टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने साल 2024–25 के दौरान डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम (DAS) के 500 से ज्यादा ऑडिट किए।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने साल 2024–25 के दौरान डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम (DAS) के 500 से ज्यादा ऑडिट किए। यह जानकारी TRAI ने अपनी एनुअल रिपोर्ट 2024–25 में दी है। इन ऑडिट्स के जरिए ब्रॉडकास्टिंग और केबल टीवी सेक्टर में नियमों के पालन और पारदर्शिता पर खास ध्यान दिया गया।
TRAI के मुताबिक टीवी और रेडियो ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री भारत के मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर का एक अहम हिस्सा बनी हुई है। देश की युवा आबादी और जानकारी व मनोरंजन की बढ़ती मांग से इस इंडस्ट्री को लगातार फायदा मिल रहा है। इंडस्ट्री के आंकड़ों का हवाला देते हुए TRAI ने बताया कि भारत का मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर 2024 में 3.3 फीसदी की बढ़त के साथ 2.5 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच गया। अनुमान है कि यह सेक्टर 2027 तक बढ़कर 3.07 ट्रिलियन रुपये का हो जाएगा और इस दौरान इसकी सालाना ग्रोथ दर करीब 7 फीसदी रहेगी।
समीक्षा अवधि के दौरान TRAI ने ब्रॉडकास्टिंग और केबल सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई रेगुलेटरी कदम उठाए। इनमें नेशनल ब्रॉडकास्टिंग पॉलिसी पर कंसल्टेशन पेपर और सिफारिशें, एफएम रेडियो चैनलों की नीलामी के लिए रिजर्व प्राइस, इंटरकनेक्शन रेगुलेशंस में बदलाव, डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम से जुड़े ऑडिट प्रावधान और प्राइवेट ब्रॉडकास्टर्स के लिए डिजिटल रेडियो ब्रॉडकास्टिंग पॉलिसी तैयार करना शामिल है। इसके अलावा TRAI ने टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट 2023 के तहत ग्राउंड-बेस्ड ब्रॉडकास्टर्स और सर्विस ऑथराइजेशन के लिए भी एक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क जारी किया।
निगरानी और नियमों के पालन के तहत TRAI ने 2024–25 में एम्पैनल्ड ऑडिटर्स के जरिए कुल 518 डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम का ऑडिट कराया। इसका मकसद पारदर्शिता, जवाबदेही और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को मजबूत करना था।
TRAI के अनुसार भारत का ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम केबल टीवी, डायरेक्ट-टू-होम (DTH), हेडएंड-इन-द-स्काई (HITS) और इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविजन (IPTV) प्लेटफॉर्म्स के जरिए चलता है। रिपोर्ट में दिए गए इंडस्ट्री डेटा के मुताबिक देश में करीब 6 करोड़ केबल टीवी घर हैं, लगभग 20 लाख HITS सब्सक्राइबर हैं और 31 मार्च 2025 तक 5.69 करोड़ से ज्यादा एक्टिव DTH सब्सक्राइबर मौजूद थे। IPTV सेवाएं अभी शुरुआती दौर में हैं और इस अवधि में इनके करीब 7 लाख सब्सक्राइबर दर्ज किए गए।
टीवी ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर में करीब 329 ब्रॉडकास्टर्स काम कर रहे हैं, जो सूचना और प्रसारण मंत्रालय से मंजूरी पाए करीब 918 प्राइवेट सैटेलाइट टीवी चैनल चला रहे हैं। इनमें 232 स्टैंडर्ड डेफिनिशन पेड चैनल और 101 हाई डेफिनिशन पेड चैनल शामिल हैं, जिन्हें 35 ब्रॉडकास्टर्स ऑपरेट करते हैं। डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में एक HITS ऑपरेटर, चार DTH ऑपरेटर्स और 53 IPTV ऑपरेटर्स शामिल हैं। इसके अलावा जनवरी 2022 तक देश में 81,700 से ज्यादा रजिस्टर्ड लोकल केबल ऑपरेटर्स थे।
पब्लिक ब्रॉडकास्टर प्रसार भारती की मौजूदगी ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन और फ्री-टू-एयर DTH प्लेटफॉर्म DD फ्री डिश के जरिए मजबूत बनी रही। TRAI के मुताबिक DD फ्री डिश भारत का सबसे बड़ा DTH प्लेटफॉर्म है, जो करीब 4.9 करोड़ घरों तक पहुंच रखता है, खासतौर पर ग्रामीण, दूरदराज और कम आय वाले इलाकों में। इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि से जुड़ी जानकारी पहुंचाने के लिए भी बड़े स्तर पर किया जाता है।
वित्तीय मोर्चे पर TRAI ने बताया कि 2024 के अंत तक भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री की कुल कमाई 67,900 करोड़ रुपये रही। इसमें से 38,500 करोड़ रुपये सब्सक्रिप्शन से आए जबकि 29,400 करोड़ रुपये विज्ञापन से हासिल हुए। इससे साफ है कि इस सेक्टर में कंज्यूमर पेमेंट और विज्ञापन दोनों की अहम भूमिका बनी हुई है।
रेडियो ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर ने भी साल के दौरान स्थिर प्रदर्शन किया। प्राइवेट एफएम रेडियो ऑपरेटर्स द्वारा TRAI को दी गई जानकारी के मुताबिक 31 मार्च 2025 तक देश में 388 प्राइवेट एफएम रेडियो स्टेशन चालू थे। इसके अलावा ऑल इंडिया रेडियो 591 चैनल चला रहा था। कम्युनिटी रेडियो का भी दायरा बढ़ा है, जहां 639 में से 531 स्टेशन ऑपरेशनल हैं। 2024–25 में प्राइवेट एफएम रेडियो स्टेशनों की विज्ञापन से होने वाली कमाई 1,818.71 करोड़ रुपये रही।
TRAI ने दोहराया कि तेज़ी से बदलती टेक्नोलॉजी और डिजिटल बदलाव के दौर में वह ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर के संतुलित विकास, उपभोक्ताओं की सुरक्षा और सभी के लिए बराबरी का माहौल बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्र सरकार ने गुरुवार को मैडिसन मीडिया की उस याचिका पर अपना जवाब अदालत के रिकॉर्ड में पेश नहीं किया, जिसमें उसने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की जांच को चुनौती दी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
केंद्र सरकार ने गुरुवार को मैडिसन मीडिया की उस याचिका पर अपना जवाब अदालत के रिकॉर्ड में पेश नहीं किया, जिसमें उसने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की जांच को चुनौती दी है। यह जांच बड़े मीडिया और विज्ञापन एजेंसियों पर कथित कार्टेल बनाने के आरोपों से जुड़ी है। सरकार की इस चूक पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और केंद्र को चेतावनी दी कि यदि वह आगे भी जवाब दाखिल नहीं करती है तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार गेडेला की बेंच ने केंद्र सरकार को आखिरी मौका देते हुए दो हफ्ते का समय दिया है कि वह अपना हलफनामा दाखिल करे। कोर्ट ने साफ कहा कि अगर तय समय में जवाब नहीं आया तो अदालत सरकार के खिलाफ प्रतिकूल निष्कर्ष निकाल सकती है। इस मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी 2026 को होगी।
मार्च महीने में CCI ने मीडिया रेट्स और डिस्काउंट को लेकर कथित मिलीभगत की जांच के तहत कई विज्ञापन एजेंसियों और ब्रॉडकास्टर्स पर छापेमारी की थी। मैडिसन भी उन्हीं एजेंसियों में शामिल थी। यह जांच भारतीय विज्ञापन इंडस्ट्री में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
CCI की यह जांच 2024 की शुरुआत में उसकी लेनिएंसी स्कीम के तहत दी गई जानकारी के बाद शुरू हुई थी। बताया जा रहा है कि यह जानकारी डेंट्सू की ओर से दी गई थी। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले थे कि कई बड़ी एजेंसियां अनौपचारिक तरीकों से एक-दूसरे के साथ मिलकर कीमत तय कर रही थीं, जिनमें मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल भी शामिल था।
मैडिसन का कहना है कि खुद CCI के आदेश में यह बात सामने आई थी कि इंडियन सोसाइटी ऑफ एडवर्टाइजर्स (ISA) के सदस्यों ने एक मॉडल एजेंसी एग्रीमेंट फैलाया था, जिससे बातचीत की ताकत सीमित हुई और एजेंसियों की कमाई पर असर पड़ा। मैडिसन का दावा है कि एडवर्टाइजिंग एजेंसिज एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सदस्य असल में पीड़ित हैं, दोषी नहीं।
इसके बावजूद मैडिसन का आरोप है कि जांच एजेंसी ने सिर्फ विज्ञापन एजेंसियों को निशाना बनाया और ISA के सदस्यों के खिलाफ कोई ऐसी तलाशी कार्रवाई नहीं की गई। कंपनी का कहना है कि यह प्रक्रिया मनमानी थी और इससे उसकी छवि को काफी नुकसान पहुंचा है।
देश के प्रमुख Integrated Marketing Communications (IMC) ग्रुप्स में से एक Alchemist Marketing Solutions (Alchemist) ने आज एक बड़ी रणनीतिक घोषणा की है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
देश के प्रमुख Integrated Marketing Communications (IMC) ग्रुप्स में से एक Alchemist Marketing Solutions (Alchemist) ने आज एक बड़ी रणनीतिक घोषणा की है। कंपनी ने दिग्गज और पुरानी एजेंसी ब्रैंड Triton के अधिग्रहण (acquisition) का ऐलान किया है। बता दें कि Alchemist रियल एस्टेट कम्युनिकेशन में मार्केट लीडर माना जाता है।
यह कदम Alchemist के लिए एक नए और बड़े बदलाव का संकेत है। पिछले 15 सालों में Alchemist ने 200 से ज्यादा लोगों की टीम, 4 ऑफिस और पूरे देश में सर्विस देने की क्षमता के साथ अपनी मजबूत पहचान बनाई है। अब Triton के अधिग्रहण के बाद Alchemist अपने बिजनेस पोर्टफोलियो को तेजी से अलग-अलग सेक्टर्स में फैलाने की तैयारी कर रहा है। Triton ब्रैंड के तहत अब ग्रुप FMCG, सर्विसेज, ड्यूरेबल्स, D2C, अन्य न्यू-एज सेक्टर्स और कॉरपोरेट ब्रैंड्स को भी अपनी खास IMC सर्विसेज देगा।
Triton Communications की शुरुआत 1991 में इंडस्ट्री के दिग्गज अली मर्चेंट और मुनव्वर सैयद ने की थी। यह एजेंसी इंडिपेंडेंट एजेंसी दौर की एक बड़ी पहचान रही है। 30 साल से ज्यादा समय तक Triton ने कई नामी भारतीय ब्रैंड्स के लिए रणनीति और क्रिएटिव काम किया। इनमें Eureka Forbes (Aquaguard), Vicco, ABD (Officers Choice), Adani Wilmar (Fortune), NECC, Gujarat Ambuja, Mother’s Recipe, UB Group, Shaw Wallace (Haywards Franchise), Paras (Moov, D’Cold, SetWet), Wagh Bakri, Yes Bank, Gujarat और Karnataka Tourism जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं।
हालांकि महामारी के बाद बाजार में आए बदलावों के कारण एजेंसी को चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन आइकॉनिक भारतीय ब्रैंड्स बनाने का Triton का इतिहास और उसकी ब्रैंड वैल्यू आज भी बेजोड़ मानी जाती है। Moov का ‘आह से आहा तक’, SetWet का ‘very very sexy’ और Aquaguard का “पानी का डॉक्टर” जैसे कैंपेन Triton की पहचान रहे हैं।
इस अधिग्रहण पर बात करते हुए Alchemist Marketing Solutions के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष पोरवाल ने कहा, “Triton सिर्फ एक एजेंसी नहीं है, यह एक संस्था है, जिसे अली और मुनव्वर ने अपने जुनून से खड़ा किया। पिछले 15 सालों में Alchemist ने रियल एस्टेट और हेल्थ सेक्टर में मजबूत लीडरशिप बनाई है, लेकिन हमारा सपना रहा है कि यही सफलता हम दूसरे सेक्टर्स में भी दोहराएं। Triton के साथ हम इस ब्रैंड में नई ऊर्जा भरना चाहते हैं और साथ ही इसकी खास पहचान और DNA को आगे बढ़ाना चाहते हैं। हम सिर्फ एक नाम नहीं खरीद रहे, बल्कि एक विरासत को फिर से जिंदा कर रहे हैं।”
Alchemist Marketing Solutions के डायरेक्टर राजकुमार रेमल्ली ने कहा, “यह अधिग्रहण हमें ब्रैंड बनाने की एक समृद्ध विरासत देता है, जिसे हम Alchemist की तेज, इंटीग्रेटेड और स्ट्रैटेजी-फर्स्ट सोच के साथ आगे बढ़ाएंगे। मकसद उस मजबूत क्रिएटिव आत्मा को बनाए रखते हुए, आज के Alchemist ग्रुप की स्पीड और परफॉर्मेंस-ड्रिवन सोच से जोड़ना है।”
Alchemist Marketing Solutions की डायरेक्टर और CEO (Digital) अनुजिता जैन ने कहा, “हमारे पास Triton को एक नए दौर का, फ्रेश और न्यू-एज प्रोडक्ट बनाने का खास मौका है। महामारी के बाद उपभोक्ता और मार्केटिंग का माहौल काफी बदल चुका है, जहां ज्यादा फुर्ती और इंटीग्रेशन की जरूरत है। हम ‘नए’ Triton को इन्हीं बदली हुई जरूरतों के हिसाब से तैयार करेंगे, ताकि यह आने वाले 30 सालों तक उतना ही प्रासंगिक रहे, जितना पिछले 30 सालों तक रहा है।”
इस बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हुए Triton Communications के फाउंडर अली मर्चेंट, जिन्होंने हाल ही में अपना 80वां जन्मदिन मनाया, ने कहा, “तीन दशकों से ज्यादा समय तक Triton भारतीय ब्रैंड्स को मजबूती देने का पर्याय रहा है। लेकिन इंडस्ट्री बहुत तेजी से बदली है और महामारी के बाद की दुनिया में आगे बढ़ने के लिए नई तरह की फुर्ती और एक मजबूत स्ट्रैटेजिक इकोसिस्टम की जरूरत है। मेरे लिए यह जरूरी था कि Triton की जिम्मेदारी ऐसे ग्रुप को सौंपी जाए जो Triton की आत्मा को समझता हो और उसे भविष्य के लिए सुरक्षित भी कर सके। मनीष और Alchemist में मुझे हमारे अतीत के लिए सम्मान और भविष्य को आगे ले जाने की भूख- दोनों का सही मेल दिखता है।”
लीडरशिप की तलाश: को-फाउंडर की भूमिका
ब्रैंड को एक बार फिर उद्यमी सोच के साथ आगे बढ़ाने के लिए Alchemist ने बताया है कि उसे कई सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिली हैं, लेकिन वह सही व्यक्ति की तलाश में समय ले रहा है। कंपनी Triton के लिए एक CEO की तलाश कर रही है, जिसे वह को-फाउंडर की तरह देख रही है। यह व्यक्ति Alchemist बोर्ड के साथ मिलकर Triton को एक इंडिपेंडेंट एजेंसी के रूप में चलाएगा। उसे स्टार्ट-अप फाउंडर जैसी आजादी मिलेगी, लेकिन साथ ही भारत के सबसे बड़े IMC ग्रुप्स में से एक की ताकत, संसाधन, इंफ्रास्ट्रक्चर, महत्वाकांक्षा और स्थिरता का पूरा समर्थन भी होगा।
जानिए, Alchemist Marketing Solutions Group के बारे में:
Alchemist भारत का एक अग्रणी Integrated Marketing Communications ग्रुप है। 15 सालों के अनुभव के साथ यह 360-डिग्री मार्केटिंग सॉल्यूशंस देता है, जिसमें क्रिएटिव स्ट्रैटेजी, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, ग्राउंड-लेवल एक्टिवेशन, सेलेब्रिटी एसोसिएशन, फिल्म प्रोडक्शन और इवेंट्स शामिल हैं। इसका मुख्यालय मुंबई में है और गुरुग्राम, पुणे और बेंगलुरु में इसके ऑफिस हैं। इसके अलावा चेन्नई, इंदौर और जयपुर में पार्टनर ऑफिस भी हैं।
Alchemist अपनी अलग-अलग यूनिट्स के जरिए सेवाएं देता है, जैसे Clay (रियल एस्टेट स्ट्रैटेजी और कम्युनिकेशन), Dotwise (डिजिटल), Aurange (हेल्थकेयर और BFSI), Auntourage (सेलेब्रिटी एसोसिएशन), Crew (फिल्म प्रोडक्शन और कंटेंट), Alchemist Live (IPs और फॉर्मैट्स), Beep (एक्सपीरिएंशियल मार्केटिंग), Dotmatic (प्रोग्रामैटिक), Buzzwise (इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग), Earthwise (सस्टेनेबिलिटी मार्केटिंग) आदि।
Alchemist रियल एस्टेट मार्केटिंग में सबसे मजबूत खिलाड़ी है और हेल्थकेयर व फाइनेंशियल सर्विसेज में भी इसकी खास मौजूदगी है। फिलहाल कंपनी अलग-अलग कंज्यूमर कैटेगरी में अपना दायरा बढ़ा रही है। इसके कुछ चर्चित IPs में Delhi Theatre Festival, Bengaluru Theatre Festival, Hyderabad Theatre Festival, Celebscore और Clay Dialogues शामिल हैं।
Triton Communications के बारे में जानें:
1991 में शुरू हुई Triton Communications एक पुरानी और प्रतिष्ठित भारतीय एडवरटाइजिंग एजेंसी है, जो देश के कई भरोसेमंद ब्रैंड्स के साथ लंबे समय से जुड़ी रही है। तीन दशकों से ज्यादा समय में Triton ने इंडिपेंडेंट एजेंसी स्पेस में अपनी अलग पहचान बनाई है और भारतीय उपभोक्ताओं की गहरी समझ के लिए जानी जाती है।
अश्वनी डंडोना इससे पहले फोर्क मीडिया (Fork Media) में बिजनेस हेड–ब्रैंडेड पार्टनरशिप्स के पद पर कार्यरत थे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ब्रूट इंडिया’ (Brut India) ने अश्वनी डंडोना (Ashwanii Dandonnaa) को अपना नया चीफ कमर्शियल ऑफिसर (CCO) नियुक्त किया है।
अपनी इस भूमिका में अश्वनी डंडोना ‘ब्रूट इंडिया’ के लिए राजस्व वृद्धि, प्रभावशाली ब्रैंड साझेदारियां विकसित करने और कंपनी के कमर्शियल उद्देश्यों को उसके एडिटोरियल विजन से मजबूती से जोड़ने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
डिजिटल मीडिया, कंटेंट और रेवेन्यू लीडरशिप के क्षेत्र में अश्वनी डंडोना को एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कंटेंट और बिजनेस के बीच संतुलन बनाते हुए कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं।
इस नियुक्ति के बारे में ‘ब्रूट इंडिया’ की कंट्री मैनेजर और एडिटर-इन-चीफ महक कसबेकर ने कहा, ‘ब्रूट में हमेशा से यह विश्वास रहा है कि बेहतर पत्रकारिता और मजबूत बिजनेस साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। अश्वनी में व्यावसायिक समझ, कंटेंट के प्रति सम्मान और सहयोगात्मक नेतृत्व शैली का दुर्लभ संयोजन है। ब्रूट इंडिया के विस्तार के इस दौर में उनकी भूमिका ऐसे साझेदारियां बनाने में अहम होगी जो कंपनी के मूल्यों के अनुरूप हों और दीर्घकालिक विकास को समर्थन दें।’
वहीं, अश्वनी डंडोना ने कहा कि ब्रूट नेतृत्व द्वारा उन पर जताए गए भरोसे के लिए वह आभारी हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृति, उद्देश्य और स्टोरीटेलिंग के अनूठे मेल के साथ ब्रूट एक मजबूत वैश्विक मंच बन चुका है। भारत में इसके प्रभाव को और विस्तार देने की बड़ी संभावनाएं हैं और वह टीम, पार्टनर्स व क्रिएटर्स के साथ मिलकर मूल्य-आधारित और सार्थक विकास के लिए काम करने को उत्साहित हैं।
गौरतलब है कि अश्वनी डंडोना इससे पहले फोर्क मीडिया (Fork Media) में बिजनेस हेड–ब्रैंडेड पार्टनरशिप्स के पद पर कार्यरत थे। वह राष्ट्रीय स्तर की सरकारी साझेदारियों का नेतृत्व भी कर चुके हैं।
AutoMate का कंटेंट ऑटोमोबाइल अनुभव के हर पहलू को कवर करता है। ‘AutoMate Reviews’ और ‘Head-to-Head’ कारों, बाइक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों की समीक्षा और तुलना पर केंद्रित हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मोबिलिटी की अवधारणा अब पूरी तरह बदल रही है। जो कभी इंजन, दक्षता और इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित थी, वह अब इंटेलिजेंस, सस्टेनेबिलिटी और डिजिटल कनेक्टिविटी से आकार ले रही है। ऐसे में जब भारत इस परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, एनडीटीवी ने AutoMate लॉन्च किया है। एक ऐसा मंच, जो दर्शकों को मोबिलिटी के भविष्य को समझने, उसका विश्लेषण करने और उससे जुड़ने में मदद करेगा।
AutoMate को एक मल्टी-फॉर्मेट फ्रेंचाइज़ के रूप में विकसित किया गया है, जो पारंपरिक ऑटोमोबाइल कार्यक्रमों से आगे बढ़कर नई सोच प्रस्तुत करता है। इसमें एनडीटीवी की भरोसेमंद एडिटोरियल दृष्टि को आधुनिक विज़ुअल स्टोरीटेलिंग के साथ जोड़ा गया है। यहां मोबिलिटी को टेक्नोलॉजी, लाइफस्टाइल और रोज़मर्रा के फैसलों से जुड़ा विषय माना गया है।
इसका उद्देश्य इंडस्ट्री से जुड़ी जटिल जानकारियों को आम दर्शकों के लिए आसान और प्रासंगिक बनाना है। इस प्लेटफॉर्म को सिद्धार्थ शर्मा, एग्जीक्यूटिव एडिटर, एनडीटीवी ऑटो द्वारा क्यूरेट किया गया है और इसे मॉड्यूलर, प्लेटफॉर्म-फर्स्ट डिज़ाइन में तैयार किया गया है।
हर एपिसोड अलग-अलग सेगमेंट्स में विभाजित है, जिससे कंटेंट एक साप्ताहिक टीवी शो के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए छोटे फॉर्मेट में भी प्रस्तुत किया जा सकता है। AutoMate का कंटेंट ऑटोमोबाइल अनुभव के हर पहलू को कवर करता है। ‘AutoMate Reviews’ और ‘Head-to-Head’ कारों, बाइक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों की समीक्षा और तुलना पर केंद्रित हैं, जिससे दर्शकों को खरीद और इस्तेमाल से जुड़े व्यावहारिक फैसलों में मदद मिलती है।
वहीं ‘AutoMate Shift’ हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, कनेक्टेड व्हीकल्स और उभरती ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी से जुड़े विकासों की पड़ताल करता है। इस मौके पर सिद्धार्थ शर्मा ने कहा,"मोबिलिटी बहुत तेज़ी से बदल रही है और इसके आसपास होने वाली बातचीत भी।
अब इसमें टेक्नोलॉजी, ऊर्जा विकल्प, नियम और लोगों की रोज़मर्रा की आवाजाही शामिल है। AutoMate इन बदलावों को सरल और व्यावहारिक तरीके से देखने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें प्रोडक्ट्स, पॉलिसी और रियल-वर्ल्ड एक्सपीरियंस को एक साथ लाया गया है।" प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी के अलावा, ‘AutoMate Culture’ और ‘AutoMate Travel’ भारत की ऑटोमोटिव संस्कृति को आकार देने वाले लोगों, समुदायों और यात्रा अनुभवों को एक्सप्लोर करते हैं।
इसके साथ ही ‘AutoMate CXO’ और ‘AutoMate News’ के जरिए इंडस्ट्री अपडेट्स, पॉलिसी डिस्कशन और लीडरशिप पर्सपेक्टिव्स को ‘Drive Cast’ सीरीज़ के माध्यम से पेश किया जाता है। NDTV AutoMate साफ़ और आधुनिक विज़ुअल लैंग्वेज को अपनाता है, जिसमें हाई-क्वालिटी प्रोडक्शन और ग्राफिक्स शामिल हैं, जो कंटेंट को समझने में मदद करते हैं। इसका एडिटोरियल टोन संतुलित और सहज है, जो एनडीटीवी की निष्पक्ष पत्रकारिता की परंपरा को बनाए रखते हुए नए खरीदारों से लेकर अनुभवी ऑटो एंथूज़ियास्ट्स तक सभी को जोड़ता है।
AutoMate का प्रसारण 10 जनवरी, 2026 से एनडीटीवी 24x7, प्रॉफिट टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर होगा। AutoMate के जरिए एनडीटीवी का उद्देश्य दर्शकों को यह समझने में मदद करना है कि भारत में मोबिलिटी कैसे बदल रही है। जहां प्रोडक्ट्स, पॉलिसी, टेक्नोलॉजी और संस्कृति को एकीकृत फॉर्मेट में प्रस्तुत किया गया है।
एंटरटेनमेंट नेटवर्क (इंडिया) लिमिटेड (ENIL) से जुड़ी बैंक सुविधाओं और कर्ज से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स की क्रेडिट रेटिंग को क्रिसिल ने फिलहाल ‘वॉच डेवलपिंग’ की कैटेगरी में बनाए रखा है
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
एंटरटेनमेंट नेटवर्क (इंडिया) लिमिटेड (ENIL) से जुड़ी बैंक सुविधाओं और कर्ज से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स की क्रेडिट रेटिंग को क्रिसिल (Credit Rating Information Services of India Limited) ने फिलहाल ‘वॉच डेवलपिंग’ की कैटेगरी में बनाए रखा है। कंपनी ने इसकी जानकारी 7 जनवरी 2026 को शेयर मार्केट को दी।
क्रिसिल (CRISIL) के मुताबिक ENIL की कुल 150 करोड़ रुपये की बैंक लोन सुविधाओं की लॉन्ग टर्म रेटिंग Crisil AA+ / Watch Developing और शॉर्ट टर्म रेटिंग Crisil A1+ / Watch Developing बनी हुई है। इसके अलावा कंपनी के 50 करोड़ रुपये के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स और 200 करोड़ रुपये के कमर्शियल पेपर की रेटिंग भी इसी कैटेगरी में रखी गई है।
क्रिसिल ने बताया कि अक्टूबर 2025 में ENIL की रेटिंग को ‘वॉच डेवलपिंग’ में इसलिए डाला गया था क्योंकि इसकी पैरेंट कंपनी बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (BCCL) अपने नॉन-पब्लिशिंग बिजनेस को अलग करने की तैयारी कर रही है। इस प्रस्ताव के तहत BCCL का नॉन-पब्लिशिंग बिजनेस टाइम्स होराइजन प्राइवेट लिमिटेड (THPL) में ट्रांसफर किया जाएगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ENIL की पैरेंट कंपनी भी BCCL से बदलकर THPL हो जाएगी। हालांकि यह पूरा मामला अभी NCLT और अन्य सरकारी मंजूरियों के अधीन है।
वैसे बता दें कि BCCL और Times Horizon के बोर्ड ने इस योजना को 22 सितंबर 2025 को मंजूरी दी थी। लागू होने की तारीख 1 अप्रैल 2026 तय की गई है, या योजना के प्रभावी होने की तारीख, जो भी पहले हो।
क्रिसिल ने साफ किया है कि जब तक यह री-ऑर्गनाइजेशन पूरी तरह से लागू नहीं हो जाता, तब तक BCCL सभी ग्रुप कंपनियों को पहले की तरह वित्तीय और ऑपरेशनल सपोर्ट देता रहेगा। क्रिसिल इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और डिमर्जर का ENIL की फाइनेंशियल स्थिति पर क्या असर पड़ेगा, इसका आकलन कर रहा है।
रेटिंग एजेंसी के अनुसार ENIL भारत की एफएम रेडियो इंडस्ट्री में एक मजबूत और लीडिंग कंपनी है। रेडियो मिर्ची ब्रैंड की अच्छी पहचान, देश के 63 शहरों में मौजूदगी और मजबूत कैश पोजिशन कंपनी की बड़ी ताकत हैं। सितंबर 2025 तक कंपनी के पास करीब 345 करोड़ रुपये की नकद राशि थी और कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है।
हालांकि क्रिसिल ने यह भी कहा कि डिजिटल और दूसरे नए बिजनेस में निवेश की वजह से कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव बना है। विज्ञापन रेवेन्यू पर ज्यादा निर्भरता और रेडियो इंडस्ट्री में कड़ी प्रतिस्पर्धा भी कंपनी के लिए चुनौती बनी हुई है।
कुल मिलाकर, क्रिसिल का मानना है कि ENIL की वित्तीय स्थिति मजबूत है, लेकिन पैरेंट कंपनी में होने वाले बदलाव के चलते फिलहाल रेटिंग को ‘वॉच डेवलपिंग’ में रखा गया है। जैसे ही इस डिमर्जर को लेकर स्थिति साफ होगी, क्रिसिल अंतिम रेटिंग पर फैसला लेगा।
Fortune India और OPEN Media की CEO रहीं प्रीति ने आरपी–संजिव गोयनका ग्रुप से विदाई ले ली है। सूत्रों के मुताबिक, वह TV9 Media Network में सीनियर लीडरशिप भूमिका में शामिल होने जा रही हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
प्रीति साहनी ने 'RP–Sanjiv Goenka Group' के अंतर्गत आने वाले Fortune India और OPEN Media के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, वह अगले सप्ताह TV9 Media Network में एक सीनियर लीडरशिप भूमिका संभालने जा रही हैं।
इस घटनाक्रम पर हमारी सहयोगी वेबसाइट e4m ने प्रीति सहनी और TV9 Media Network के शीर्ष प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की, हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी भी पक्ष से आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। प्रीति को जनवरी 2024 में Fortune India और OPEN Media का CEO नियुक्त किया गया था।
उन्हें इन दोनों प्रतिष्ठित ब्रांड्स के संपादकीय और बिज़नेस तालमेल को मज़बूत करने, साथ ही प्रिंट और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अगले चरण की ग्रोथ को आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी। उनके कार्यकाल के दौरान, उन्होंने ब्रांड पोजिशनिंग को स्पष्ट करने और तेज़ी से बदलते मीडिया परिदृश्य में संस्थानों को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने पर खास ध्यान दिया।
आरपी–संजिव गोयनका ग्रुप के तहत फॉर्च्यून इंडिया और OPEN मीडिया की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रीति साहनी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जनवरी 2024 में शुरू हुआ उनका कार्यकाल अब समाप्त हो गया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
RP–Sanjiv Goenka Group के अंतर्गत Fortune India और OPEN Media की मुख्य कार्यकारी अधिकारी Preeti Sahni ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उच्च पदस्थ सूत्रों ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की है। साहनी का कार्यकाल जनवरी 2024 में शुरू हुआ था।
CEO के रूप में, प्रीति साहनी को संपादकीय फोकस को धार देने, ब्रांड पोजिशनिंग मजबूत करने और मल्टी-प्लेटफॉर्म बिज़नेस ग्रोथ को गति देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उनके नेतृत्व में दोनों प्रकाशनों ने ऐसे दौर का सामना किया, जहां मीडिया इंडस्ट्री में पाठक व्यवहार, विज्ञापनदाताओं की अपेक्षाएं और डिजिटल-फर्स्ट खपत तेज़ी से बदल रही थीं।
आरपी–संजिव गोयनका ग्रुप से पहले साहनी ने 'Network18 Media & Investments Limited' में सात वर्षों से अधिक समय तक काम किया। वहां वह 'Forbes India' की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर रहीं और साथ ही सीनियर वाइस प्रेसिडेंट – इंटरनेशनल बिज़नेस के रूप में वैश्विक साझेदारियों और प्रीमियम मीडिया गठबंधनों का नेतृत्व किया।
करीब दो दशकों के करियर में साही ने 'The Times Group, India Today Group' और 'Hindustan Times' जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में नेतृत्व भूमिकाएं निभाईं। इसके अलावा, Oracle में कॉर्पोरेट कंसल्टिंग का अनुभव भी उनके प्रोफाइल में शामिल रहा, जिसने उनकी रणनीतिक और टेक्नोलॉजी समझ को और मज़बूत किया।
अदिति चड्डा ने प्राइम वीडियो से अलग होने का ऐलान किया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
अदिति चड्डा ने प्राइम वीडियो से अलग होने का फैसला किया है। उन्होंने स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और उसकी पैरेंट कंपनी एमेजॉन MGM स्टूडियोज के साथ पांच साल का सफर पूरा किया है। अपने करियर में वे इससे पहले वायकॉम18, मोंडेलीज इंटरनेशनल, मैरिको और वैष्णवी कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस जैसी कंपनियों के साथ भी काम कर चुकी हैं।
लिंक्डइन पर इस बारे में जानकारी साझा करते हुए अदिति चड्डा ने लिखा, “पांच शानदार सालों के बाद मैं प्राइम वीडियो को अलविदा कह रही हूं। इस सफर के लिए मैं दिल से आभारी हूं और मुझे गर्व है। भारत में ब्रैंड को बनाने और उसे नई पहचान दिलाने में मुझे जो मौका मिला, उस पर मुझे बेहद खुशी है। हमने मिलकर जो हासिल किया है, उस पर मुझे बहुत गर्व है। इस काम ने मुझे चुनौती दी, आगे बढ़ाया और मुझे बहुत कुछ सिखाया, ये अनुभव और सीख मैं हमेशा अपने साथ रखूंगी।”
अदिति चड्डा 2021 में प्राइम वीडियो इंडिया में पीआर मैनेजर के तौर पर जुड़ी थीं। इसके बाद उन्होंने बेहद प्रतिस्पर्धी स्ट्रीमिंग मार्केट में ब्रैंड की कम्युनिकेशन और पहचान मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। प्राइम वीडियो से अलग होने के साथ ही उन्होंने संकेत दिया है कि वे जल्द ही अपनी अगली नई भूमिका की शुरुआत करेंगी।
जियो प्लेटफॉर्म्स ने विग्नेश नारायणन को नई जिम्मेदारी सौंपी है। अब वह उपाध्यक्ष के तौर पर JioPC का नेतृत्व करेंगे और घरेलू स्तर पर इसके विस्तार पर फोकस करेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
Jio Platforms में नेतृत्व स्तर पर अहम बदलाव हुआ है। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी Vignesh Narayanan अब अपने उपाध्यक्ष (Vice President) की भूमिका में JioPC को संभालेंगे। इस नई जिम्मेदारी के तहत वह प्रोडक्ट, टेक्नोलॉजी और प्लेटफॉर्म टीमों के साथ मिलकर JioPC के लिए मजबूत आधार तैयार करेंगे, ताकि देशभर में इसके घरेलू उपयोग और ग्रोथ को रफ्तार दी जा सके।
इससे पहले विग्नेश नारायणन मई 2023 से दिसंबर 2025 तक जियो में Vice President – Jio Ads की भूमिका निभा चुके हैं। इस दौरान उन्होंने एजेंसियों और प्रमुख ब्रांड्स के साथ रणनीतिक साझेदारियां विकसित कीं, जिससे जियो एड्स के बिज़नेस अवसरों को मजबूती मिली और विज्ञापन इकोसिस्टम को विस्तार मिला।
जियो से पहले विग्नेश नारायणन ने लगभग दो साल तक Airtel Ads में VP – Head of Business के रूप में काम किया था। वहां उन्होंने डिजिटल विज्ञापन और ब्रांड सॉल्यूशंस के क्षेत्र में अहम योगदान दिया।
सुरेश बालकृष्णन नवंबर 2018 से द हिंदू ग्रुप से जुड़े हुए हैं और पिछले सात साल से ज्यादा समय से चीफ रेवेन्यू ऑफिसर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
द हिंदू ग्रुप के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर सुरेश बालकृष्णन जुलाई 2026 के अंत में रिटायर हो रहे हैं। इसके साथ ही मीडिया, विज्ञापन और पब्लिशिंग की दुनिया में उनका तीन दशक से भी ज्यादा लंबा करियर पूरा हो जाएगा।
सुरेश बालकृष्णन नवंबर 2018 से द हिंदू ग्रुप से जुड़े हुए हैं और पिछले सात साल से ज्यादा समय से चीफ रेवेन्यू ऑफिसर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनके कार्यकाल में ग्रुप की ग्रोथ को नई दिशा मिली। उन्होंने प्रिंट, डिजिटल और ऑन-ग्राउंड प्लेटफॉर्म्स पर रेवेन्यू रणनीति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने कई बड़े और खास इवेंट्स को शुरू करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। खासतौर पर कोरोना महामारी के दौरान इन इवेंट्स को वर्चुअल और हाइब्रिड फॉर्मेट में नए सिरे से पेश किया गया। उनके नेतृत्व में द हिंदू ग्रुप के ब्रांड्स ने कम्युनिटी बिल्डिंग पर ज्यादा ध्यान दिया ताकि ऑडियंस के साथ जुड़ाव और गहरा हो सके।
तय की गई उत्तराधिकार प्रक्रिया के तहत वरिष्ठ मीडिया प्रोफेशनल सुंदर कोंडूर ने अब चीफ रेवेन्यू ऑफिसर की जिम्मेदारी संभाल ली है। आने वाले महीनों में सुरेश बालकृष्णन और सुंदर कोंडूर मिलकर काम करेंगे ताकि जिम्मेदारियों का ट्रांजिशन आसानी से पूरा हो सके।
इंडस्ट्री में सुरेश बालकृष्णन को एक सम्मानित और भरोसेमंद नाम माना जाता है। वे अक्सर इंडस्ट्री फोरम्स में स्पीकर के तौर पर बुलाए जाते हैं और कई अवॉर्ड जूरी का भी हिस्सा रहते हैं। उन्होंने MICA अहमदाबाद, IIM लखनऊ, IITs और SRM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में सेमिनार लिए हैं और गेस्ट लेक्चर भी दिए हैं। इसके अलावा वे SIMC यानी सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया एंड कम्युनिकेशन में एडजंक्ट फैकल्टी भी रह चुके हैं।
साल 2017 में वे मीडिया इंडस्ट्री से अकेले भारतीय प्रतिनिधि थे जिन्हें न्यूयॉर्क में आयोजित चौथे ‘मीडिया फॉर सोशल इम्पैक्ट समिट’ के लिए संयुक्त राष्ट्र के लीडरशिप काउंसिल में आमंत्रित किया गया था।
द हिंदू ग्रुप से पहले सुरेश बालकृष्णन WPP ग्रुप की कंपनी काइनेटिक एडवरटाइजिंग इंडिया में साउथ एशिया और मिडिल ईस्ट के सीईओ रहे हैं। इससे पहले वे 2011 से 2015 तक लिंटास मीडिया ग्रुप के सीईओ, इंडिया टुडे ग्रुप की मेल टुडे में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर और ज़ी टेलीफिल्म्स में एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर काम कर चुके हैं।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जनवरी 1987 में द टाइम्स ऑफ इंडिया से की थी। इसके बाद वे इनिशिएटिव मीडिया, एचटी मीडिया और ज़ी नेटवर्क जैसी बड़ी मीडिया संस्थाओं की लीडरशिप टीम का भी हिस्सा रहे।
सुरेश बालकृष्णन मुंबई स्थित गैर-लाभकारी संस्था आरशा विद्या फाउंडेशन के ट्रस्टी भी हैं।
उनके उत्तराधिकारी सुंदर कोंडूर एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल हैं और रेवेन्यू लीडरशिप और कमर्शियल स्ट्रैटेजी के क्षेत्र में उन्हें लंबा अनुभव हासिल है।