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मीडिया पर प्रतिबंध मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपनाया ये रुख
कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद वहां मीडिया पर पाबंदी लगाए जाने के तमाम आरोप लग रहे हैं
पंकज शर्मा 6 years ago
कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद वहां मीडिया पर पाबंदी लगाए जाने के तमाम आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि जनसंचार सुविधाएं ठप होने से पत्रकारों को अपना काम करने में तमाम परेशानी हो रही है। इस बीच मीडिया पर लगी पाबंदी हटाए जाने की मांग को लेकर दायर याचिका सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित कर दी है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कोई भी निर्देश देने से पहले कुछ समय तक और इंतजार किया जाएगा। दरअसल, इस याचिका का विरोध करते हुए केंद्र सरकार का कहना था कि घाटी में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और परिस्थितियों के अनुसार वहां मीडिया पर लगे प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटाया जा रहा है।
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एसए नजीर की बेंच ने कहा, ‘हमने आज अखबारों में पढ़ा है कि कश्मीर में लैंडलाइन और ब्रॉडबैंड कनेक्शन धीरे-धीरे बहाल किए जा रहे हैं। ऐसे में हम सरकार को थोड़ा समय और देना चाहते हैं। इस बारे में हमें आज जम्मू-कश्मीर के चीफ जस्टिस की ओर से एक फोन भी आया था।’
इसके साथ ही बेंच ने यह भी कहा, ‘हम देखेंगे कि इस मामले को सुनवाई के लिए कब सूचीबद्ध किया जा सकता है। हम प्रशासनिक पक्ष को लेकर कोई तारीख तय करेंगे।’ इस मामले में ‘कश्मीर टाइम्स’ अखबार की एग्जिक्यूटिव एडिटर अनुराधा भसीन की ओर से पेश हुईं अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर का कहना था कि कश्मीर में मीडिया पर लगे प्रतिबंधों को जल्द से जल्द हटाया जाना चाहिए, ताकि पत्रकार अपना काम बिना किसी परेशान के कर सकें।
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