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दीपक चौरसिया ने उठाया यह मुद्दा, PM ने ‘मन की बात’ में किया शामिल
देश-दुनिया में कोरोनावायरस (कोविड-19) के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।आए दिन कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
देश-दुनिया में कोरोनावायरस (कोविड-19) के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आए दिन कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। तमाम लोग इसकी चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं, वहीं कई लोग विभिन्न अस्पतालों में अपना उपचार करा रहे हैं। कोरोना का कहर अभी थमा नहीं है और लोग अभी भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। कोरोना का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए देश में किए गए लॉकडाउन के कारण तमाम उद्योग-धंधों पर असर पड़ा है, वहीं लोगों को अपने घरों पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है। अधिकांश लोग घर से काम ‘वर्क फ्रॉम होम’ कर रहे हैं। इन सबसे बीच एक वर्ग ऐसा भी है, जो न तो स्कूल जा पा रहा है और न ही खेलने। जी हां, हम बात कर रहे हैं बच्चों की, जो कई महीनों से घरों में एकदम ‘बंद’ हुए बैठे हैं। इस उम्र में जहां बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए खेलकूद बहुत ही आवश्यक होता है, वे सिर्फ मोबाइल व टीवी में एक तरह से सिमटकर रह गए हैं। वे न बाहर जाकर खेल पा रहे हैं और न ही अपने हमउम्र बच्चों से मिल पा रहे हैं।
बच्चों की इसी परेशानी को ‘न्यूज नेशन’ के कंसल्टिंग एडिटर व सीनियर न्यूज एंकर दीपक चौरसिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम से पहले अपने ट्विटर हैंडल पर उठाया और पांच साल की एक बच्ची का वीडियो शेयर करते हुए पीएम मोदी से इस मामले में ‘मार्गदर्शन’ देने की बात कही। दीपक चौरसिया ने अपने ट्विटर पर जिस पांच साल की बच्ची का जिक्र किया था, उसका कहना था, ‘मोदीजी आपने घंटी बजाने को बोला, हमने घंटी बजाई। आपने एक दिन रात को थोड़े समय के लिए लाइटें बुझाने के लिए बोला, हमने वह भी किया। आपने बोला कि घर में रहो तो हम घर में ही रहे हैं। अब घर से नहीं निकलें तो करें क्या करें। आपने पूरा लॉकडाउन कर दिया। हम खेलने भी नहीं जा सकते और न स्कूल जा सकते हैं। जल्दी से कोरोना को खत्म करवा दो और हमें इस हाल से बाहर निकालो।
5 साल की इस मासूम बच्ची के मन की बात @narendramodi से। कोरोना के चलते 20 मार्च से घर से नहीं निकली है... आपसे मार्गदर्शन चाहती है। ???#MannKiBaat @mannkibaat @PMOIndia #CoronavirusIndia pic.twitter.com/lxD79VOKVh
— Deepak Chaurasia (@DChaurasia2312) August 29, 2020
खास बात यह रही कि पीएम ने भी इस मुद्दे को बड़ी ही गंभीरता से लिया और रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इसका जिक्र भी किया। इस कार्यक्रम में मोदी का कहना था, ‘कोरोना के इस कालखंड में देश एक साथ कई मोर्चों पर लड़ रहा है। लेकिन इसके साथ कई बार मन में ये भी सवाल आता रहा कि इतने लंबे समय तक घरों में रहने के कारण बच्चों का समय कैसे बीतता होगा? इसी कारण मैंने गांधीनगर की चिल्ड्रेन यूनिवर्सिटी, भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, सूक्ष्म, लघु और एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय आदि के साथ मिलकर इन बच्चों के लिए क्या कर सकते हैं, इस पर मंथन किया।’
इसके साथ ही मोदी का यह भी कहना था, ‘मेरे लिए यह काफी सुखद था और लाभकारी भी था, क्योंकि मेरे लिए भी कुछ नया जानने और कुछ सीखने का अवसर बन गया। इस चिंतन का विषय खिलौने, विशेषकर भारतीय खिलौने रखा गया। हमने इस बात पर मंथन किया कि देश के बच्चों को नए-नए खिलौने कैसे मिलें, देश खिलौनों का प्रॉडक्शन हब कैसे बने। मैं मन की बात सुन रहे बच्चों के माता-पिता से क्षमा मांगता हूं, क्योंकि हो सकता है कि उन्हें अब ये कार्यक्रम सुनने के बाद खिलौने की नई-नई डिमांड सुनने को मिल सकती है।’
इस मामले को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में उठाए जाने पर दीपक चौरसिया ने पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया है। इसके साथ ही उन्होंने इस बारे में एक वीडियो भी अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है, जिसे आप यहां देख सकते हैं।
शुक्रिया @narendramodi आपने मासूम की बात सुनी। ?? @smritiirani #MannKiBaat @PMOIndia pic.twitter.com/fZorfAJNw9
— Deepak Chaurasia (@DChaurasia2312) August 30, 2020
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