सहारनपुर में दैनिक जागरण के पत्रकार आशीष धीमान और उनके भाई आशुतोष की गोली मारकर हत्या के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया
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समाचार4मीडिया ब्यूरो
सहारनपुर में दैनिक जागरण के पत्रकार आशीष धीमान और उनके भाई आशुतोष की गोली मारकर हत्या के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित भीड़ ने आरोपित के घर में आग लगाने की कोशिश की पर प्रशासन की मुस्तैदी के चलते भीड़ पर नियंत्रण पाया जा सका है।
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छोटी सी बात पर की गई पत्रकार और उसके भाई को गोली मारकर हत्या
आक्रोशित भीड़ को देखते हुए शासन ने मारे गए भाइयों को पांच-पांच लाख रुपये और आवास देने की घोषणा की है। भीड़ ने पत्रकार की पत्नी के लिए नौकरी की भी मांग की है। आशीष अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला था। अब परिवीर में उसकी गर्भवती पत्नी और बूढ़ी मां रह गई है।
डीएम आलोक पांडेय ने शासन के इस आदेश की पुष्टि की है। वहीं एसएसपी ने कहा कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई है।
रिपब्लिक टीवी में चीफ मैनेजर के रूप में कार्यरत रहीं तनुश्री नेटवर्क में नेशनल और रीजनल न्यूज चैनलों की सेल्स की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
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Samachar4media Bureau
‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ (Republic Media Network) से तनुश्री ने इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही उनका कंपनी के साथ करीब 1.6 साल का कार्यकाल समाप्त हो गया है।
रिपब्लिक टीवी में चीफ मैनेजर के रूप में कार्यरत रहीं तनुश्री नेटवर्क में नेशनल और रीजनल न्यूज चैनलों की सेल्स की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। उनके कार्यक्षेत्र में बेंगलुरु और चेन्नई बाजार शामिल थे। इस दौरान उन्होंने रिपब्लिक टीवी, रिपब्लिक भारत, रिपब्लिक बांग्ला और रिपब्लिक कन्नड़ के लिए नेटवर्क सेल्स का नेतृत्व किया।
तनुश्री सेल्स और बिजनेस डेवलपमेंट क्षेत्र की अनुभवी प्रोफेशनल हैं। उन्हें मीडिया, टेलीकॉम और कंज्यूमर सर्विसेज सेक्टर में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क से पहले उन्होंने करीब सात वर्षों तक न्यूज नेशन में अपनी सेवाएं दी थीं। इसके अलावा वह 92.7 बिग एफएम, भारती एयरटेल और अमेरिकन एक्सप्रेस जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में भी विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं।
PTI से जुड़ने से पहले नेहा यादव हिंदुस्तान टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्य कर चुकी हैं।
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देश की प्रमुख समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) ने नेहा यादव को सीनियर प्रोड्यूसर के पद पर प्रमोट किया है। उन्होंने अपने प्रमोशन की जानकारी लिंक्डइन पोस्ट के जरिए साझा की।
इस प्रमोशन से पहले नेहा यादव PTI में प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत थीं। PTI से जुड़ने से पहले नेहा यादव हिंदुस्तान टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्य कर चुकी हैं। वहां उन्होंने करीब दो वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
दीपक जैकब ने इस्तीफा देकर निजी कानूनी प्रैक्टिस में वापसी की है। उन्होंने कंपनी में कानूनी, नियामकीय और सार्वजनिक नीति से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का नेतृत्व किया था।
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ड्रीम स्पोर्ट्स (Dream Sports) के प्रेसिडेंट और ग्रुप जनरल काउंसिल दीपक जैकब (Deepak Jacob) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और लगभग पांच वर्ष बाद निजी कानूनी प्रैक्टिस में लौट गए हैं। इस दौरान उन्होंने कंपनी के कानूनी, नियामकीय (रेगुलेटरी) और सार्वजनिक नीति (पब्लिक पॉलिसी) से जुड़े मामलों का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में ड्रीम स्पोर्ट्स ने तेजी से विस्तार किया, वहीं ऑनलाइन गेमिंग उद्योग में बदलते नियमों, कर व्यवस्था और अनुपालन संबंधी चुनौतियों का भी सामना किया।
दीपक जैकब देश के अनुभवी कानूनी और सार्वजनिक नीति विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। करीब तीन दशक के अपने करियर में उन्होंने स्वतंत्र वकालत, लॉ फर्म और कई प्रमुख टेक्नोलॉजी, मीडिया तथा डिजिटल कंपनियों में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाई हैं। अब निजी प्रैक्टिस में लौटने के बाद वह कंपनियों, प्रमोटर्स और बोर्ड्स को कॉरपोरेट गवर्नेंस, नियामकीय मामलों, मुकदमों और सार्वजनिक नीति से जुड़े जटिल विषयों पर सलाह देंगे।
ड्रीम स्पोर्ट्स में उन्होंने कानूनी मामलों के अलावा रेगुलेटरी अफेयर्स, गवर्नमेंट रिलेशंस, ट्रस्ट एंड सेफ्टी, लॉ एन्फोर्समेंट समन्वय और कंटेंट गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। उनके नेतृत्व में कंपनी ने तेजी से बदलते कानूनी माहौल के बीच अपने संचालन और गवर्नेंस ढांचे को मजबूत किया। ड्रीम11 (Dream11), फैनकोड (FanCode), ड्रीमसेटगो (DreamSetGo) और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए कंपनी 22 करोड़ से अधिक यूजर्स तक पहुंचती है।
ड्रीम स्पोर्ट्स से पहले दीपक जैकब ने 13 वर्षों से अधिक समय तक द वॉल्ट डिज्नी कंपनी (The Walt Disney Company) में कार्य किया, जहां वह भारत, मध्य-पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए प्रेसिडेंट एवं चीफ रीजनल काउंसिल (डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर एंड इंटरनेशनल) रहे। डिज्नी स्टार (Disney Star) में उन्होंने केबल टीवी डिजिटाइजेशन कार्यक्रम और प्रसारण क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण नीतियों को लागू कराने में अहम भूमिका निभाई। वह ब्रॉडकास्टिंग कंटेंट कंप्लेंट्स काउंसिल (BCCC) की स्थापना से जुड़े प्रमुख विशेषज्ञों में भी शामिल रहे।
इससे पहले वह रिलायंस इन्फोकॉम (Reliance Infocomm), ईबे (eBay), स्टार इंडिया (Star India) और 21st सेंचुरी फॉक्स (21st Century Fox) जैसी कंपनियों में भी वरिष्ठ कानूनी पदों पर कार्य कर चुके हैं। उद्योग जगत उन्हें ऐसे विशेषज्ञ के रूप में देखता है, जिन्होंने जटिल कानूनी और नियामकीय चुनौतियों को व्यावसायिक रणनीति में बदलने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
दीपक जैकब का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन गेमिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा संरक्षण और प्रतिस्पर्धा कानून से जुड़े नियम लगातार बदल रहे हैं। वहीं ड्रीम स्पोर्ट्स भी फैंटेसी स्पोर्ट्स से आगे बढ़कर स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी, कंटेंट और कॉमर्स कारोबार का विस्तार कर रही है, जिससे कंपनी के लिए मजबूत कानूनी और नीतिगत नेतृत्व पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
उन्होंने पिछले साल नवंबर में इस संस्थान में जॉइन किया था। इससे पहले वह ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV) में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।
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Samachar4media Bureau
हिंदी न्यूज चैनल ‘जनतंत्र टीवी’ (Jantantra TV) के एडिटर-इन-चीफ जितेंद्र शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पिछले साल नवंबर में इस चैनल में जॉइन किया था। समाचार4मीडिया से बातचीत में जितेंद्र शर्मा ने अपने इस्तीफे की पुष्टि की है। जितेंद्र शर्मा ने इस्तीफा क्यों दिया और उनका अगला कदम क्या होगा, फिलहाल उन्होंने इस बारे में कुछ भी अपडेट नहीं दिया है।
जितेंद्र शर्मा इससे पहले ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV) में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। मूल रूप से हिसार (हरियाणा) के रहने वाले जितेंद्र शर्मा को मीडिया में काम करने का दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने ‘जी मीडिया’ (Zee Media) से की थी।
इस मीडिया संस्थान के साथ अपने करीब दो दशक के सफर में उन्होंने विभिन्न अहम जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2024 में उन्होंने यहां से अपनी पारी को विराम देकर ‘आईटीवी नेटवर्क’ जॉइन कर लिया था। उस समय जितेंद्र शर्मा ‘जी न्यूज’ में एडिटर दिल्ली ब्यूरो और क्राइम एंड इन्वेस्टिगेशन के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।
पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो डिफेंस स्टडीज में ग्रेजुएट जितेंद्र शर्मा ने हिसार स्थित ‘गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी’ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 1600 और 140 नंबर सीरीज के इस्तेमाल को लेकर मीडिया में आई कुछ खबरों पर स्पष्टीकरण जारी किया है।
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Vikas Saxena
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 1600 और 140 नंबर सीरीज के इस्तेमाल को लेकर मीडिया में आई कुछ खबरों पर स्पष्टीकरण जारी किया है। प्राधिकरण ने कहा कि इन खबरों से लोगों के बीच गलतफहमी फैल सकती है, इसलिए दोनों नंबर सीरीज के इस्तेमाल से जुड़े नियमों को स्पष्ट करना जरूरी है।
TRAI ने बताया कि 1600xx नंबर सीरीज का इस्तेमाल केवल बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (BFSI) क्षेत्र की विनियमित संस्थाएं, जैसे RBI, SEBI, IRDAI और PFRDA के तहत आने वाली कंपनियां, अपने मौजूदा ग्राहकों से सेवा और लेन-देन (Service & Transaction) से जुड़े कॉल करने के लिए कर सकती हैं। इसके अलावा, सरकारी विभाग भी नागरिकों से आधिकारिक संवाद के लिए इसी सीरीज का उपयोग कर सकते हैं।
TRAI के अनुसार, 1600 सीरीज शुरू करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि ग्राहकों और नागरिकों को भरोसेमंद कॉल की पहचान आसानी से हो सके। टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशंस कस्टमर प्रेफरेंस रेगुलेशन (TCCCPR) के तहत 1600 सीरीज से आने वाली कॉल को किसी भी तरह टैग, ब्लॉक या फिल्टर करने की अनुमति नहीं है।
वहीं, 140xx नंबर सीरीज का इस्तेमाल केवल प्रमोशनल कॉल करने के लिए किया जाएगा। किसी भी क्षेत्र की कंपनी अगर 140 सीरीज से प्रचार संबंधी कॉल करना चाहती है, तो उसे TCCCPR के तहत अपने टेलीकॉम सेवा प्रदाता के साथ पंजीकरण कराना होगा और नियमों का पालन करना होगा।
TRAI ने कहा कि उपभोक्ताओं को यह अधिकार है कि वे डू नॉट डिस्टर्ब (DND) रजिस्ट्री के जरिए तय करें कि वे 140 सीरीज से आने वाली प्रमोशनल कॉल प्राप्त करना चाहते हैं या नहीं। ग्राहक चाहें तो सभी सेक्टर या किसी विशेष सेक्टर की प्रमोशनल कॉल बंद कर सकते हैं। यदि किसी सेक्टर को DND पर ब्लॉक किया गया है, तो उस सेक्टर से 140 सीरीज के जरिए कोई प्रमोशनल कॉल नहीं आएगी।
ग्राहक अपनी DND प्राथमिकता TRAI DND ऐप सहित कई माध्यमों से दर्ज या बदल सकते हैं।
TRAI ने यह भी स्पष्ट किया कि 140 सीरीज के नंबरों को टैग या फिल्टर करने की अनुमति नहीं है, क्योंकि इससे उन ग्राहकों में भ्रम पैदा हो सकता है जिन्होंने DND में किसी सेक्टर से प्रमोशनल कॉल प्राप्त करने की अनुमति दी हुई है। ऐसे मामलों में केवल DND रजिस्ट्री के आधार पर कॉल को ब्लॉक किया जा सकता है।
TRAI ने कहा कि इन दोनों नंबर सीरीज को लेकर बनाए गए नियमों का उद्देश्य ग्राहकों को सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद संचार उपलब्ध कराना है तथा किसी भी तरह की गलत जानकारी से बचाना है।
जी मीडिया (Zee Media) के वरिष्ठ प्रबंधन में बड़ा बदलाव हुआ है। कंपनी के फाइनेंस व अकाउंट्स के डिप्टी वाइस प्रेजिडेंट और सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल मयंक अग्रवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
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Vikas Saxena
जी मीडिया (Zee Media) के वरिष्ठ प्रबंधन में बड़ा बदलाव हुआ है। कंपनी के फाइनेंस व अकाउंट्स के डिप्टी वाइस प्रेजिडेंट और सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल मयंक अग्रवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
कंपनी ने मयंक अग्रवाल का इस्तीफा मंजूर कर लिया है, जोकि 10 जुलाई की शाम से प्रभावी हो गया है। मयंक अग्रवाल मई 2010 से इस कंपनी के साथ जुड़े हुए थे।
कंपनी के अनुसार, मयंक अग्रवाल ने संगठन से बाहर अपने करियर में नए अवसरों की तलाश के लिए इस्तीफा दिया है। इस्तीफे के साथ भेजे गए अपने पत्र में मयंक अग्रवाल ने कहा कि कंपनी के साथ उनका कार्यकाल बेहद सीखने वाला और संतोषजनक रहा। हालांकि, काफी सोच-विचार के बाद उन्होंने अपने प्रोफेशनल ग्रोथ (Professional Growth) के लिए नए अवसरों की तलाश करने का फैसला लिया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके इस्तीफे के पीछे नए करियर अवसरों की तलाश के अलावा कोई अन्य कारण नहीं है।
अपने पत्र में उन्होंने कंपनी का आभार जताते हुए कहा कि कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग, प्रोत्साहन और अवसरों के लिए वह जी मीडिया के प्रति आभारी हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी का हिस्सा बनना और उसके विकास में योगदान देना उनके लिए सम्मान की बात रही है।
कंपनी ने फिलहाल उनके स्थान पर किसी नई नियुक्ति की घोषणा नहीं की है।
भूपेंद्र चौबे आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। दो दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने विश्वसनीय, संतुलित और गहन राजनीतिक पत्रकारिता के जरिए भारतीय मीडिया में अपनी अलग पहचान बनाई है।
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Samachar4media Bureau
वरिष्ठ पत्रकार भूपेंद्र चौबे (Bhupendra Chaubey) आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। यह अवसर केवल उनके जन्मदिन का ही नहीं, बल्कि भारतीय पत्रकारिता में दो दशकों से अधिक समय तक विश्वसनीय, संतुलित और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की उनकी उल्लेखनीय यात्रा का भी प्रतीक है।
ऐसे दौर में जब समाचार जगत अक्सर तेज़ बहसों, वायरल क्लिप्स और सनसनीखेज प्रस्तुति से आंका जाता है, भूपेंद्र चौबे (Bhupendra Chaubey) ने अपनी पहचान विश्वसनीयता, गहन विश्लेषण और संतुलित पत्रकारिता के आधार पर बनाई है। उन्होंने समय-समय पर यह साबित किया है कि पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी आज भी भरोसा ही है।
अपने करियर की शुरुआत एनडीटीवी (NDTV) से करने वाले भूपेंद्र चौबे (Bhupendra Chaubey) बाद में सीएनएन-आईबीएन (CNN-IBN) की संस्थापक टीम का हिस्सा बने। यहां उन्होंने देश के प्रमुख राजनीतिक संपादकों में अपनी पहचान स्थापित की और राष्ट्रीय राजनीति, चुनावों तथा सार्वजनिक नीतियों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण घटनाक्रमों की रिपोर्टिंग की।
इसके बाद उन्होंने इंडिया अहेड (India Ahead) में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई और भारतीय टेलीविजन पत्रकारिता के बदलते दौर को करीब से देखा तथा उसमें सक्रिय योगदान दिया।
उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब उन्होंने पारंपरिक टेलीविजन पत्रकारिता से आगे बढ़ते हुए अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म द स्क्विरल्स (The Squirrels) शुरू किया। ऐसे समय में जब अधिकांश डिजिटल प्लेटफॉर्म तेज़ और सनसनीखेज खबरों पर जोर दे रहे थे, भूपेंद्र चौबे (Bhupendra Chaubey) ने गहन विश्लेषण, संदर्भ आधारित रिपोर्टिंग और विचारपूर्ण राजनीतिक पत्रकारिता को प्राथमिकता दी। यही दृष्टिकोण आज द स्क्विरल्स (The Squirrels) की पहचान बन चुका है।
भूपेंद्र चौबे (Bhupendra Chaubey) की इंटरव्यू शैली भी उन्हें अन्य पत्रकारों से अलग बनाती है। वह कठिन सवाल पूछते हैं, लेकिन बातचीत को टकराव का रूप नहीं देते। शांत, संयमित और तथ्यों पर आधारित संवाद के जरिए वह अक्सर अपने मेहमानों से ऐसे जवाब हासिल कर लेते हैं, जो शोर-शराबे वाली बहसों में संभव नहीं हो पाते।
पत्रकारिता के अलावा वह एक प्रभावशाली मॉडरेटर, सार्वजनिक वक्ता और राजनीतिक विश्लेषक के रूप में भी जाने जाते हैं। राजनीति, शासन, मीडिया और सार्वजनिक नीति जैसे विषयों पर उनके विचार गंभीर विमर्श को नई दिशा देते हैं। मंच हो या स्क्रीन, भूपेंद्र चौबे (Bhupendra Chaubey) लगातार यह संदेश देते रहे हैं कि सार्थक चर्चा के लिए ऊंची आवाज़ नहीं, बल्कि गहरी समझ और तथ्यों की आवश्यकता होती है।
Mobavenue AI Tech Limited ने अमेरिका में अपने कारोबार की शुरुआत करने का ऐलान किया है।
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Mobavenue AI Tech Limited ने अमेरिका में अपने कारोबार की शुरुआत करने का ऐलान किया है। कंपनी ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Mobavenue LLC, जो Mobavenue Global Holdings Ltd. के तहत काम करती है, के जरिए अमेरिकी बाजार में प्रवेश किया है। कंपनी का कहना है कि यह उसके वैश्विक विस्तार की दिशा में एक अहम कदम है।
अमेरिका में कारोबार की जिम्मेदारी संभालने के लिए कंपनी ने एरिक लिंड (Eric Lind) को कंट्री हेड (Country Head) नियुक्त किया है। एरिक के पास विज्ञापन तकनीक (AdTech) सेक्टर में 20 साल से ज्यादा का अनुभव है। इससे पहले वह Adikteev, REMERGE और Top Inc. जैसी कंपनियों में नेतृत्व की भूमिका निभा चुके हैं।
कंपनी ने बताया कि अमेरिका में उसका बिजनेस मॉडल एसेट-लाइट और प्लेटफॉर्म-आधारित होगा। इसके तहत डिजिटल विज्ञापन, प्रोग्रामेटिक मीडिया, ऑडियंस इंटेलिजेंस, ओमनीचैनल एंगेजमेंट और उपभोक्ता विकास (Consumer Growth) के लिए AI आधारित समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे।
कंपनी ने उद्योग से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका का डिजिटल विज्ञापन बाजार 2026 में करीब 413 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। इसकी बड़ी वजह AI आधारित विज्ञापनों, डेटा-आधारित मीडिया खरीद (Media Buying) और ओमनीचैनल उपभोक्ता जुड़ाव में तेजी से बढ़ता निवेश है।
इस मौके पर Mobavenue AI Tech Limited के संस्थापक, प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) इशांक जोशी ने कहा कि अमेरिका में प्रवेश कंपनी की वैश्विक विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े और तेजी से बढ़ते विज्ञापन बाजारों में से एक है, इसलिए यह Mobavenue के अंतरराष्ट्रीय विस्तार का स्वाभाविक अगला कदम है।
उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य AI आधारित इनोवेशन के जरिए ग्राहकों को बेहतर नतीजे और लंबे समय तक मूल्य प्रदान करना है। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका में कंपनी की सफलता के लिए मजबूत स्थानीय नेतृत्व बेहद अहम होगा। एरिक लिंड के अनुभव और बाजार की गहरी समझ को देखते हुए उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए चुना गया है।
कंपनी का मानना है कि अमेरिका में विस्तार से उसकी वैश्विक आय के स्रोत और मजबूत होंगे तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी मौजूदगी बढ़ेगी। यह कदम कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति का अहम हिस्सा है।
ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज ने बताया कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के नॉकआउट चरण के लिए उसकी 95 प्रतिशत से अधिक प्रीमियम विज्ञापन इन्वेंट्री बिक चुकी है।
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ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Zee Entertainment Enterprises Limited-ZEEL) ने गुरुवार को बताया कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के नॉकआउट चरण के लिए उसके लीनियर स्पोर्ट्स चैनलों और ज़ी5 (ZEE5) पर उपलब्ध 95 प्रतिशत से अधिक प्रीमियम विज्ञापन इन्वेंट्री की बिक्री हो चुकी है। क्वार्टर फाइनल चरण में प्रवेश कर चुके टूर्नामेंट के दौरान विज्ञापनदाताओं की मजबूत मांग देखने को मिली है।
कंपनी के अनुसार, ऑटोमोबाइल (Automobile), टेक्नोलॉजी (Technology), बेवरेज (Beverages), एफएमसीजी (FMCG), हेल्थकेयर (Healthcare), स्पोर्ट्सवियर (Sportswear), फैशन (Fashion), ई-कॉमर्स (E-commerce), वित्तीय सेवाएं (Financial Services), ट्रैवल (Travel), रियल एस्टेट (Real Estate), पेंट्स (Paints), ऑयल एंड एनर्जी (Oil & Energy) और एजुकेशन (Education) सहित विभिन्न क्षेत्रों के 22 से अधिक ब्रांड्स टूर्नामेंट के दौरान ज़ी (Zee) के साथ जुड़े हैं।
विज्ञापनदाताओं की मजबूत मांग के चलते नॉकआउट चरण में 10 सेकंड के प्रीमियम विज्ञापन स्लॉट की कीमत 20 लाख रुपये से 25 लाख रुपये के बीच पहुंच गई है। यह दर्शाता है कि लाइव फुटबॉल प्रसारण के लिए ब्रांड्स प्रीमियम भुगतान करने को तैयार हैं।
ज़ी (Zee) के लिए यह प्रतिक्रिया प्रीमियम स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग में उसकी रणनीति को भी मजबूती देती है। कंपनी हाल के वर्षों में बुंडेसलीगा (Bundesliga), अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और अन्य वैश्विक खेल संपत्तियों के जरिए अपने स्पोर्ट्स पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) कंपनी के लिए टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वैश्विक खेल अधिकारों के सफल व्यावसायीकरण की महत्वपूर्ण परीक्षा माना जा रहा है।
ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment Enterprises) के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर – एडवरटाइजमेंट रेवेन्यू (Chief Operating Officer – Advertisement Revenue) संदीप मेहरोत्रा (Sandeep Mehrotra) ने कहा, "विज्ञापनदाताओं से मिला प्रतिसाद हमारी अपेक्षाओं से बेहतर रहा है। 95 प्रतिशत से अधिक इन्वेंट्री पहले ही बिक चुकी है और 22 से अधिक प्रमुख ब्रांड्स हमारे साथ जुड़े हैं। फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) ब्रांड्स के लिए बड़े पैमाने पर दर्शकों तक पहुंचने का प्रभावी मंच बनकर उभरा है।"
उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट ने कंपनी को लाइव स्पोर्ट्स, डिजिटल एंगेजमेंट और इंटीग्रेटेड मार्केटिंग सॉल्यूशंस (Integrated Marketing Solutions) के जरिए विज्ञापनदाताओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में मदद की है, जो ज़ी (Zee) की दीर्घकालिक स्पोर्ट्स रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कंपनी ने बताया कि ज़ी5 (ZEE5) पर भी विज्ञापनदाताओं ने एडवांस्ड टार्गेटिंग (Advanced Targeting), कनेक्टेड टीवी (Connected TV-CTV) इन्वेंट्री और क्रॉस-प्लेटफॉर्म विज्ञापन समाधानों का व्यापक उपयोग किया है। लाइव स्पोर्ट्स, डिजिटल, सोशल मीडिया और ऑन-ग्राउंड एक्टिवेशंस (On-ground Activations) के जरिए ब्रांड्स ने उपभोक्ताओं के साथ बेहतर जुड़ाव बनाने की कोशिश की है।
ब्रिटेन की संचार नियामक संस्था ऑफकॉम (Ofcom) ने टेलीकॉम और टीवी सेवा देने वाली कंपनी Virgin Media O2 पर 2.8 करोड़ पाउंड (28 मिलियन पाउंड) यानी करीब 3.7 करोड़ डॉलर का रिकॉर्ड जुर्माना लगाया है।
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Samachar4media Bureau
ब्रिटेन की संचार नियामक संस्था ऑफकॉम (Ofcom) ने टेलीकॉम और टीवी सेवा देने वाली कंपनी Virgin Media O2 पर 2.8 करोड़ पाउंड (28 मिलियन पाउंड) यानी करीब 3.7 करोड़ डॉलर का रिकॉर्ड जुर्माना लगाया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने ग्राहकों के लिए अपनी सेवाएं बंद करना (कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल करना) जानबूझकर मुश्किल बना दिया।
ऑफकॉम की जांच में सामने आया कि 2022 से 2024 के बीच Virgin Media O2 ने लाखों ग्राहकों की कॉल्स को सही तरीके से नहीं संभाला। इसका मकसद ग्राहकों को अपना कनेक्शन बंद करने या किसी दूसरी कंपनी की सेवा लेने से रोकना था।
जांच के दौरान कई ऐसे तरीके सामने आए, जिनका इस्तेमाल ग्राहकों को परेशान करने के लिए किया गया। इनमें कॉल को बार-बार अलग-अलग विभागों में ट्रांसफर करना, लंबे समय तक होल्ड पर रखना और जानबूझकर कॉल काट देना शामिल था।
ऑफकॉम की इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी डायरेक्टर नेटली ब्लैक ने कहा कि Virgin Media ने ग्राहकों के लिए अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म करना मुश्किल बना दिया। इतना ही नहीं, कंपनी ने जांच के दौरान भी नियामक संस्था का पूरा सहयोग नहीं किया।
उन्होंने कहा कि ग्राहकों को हुए सीधे नुकसान को देखते हुए उपभोक्ता संरक्षण नियमों के तहत यह अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना लगाया गया है।
ऑफकॉम ने यह जांच तब शुरू की थी, जब उसे 1,881 ग्राहकों की शिकायतें मिली थीं। इन ग्राहकों ने बताया था कि उन्हें ब्रॉडबैंड, लैंडलाइन या पेड-टीवी सेवाएं बंद कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वहीं, Virgin Media O2 ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में उसने अपनी ग्राहक सेवा प्रणाली में बड़े बदलाव किए हैं और ऑफकॉम की ओर से बताई गई पुरानी कमियों को दूर करने के लिए कई सुधार किए गए हैं।
कंपनी के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जांच से जुड़े समय के दौरान दर्ज सभी आधिकारिक ग्राहक शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। साथ ही उन्होंने उन ग्राहकों से माफी भी मांगी, जिन्हें सेवा बंद कराने के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा।