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मार्केट रेगुलेटर SEBI ने फाइनेंसिएल इंफ्लुएंसर के विनियमन से जुड़े मानदंडों को दी मंजूरी
सोशल मीडिया पर वित्तीय मामलों से संबंधित जानकारियां देने वाले फाइनेंशिएल इंफ्लुएंसर के लिए सेबी ने नियम तय कर दिए हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
शेयर बाजार में प्रॉफिट कमाना है लेकिन किस कंपनी का शेयर खरीदें इसकी समझ नहीं हो तो इसके लिए ज्यादातर लोग यूट्यूब की मदद लेते हैं। जहां, मुफ्त में लोगों को शेयर मार्केट का ज्ञान मिल जाता है। लेकिन, ये मुफ्त का ज्ञान लोगों के लिए घातक भी साबित हो सकता है, क्योंकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्टॉक टिप्स देने वाले लोग जिन्हें फाइनेंशियल इंफ्लुएंसर कहा जाता है, उनके पास कोई समझ या अनुभव है इसकी कोई गारंटी नहीं होती है। इसके अलावा, कई फाइनेंशियल इंफ्लुएंसर किसी कंपनी के शेयरों को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों को गलत सलाह दे सकते हैं, लिहाजा इन कारणों से बचने के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी इन फाइनेंशियल इंफ्लुएंसर के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर वित्तीय मामलों से संबंधित जानकारियां देने वाले फाइनेंशिएल इंफ्लुएंसर के लिए सेबी ने नियम तय कर दिए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार को हुई सेबी के निदेशक मंडल की बैठक में इन जोखिमों को दूर करने के लिए फाइनेंशिएल इनफ्लुएंसर्स के विनियमन से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
नए नियमों के मुताबिक, अनरजिस्टर्ड फिनफ्लुएंसर्स (फाइनेंशियल इंफ्लुएंसर्स) का सलाह देना गैरकानूनी होगा। यानी बिना रजिस्ट्रेशन यदि कोई शेयर और म्युचूअल फंड पर सलाह देता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई होगी।
इन फाइनेंशियल इन्फ्लुएंसर को सेबी के पास अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा और तय नियमों का पालन भी करना होगा। इसके अलावा इनके म्यूचुअल फंड और शेयर ब्रोकर्स के साथ साझेदारी करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
सेबी के अनुसार, "बोर्ड द्वारा विनियमित व्यक्ति और ऐसे व्यक्तियों के एजेंट किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं रखेंगे, जैसे कि पैसे या पैसे के मूल्य से जुड़ा कोई लेनदेन, किसी क्लाइंट का रेफरल, सूचना प्रौद्योगिकी प्रणालियों का इंटरैक्शन या इसी तरह की प्रकृति या चरित्र का कोई अन्य संबंध, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, किसी अन्य व्यक्ति के साथ, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, सुरक्षा या प्रतिभूतियों के संबंध में या उससे संबंधित सलाह या सिफारिश प्रदान करता है या रिटर्न या प्रदर्शन का कोई निहित या स्पष्ट दावा करता है"।
हालांकि, सेबी ने अपने नोट में यह भी कहा कि इन्वेस्टर एजुकेशन में लगे वित्तीय प्रभावशाली लोगों को नए प्रतिबंधों से छूट दी जाएगी।
इसके साथ ही मार्केट रेगुलेटर ने बार-बार खरीदे-बेचे जाने वाले शेयरों की गैर-सूचीबद्धता के लिए एक निश्चित मूल्य प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया।
यह कदम गैर-विनियमित फाइनेंशिएल इंफ्लुएंसर से जुड़े संभावित जोखिमों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच उठाया गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेबी ने बयान में कहा कि निदेशक मंडल ने निवेश और होल्डिंग कंपनियों (IHC) की गैर-सूचीबद्धता के लिए एक ढांचा भी पेश किया। इसके अलावा, नियामक ने तकनीकी गड़बड़ी के कारण शेयर बाजारों और अन्य बाजार बुनियादी ढांचा संस्थानों (MII) के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) पर वित्तीय जुर्माने को हटाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
साथ ही बाजार नियामक ने सूचीबद्ध फर्मों के खिलाफ दावों से जुड़े मुकदमों या विवादों के खुलासे के लिए अतिरिक्त समय प्रदान करने और कंपनियों को स्थायी आधार पर वर्चुअल या हाइब्रिड शेयरधारक बैठकें आयोजित करने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा।
सेबी ने बोर्ड मीटिंग के नतीजों के खुलासे के लिए अतिरिक्त समय देने का भी सुझाव दिया है, जो कारोबारी घंटों के बाद समाप्त होता है। इसके अतिरिक्त, प्री-इश्यू विज्ञापन और प्राइस बैंड विज्ञापन को एक ही विज्ञापन के रूप में संयोजित करने की सिफारिश की है।
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