होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / पैनलिस्ट के बयान के लिए एंकर जिम्मेदार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
पैनलिस्ट के बयान के लिए एंकर जिम्मेदार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी पैनलिस्ट द्वारा लाइव डिबेट में की गई विवादित टिप्पणी के लिए एंकर को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 8 months ago
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए 'साक्षी टीवी' के एंकर के. श्रीनिवास राव की गिरफ्तारी पर रोक लगाई और उनकी तुरंत रिहाई के आदेश दिए। कोर्ट ने कहा कि किसी पैनलिस्ट द्वारा लाइव डिबेट में की गई विवादित टिप्पणी के लिए एंकर को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। यह फैसला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पत्रकारिता की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए सुनाया गया।
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और मनमोहन की पीठ ने स्पष्ट किया, "राव ने स्वयं ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। एक लाइव टीवी शो में उनकी पत्रकारिता भूमिका को संरक्षण मिलना चाहिए, ताकि उनका मौलिक अधिकार (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) भी सुरक्षित रह सके। ट्रायल कोर्ट द्वारा तय शर्तों के अनुसार उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए।"
यह मामला 6 जून को प्रसारित एक टीवी डिबेट से जुड़ा है, जिसमें राजनीतिक विश्लेषक वी वी आर कृष्णमराजू ने पैनलिस्ट के तौर पर शिरकत की थी। इस दौरान उन्होंने आंध्र प्रदेश की पूर्ववर्ती राजधानी अमरावती को "सेक्स वर्कर्स की राजधानी" कहकर संबोधित किया। यह बयान विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस से जुड़े माने जाने वाले साक्षी टीवी चैनल पर प्रसारित हुआ था।
70 वर्षीय राव की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ देवे ने कोर्ट को बताया कि राव महज शो के होस्ट थे और यह विवादित बयान किसी पैनलिस्ट का था, जिस पर राव का कोई नियंत्रण नहीं था।
वहीं, आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और सिद्धार्थ लूथरा ने आपत्ति जताई कि जब महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की जा रही थी, तब एंकर राव न केवल उसे नहीं रोक रहे थे, बल्कि उस पर मुस्कराते नजर आए, जिससे संदेश गया कि वे सहमति जता रहे हैं।
हालांकि कोर्ट ने एफआईआर रद्द करने की याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है, लेकिन राव को चेतावनी भी दी है कि वे भविष्य में किसी टीवी डिबेट में न तो खुद कोई आपत्तिजनक टिप्पणी करें और न ही किसी पैनलिस्ट को ऐसा करने दें।
इस फैसले को पत्रकारों के अधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक मजबूत संदेश माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब लाइव डिबेट्स में बयानबाजी अक्सर विवादों में घिर जाती है।
टैग्स