाओं में है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
'ऑल इंडिया रेडियो' (AIR) एक बार फिर चर्चाओं में है। दरअसल, यौन शोषण के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर एक महिला ने प्रसार भारती परिसर में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि न्यूज पोर्टल ‘द क्विंट’ (The Quint) ने इस बारे में 15 अप्रैल 2019 को एक रिपोर्ट पब्लिश की थी। इस रिपोर्ट में ‘ऑल इंडिया रेडियो’ के ओबरा (सोनभद्र) स्टेशन में अस्थायी उद्घोषक (casual announcer) के रूप में कार्यरत शांति वर्मा का मामला उठाया गया था, जिन्होंने ऑफिस के कई पुरुष सहकर्मियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
अपने आरोपों में शांति वर्मा का कहना था कि वर्ष 2010 और 2016 में कई पुरुष सहयोगियों ने उनका यौन उत्पीड़न किया था। इस बारे में उन्होंने आंतरिक जांच समिति (ICC) में भी शिकायत की थी। शांति वर्मा ने यह भी दावा किया था कि 2016 के मामले में आंतरिक समिति की जांच में उन्हें ड्यूटी से हटा दिया गया था और इसके बाद तीन साल तक उन्हें ड्यूटी पर नहीं लिया गया। शांति का कहना था कि मामले की दोबारा जांच और मुआवजे के लिए उसने प्रसार भारती परिसर में आमरण अनशन शुरू करने का फैसला किया है।
बताया जाता है कि शांति वर्मा जब दिल्ली में प्रसार भारती के कार्यालय पहुंचीं और अपनी मांग रखी तो उन्हें पुलिस को सौंप दिया गया। बताया जाता है कि रात में हंगामे के बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा में ले जाकर एक एनजीओ के हवाले कर दिया गया। वहीं, इस मामले में दिल्ली के तिलक मार्ग थाने के एसएचओ देवेंद्र कुमार ने इस बात से इनकार किया है कि शांति वर्मा को उनकी इच्छा के विरुद्ध पुलिस स्टेशन लाया गया था अथवा कुछ देर के लिए हिरासत में रखा गया था।
इस बारे में शांति वर्मा का कहना है कि जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलेगा, वे अन्न का एक दाना नहीं खाएंगी और न ही प्रसार भारती कार्यालय से वापस अपने घर जाएंगी। शांति वर्मा का यह भी कहना है, ‘इंसाफ न मिलने पर अब दिल्ली से मेरी लाश ही घर जाएगी।’ बताया जाता है कि प्रसार भारती के अधिकारियों ने इस तरह के मामले की जानकारी होने से इनकार किया है। वहीं, शांति वर्मा का कहना है कि उन्होंने प्रसार भारती के अधिकारियों को अपना मांग पत्र सौंपा है, जिस पर उन्हें मामले में जांच का आश्वासन दिया गया है, लेकिन वे अपना आमरण अनशन जारी रखेंगी।
गौरतलब है कि देश में ‘मीटू कैंपेन’ के तहत कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न के मामले सामने आने के बाद ‘ऑल इंडिया रेडियो’ के विभिन्न स्टेशनों से भी इस तरह की 17 शिकायतें मिली थीं। इन मामलों पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने 17 जनवरी, 2019 को प्रसार भारती को इन मामलों में जांच कर मामले से अवगत कराने के आदेश दिए थे। आरोप है कि इसके बावजूद प्रसार भारती की ओर से इन मामलों में कोई कदम नहीं उठाया गया है।
’द क्विंट’ में छपी इस रिपोर्ट को आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं-
https://www.thequint.com/neon/gender/air-woman-begins-fast-unto-death-sexual-harassment-me-too-india?utm_source=whatsapp&utm_medium=social&utm_campaign=whatsapp_feed
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