प्राइम फोकस लिमिटेड (Prime Focus Limited) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपनी Business Responsibility and Sustainability Report (BRSR) स्टॉक एक्सचेंजों के पास दाखिल कर दी है।
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Vikas Saxena
प्राइम फोकस लिमिटेड (Prime Focus Limited) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपनी Business Responsibility and Sustainability Report (BRSR) स्टॉक एक्सचेंजों के पास दाखिल कर दी है। कंपनी ने यह रिपोर्ट 7 सितंबर 2026 को NSE और BSE को सौंपी। यह रिपोर्ट कंपनी की FY 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट का भी हिस्सा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, Prime Focus की रिपोर्टिंग अवधि 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक की है। कंपनी के शेयर NSE पर PFOCUS और BSE पर 532748 कोड के साथ सूचीबद्ध हैं। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की चुकता पूंजी करीब 77.60 करोड़ रुपये थी।
विजुअल इफेक्ट्स, एनीमेशन और पोस्ट-प्रोडक्शन भी कारोबार का हिस्सा
कंपनी ने अपनी मुख्य कारोबारी गतिविधि को सूचना और संचार क्षेत्र के तहत रखा है। इसमें विजुअल इफेक्ट्स, स्टीरियो 3D कन्वर्जन, एनीमेशन, प्रोडक्शन और पोस्ट-प्रोडक्शन सेवाएं, उपकरण किराये पर देना, डिजिटल इंटरमीडिएट, पिक्चर पोस्ट, शूटिंग फ्लोर और साउंड स्टेज जैसी सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी Media ERP Suite और Cloud आधारित मीडिया सेवाएं भी देती है। प्रॉपर्टी और अन्य परिसंपत्तियों को लीज या किराये पर देना भी उसके कारोबार का हिस्सा है।
कंपनी के कुल कारोबार में रियल एस्टेट गतिविधियों की हिस्सेदारी 69.38%, अन्य बिजनेस सपोर्ट सर्विसेज की हिस्सेदारी 30.58% और मोशन पिक्चर गतिविधियों की हिस्सेदारी 0.04% रही।
12 ऑफिस और 14 कर्मचारी
BRSR के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक Prime Focus के भारत में 12 ऑफिस थे। रिपोर्टिंग के दायरे में कंपनी का अंतरराष्ट्रीय कारोबार शामिल नहीं है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां उसकी सहायक कंपनियों के जरिए संचालित होती हैं।
कंपनी के पास कुल 14 स्थायी कर्मचारी थे, जिनमें 13 पुरुष और एक महिला शामिल हैं। वहीं कंपनी ने BRSR के तहत परिभाषित किसी कर्मचारी को 'वर्कर' श्रेणी में नहीं बताया है।
कंपनी के बोर्ड में 8 निदेशक हैं, जिनमें 2 महिलाएं हैं। यानी बोर्ड में महिलाओं की हिस्सेदारी 25% है। वहीं प्रमुख प्रबंधकीय कर्मचारियों में महिलाओं की हिस्सेदारी 33.33% है।
सभी कर्मचारियों को स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा
कंपनी के सभी 14 स्थायी कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा का लाभ मिला हुआ है। महिला कर्मचारी के लिए मातृत्व लाभ भी उपलब्ध है, जबकि 13 कर्मचारियों को पितृत्व लाभ के तहत कवर किया गया है।
कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में सभी 14 कर्मचारियों को स्वास्थ्य एवं सुरक्षा और कौशल विकास से जुड़ी ट्रेनिंग दी गई। यानी इन दोनों क्षेत्रों में कवरेज 100% रहा।
सस्टेनेबिलिटी पर कंपनी का फोकस
Prime Focus ने अपनी सस्टेनेबिलिटी रणनीति में कार्बन फुटप्रिंट कम करने, कचरे के प्रबंधन, प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग को कम करने तथा पानी, ऊर्जा और संसाधनों के संरक्षण को प्रमुख लक्ष्य बताया है।
कंपनी का कहना है कि वह अपने पोस्ट-प्रोडक्शन केंद्रों और स्टूडियो ऑफिस में ऊर्जा बचाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। साथ ही AI, डिजिटाइजेशन सर्विसेज और डेटा सेंटर जैसी सेवाओं के जरिए ग्राहकों को भी सस्टेनेबिलिटी में योगदान देने का अवसर देने की बात कही गई है।
ऊर्जा खपत बढ़ी
BRSR के आंकड़ों के अनुसार, FY 2025-26 में कंपनी की कुल ऊर्जा खपत 46.27 लाख KWH रही, जबकि FY 2024-25 में यह करीब 40.58 लाख KWH थी। वित्त वर्ष 2025-26 में गैर-नवीकरणीय स्रोतों से ऊर्जा खपत करीब 33.07 लाख KWH रही, जबकि नवीकरणीय स्रोतों से बताई गई खपत करीब 13.20 लाख KWH रही।
पानी की खपत और कार्बन उत्सर्जन पर भी रिपोर्ट
कंपनी ने FY 2025-26 में कुल 26,520 किलोलीटर पानी निकालने की जानकारी दी है। इसमें 8,546 किलोलीटर सतही जल और 17,974 किलोलीटर थर्ड पार्टी वाटर शामिल था। पिछले वित्त वर्ष में कुल पानी निकासी 26,180 किलोलीटर थी।
ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के मामले में कंपनी ने FY 2025-26 के लिए Scope 2 emissions करीब 23.14 लाख किलोग्राम CO2 equivalent बताए हैं, जबकि FY 2024-25 में यह करीब 20.29 लाख किलोग्राम था। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि Scope 1 से जुड़ा डेटा उसके पास उपलब्ध नहीं है, क्योंकि संबंधित खर्च DNEG India Media Services Limited के जरिए किया जाता है।
कंपनी ने यह भी बताया कि फिलहाल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने से जुड़ी कोई विशेष परियोजना नहीं है।
ई-वेस्ट के निपटारे के लिए अधिकृत एजेंसियों के साथ काम
कंपनी के अनुसार, उसके कार्यालयों में पैदा होने वाले इलेक्ट्रॉनिक कचरे को अधिकृत ई-वेस्ट विक्रेताओं के जरिए रिसाइकिल किया जाता है। वहीं कागज के कचरे को मंजूरशुदा रिसाइक्लिंग संस्थाओं को भेजा जाता है। कंपनी ने बायोडिग्रेडेबल कचरे के प्रबंधन से जुड़ी पहलों में भी भागीदारी की बात कही है।
साइबर सुरक्षा को अहम जोखिम माना
Prime Focus ने साइबर सुरक्षा को अपने कारोबार से जुड़े प्रमुख जोखिमों में शामिल किया है। कंपनी के मुताबिक मीडिया और ब्रॉडकास्टिंग कंपनियों के लिए तैयार किया गया कंटेंट एक महत्वपूर्ण संपत्ति है और साइबर हमलों का निशाना बन सकता है।
कंपनी ने कहा कि वह नेटवर्क को नियमित रूप से अपडेट और बैकअप करती है। साथ ही कर्मचारियों को फिशिंग कैंपेन के जरिए साइबर जोखिमों के बारे में जागरूक किया जाता है और किसी घटना की स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया देने के लिए एक योजना भी तैयार की गई है।
सभी 9 NGRBC सिद्धांतों को नीतियों में शामिल किया
BRSR में कंपनी ने बताया है कि उसकी नीतियां National Guidelines on Responsible Business Conduct (NGRBC) के सभी नौ सिद्धांतों को कवर करती हैं और इन नीतियों को बोर्ड की मंजूरी मिली हुई है। इन नीतियों को वैल्यू चेन पार्टनर्स तक भी लागू किया गया है।
कंपनी की सस्टेनेबिलिटी से जुड़ी पहलों की निगरानी CSR Committee करती है, जबकि BRSR नीति के क्रियान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी Whole-time Director Naresh Mahendranath Malhotra को दी गई है।
वित्त वर्ष में कोई शिकायत दर्ज नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक FY 2025-26 में समुदाय, निवेशकों, शेयरधारकों, कर्मचारियों, ग्राहकों और वैल्यू चेन पार्टनर्स की ओर से कंपनी के जिम्मेदार कारोबारी आचरण से जुड़े कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई और कोई शिकायत लंबित भी नहीं थी।
वहीं, कंपनी ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, भेदभाव, बाल श्रम, जबरन श्रम और वेतन से जुड़े मामलों में भी कोई शिकायत दर्ज नहीं होने की जानकारी दी है। FY 2025-26 में POSH के तहत भी कोई शिकायत नहीं आई।
ChargeZone और BillionE Mobility ने खुशबू गोतेचा को अपने यहां सीनियर वाइस प्रेजिडेंट (मार्केटिंग एंड कम्युनिकेशंस) नियुक्त किया है।
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Samachar4media Bureau
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों ChargeZone और BillionE Mobility ने खुशबू गोतेचा को अपने यहां सीनियर वाइस प्रेजिडेंट (मार्केटिंग एंड कम्युनिकेशंस) नियुक्त किया है। उन्हें मीडिया, मार्केटिंग, ब्रैंड स्ट्रैटेजी और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के क्षेत्र में दो दशक से ज्यादा का अनुभव है।
अपनी नई भूमिका में खुशबू दोनों कंपनियों की मार्केटिंग और कम्युनिकेशंस से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालेंगी। साथ ही, वह दोनों ब्रैंड्स की पहचान मजबूत करने और कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस को बेहतर बनाने पर काम करेंगी।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के बढ़ते मार्केट के बीच नियुक्ति
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब भारत में क्लीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का मार्केट तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, नई टेक्नोलॉजी और टिकाऊ परिवहन से जुड़े कारोबार के लिए नए अवसर बन रहे हैं।
ChargeZone इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए हाई-स्पीड चार्जिंग नेटवर्क तैयार करने के साथ स्मार्ट एनर्जी मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी आधारित समाधान उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। कंपनी का फोकस निजी और कमर्शियल दोनों तरह के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधाएं विकसित करना है।
वहीं, BillionE Mobility इलेक्ट्रिक मोबिलिटी एज ए सर्विस (e-MaaS) के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, फ्लीट मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी आधारित मोबिलिटी सेवाओं को एक साथ जोड़कर समाधान उपलब्ध कराती है।
कई बड़े निवेशकों और कंपनियों का समर्थन
ChargeZone को मैक्वेरी कैपिटल, ब्रिटिश इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट (BII), जीआई वेंचर्स (इंडिया) और ब्लूऑर्चर्ड फाइनेंस जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय निवेश संस्थाओं और वित्तीय कंपनियों का समर्थन हासिल है।
इसके अलावा कंपनी के इंडस्ट्री नेटवर्क में मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू, हुंडई मोटर इंडिया, किया, वोल्वो कार इंडिया, ऑडी, विनफास्ट, टाटा ईवी और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे ऑटोमोबाइल ब्रैंड शामिल हैं।
कमर्शियल व्हीकल क्षेत्र में अशोक लेलैंड, वोल्वो आइशर और स्विच मोबिलिटी के साथ भी कंपनी का जुड़ाव है। इसके अलावा वी-ग्रीन, लैंडमार्क कार्स, एवरेस्ट फ्लीट, स्नैपई, एक्सिकॉम, केम्पावर, WBG और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) जैसे टेक्नोलॉजी, फ्लीट और वित्तीय क्षेत्र के भागीदार भी इसके नेटवर्क का हिस्सा हैं।
खुशबू गोतेचा की नियुक्ति से दोनों कंपनियों को अपनी ब्रैंड पहचान और मार्केट में मौजूदगी मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने मोबाइल और ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जुड़ी जानकारी को ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए नया प्लेटफॉर्म 'नेटवर्क अनुभव' (Network Anubhav) लॉन्च किया है।
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Samachar4media Bureau
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने मोबाइल और ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जुड़ी जानकारी को ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए नया प्लेटफॉर्म 'नेटवर्क अनुभव' (Network Anubhav) लॉन्च किया है। इसकी मदद से उपभोक्ता अपने इलाके में अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों के नेटवर्क की स्थिति, इंटरनेट की स्पीड और कॉल क्वॉलिटी से जुड़ी जानकारी देख सकेंगे। इस प्लेटफॉर्म पर दूसरे यूजर्स के इंटरनेट स्पीड टेस्ट और TRAI की ओर से किए गए स्वतंत्र ड्राइव टेस्ट के नतीजे भी उपलब्ध होंगे।
TRAI ने 4 नवंबर 2026 को इस प्लेटफॉर्म को लॉन्च किया। यह एक जियो-स्पेशियल और एनालिटिकल डैशबोर्ड है, जिस पर MySpeed और MyCall ऐप के जरिए यूजर्स द्वारा किए गए टेस्ट के नतीजे भी दिखाए जाएंगे। इसका मकसद उपभोक्ताओं को अपने इलाके में नेटवर्क की वास्तविक स्थिति समझने में मदद करना है।
मैप पर देख सकेंगे नेटवर्क की स्थिति
नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ता मैप के जरिए अपने इलाके में मोबाइल नेटवर्क और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड की स्थिति देख सकेंगे। इसमें अलग-अलग सर्विस प्रोवाइडर और टेक्नोलॉजी के हिसाब से नतीजे देखने की सुविधा होगी।
यूजर्स डाउनलोड और अपलोड स्पीड जैसे पैरामीटर के आधार पर नेटवर्क की जानकारी हासिल कर सकेंगे। मैप को जूम करके किसी खास इलाके में हुए इंटरनेट स्पीड टेस्ट के नतीजे भी देखे जा सकेंगे। इसके अलावा फिल्टर, टेबल और डाउनलोड की जा सकने वाली रिपोर्ट के जरिए आंकड़ों को समझना आसान होगा।
P50, P80 और P90 से समझ सकेंगे इंटरनेट स्पीड
इस प्लेटफॉर्म पर इंटरनेट स्पीड के आंकड़ों को समझने के लिए P50, P80 और P90 जैसे पैमाने भी दिए गए हैं।
हालांकि, TRAI ने स्पष्ट किया है कि यूजर्स के टेस्ट के आधार पर मिलने वाले ये आंकड़े नेटवर्क की पूरी गुणवत्ता का मानक आकलन नहीं हैं। फिर भी इनसे उपभोक्ताओं को अलग-अलग इलाकों में दूसरे यूजर्स के नेटवर्क अनुभव के बारे में जानकारी मिलेगी।
टेलीकॉम कंपनियों को भी मिलेगा फायदा
इस प्लेटफॉर्म का फायदा सिर्फ उपभोक्ताओं को ही नहीं, बल्कि टेलीकॉम कंपनियों और TRAI को भी मिलेगा। सुरक्षित इंटरफेस के जरिए टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स उपभोक्ताओं के कॉल क्वॉलिटी, नेटवर्क कवरेज और इंटरनेट टेस्ट से जुड़े आंकड़े देख सकेंगे।
इन आंकड़ों में लोकेशन, तारीख, समय और तकनीकी जानकारी भी शामिल होगी। इससे कंपनियां उन इलाकों की पहचान कर सकेंगी, जहां नेटवर्क में सुधार की जरूरत है। वहीं, TRAI भी इन आंकड़ों का इस्तेमाल उपभोक्ताओं के नेटवर्क अनुभव की निगरानी और नेटवर्क परफॉर्मेंस में सुधार के लिए कर सकेगा।
अब वेब पोर्टल से भी मिलेगी DND की सुविधा
TRAI ने नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म के साथ डू नॉट डिस्टर्ब (DND) सेवाओं को भी वेब इंटरफेस के जरिए उपलब्ध कराया है। अब उपभोक्ता इस पोर्टल से कमर्शियल कॉल और मैसेज से जुड़ी अपनी पसंद दर्ज करा सकेंगे।
इसके अलावा अनचाहे कमर्शियल कॉल और मैसेज की शिकायत दर्ज करने, शिकायत का स्टेटस देखने और अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों से जुड़ी शिकायतों की जानकारी हासिल करने की सुविधा भी मिलेगी।
तीसरे पक्ष के ऐप भी जोड़ सकेंगे इंटरनेट स्पीड टेस्ट
TRAI ने MySpeed SDK की सुविधा भी दी है। इसके जरिए योग्य थर्ड-पार्टी ऐप अपने प्लेटफॉर्म पर इंटरनेट कनेक्टिविटी मापने की सुविधा जोड़ सकेंगे। इससे ज्यादा यूजर्स के टेस्ट डेटा इस प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकेंगे और नेटवर्क से जुड़ी जानकारी का दायरा बढ़ेगा।
TRAI के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने कहा कि नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म उपभोक्ताओं और TRAI की ओर से किए गए नेटवर्क टेस्ट में पारदर्शिता लाएगा। इससे उपभोक्ता अपने इलाके और सर्विस प्रोवाइडर के हिसाब से नेटवर्क की स्थिति समझ सकेंगे। साथ ही टेलीकॉम कंपनियों को नेटवर्क में सुधार के लिए जरूरी जगहों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
यहां देख सकते हैं नेटवर्क की जानकारी
उपभोक्ता TRAI के नेटवर्क अनुभव पोर्टल https://anubhav.trai.gov.in पर जाकर इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं। TRAI ने लोगों से MySpeed और MyCall ऐप के जरिए नियमित रूप से नेटवर्क टेस्ट करने की भी अपील की है, ताकि ज्यादा से ज्यादा आंकड़े उपलब्ध हो सकें।
आउटडोर विज्ञापन क्षेत्र की कंपनी ब्राइट आउटडोर मीडिया लिमिटेड (Bright Outdoor Media Limited) को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) से मेन बोर्ड पर माइग्रेशन के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है।
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Vikas Saxena
आउटडोर विज्ञापन क्षेत्र की कंपनी ब्राइट आउटडोर मीडिया लिमिटेड (Bright Outdoor Media Limited) को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) से मेन बोर्ड पर माइग्रेशन के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही कंपनी की नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के मेन बोर्ड पर लिस्टिंग 6 नवंबर 2026 को तय की गई है।
कंपनी ने 4 नवंबर को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि उसे बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म से मेन बोर्ड पर जाने के लिए इन-प्रिंसिपल अप्रूवल मिला है। कंपनी ने 24 मार्च 2023 को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग के साथ शेयर बाजार में कदम रखा था। कंपनी का दावा है कि वह शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली भारत की पहली आउटडोर मीडिया कंपनी थी।
सरकारी और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से बढ़ाया कारोबार
कंपनी के मुताबिक, लिस्टिंग के बाद से उसने अपने आउटडोर विज्ञापन कारोबार का विस्तार किया है। इस दौरान उसे कई सरकारी टेंडर और प्रोजेक्ट मिले हैं। इनमें नवी मुंबई मेट्रो लाइन का विज्ञापन टेंडर भी शामिल है।
इसके अलावा, कंपनी ने भारतीय रेलवे के साथ विले पार्ले से कांदिवली रेलवे रोड ओवर ब्रिज (ROB) विज्ञापन टेंडर के तहत प्रीमियम आउटडोर विज्ञापन इन्वेंट्री हासिल की है और उसका संचालन कर रही है। इससे कंपनी को रेलवे से जुड़े प्रमुख विज्ञापन स्थलों पर अपनी मौजूदगी बढ़ाने का मौका मिला है।
कंपनी का कहना है कि उसके पास रणनीतिक और अधिक विजिबिलिटी वाली जगहों पर 50 से ज्यादा बड़े डिजिटल एलईडी बिलबोर्ड हैं। इसके साथ ही वह पारंपरिक होर्डिंग और डिजिटल डिस्प्ले के अपने नेटवर्क का भी विस्तार कर रही है।
Bright 360 के जरिए इंटीग्रेटेड विज्ञापन सेवाओं पर जोर
ब्राइट आउटडोर मीडिया ने अपने कारोबार के विस्तार के लिए Bright 360 पहल भी शुरू की है। इसके तहत कंपनी ग्राहकों को ब्रांडिंग और विज्ञापन से जुड़ी एंड-टू-एंड सेवाएं देने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी का उद्देश्य अलग-अलग विज्ञापन माध्यमों और फॉर्मेट को एकीकृत करके ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करना है।
कंपनी का कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी की स्थापना 1980 में हुई थी और इसका मुख्यालय मुंबई के अंधेरी में है। कंपनी के अनुसार, उसे आउटडोर विज्ञापन उद्योग में 45 साल से ज्यादा का अनुभव है। उसके नेटवर्क में 1,350 से अधिक होर्डिंग शामिल हैं। कंपनी का दावा है कि मुंबई में मौजूद 120 से ज्यादा बड़े डिजिटल एलईडी बिलबोर्ड में से 50 से अधिक उसके स्वामित्व में हैं।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 155.43 करोड़ रुपये का कुल रेवेन्यू, 35.23 करोड़ रुपये का EBITDA और 24.05 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। इस दौरान उसका EPS 12.26 रुपये रहा।
वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही में कंपनी का कुल रेवेन्यू 92.12 करोड़ रुपये, EBITDA 20.25 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 13.97 करोड़ रुपये रहा। इस अवधि में EPS 12.98 रुपये था।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. योगेश लखानी ने कहा कि बीएसई से मेन बोर्ड पर माइग्रेशन की सैद्धांतिक मंजूरी और एनएसई पर प्रस्तावित लिस्टिंग कंपनी की यात्रा में अहम पड़ाव हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी आगे भी अपने पारंपरिक और डिजिटल विज्ञापन नेटवर्क का विस्तार करने, सरकारी और निजी क्षेत्र में नए अवसर तलाशने और ग्राहकों को एकीकृत विज्ञापन सेवाएं देने पर ध्यान देगी।
बीएसई से मिली सैद्धांतिक मंजूरी के बाद कंपनी के मेन बोर्ड पर माइग्रेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जबकि एनएसई के मेन बोर्ड पर उसकी लिस्टिंग 6 नवंबर 2026 को निर्धारित है।
म्यूजिक और एंटरटेनमेंट कंपनी सारेगामा इंडिया लिमिटेड (Saregama India Limited) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं।
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Vikas Saxena
म्यूजिक और एंटरटेनमेंट कंपनी सारेगामा इंडिया लिमिटेड (Saregama India Limited) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। जुलाई-सितंबर 2026 के दौरान कंपनी के कंसोलिडेटेड मुनाफे में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले करीब 24 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही कंपनी ने अपनी दुबई स्थित पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी Saregama FZE को बंद करने और कोलकाता मेट्रो नेटवर्क्स लिमिटेड (KMNL) के स्वैच्छिक परिसमापन (Voluntary Liquidation) की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है।
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 4 नवंबर 2026 को हुई बैठक में दूसरी तिमाही और चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी।
दूसरी तिमाही में 314.30 करोड़ रुपये रहा रेवेन्यू
कंपनी के कंसोलिडेटेड नतीजों के मुताबिक, सितंबर 2026 में समाप्त तिमाही में ऑपरेशंस से रेवेन्यू 314.30 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 263.60 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी के रेवेन्यू में करीब 19.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर 64.17 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 51.88 करोड़ रुपये था। यानी मुनाफे में करीब 23.7 फीसदी का इजाफा हुआ है।
कंपनी की कुल आय इस तिमाही में 319.47 करोड़ रुपये रही। पिछले साल सितंबर तिमाही में यह 267.81 करोड़ रुपये थी।
म्यूजिक बिजनेस से सबसे ज्यादा कमाई
कंपनी के अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट पर नजर डालें तो म्यूजिक कारोबार से दूसरी तिमाही में 200.70 करोड़ रुपये का रेवेन्यू आया। आर्टिस्ट मैनेजमेंट से 50.55 करोड़ रुपये, वीडियो से 18.33 करोड़ रुपये और इवेंट्स से 44.72 करोड़ रुपये की कमाई हुई।
हालांकि, वीडियो सेगमेंट में 3.20 करोड़ रुपये और इवेंट्स सेगमेंट में 2.84 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया गया। इसके मुकाबले म्यूजिक सेगमेंट ने 111.21 करोड़ रुपये का सेगमेंट प्रॉफिट दर्ज किया।
दुबई की सब्सिडियरी को बंद करने की तैयारी
वित्तीय नतीजों के साथ कंपनी ने दुबई स्थित अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी Saregama FZE को बंद करने की मंजूरी भी दी है। कंपनी के मुताबिक, इस इकाई में फिलहाल कोई कारोबारी गतिविधि नहीं हो रही है। ऐसे में इसे बनाए रखने पर होने वाले प्रशासनिक, नियामकीय और अन्य खर्चों को कम करने के लिए इसे बंद करने का फैसला लिया गया है।
कंपनी को उम्मीद है कि जरूरी मंजूरियां और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 31 मार्च 2027 तक इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए संयुक्त अरब अमीरात की जेबेल अली फ्री जोन अथॉरिटी (JAFZA) और अन्य संबंधित अधिकारियों की मंजूरी भी जरूरी होगी।
कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में Saregama FZE का टर्नओवर 6.48 करोड़ रुपये था, जो कंपनी के कंसोलिडेटेड ऑपरेशनल रेवेन्यू का करीब 0.66 फीसदी है।
कोलकाता मेट्रो नेटवर्क्स का भी होगा परिसमापन
इसके अलावा, कंपनी ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कोलकाता मेट्रो नेटवर्क्स लिमिटेड (KMNL) के स्वैच्छिक परिसमापन का प्रस्ताव भी मंजूर किया है। कंपनी का कहना है कि अलग कानूनी इकाई के रूप में इस कंपनी को जारी रखने की अब कारोबारी और परिचालन के लिहाज से जरूरत नहीं रह गई है।
इस प्रक्रिया के लिए KMNL के शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी। इसके लिए 20 नवंबर 2026 को बैठक प्रस्तावित है। इसके अलावा लेनदारों की मंजूरी और अन्य जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं भी पूरी करनी होंगी। परिसमापन पूरा होने और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से जरूरी आदेश मिलने के बाद कंपनी का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में KMNL का टर्नओवर 2.94 करोड़ रुपये था। यह सारेगामा के स्टैंडअलोन ऑपरेशनल रेवेन्यू का करीब 0.36 फीसदी था। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस फैसले का उसके कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों पर कोई बड़ा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।
मल्टीप्लेक्स कंपनी पीवीआर आईनॉक्स (PVR INOX) ने जयपुर में राजस्थान का पहला आईमैक्स (IMAX) सिनेमा शुरू किया है।
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Samachar4media Bureau
मल्टीप्लेक्स कंपनी पीवीआर आईनॉक्स (PVR INOX) ने जयपुर में राजस्थान का पहला आईमैक्स (IMAX) सिनेमा शुरू किया है। जयपुर के मानसरोवर स्थित पैसिफिक मॉल में खुले इस नए सिनेमाघर में कुल पांच स्क्रीन हैं। इनमें एक आईमैक्स स्क्रीन और चार प्रीमियम स्क्रीन शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक, इस नए सिनेमाघर की शुरुआत बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ से होगी।
4 नवंबर 2026 को कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि इस नए सिनेमाघर में कुल 949 दर्शकों के बैठने की क्षमता है। इसके साथ ही जयपुर में कंपनी के सिनेमाघरों की संख्या बढ़कर आठ और स्क्रीन की संख्या 78 हो गई है। इस लॉन्च के बाद देश में पीवीआर आईनॉक्स के आईमैक्स स्क्रीन्स की संख्या 27 हो गई है।
क्या खास है नए आईमैक्स सिनेमाघर में?
इस नए सिनेमाघर में दर्शकों को बेहतर फिल्म देखने का अनुभव देने के लिए 4K लेजर प्रोजेक्शन, डॉल्बी सराउंड साउंड और नई पीढ़ी की 3D टेक्नोलॉजी दी गई है। इसके अलावा यहां सेलिब्रिटी रिक्लाइनर सीट्स की सुविधा भी है। दर्शक आरामदायक सीटों पर बैठकर फिल्मों का आनंद ले सकेंगे।
सिनेमाघर की लॉबी में सेल्फ-ऑर्डरिंग फूड कियोस्क भी लगाए गए हैं। इनके जरिए दर्शक अपनी पसंद के खाने-पीने का सामान खुद चुनकर ऑर्डर कर सकेंगे। इसके साथ ही यहां सिनेमा फूड कोर्ट की सुविधा भी मिलेगी।
जयपुर में कंपनी का आठवां सिनेमाघर
पीवीआर आईनॉक्स के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय कुमार बिजली ने कहा कि जयपुर का संस्कृति और कहानियों से गहरा जुड़ाव रहा है। राजस्थान में आईमैक्स की शुरुआत कंपनी के इस विजन का हिस्सा है कि देश के ज्यादा से ज्यादा शहरों में दर्शकों को विश्वस्तरीय मनोरंजन का अनुभव मिल सके।
कंपनी के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर संजीव कुमार के मुताबिक, नए सिनेमाघर में आधुनिक ऑडियो-विजुअल टेक्नोलॉजी, आरामदायक सीटों और बेहतर हॉस्पिटैलिटी को एक साथ लाने की कोशिश की गई है।
गौरतलब है कि पीवीआर आईनॉक्स के पास अब भारत और श्रीलंका के 114 शहरों में 359 प्रॉपर्टीज के तहत कुल 1,802 स्क्रीन हैं। इस नए सिनेमाघर के साथ कंपनी ने अपने मल्टीप्लेक्स नेटवर्क का और विस्तार किया है।
डीएनए (DNA) की कंपनी डिलिजेंट मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड ने अपने मैनेजमेंट में कुछ अहम बदलाव किए हैं।
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Vikas Saxena
डीएनए (DNA) की कंपनी डिलिजेंट मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड ने अपने मैनेजमेंट में कुछ अहम बदलाव किए हैं। कंपनी के बोर्ड ने 3 नवंबर को हुई बैठक में नागेंद्र भंडारी को अगले तीन साल के लिए फिर से होल टाइम डायरेक्टर (एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर – फाइनेंस) नियुक्त करने की मंजूरी दी है। इसके साथ ही कंपनी ने तीन अन्य अधिकारियों को सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल (SMP) के तौर पर प्रमोट किया है।
नागेंद्र भंडारी का नया कार्यकाल 10 जुलाई 2026 से 9 जुलाई 2029 तक रहेगा। हालांकि, उनकी दोबारा नियुक्ति के लिए कंपनी के शेयरधारकों की मंजूरी लेना जरूरी होगा। भंडारी के पास फाइनेंस और अकाउंट्स के क्षेत्र में 20 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और इससे पहले जी ग्रुप, अंकुश पब्लिकेशंस और इंडिया टुडे ग्रुप जैसी संस्थाओं में अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
इन तीन अधिकारियों को भी मिली नई जिम्मेदारी
कंपनी ने तीन अधिकारियों को सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल के तौर पर शामिल किया है। इनमें अनु सिंह (Anshu J Singh), योगेंद्र कुमार और अकुल चावला (Akual Chawla) शामिल हैं। ये नियुक्तियां 3 नवंबर 2026 से प्रभावी होंगी।
अनु सिंह फिलहाल डीएनए में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें मीडिया इंडस्ट्री में 15 साल से ज्यादा का अनुभव है। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट डेवलपमेंट और स्ट्रैटेजिक प्लानिंग में है। इसके अलावा उन्होंने कई यूट्यूब चैनलों के सब्सक्राइबर बढ़ाने और उनकी डिजिटल पहुंच मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाई है।
वहीं, योगेंद्र कुमार कंपनी में डिप्टी एडिटर (वेब डेस्क) के पद पर हैं। उन्हें प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 19 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह रिपोर्टिंग, एडिटोरियल ऑपरेशंस, कंटेंट स्ट्रैटेजी और न्यूजरूम मैनेजमेंट से जुड़े रहे हैं। इससे पहले वह दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे मीडिया संस्थानों में भी अहम संपादकीय जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
तीसरे अधिकारी अकुल चावला कंपनी में मैनेजर (लीगल) के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें कमर्शियल कॉन्ट्रैक्ट, रेगुलेटरी कंप्लायंस, मुकदमों से जुड़े मामलों और कानूनी जोखिम प्रबंधन का अनुभव है। इससे पहले वह डीईएन नेटवर्क्स लिमिटेड से जुड़े थे।
दो नियुक्तियों के लिए शेयरधारकों से मांगी जाएगी मंजूरी
बोर्ड ने पोस्टल बैलेट के जरिए शेयरधारकों की मंजूरी लेने के लिए नोटिस जारी करने को भी मंजूरी दी है। इसके तहत आंचल डेविड को पांच साल के लिए कंपनी का इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त करने और नागेंद्र भंडारी को तीन साल के लिए दोबारा होल टाइम डायरेक्टर नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
कंपनी के मुताबिक, बोर्ड की बैठक 3 नवंबर को शाम 5:30 बजे शुरू हुई और रात 8:05 बजे समाप्त हुई। इसी बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही के वित्तीय नतीजों को भी मंजूरी दी गई।
डॉ. अनिल सिंह वॉशिंगटन डीसी स्थित अमेरिका के डिजिटल न्यूज नेटवर्क स्टार व्यूज के साथ-साथ दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से प्रकाशित अंग्रेजी दैनिक टॉप स्टोरी के भी एडिटर हैं।
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Samachar4media Bureau
वरिष्ठ पत्रकार और लेखक डॉ. अनिल सिंह इन दिनों अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनावों की कवरेज कर रहे हैं। तीन दशक से अधिक समय तक टेलीविजन, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे डॉ. सिंह इस चुनावी कवरेज के जरिए अमेरिकी राजनीति और उसके भारत सहित दुनिया पर पड़ने वाले प्रभावों को समझने की कोशिश कर रहे हैं। वह यह रिपोर्टिंग STAR Views और Top Story के लिए कर रहे हैं।
डॉ. अनिल सिंह भारतीय टेलीविजन पत्रकारिता के जाने-माने नामों में शामिल रहे हैं। वह स्टार न्यूज (STAR News), आजतक और न्यूज24 (News24) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर काम कर चुके हैं। अपने लंबे पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने राजनीतिक रिपोर्टिंग, न्यूजरूम प्रबंधन, चुनाव कवरेज, इंटरव्यू और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मामलों के विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में काम किया है। इन संस्थानों में उनकी भूमिका सिर्फ खबरों की कवरेज तक सीमित नहीं रही, बल्कि संपादकीय फैसलों और जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को आम दर्शकों तक पहुंचाने की भी रही है।
वर्तमान में डॉ. सिंह वॉशिंगटन डीसी स्थित अमेरिका के डिजिटल न्यूज नेटवर्क स्टार व्यूज (STAR Views) के एडिटर हैं। इसके साथ ही वह दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगभग 60 से 70 हजार प्रतियों के घोषित सर्कुलेशन वाले अंग्रेजी दैनिक टॉप स्टोरी (Top Story) के भी एडिटर हैं। Top Story में उनकी संपादकीय जिम्मेदारियों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामले शामिल हैं, जबकि STAR Views के माध्यम से इंटरव्यू, डिजिटल रिपोर्टिंग और राजनीतिक टिप्पणी को मंच मिलता है। दोनों प्लेटफॉर्म भारतीय और विदेशी दर्शकों के बीच राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों को जोड़ने का काम करते हैं।
अमेरिका में अपने मौजूदा असाइनमेंट के दौरान डॉ. सिंह वॉशिंगटन डीसी के अलावा पूर्वी तट के दूसरे राज्यों का भी दौरा कर रहे हैं। उनकी रिपोर्टिंग में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टियों के बीच मुकाबला, चुनाव प्रचार में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रभाव, महंगाई और रोजगार से जुड़ी चिंताएं, आव्रजन नीति तथा भारतीय मूल के मतदाताओं का नजरिया प्रमुख रूप से शामिल है। वह चुनावी माहौल को करीब से समझने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों से बातचीत कर रहे हैं।
इस रिपोर्टिंग के सिलसिले में उनका शिकागो जाने का भी कार्यक्रम है, जहां वह विशेषज्ञों, समुदाय के प्रतिनिधियों और मतदाताओं से बातचीत करेंगे। इस असाइनमेंट का उद्देश्य जमीनी अनुभवों और अलग-अलग नजरियों के आधार पर भारतीय दर्शकों को अमेरिकी चुनाव और उसके बाद के घटनाक्रम की बेहतर समझ देना है।
डॉ. अनिल सिंह का पत्रकारिता से जुड़ाव सिर्फ टेलीविजन और दैनिक खबरों तक सीमित नहीं है। वह लेखक भी हैं। उनकी प्रमुख पुस्तकों में Bihar: Chaos to Chaos और The Prime Minister: Discourses in Indian Polity शामिल हैं। इन पुस्तकों में भारतीय राजनीति, शासन व्यवस्था और नेतृत्व से जुड़े विषयों पर उनकी रुचि और अध्ययन दिखाई देता है। राजनीतिक नेताओं, सार्वजनिक हस्तियों और विशेषज्ञों के साथ उनके इंटरव्यू भी उनके पत्रकारिता करियर का अहम हिस्सा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी डॉ. सिंह की सक्रियता रही है। सितंबर 2026 में उन्होंने मॉस्को में आयोजित वर्ल्ड पब्लिक असेंबली में वक्ता के रूप में हिस्सा लिया था। इसके अलावा वह संसदीय और कूटनीतिक कार्यक्रमों की कवरेज भी कर चुके हैं। इनमें नई दिल्ली स्थित संविधान सदन के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में आयोजित ब्रिक्स संसदीय मंच की कवरेज भी शामिल है।
तीन दशक से अधिक के अनुभव के साथ डॉ. अनिल सिंह ने भारतीय टेलीविजन के प्रमुख न्यूज रूम से लेकर प्रिंट और डिजिटल मीडिया तक अपनी अलग पहचान बनाई है। संपादकीय अनुभव, राजनीतिक विश्लेषण और जमीनी रिपोर्टिंग के मेल के साथ उनका मौजूदा अमेरिकी चुनावी असाइनमेंट उनके पत्रकारिता करियर को अंतरराष्ट्रीय आयाम दे रहा है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, वितरकों और अन्य हितधारकों से फंडिंग, वितरण, सिनेमाघरों और नई तकनीकों सहित कई अहम मुद्दों पर सुझाव मांगे हैं।
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भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के सामने मौजूद चुनौतियों और इसके विकास की संभावनाओं को समझने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) ने भारतीय सिनेमा के भविष्य की दिशा तय करने के लिए इंडस्ट्री से सुझाव और सिफारिशें मांगी हैं। इस पहल का उद्देश्य फिल्म क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता को मजबूत करना है।
मंत्रालय ने 3 नवंबर, 2026 को जारी एक नोटिस में फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों, कलाकारों, तकनीशियनों, इंडस्ट्री एसोसिएशंस, सिनेमाघर संचालकों, वितरकों, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, विशेषज्ञों और अन्य इच्छुक व्यक्तियों व संगठनों से अपनी राय साझा करने की अपील की है। ये सुझाव एक उच्च स्तरीय अध्ययन समूह (High-Level Study Group) के विचारार्थ रखे जाएंगे, जिसे भारतीय सिनेमा के सामने मौजूद चुनौतियों और अवसरों का अध्ययन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस उच्च स्तरीय अध्ययन समूह की अध्यक्षता प्रसार भारती के चेयरमैन प्रसून जोशी कर रहे हैं। इस समूह का गठन शुरुआत में 29 जुलाई, 2026 को किया गया था। इसमें फिल्म इंडस्ट्री, टेक्नोलॉजी सेक्टर और अन्य संबंधित क्षेत्रों के सदस्यों को शामिल किया गया है। बाद में 29 अक्टूबर, 2026 को जारी आदेश के जरिए समूह के कार्यकाल और संरचना में संशोधन किया गया।
फंडिंग, वितरण और सिनेमाघरों की व्यवस्था पर होगा मंथन: समूह के विचार-विमर्श के प्रमुख विषयों में फिल्म फाइनेंसिंग और फंडिंग के मॉडल शामिल हैं। इसके तहत फिल्म निर्माण के लिए वित्तीय व्यवस्था और इससे जुड़े व्यापक इकोसिस्टम पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही सिनेमाघरों के बुनियादी ढांचे, फिल्मों के वितरण और बाजार तक पहुंच जैसे विषयों का भी अध्ययन किया जाएगा।
समूह के एजेंडे में बॉक्स ऑफिस डेटा और फिल्म फेस्टिवल्स को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा फिल्म इंडस्ट्री के लिए प्रोत्साहन, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिल्मों के सह-निर्माण (International Co-productions) और विदेशी बाजारों में भारतीय सिनेमा को बढ़ावा देने के तरीकों पर भी चर्चा होगी।
नई तकनीक और कौशल विकास भी एजेंडे में: भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में उभरती तकनीकों और कौशल विकास को भी अध्ययन समूह के दायरे में रखा गया है। ये विषय फिल्म निर्माण से जुड़े तकनीकी बदलावों और इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप कार्यबल तैयार करने जैसे पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे। मंत्रालय ने सभी हितधारकों से केवल सामान्य विचार ही नहीं, बल्कि ठोस और लागू किए जा सकने वाले सुझाव देने को कहा है। सुझावों के साथ संबंधित जानकारी और उपलब्ध सहायक दस्तावेज भी साझा किए जा सकते हैं।
इंडस्ट्री के हर वर्ग की राय को मिलेगी जगह: मंत्रालय ने अध्ययन समूह से संबंधित जानकारी, उसके कार्यक्षेत्र और गठन के आदेश का विवरण भी उपलब्ध कराया है, ताकि हितधारक इन आधारों पर अपनी सिफारिशें तैयार कर सकें। इस प्रक्रिया में फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों के साथ-साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, वितरकों, सिनेमाघर संचालकों, तकनीशियनों, इंडस्ट्री एसोसिएशंस और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। इससे फिल्म इंडस्ट्री की पूरी वैल्यू चेन से जुड़े अलग-अलग वर्गों को अपनी समस्याओं, जरूरतों और सुझावों को सामने रखने का अवसर मिलेगा।
प्राप्त सुझावों को उच्च स्तरीय अध्ययन समूह के सामने रखा जाएगा। इनके आधार पर समूह भारतीय सिनेमा के विकास, उसके सामने मौजूद चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी उपायों पर अपनी सिफारिशें तैयार करेगा।
यह नामांकन संदीप गोयल के AAAI अध्यक्ष चुने जाने के बाद हुआ है। इसके बाद BARC बोर्ड के लिए श्रीनिवासन स्वामी के पहले नामांकन को वापस ले लिया गया।
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भारतीय विज्ञापन उद्योग के प्रमुख संगठन ‘एडवरटाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (AAAI) ने संदीप गोयल और कार्तिक शर्मा को ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) इंडिया के बोर्ड के लिए नॉमिनेट किया है। संदीप गोयल रेडिफ्यूजन और एवरेस्ट के चेयरमैन हैं, जबकि कार्तिक शर्मा ओम्निकॉम मीडिया इंडिया के सीईओ हैं। इन नामांकनों से टेलीविजन ऑडियंस मेजरमेंट से जुड़ी इंडस्ट्री में AAAI का प्रतिनिधित्व मजबूत होने की उम्मीद है।
यह नामांकन संदीप गोयल के AAAI अध्यक्ष चुने जाने के बाद हुआ है। इसके बाद BARC बोर्ड के लिए श्रीनिवासन स्वामी के पहले नामांकन को वापस ले लिया गया। गोयल को विज्ञापन, मीडिया, मार्केटिंग और कॉर्पोरेट लीडरशिप के क्षेत्र में चार दशक से अधिक का अनुभव है। वह भारत की प्रमुख स्वतंत्र विज्ञापन एजेंसियों रेडिफ्यूजन और एवरेस्ट के चेयरमैन हैं। उनके पास MBA, PhD और DLitt की डिग्रियां हैं।
अपने करियर के दौरान गोयल ने HTA (अब VML), त्रिकाया ग्रे (अब WPP का हिस्सा), डीडीबी मुद्र, रेडिफ्यूजन डेंट्सु और यंग एंड रुबिकम जैसी प्रमुख विज्ञापन एजेंसियों और नेटवर्क के साथ काम किया है। वह जी टेलीफिल्म्स के ग्रुप सीईओ भी रह चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने डेंट्सु इंडिया और मिडिल ईस्ट में इंडिया जॉइंट वेंचर पार्टनर और चेयरमैन की भूमिका भी निभाई है।
विज्ञापन जगत के अलावा गोयल का अनुभव अन्य क्षेत्रों में भी रहा है। वह स्नैपचैट की इंडिया एडवाइजरी बोर्ड के चेयरमैन रह चुके हैं। उन्होंने पंजाब सरकार में तीन साल तक प्रिंसिपल सेक्रेटरी के रूप में भी काम किया है। 10 किताबों के लेखक गोयल एक जाने-माने कॉलमिस्ट और टिप्पणीकार भी हैं। उनके लेख द इकनॉमिक टाइम्स और बिजनेस स्टैंडर्ड जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में नियमित रूप से प्रकाशित होते रहे हैं।
वहीं, कार्तिक शर्मा को मीडिया स्ट्रैटेजी, कम्युनिकेशन प्लानिंग, बिहेवियरल इकोनॉमिक्स, एनालिटिक्स और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में 30 साल से अधिक का अनुभव है। ओम्निकॉम ग्रुप का हिस्सा ओम्निकॉम मीडिया इंडिया के सीईओ के तौर पर उन्होंने बिजनेस ग्रोथ और मीडिया प्लानिंग व मेजरमेंट से जुड़ी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
शर्मा फिलहाल AAAI के बोर्ड और BARC की डिसिप्लिनरी कमेटी के सदस्य हैं। इसके अलावा, वह मीडिया रिसर्च यूजर्स काउंसिल इंडिया (MRUCI) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में भी शामिल हैं। इससे पहले वह TAM मीडिया रिसर्च और इंडियन रीडरशिप सर्वे में महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। हाल ही में उन्हें IAA मीडिया इन्फ्लुएंसर ऑफ द ईयर 2026 और e4m इन्फ्लुएंसर ऑफ द ईयर 2025 के सम्मान से नवाजा गया है।
HUL की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (होम केयर) वंदना सूरी दो दशक से अधिक समय से ब्रैंड बिल्डिंग, मार्केटिंग और कैटेगरी लीडरशिप के क्षेत्र में काम कर रही हैं।
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भारत सरकार ने हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (होम केयर) वंदना सूरी को ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) इंडिया के बोर्ड में डायरेक्टर नियुक्त किए जाने को मंजूरी दे दी है। सूरी फिलहाल HUL के होम केयर बिजनेस का नेतृत्व कर रही हैं और कंपनी की मैनेजमेंट कमेटी की सदस्य भी हैं।
वंदना सूरी ने जनवरी 2026 में HUL के होम केयर बिजनेस की जिम्मेदारी संभाली थी। उन्होंने श्रीनंदन सुंदरम की जगह ली थी, जो इसके बाद यूनिलीवर इंटरनेशनल का नेतृत्व करने के लिए चले गए। सूरी को ब्रैंड बिल्डिंग, मार्केटिंग और कैटेगरी लीडरशिप के क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने भारत, दक्षिण एशिया और इंडोनेशिया में कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों और यूनिलीवर के अलग-अलग बिजनेस में काम किया है।
HUL में अपनी मौजूदा भूमिका से पहले सूरी यूनिलीवर इंडोनेशिया में जनरल मैनेजर (ब्यूटी एंड वेलबीइंग) के पद पर थीं। यहां उन्होंने बिजनेस के विकास और बदलाव की स्ट्रैटेजी का नेतृत्व किया। इसके अलावा, वह पॉन्ड्स की ग्लोबल ब्रैंड वाइस प्रेजिडेंट भी रह चुकी हैं। इस भूमिका में उन्होंने ब्रैंड की नई पहचान बनाने और उसके बदलाव की प्रक्रिया का नेतृत्व किया।
HUL में 2011 से 2022 तक अपने पिछले कार्यकाल के दौरान वंदना सूरी ने होम केयर, ब्यूटी एंड वेलबीइंग और फूड्स बिजनेस में कई नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाईं। 2014 से 2019 के बीच उन्होंने कंपनी के प्रीमियम लॉन्ड्री पोर्टफोलियो और फैब्रिक केयर एंड कंडीशनर बिजनेस का नेतृत्व किया। इसके बाद उन्होंने वाइस प्रेजिडेंट (स्किन केयर एंड कलर कॉस्मेटिक्स, ब्यूटी एंड वेलबीइंग) के रूप में काम किया। इस दौरान उनका फोकस प्रीमियम प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने और संभावनाओं वाले कैटेगरी में विकास को गति देने पर रहा।
यूनिलीवर से जुड़ने से पहले सूरी पेप्सिको, टेट्रा पैक और नीलसन जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम कर चुकी हैं। उन्होंने अहमदाबाद स्थित मुद्र इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके अलावा, उन्होंने नई दिल्ली के जीसस एंड मैरी कॉलेज से इकोनॉमिक्स में बीए (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की है।
गौरतलब है कि BARC इंडिया देश में टेलीविजन दर्शकों की संख्या और व्यूअरशिप मापने वाली संस्था है। यह ब्रॉडकास्टिंग, विज्ञापन और मीडिया इंडस्ट्री को टेलीविजन दर्शकों से जुड़ी जानकारी और आंकड़े उपलब्ध कराती है। BARC के बोर्ड में ब्रॉडकास्टर्स, विज्ञापनदाताओं और विज्ञापन एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।