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कंटेंट और क्रिएटिविटी को लेकर ‘वायकॉम18’ के पूर्व COO राज नायक ने कही ये बात
‘गवर्नेंस नाउ’ के एमडी कैलाशनाथ अधिकारी के साथ एक बातचीत में ‘हाउस ऑफ चीयर’ के संस्थापक और ‘वायकॉम18’ के पूर्व सीओओ राज नायक ने तमाम पहलुओं पर अपने विचार रखे
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
‘हाउस ऑफ चीयर’ के संस्थापक और ‘वायकॉम18’ के पूर्व सीओओ राज नायक ने ज्वेलरी ब्रैंड ‘तनिष्क’ द्वारा पिछले दिनों लॉन्च किए गए विज्ञापन को लेकर मचे हंगामे व विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। तनिष्क ने गहनों की नई सीरिज के लिए ‘एकत्वम’ नाम से इस विज्ञापन को जारी किया था, लेकिन सोशल मीडिया पर बढ़ते विरोध को देखते हुए इसे वापस ले लिया था।
राज नायक के अनुसार इस विज्ञापन का उद्देश्य सामाजिक सद्भाव और एकता को बढ़ावा देना था और उन्हें अभी तक नहीं समझ आया कि इस विज्ञापन में ऐसा क्या गलत था जो इसका विरोध हुआ। राज नायक के अनुसार, पूर्व में भी सामाजिक सद्भाव और एकता पर कई अच्छे विज्ञापन आए हैं, लेकिन तब कोई परेशान या नाराज नहीं हुआ। सिर्फ अब लोगों ने इस तरह की चीजें पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है।
राज नायक ने यह भी कहा, ‘कोई व्यक्ति चाहे तो वह हर चीज में गलती ढूंढ सकता है। मुझे इस तरह की घटना पर दुख होता है। दुनिया में कहीं पर भी लोगों को एकजुट करने वाली चीज काफी अच्छी बात है। मुझे विज्ञापन अच्छा लगा।’
‘गवर्नेंस नाउ’ (Governance Now) के एमडी कैलाशनाथ अधिकारी के साथ एक बातचीत में राज नायक ने कहा, ’केवल ट्रोलिंग की वजह से कंपनी को यह विज्ञापन वापस नहीं लेना चाहिए था। मुझे लगता है कि ऐसे मामलों में सुरक्षा प्रदान करना राज्य का काम है।’
पब्लिक पॉलिसी प्लेटफॉर्म पर ‘मास्टरमाइंड्स’ (Masterminds) कार्यक्रम के लाइव वेबकास्ट के दौरान राज नायक ने कहा, ‘आपको इसके कंटेंट को देखना होगा और सभी चीजों को धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। यदि आप विज्ञापन के उद्देश्य को देखें तो यह लोगों को एकजुट करने व सामाजिक सद्भाव के बारे में था। अगर इसी तरह की प्रतिक्रियाएं मिलेंगी तो अमर अकबर एन्थॉनी जैसी फिल्में हिट नहीं होंगी। क्रिएटिविटी को दबाया नहीं जाना चाहिए। क्रिएटिविटी को तब तक फ्री करना होगा, जब तक यह किसी को नुकसान नहीं पहुंचा रही है।’
तनिष्क के बारे में सोशल मीडिया पर लोगों ने जिस तरह से प्रतिक्रिया दी है, उस बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में राज नायक ने कहा कि संभवत: ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि यह प्लेटफॉर्म सभी के लिए फ्री है। उन्होंने नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री-ड्रामा 'सोशल डिल्मा' (Social Dilemma) का उदाहरण दिया और कहा कि लोगों के बीच दुश्मनी पैदा करने की कोशिश के पीछे कई निहित स्वार्थ हो सकते हैं।
राज नायक ने कहा कि ‘मैं काफी दुखी महसूस करता हूं, खासकर आज के समय में जब महामारी का प्रकोप फैला हुआ है और लोग तमाम तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में लोगों को मिलकर आगे आना चाहिए। मानवता से बड़ा कुछ नहीं है।’
टेलिविजन और ‘जनरल एंटरटेनमेंट चैनल्स’ (GEC) पर कंटेंट के बारे में राज नायक ने कहा कि करीब 190 मिलियन घरों में टेलिविजन देखा जा रहा है और इसकी स्थिति काफी मजबूत हो, इसे अन्य घरों में भी अपनी जगह बनानी है। चैनल्स की बढ़ती संख्या और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से प्रतिस्पर्धा के कारण इसे अपने कंटेंट के बारे में दोबारा से सोचना होगा।
राज नायक के अनुसार, ‘टीवी और सिनेमा वही दिखाते हैं, जो समाज में हो रहा है। पहले सिर्फ कुछ चैनल्स थे, लेकिन अब बेहतरीन कंटेंट के साथ तमाम ओटीटी प्लेटफॉर्म्स मौजूद हैं, जिसके परिणामस्वरूप लोग तमाम तरह की सामग्री देख रहे हैं और उनकी पसंद भी बदल रही है। टीवी बहुत मजबूत हो रहा है और इंटरनेट का बढ़ना भी जारी है, हालांकि कुछ तकनीकी समस्याएं और पहुंच की दिक्कत के बावजूद ओटीटी प्लेयर्स काफी देखे जा रहे हैं। यदि टीवी ने एक समय अंतराल के अंदर अपने कंटेंट में कुछ बदलाव नहीं किए तो स्थिति बदल सकती है और लोग दूसरी जगह शिफ्ट हो सकते हैं।’
राज नायक ने कहा कि दूसरी बात यह है कि ब्रॉडकास्ट और ओटीटी (OTT) के बीच की रेखा काफी धुंधली हो रही है। नेटफ्लिक्स, अमेजॉन, हॉटस्टार आदि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर देखने के लिए काफी अच्छे कंटेंट के साथ सब कुछ टीवी पर उपलब्ध है। अब कंज्यूमर्स के ऊपर है कि वह क्या देखना पसंद करते हैं, फिर चाहे वह छोटे पर्दे पर हो अथवा बड़ी स्क्रीन पर।
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